Friday, 10 March 2017


डायवर्शन के बिना भूमि पर कॉलोनी व अन्य उपयोग किये जाने पर कड़ी कार्यवाही करें
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ग्रीन बेल्ट पर बने किसी भी निर्माण कार्य को तुरंत हटायें
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राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान नामांतरण, बंटवारे, 
सीमांकन प्रकरण की गहन समीक्षा करें-- संभागायुक्त श्री संजय दुबे
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कलेक्टर कांफ्रेंस में संभागायुक्त ने दिये कलेक्टरों को निर्देश
इंदौर 9 मार्च, 2017
जिले में कहीं भी यदि को कॉलोनी काटी जा रही है या व्यवसायिक निर्माण किया जा रहा है, तो सभी कलेक्टर्स यह सुनिश्चित करें कि उस भूमि का डायवर्शन हुआ है या नहीं। यदि बिना डायवर्शन के उक्त भूमि का उपयोग किया जा रहा है तो ऐसे निर्माण को रोका जाये साथ ही इसके संबंध में सूचना सभी बैंकों को उपलब्ध करायी जाये। ऐसे निर्माणाधीन जगहों पर यह सूचना लगायी जाये, कि उक्त कॉलोनी या भवन अवैध है और कोई भी प्लाट या दुकान न खरीदे। उक्त बात संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने कलेक्टर कांफ्रेंस के दौरान सभी जिला कलेक्टरों को कही। संभागायुक्त श्री दुबे ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी शासकीय भूमि के संरक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभायें और कलेक्टर भी इस संबंध में निरंतर समीक्षा करते रहे कि जिले की शासकीय भूमि नदी किनारे की भूमि और ऐतिहासिक इमारतों की आसपास की जगहों पर किसी प्रकार के कब्जे तो नहीं हो रहे और कहीं अधिकारियों द्वारा ऐसी भूमियों को निजी भूमि के रूप में शसकीय रेकार्ड में अंकित तो नहीं किया जा रहा है। संभागायुक्त ने कहा कि जिले में कहीं भी राजस्व अधिकारियों के द्वारा शासकीय भूमि को निजी भूमि के रूप में शासकीय रेकार्ड में अंकित पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें की इस प्रकार के प्रकरण यदि आते हैं तो उस पर त्वरित कार्यवाही कर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाये।
बैठक में संगायुक्त ने कहा कि सभी कलेक्टर्स यह सुनिश्चित करें कि जिले में ग्रीन वेल्ट पर कोई निर्माण तो नहीं हो रहा है। साथ ही ग्रीन बेल्ट की भूमि का कोई डायवर्शन तो नहीं किया गया। यदि ग्रीन बेल्ट का किसी भी प्रकार का निर्माण दिखायी देता है तो उसे शक्ति के साथ तुरंत हटाया जाये। राजस्व प्रकरणों की बैठक के दौरान कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के प्रकरणों में समय सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित हो। धार जिले में डायवर्शन के तीन सौ करोड़ रूपये से अधिक की राशि की वसूली लंबित होने पर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। संभाग में डायवर्शन के 1368 प्रकरण लंबित हैं। धार जिले में सर्वाधिक 323 प्रकरण लंबित हैं। 
बैठक में वन विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने सभी कलेक्टर्स और डीएफओ को निर्देश दिये हैं कि वन और राजस्व भूमि की सीमाओं में विवाद न होने पर दोनों विभाग एनओसी पत्र  हस्ताक्षर कर एक-दूसरे को सौंपे। संभागायुक्त समीक्षा के दौरान कहा कि औंकारेश्वर स्थित औंकार पर्वत को हराभरा बनाने के लिये तीव्र गति से कार्य करें। वर्षाकाल प्रारंभ होने तक सभी तैयारियां पूर्ण कर वृक्षारोपण किया जाये। 
नमामि देवि नर्मदे यात्रा की समीक्षा करते हुये संभागायुक्त ने कहा कि यात्रा के दौरान नदी के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर क्षेत्र में निजी, राजस्व, वन भूमि पर वृक्षारोपण किया जाना है। इसके लिये जिन भी किसानों द्वारा वृक्षारोपण के लिये सहमति -पत्र दिये गये हैं। उन जगहों पर वृक्षारोपण हेतु तैयारियां प्रारंभ कर दें। वृक्षों के लिये गड्डे खुदवायें, पौधों की आपूर्ति के लिये आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से सतत् सम्पर्क में रहें, जिससे एक साथ जून के अंतिम सप्ताह में नर्मदा किनारे पौधारोपण का कार्य किया जा सके। बैठक में इंदौर जिला कलेक्टर श्री पी.नरहरि, अन्य जिलों से आये कलेक्टर्स, सीईओ जिला पंचायत भी उपस्थित थे।
 राठौर/कपूर
संभागायुक्त के मार्गदर्शन में 16वीं बार बना ग्रीन कॉरिडोर
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7 मिनट में चोईथराम अस्पताल से मेदांता अस्पताल पहुंचा दिल
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प्रदेश में पहली बार ह्मदय प्रत्यारोपण हुआ
इंदौर 10 मार्च, 2017
इंदौर में 17 महीने के अंतर्राल में लगातार 16वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। आज का दिन प्रदेश के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जायेगा। प्रदेश में आज पहली बार ह्मदय प्रत्यारोपण किया गया। चोइथराम हॉस्पिटल से मेदांता हॉस्पिटल तक लगभग 12 किलोमीटर की दूरी रेकार्ड 7 मिनट में तय एम्बुलेंस द्वारा ह्मदय को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। संभागायुक्त श्री संजय दुबे के मार्गदर्शन में इंदौर जिले में 16वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। श्रीमती बीना परयानी पत्नी श्री जगदीश गोर्धन परयानी उम्र 49 वर्ष निवासी द्वारकापुरी कॉलोनी का ब्रोन डेथ हो गया था। जिसका डॉक्टरों की टीम ने तीन पर परीक्षण किया और परिवार के सदस्यों को इस संबंध में बताया गया। परिवार के सदस्यों द्वारा अंगदान करने के लिये सहमति प्रदान की गयी,जिसके बाद पुन: डॉक्टरों की टीम द्वारा परीक्षण कर अंगदान की तैयारियां प्रारंभ कर दी गयीं।
इस संबंध में डॉ0 दीक्षित ने बताया कि पूर्ण परीक्षण के बाद पाया गया है कि श्रीमती बीना परयानी ब्रोन डेथ हो चुकी हैं और परिवार की सहमति के बाद अंगदान की प्रक्रिया को प्रारंभ किया गया। सभी आर्गन की जांच के उपरांत लीवर, हार्ट ट्रांसप्लांट के लिये इंदौर में ही तैयारियां प्रारंभ की गयीं। इंदौर में हार्ट ट्रांसप्लांट के लिये प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ0 अनिल भान अपने साथियों के साथ गुडगांव से इंदौर पहुंचे और दूसरे प्रत्यारोपण के लिये फोर्टिस हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ.अजिताब एवं डॉ.पीयुष श्रीवास्तव द्वारा चोइथराम हॉस्पिटल में लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। मेंदाता हॉस्पिटल में महू के अग्रवाल परिवार के 47 वर्षीय श्री संजय अग्रवाल को यह ह्मदय प्रत्यारोपण मेदांता हॉस्पिटल में किया गया। श्री संजय अग्रवाल की पत्नी ने बताया कि उनके पति सात साल से ह्मदय की बीमारी से पीड़ित थे और उन्हें पेसमेकर लगा हुआ था। कल शाम उन्हें सूचना दी गयी, जिस पर उन्हें रात में ही मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और सभी परीक्षण उपरांत आज श्री संजय को ह्मदय प्रत्यारोपित किया गया। उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही में यातायात विभाग तथा पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी सहयोग प्रदान किया। संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने इस सम्पूर्ण कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न करने के लिये इस कार्य में लगे सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया और प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि आगे भी जब कभी इस तरह के कार्य की जरूरत पड़ती है तो उन्हें इसी तरह का सहयोग मिलेगा।
मेदांता अस्पताल के एम्बुलेंस ड्रायवर शॉन मोहम्मद ने 
पाँचवीं बार ग्रीन कॉरिडोर का हिस्सा बने
इंदौर में 17 महीनों में 16वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इतिहास रच दिया है। इसके साक्षी मेदांता हॉस्पिटल के एम्बुलेंस चालक शान मोहम्मद बने। उन्होंने अभी तक 5 बार आर्गन को लाने ले जाने में महती भूमिका निभायी है और एम्बुलेंस चलाकर आर्गन को समय-सीमा में विमानतल और अस्पताल तक सुरक्षित और समय पर अंग पहुंचाये।
 राठौर/कपूर










कलेक्टर्स कांफ्रेंस
सभी बच्चों के टीकाकरण के सख्त निर्देश
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संभाग में सभी कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाना जरूरी -- कमिश्नर श्री दुबे
इंदौर 10 मार्च, 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर कांफ्रेंस का आयोजन किया गया।जिसमें इंदौर संभाग के कलेक्टर्स के अलावा जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संभाग के अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर कमिश्नर श्री दुबे ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि इंदौर संभाग में अगले तीन महीनों में विशेष अभियान चलाकर सभी बच्चों और गर्भवती माताओं का टीकाकरण किया जाना जरूरी है। इसी प्रकार हर वर्ष यह अभियान चलाया जाना चाहिये। टीकाकरण से जच्चा और बच्चा दोनों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से यह अभियान चलाया जा रहा है। मैदानी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नैतिक दायित्व है कि वे इस अभियान को सफल बनायें। साधनों की कमी का रोना न रोयें। इच्छा शक्ति के जरिये कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों पर हर मंगलवार को टीकाकरण किया जाये। माता-पिता को इस अभियान में सहयोग करने के लिये प्रेरित किया जाये। संभाग स्तरीय अधिकारी भी मैदानी क्षेत्र का दौरा कर टीकाकरण अभियान पर निगरानी रखें। इस अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। शत-प्रतिशत बच्चों को टीकाकरण जरूरी है। 70-80 प्रतिशत टीकाकरण से काम नहीं चलेगा। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में यह काम निश्चित रूप से कठिन और चुनौतीपूर्ण है, मगर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में भी अनुसूचित जाति और जनजाति के बहुतायत संख्या में आते हैं, जोकि आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर परिवार से हैं।
बैठक में श्री दुबे ने कहा कि संभाग में कोई भी बच्चा कुपोषण से मरना नहीं चाहिये। प्रत्येक आंगनवाड़ी में तीन से 9 बच्चे अतिकुपोषित हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारी इन बच्चों पर विशेष ध्यान देकर मात्र तीन महीने में सामान्य स्थिति में ला सकते हैं। उन्होंने संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री राजेश मेहरा को निर्देशित किया की काम न करने वाले कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया जाये तथा अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिये 15 अगस्त या 26 जनवरी को सम्मानित किया जाये। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी महीने में कम से कम 20 दिन फील्ड का दौरा कर वरिष्ठ अधिकारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री राजेश मेहरा हर महीने सघन दौरा कर विभाग में कसावट लायी है। कई कर्मचारियों के खिलाफ उन्होंने अनुशासनात्मक कार्यवाही की है और कई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवा से पृथक कर दिया है तथा उनकी कार्यवाही का परिणाम यह रहा कि सैकड़ों कुपोषित बच्चे संभाग में सामान्य श्रेणी में आ गये हैं।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा, इंदिरा आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा की गयी। इन योजनाओं में की समीक्षा करते हुये श्री दुबे ने कहा कि आगामी 30 जून, 2017 तक इंदौर संभाग पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो जाना चाहिये। यह काम जितना जल्द हो जाये, उतना ही अच्छा है। इंदौर और खरगोन जिले में इस अभियान के तहत उल्लेखनीय कार्य किया गया है। अन्य जिले भी इन जिलों का अनुकरण करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इंदिरा आवास योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 31 मार्च तक शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने बताया कि आगामी 14 अप्रैल से प्रदेश के साथ संभाग में द्वितीय ग्रामोदय अभियान चलाया जायेगा,जिसके तहत अधिकारी गांव-गांव का दौरा कर गांवों की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निराकरण करेंगे। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय संचालक डॉ.एस.पोरवाल, इंदौर संभाग के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मौजूद थे।
सिंह/कपूर

लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2016 का परिणाम घोषित
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771 अभ्यर्थी प्राविधिक रूप से अर्ह पाये गये
इंदौर 10 मार्च, 2017
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा अनारक्षित के कुल पद 131, अनुसूचित जाति के कुल पद-38, अनुसूचित जनजाति के कुल पद-54 एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कुल पद-32 सभी श्रेणियों के कुल पद-255 पदों के लिये राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2016 मध्यप्रदेश के चार संभागीय मुख्यालयों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर एवं जबलपुर में एक अक्टूबर, 2016 से 7 अक्टूबर, 2016 तक प्रात: 10 से दोपहर एक बजे तक एवं निबंध अपठित गद्यांश प्रात: 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गयी थी। यह परीक्षाफल आयोग द्वारा घोषित कर दिया गया है। उपरोक्त परीक्षा में श्रेणीवार संख्या के पदों के तीन गुना जिसमें समान अंक प्राप्त अर्ह आवेदक भी सम्मिलित हैं। साक्षात्कार के लिये प्रावधिक अर्ह घोषित किया गया है।
घोषित परीक्षा परिणाम में आवेदकों की कुल प्रावधिक अर्ह संख्या कुल-771 है, इनमें अनारक्षित के कुल-394, अनुसूचित जाति कुल-116, अनुसूचित जनजाति कुल-163 एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कुल-98, सम्मिलित महिलाएं कुल-269, सम्मिलित नि:शक्तजन कुल-37 एवं भूतपूर्व सैनिक कुल-05 सम्मिलित है। अर्ह आवेदक संख्या में समान अंक प्राप्त आवेदक सम्मिलित हैं।
साक्षात्कार हेतु प्रावधिक अर्ह आवेदकों के लिये अनुप्रमाणन फार्म एवं व्यक्तिगत विवरण फार्म आयोग की वेबसाइट www.mppsc.com, www.mppscdemo.in  एवं www.mppsc.nic.in  पर उपलब्ध है। प्रावधिक अर्ह अभ्यार्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे अनुप्रमाणन फार्म एवं व्यक्तिगत विवरण फार्म डाउनलोड करके विधिवत भरकर अनुप्रमाणन फार्म (एक प्रति) एवं व्यक्तिगत विवरण फार्म (एक प्रति) उसके साथ जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, विकलांग प्रत्याशी विकलांगता प्रमाण-पत्र एवं भूतपूर्व सैनिक आवेदक भूतपूर्व सैनिक का प्रमाण-पत्र, शासकीय सेवक सेवा का प्रमाण-पत्र एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र एवं अन्य समस्त प्रमाण-पत्र, जिसकी आवेदन-पत्र में जानकारी दी गयी है, के समर्थन में इनकी सत्यापित प्रतिलिपि संलग्न कर 13 अप्रैल, 2017 तक आयोग कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करेंगे। जिन आवेदकों के अभिलेख अंतिम तिथि तक आयोग कार्यालय में प्राप्त नहीं होंगे, उनके विषय में यह माना जायेगा की वे साक्षात्कार में भाग नहीं लेना चाहते हैं। उनकी उम्मीदवारी निरस्त कर आयोग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। आवेदक द्वारा आवेदन-पत्र में दी गयी जानकारी की आयोग कार्यालय द्वारा सुक्ष्म जांच पश्चात ही सही पाई जाने पर ही आवेदक को साक्षात्कार की पात्रता होगी। साक्षात्कार की तिथि पृथक से घोषित की जाएगी।
सिंह/कपूर