Saturday, 28 January 2017

लोक सूचना अधिकारी सूचना देने के लिये जवाबदार



सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत किसी को भी 
सूचना प्राप्त करने से रोका नहीं जा सकता - मुख्य सूचना आयुक्त श्री खान 
इंदौर, 28 जनवरी,2017
सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अन्तर्गत किसी भी व्यक्ति को कोई भी लोक सूचना अधिकारी किसी भी प्रकार की सूचना माँगने पर उसको देने के लिये जवाबदार होता है और सूचना के अधिकार के अन्तर्गत माँगी गई सूचना उपलब्ध कराता है। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 में देश की सुरक्षा, लोकहित और कुछ व्यक्तिगत जानकारी को छोड़कर शासकीय विभाग और शासन से अनुदान प्राप्त संस्थाएं सूचना देने के लिये बाध्य हैं। उक्त बात मुख्य सूचना आयुक्त श्री के.डी. खान ने इन्दौर कलेक्ट्रेट में पहली लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए कही। मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम लोकतंत्र को मजबूत करने का सबसे बड़ा अस्त्र साबित हो रहा है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति जिसको लगता है कि उसके अधिकारों का हनन या अतिक्रमण किया गया है या शासकीय सेवा में रहते हुए किसी अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार या गलत कार्यवाही की गई है तो उसकी सूचना प्राप्त कर सकता है। 
इन्दौर में इस प्रकार की यह पहली लोक अदालत है। इस लोक अदालत का शुभारंभ मुख्य सूचना आयुक्त श्री के.डी. खान के साथ सूचना आयुक्त श्री आत्मदीप, श्री सुखराज सिंह, श्री हीरालाल त्रिवेदी, संभागायुक्त श्री संजय दुबे, पुलिस महानिरीक्षक श्री अजय शर्मा तथा कलेक्टर श्री पी. नरहरि ने महात्मा गाँधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया। 
इस अधिनियम के माध्यम से सूचना प्राप्त करने वाले व्यक्ति को समयसीमा में सूचना प्रदान की जाना चाहिये। अधिकारी भी यह सुनिश्चित करें कि सूचना के अधिकार अधिनियम अन्तर्गत आवेदन देने वाले व्यक्ति से चर्चा करें और उसकी आवश्यकता के अनुसार उसे सूचना प्रदान करें। आवेदन प्राप्त होने के साथ ही सूचना प्रदान करने की कार्यवाही भी प्रारंभ हो जाना चाहिये, इसके लिये समयसीमा का ध्यान रखा जाना चाहिये। श्री खान ने कहा कि लोक सूचना अधिकारी आरटीआई में सूचना मांगने वाले से चर्चा करें और उसकी आवश्यकतानुसार उसे समस्त जानकारी व फोटोकापी आदि के व्यय की जानकारी भी तुरंत उपलब्ध करा दें, जिससे पारदर्शिता भी आयेगी और सूचना प्राप्त करने वाला संतुष्ट भी होगा। 
मुख्य सूचना आयुक्त श्री के.डी. खान ने कहा कि किसी भी आरटीआई के अन्तर्गत प्राप्त होने वाले आवेदन पर सूचना उपलब्ध कराने का कार्य लोक सूचना अधिकारी का होता है। यदि वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सूचना देने से मना किया जाता है तो उसे नोटशीट पर लेकर उल्लेख किया जाये। जिससे सूचना प्राप्त करने वाले व्यक्ति को समयसीमा के बाद सूचना प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध भी कार्यवाही सुनिश्चित हो सके। श्री खान ने कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरणों को निपटाने के लिये लोक अदालत के साथ-साथ सूचना के अधिकार अधिनियम अन्तर्गत कैम्प, वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से भी प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। 
कार्यक्रम में सूचना आयुक्त श्री सुखराज सिंह ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम लोकतंत्र के लिये एक अच्छा हथियार है। इस अधिनियम के द्वारा कोई भी व्यक्ति किसी भी विभाग से सूचना प्राप्त कर सकता है। शासकीय अधिकारियों के द्वारा यदि कोई गलत काम किया जा रहा है तो सूचना प्राप्त कर उसके विरूद्ध कार्यवाही व आम जनता को बता सकता है। इसका सही रूप से उपयोग करने पर समाज व प्रदेश के लिये बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। 
सूचना आयुक्त श्री आत्मदीप ने अपने उदबोधन में कहा कि शासन और शासकीय अनुदान से चलने वाले संस्थान इस अधिनियम के माध्यम से जनता के प्रति जवाबदेह बने हुए हैं। इस कानून के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति अपने हितों की रक्षा कर सकता है और विभाग और शासकीय संस्थानों में हो रही मनमानी से स्वयं को सुरक्षित भी रख सकता है। इस अधिनियम का मूल उद्देश्य सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय है। 
सूचना आयुक्त श्री हीरालाल त्रिवेदी ने कहा कि मध्यप्रदेश सूचना आयोग 2014 से लगातार नये आयाम स्थापित कर रहा है। इन्दौर संभाग में इसके पूर्व तीन हजार से अधिक प्रकरण लंबित थे और 2014 के बाद दो हजार आठ सौ प्रकरण आये और आयोग के द्वारा पांच हजार आठ सौ प्रकरणों में से चार हजार दो सौ से अधिक प्रकरण निराकृत किये जा चुके हैं। इन्दौर संभाग की पहली लोक अदालत में से 1500 प्रकरण में से 910 प्रकरण लोक अदालत में रखे गये हैं, जिनका आज निराकरण किया जायेगा। इन्दौर संभाग के 170 अधिकारियों पर अभी तक 23 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना किया गया है और तीन लाख रूपये हितग्राहियों को भी दिलाया गया है। श्री त्रिवेदी ने सुनवाई के दौरान सभी लोक सूचना अधिकारियों को यह निर्देश भी दिये कि उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों को वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाये, जिससे सूचना प्राप्त करने वाले व्यक्ति को आरटीआई आवेदन लगाने के पूर्व ही बता दिया जाये कि यह सूचना इस वेबसाइट पर उपलब्ध है जहां से उसे प्राप्त कर सकते हैं। इससे सूचना के अधिकार अधिनियम अन्तर्गत आने वाले आवेदनों में कमी आयेगी और कोई भी व्यक्ति उस वेबसाइट के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकेगा।  
कार्यक्रम के शुभारंभ में संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम का कुछ व्यक्तियों द्वारा किसी व्यक्ति या किसी विशेष विभाग के लिये लगातार उपयोग किया जाता है और बिना किसी उद्देश्य के लगातार आरटीआई के अन्तर्गत आवेदन लगाकर अधिकारियों को परेशान किया जाता है। इसको भी आयोग को संज्ञान में लेना चाहिये। वैसे आरटीआई गलत काम को रोकने का एक सबसे बेहतर हथियार है और प्रशासन में अधिकारियों के लिये एक ऐसी ढाल के रूप में भी काम करता है जिसमें कोई भी अधिकारी किसी भी गलत काम के लिये किसी भी दबाव में आये बिना मना कर सकता है। इसके साथ ही आरटीआई आवेदन आने के पूर्व ही अधिकारी यदि समस्त सूचनाएं पहले से ही उपलब्ध करा देगा और किये गये कार्यों की सूची और व्यय तथा लिये गये निर्णयों को यदि वेबसाइट या अन्य माध्यमों से प्रदर्शित करता है तो इससे और बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे और परेशानी से बचा जा सकेगा। 
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री पी. नरहरि ने सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया और अपने उदबोधन में कहा कि इसके पूर्व भी उनके द्वारा इस प्रकार की लोक अदालत में हिस्सा लिया गया है जब वे कलेक्टर ग्वालियर थे। उस समय भी सूचना आयोग द्वारा लोक अदालत आयोजित की गई थी जिसके बेहतर परिणाम आये थे। इन्दौर में भी पहली लोक अदालत में अधिकारियों और सूचना प्राप्त करने वालों के बीच बेहतर तालमेल से सूचनाएं आदान-प्रदान होगी और प्रशासन में पारदर्शित बढ़ेगी। 
295 प्रकरण निराकृत
सूचना आयुक्तों की लोक अदालत में आज कुल 295 प्रकरण निराकृत किये गये। श्री के.डी. खान की खण्डपीठ में 43, श्री सुखराज सिंह की खण्डपीठ में 39, श्री आत्मदीप की खण्डपीठ में 138 और श्री हीरालाल त्रिवेदी की खण्डपीठ में 75 अपीलीय प्रकरण निराकृत किये गये। 
प्रदेश में सर्वाधिक 295 प्रकरण इंदौर की लोक अदालत में निराकृत
बताया गया कि सूचना के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत अब तक प्रदेश में आयोजित लोक अदालतों में सर्वाधिक प्रकरण आज इंदौर में सम्पन्न हुई लोक अदालत में निराकृत किये गये। इससे पूर्व सतना में आयोजित लोक अदालत में 202 अपीलीय प्रकरणों का निराकरण किया गया था। राज्य सूचना आयोग के आयुक्तों ने इंदौर में सम्पन्न हुई लोक अदालत में की गई व्यवस्थाओं की सराहना की और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।                                                              
क्रमांक 207/207/17/राठौर/वटके  

रासुका


इंदौर 28 जनवरी 2017 
इंदौर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का सिलसिला लगातार जारी है। इसी सिलसिले में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पी. नरहरि ने मेघदूत नगर निवासी निक्की उर्फ निलेश पिता विजय सोनी को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) में निरूद्ध करने के आदेश जारी किये हैं। निक्की के विरूद्ध विभिन्न थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। 
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क्रमांक 211/211/17/महिपाल /वटके 

प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मानित


इंदौर 28 जनवरी 2017 
जिला न्यायालय इन्दौर में 68वां गणतंत्र दिवस उल्लासपूर्ण रूप से मनाया गया। कार्यक्रम माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगण माननीय श्री वेद प्रकाश शर्मा, माननीय श्री राजीव दुबे तथा श्री विरेन्द्रसिंह के मुख्य आतिथ्य में मनाया गया। झण्डावंदन जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बी.के. निगम द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला न्यायालय के कर्मचारियों के सात बच्चों प्रणय जोशी, सैजल केवट, अलफिया खान, चंद्रशेखर पुरोहित, अक्षिता सैनी, अदिती सैनी एवं श्रेयांश यादव को शिक्षा के क्षेत्र में उच्च कीर्तिमान स्थापित करने पर उन्हें प्रोत्साहित करने हेतु अतिथिगण ने प्रशंसा पत्र व उपहार प्रदान किये। उल्लेखनीय है कि छात्र प्रणय जोशी ने निरमा यूनिवर्सिटी, गुजरात से एल.एल.एम की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया है। इस समारोह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री अमित रंजन समाधिया तथा न्यायिक कर्मचारी संघ के पदाधिकारी श्री अंजनी कुमार वाजपेई, केदार रावल, हीरालाल पुरोहित, रमेश भेनिया उपस्थित थे। 
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क्रमांक 210/210/17/बी.एन.सिंह/वटके 

पल्स पोलियो टीकाकरण महाअभियान आज



5 वर्ष आयु तक के लाखों बच्चों को पिलाई जायेगी पोलियो निरोधक दवा 
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तीन हजार सात सौ टीकाकरण केन्द्र बनाये गये 
इंदौर, 28 जनवरी 2017 
राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाअभियान का इस वर्ष का पहला चरण इंदौर जिले में आज 29 जनवरी को आयोजित किया जायेगा। इस प्रथम चरण में 0 से 5 वर्ष आयु तक के साढ़े पांच लाख से अधिक बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाई जायेगी। इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार की गई है। जिले में पोलियो निरोधक दवा पिलाने के लिये तीन हजार सात सौ टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं। 
कलेक्टर श्री पी. नरहरि ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष आयु तक के सभी बच्चों को टीकाकरण केन्द्रों पर लाकर पल्स पोलियो की दवा अवश्य पिलायें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस अभियान का सघन एवं प्रभावी क्रियान्वयन करें। वे ध्यान रखें कि 5 वर्ष आयु तक का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित नहीं रहे। ऐसे बच्चे जो 29 जनवरी को पोलियो की दवा पीने से वंचित रहते हैं उन्हें चिन्हित कर अगले दिन घर-घर जाकर पोलियो निरोधक दवा पिलायें। बताया गया कि इंदौर जिले में वर्तमान अनुमानित जनसंख्या 35 लाख 47 हजार 157 है। जिसमें 0 से 5 वर्ष के कुल अनुमानित बच्चों की संख्या लगभग 5 लाख 60 हजार है। जिन्हें पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो वैक्सीन पिलाई जाना है। इसके अतिरिक्त माइग्रेटरी साईट्स एवं ट्रांजिट साइट्स पर भी पल्स पोलियो की दवा पिलाना है। 
जिले में पोलियो निरोधक दवा पिलाने के लिये 3 हजार 700 टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर लगभग 9 हजार अधिकारी, कर्मचारी लगाये गये हैं।  
शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये चार झोन में विभाजित किया गया है। इनमें नंदानगर, मल्हारगंज, संयोगितागंज एवं हुकुमचंद क्षेत्र शामिल है। प्रत्येक झोन का एक प्रभारी झोनल अधिकारी  है। इन्दौर नगर निगम सीमा में 85 वार्ड है, प्रत्येक वार्ड के लिये भी एक-एक वार्ड प्रभारी चिकित्सक नियुक्त किये गये हैं। साथ ही प्रत्येक झोन एवं ब्लाक स्तर पर भी एक-एक सेक्टर अधिकारी नियुक्त किये गये हैं जो कि पल्स पोलियो कार्यक्रम में अपने क्षेत्र की सतत समीक्षा करेंगे तथा प्रत्येक झोन की पल्स पोलियो की समस्त गतिविधियों के लिये झोनल चिकित्सा अधिकारी उत्तरदायी रहेंगे। 
ग्रामीण क्षेत्र चार ब्लाक में विभाजित हैं। देपालपुर, सांवेर, हातोद तथा मानपुर में खण्ड चिकित्सा अधिकारी पदस्थ है। वे अपने क्षेत्र की कार्ययोजना बनाएंगे तथा क्रियान्वयन के लिये वे जिम्मेदार रहेंगे। महू शहरी क्षेत्र की कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी महू सिविल अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ की रहेगी। सम्पूर्ण जिले में आईईसी गतिविधियों का समस्त प्रभार एवं उत्तरदायित्व जिला आईईसी शाखा का रहेगा एवं समस्त जिले के वाहन व्यवस्था का उत्तरदायित्व वाहन प्रभारी अधिकारी एवं वाहन इन्चार्ज का रहेगा। 
स्वयंसेवी संगठन, रोटरी क्लब, आईपीए,आईआईएम तथा आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता आदि की सेवाएं ली जायेगी। इंदौर नगर की समस्त तंग बस्तियों (स्लम एरिया), बहु मंजिली इमारतों, निर्माणाधीन भवन के निवासियों के लिये विशेष चलित टीकाकरण टीम द्वारा पोलियो की दवा पिलाई जायेगी ।
शहरी क्षेत्र के निर्माणाधीन कालोंनियों तथा टाऊनशीप के लिए इस बार विशेष रूप से कार्य योजना बनाई गई है। इन क्षेत्रों के लिये विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया जायेगा। इसी तरह शहर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रम, प्रवचन स्थल, मेले, हाट बाजार, ट्रांजिट पाइंट, शॉपिंग माल, मेन चौराहा आदि के लिये भी विशेष दल बनाये जाएंगे। 
पल्स पोलियो अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में एक प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है। इसी कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। इस कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 0731-2537253 है। 
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क्रमांक 209/209/17/महिपाल/वटके 

कमिश्नर श्री दुबे ने विद्यादान कार्यकर्ताओं से की रूबरू चर्चा



विद्यादान कार्यकर्ता अपनी उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार भी करें-कमिश्नर श्री दुबे 
इंदौर, 28 जनवरी,2017
संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आज विद्यादान योजना के कार्यकर्ताओं से रूबरू चर्चा की तथा उनके अनुभवों, उपलब्धियों और समस्याओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इंदौर संभाग की विद्यादान योजना की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। इस योजना को केन्द्र सरकार ने विद्यांजलि योजना के नाम से शुरू कर दिया है। राज्य शासन ने भी इंदौर संभाग की विद्यादान योजना की सराहना की है। गत 26 जनवरी के ""मुख्यमंत्री के संदेश'' में भी इस योजना का जिक्र किया गया है। राज्य सरकार भी इस योजना को अगले शिक्षा सत्र से पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि विद्यादान कार्यकर्ता संसाधनों पर ध्यान न दें बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार में अपना अमूल्य योगदान दें। विद्यादान के इस महायज्ञ में सबकी आहूति जरूरी है। विद्यादान अभियान इन्दौर जिले में सफल रहा है। विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। इस अभियान के तहत जिले में 350 कार्यकर्ता काम कर रहे हैं और सप्ताह में कम से कम दो घंटे शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं। 
कमिश्नर श्री दुबे ने इस अवसर पर कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार विद्यादान के फेसबुक पेज पर करें, जिससे दूसरे कार्यकर्ताओं को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिले। इसके अलावा समाज के अन्य व्यक्तियों को भी इस अभियान की जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि विद्यादान कार्यकर्ता विद्यार्थियों के माता-पिता को भी बुलाकर उनसे चर्चा कर सकते हैं। यह अभियान स्वान्त: सुखाय चलाया जा रहा है। इस अभियान से शासकीय स्कूलों के यदि गिने-चुने विद्यार्थी भी प्रदेश या देश में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हैं तो हम लोगों की मेहनत सार्थक होगी। 
इस अवसर पर विद्यादान कार्यकर्ताओं ने कहा कि हर माह की अमावस्या के दिन पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग होना चाहिये। अधिकांश विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड खराब है जिसे सुधारे जाने की जरूरत है। उन विद्यालयों में टाटपट्टी भी उपलब्ध करायी जाये, जहाँ पर टाटपट्टी फट गयी है। हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के विद्यार्थियों को पाठ¬ पुस्तक के साथ व्याकरण भी पढ़ाया जाना अनिवार्य किया जाये। कोई भी शिक्षक एक समय में एक ही स्कूल में एक ही विषय पढ़ाये तो उसका प्रभाव अधिक होगा। कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिया कि विद्यालय में साफ-सफाई, अनुशासन और विद्यार्थियों और नियमित शिक्षकों में नियमितता जरूरी है। सभी कार्यकर्ता इस बात पर एकमत थे कि स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शासकीय स्तर पर विद्यार्थियों को हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, व्याकरण की पुस्तकें वितरित की जाये। बैठक में संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा श्री ओ.एल. मण्डलोई और बड़ी संख्या में विद्यादान कार्यकर्ता मौजूद थे। 
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जनवरी का राशन फरवरी में नहीं मिलेगा


इंदौर 28 जनवरी 2017 
लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत जिले में माह जनवरी 2017 की राशन सामग्री का वितरण उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। इंदौर नगर में शासकीय उचित मूल्य दुकान पर पीओएस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन (थम्ब इम्प्रेशन)/आधार सत्यापन के पश्चात सामग्री वितरण की जा रही है। खाद्य विभाग द्वारा सभी पात्र हितग्राहियों को सूचित किया गया है कि वह माह जनवरी 2017 की सामग्री शीघ्र ही उचित मूल्य दुकान पर संधारित पीओएस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन (थम्ब इम्प्रेशन)/आधार सत्यापन के पश्चात तत्काल प्राप्त करें। यदि पात्र हितग्राही माह जनवरी 2017 में सामग्री प्राप्त नहीं कर पाता है तो पीओएस मशीन में अगले माह फरवरी में दो माह की राशन सामग्री (जनवरी एवं फरवरी) प्रदर्शित नहीं होने के कारण माह जनवरी 2017 की हितग्राही की हकदारी स्वयं समाप्त हो जायेगी। सभी हितग्राहियों से अपेक्षा की गयी है कि वह माह जनवरी 2017 की राशन सामग्री इसी माह में 31 जनवरी तक शासकीय उचित मूल्य दुकान से प्राप्त कर लेंगे। 
क्रमांक 212/212/17/बी.एन.सिंह/वटके