डायवर्शन के बिना भूमि पर कॉलोनी व अन्य उपयोग किये जाने पर कड़ी कार्यवाही करें
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ग्रीन बेल्ट पर बने किसी भी निर्माण कार्य को तुरंत हटायें
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राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान नामांतरण, बंटवारे,
सीमांकन प्रकरण की गहन समीक्षा करें-- संभागायुक्त श्री संजय दुबे
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कलेक्टर कांफ्रेंस में संभागायुक्त ने दिये कलेक्टरों को निर्देश
इंदौर 9 मार्च, 2017
जिले में कहीं भी यदि को कॉलोनी काटी जा रही है या व्यवसायिक निर्माण किया जा रहा है, तो सभी कलेक्टर्स यह सुनिश्चित करें कि उस भूमि का डायवर्शन हुआ है या नहीं। यदि बिना डायवर्शन के उक्त भूमि का उपयोग किया जा रहा है तो ऐसे निर्माण को रोका जाये साथ ही इसके संबंध में सूचना सभी बैंकों को उपलब्ध करायी जाये। ऐसे निर्माणाधीन जगहों पर यह सूचना लगायी जाये, कि उक्त कॉलोनी या भवन अवैध है और कोई भी प्लाट या दुकान न खरीदे। उक्त बात संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने कलेक्टर कांफ्रेंस के दौरान सभी जिला कलेक्टरों को कही। संभागायुक्त श्री दुबे ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी शासकीय भूमि के संरक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभायें और कलेक्टर भी इस संबंध में निरंतर समीक्षा करते रहे कि जिले की शासकीय भूमि नदी किनारे की भूमि और ऐतिहासिक इमारतों की आसपास की जगहों पर किसी प्रकार के कब्जे तो नहीं हो रहे और कहीं अधिकारियों द्वारा ऐसी भूमियों को निजी भूमि के रूप में शसकीय रेकार्ड में अंकित तो नहीं किया जा रहा है। संभागायुक्त ने कहा कि जिले में कहीं भी राजस्व अधिकारियों के द्वारा शासकीय भूमि को निजी भूमि के रूप में शासकीय रेकार्ड में अंकित पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें की इस प्रकार के प्रकरण यदि आते हैं तो उस पर त्वरित कार्यवाही कर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाये।
बैठक में संगायुक्त ने कहा कि सभी कलेक्टर्स यह सुनिश्चित करें कि जिले में ग्रीन वेल्ट पर कोई निर्माण तो नहीं हो रहा है। साथ ही ग्रीन बेल्ट की भूमि का कोई डायवर्शन तो नहीं किया गया। यदि ग्रीन बेल्ट का किसी भी प्रकार का निर्माण दिखायी देता है तो उसे शक्ति के साथ तुरंत हटाया जाये। राजस्व प्रकरणों की बैठक के दौरान कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के प्रकरणों में समय सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित हो। धार जिले में डायवर्शन के तीन सौ करोड़ रूपये से अधिक की राशि की वसूली लंबित होने पर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं। संभाग में डायवर्शन के 1368 प्रकरण लंबित हैं। धार जिले में सर्वाधिक 323 प्रकरण लंबित हैं।
बैठक में वन विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने सभी कलेक्टर्स और डीएफओ को निर्देश दिये हैं कि वन और राजस्व भूमि की सीमाओं में विवाद न होने पर दोनों विभाग एनओसी पत्र हस्ताक्षर कर एक-दूसरे को सौंपे। संभागायुक्त समीक्षा के दौरान कहा कि औंकारेश्वर स्थित औंकार पर्वत को हराभरा बनाने के लिये तीव्र गति से कार्य करें। वर्षाकाल प्रारंभ होने तक सभी तैयारियां पूर्ण कर वृक्षारोपण किया जाये।
नमामि देवि नर्मदे यात्रा की समीक्षा करते हुये संभागायुक्त ने कहा कि यात्रा के दौरान नदी के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर क्षेत्र में निजी, राजस्व, वन भूमि पर वृक्षारोपण किया जाना है। इसके लिये जिन भी किसानों द्वारा वृक्षारोपण के लिये सहमति -पत्र दिये गये हैं। उन जगहों पर वृक्षारोपण हेतु तैयारियां प्रारंभ कर दें। वृक्षों के लिये गड्डे खुदवायें, पौधों की आपूर्ति के लिये आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से सतत् सम्पर्क में रहें, जिससे एक साथ जून के अंतिम सप्ताह में नर्मदा किनारे पौधारोपण का कार्य किया जा सके। बैठक में इंदौर जिला कलेक्टर श्री पी.नरहरि, अन्य जिलों से आये कलेक्टर्स, सीईओ जिला पंचायत भी उपस्थित थे।
राठौर/कपूर

