Saturday, 14 April 2018

बार-बार दिन ये आये, बार-बार दिल ये गाये
दिव्यांग बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ मनाया अपना जन्म दिन
इंदौर, 14 अप्रैल 2018
      इंदौर के शुभकारज गार्डन में मौजूद दिव्यांग बच्चे आज उस वक्त खुशी से झूम उठे जब उनके जन्म दिन आयोजन पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों के साथ ये गाना गाया कि बार-बार दिन ये आये, बार-बार दिल ये गाये तुम जियो हजारों साल ये मेरी है आरजू ,हैप्पी बर्थडे टू यू । लोक संस्कृति मंच तथा संस्था सक्षम द्वारा आयोजित दिव्य आनंद उत्सव 2018 के आयोजन अवसर पर विभिन्न संस्थाओं के दिव्यांग बच्चे एवं पाकिस्तान से आयी मुकबधिर गीता विशेष रूप से उपस्थित थी। मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय विभाग नि:शक्त जन कल्याण संस्था तथा महिला बाल विकास विभाग के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बच्चों के साथ उनका जन्म दिन मानाया, बच्चें पर पुष्प वर्षा की, उनके जन्म दिवस के दीप जलाये।
      मुख्यमंत्री इस दौरान सुश्री गीता एवं सभी दिव्यांग बच्चों से पिता तुल्य आत्मीयता के साथ मिले। उनको दुलार किया, आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मुकबधिर बच्चों से मुख्यमंत्री के संवाद हेतु विशेष रूप से सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों की भी उपस्थिति रखी गयी थी। कार्यक्रम में इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, महापौर श्रीमती मालिनी गौड, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री राजेश सोनकर, दिव्यांग संस्था के श्री सुभाष पालीवाल, श्री कैलाश शर्मा आदि उपस्थित थे।
      मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि आज मुझे जीवन की सबसे बड़ी खुशी मिली है, जब मैं इन बच्चों के साथ इनका जन्म दिन मना रहा हूं। दिव्यांग बच्चे प्रतिभा संपन्न होते है। आगे चल कर ये बच्चे सक्षमता के साथ अच्छे कार्य करेंगे। जीवन में हम लगातार आगे बढ़ने की सोचे। ये बच्चे सदैव प्रसन्न रहे। फूलों की तरह मुस्कराते रहे। बच्चों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
इंदौर में बनेगा दिव्यांग पार्क
      कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इंदौर में दिव्यांग पार्क बनाया जायेगा। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित कराये जाने वाले इस दिव्यांग पार्क में दिव्यांग बच्चों के लिए कई सारी सुविधाएं जैसे काउन्सलिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, खेल व मनोरंजन सुविधाएं, शासकीय योजनाओं की जानकारी आदि उपलब्ध कराये जायेंगी। शहर के मध्य बीआरटीएस कॉरिडोर विजय नगर के समीप यह पार्क बनेगा। इसका आकार 55 हजार वर्गमीटर का होगा। जिस भूमि पर यह पार्क बनाया जायेगा, उसका मूल्य लगभग 80 करोड़ रूपये है। यह पार्क इंदौर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायेगा।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा प्रमाण पत्र दिया गया
      वृहद स्तर पर एक साथ इतने दिव्यांग बच्चों के जन्म दिवस आयोजन के वर्ल्ड रिकार्ड पर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड संस्था द्वारा आयोजकों को रिकार्ड का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने पेरा ओलम्पिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले दिव्यांग हरेन्द्र त्रिवेदी को भी इस अवसर पर सम्मानित किया।
देश व समाज की उन्नति निर्भर है महिलाओं की उन्नति पर
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर की कामयाब महिलाओं को
वूमेन एक्चिवर अवार्ड से किया सम्मानित
इंदौर, 14 अप्रैल 2018
            मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि देश, प्रदेश व समाज की उन्नति महिलाओं की उन्नति पर ही निर्भर है। इसके बगैर हम आगे नहीं बढ़ सकते। राज्य शासन का पूरा फोकस प्रदेश में महिला सशक्तिकरण पर है। इसी लिए राज्य शासन ने महिला उत्थान की अभिनव योजनाएं संचालित की है। मुख्यमंत्री आज इंदौर के अभय प्रशाल में फिक्की महिला संस्था द्वारा फिक्की फ्लो के तहत पॉवर टू एमपॉवर कार्यक्रम में इंदौर की उन चुनिंदा कामयाब महिलाओं को सम्मानित कर रहे थे, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के साथ अपनी विशिष्ट पहचान बनायी है। इस कार्यक्रम में इंदौर की महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय में सचिव डॉ0 श्रीमती अरूणा शर्मा, विधायकगण श्री महेन्द्र हार्डिया, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री राजेश सोनकर के अलावा श्री कैलाश शर्मा, सुश्री पुष्पा मित्तल, सुश्री नेहा मित्तल, सुश्री मेघा वाधवानी आदि उपस्थित थे।
      मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मनुष्य वही है, जो दूसरों के लिए जीये। इंदौर की महिलाओं ने अपनी क्षमता व प्रतिभा से अपना एक विशिष्ठ स्थान अर्जित किया है। अब वे देश, प्रदेश व समाज के लिए योगदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मन में सदैव से महिलाओं के उत्थान व उन्नति हेतु एक संवेदनशीलता रही है। इसी लिए मुख्यमंत्री बनने के पश्चात उन्होंने सबसे पहली योजना मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना बनाई फिर इसके बाद लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई। आज प्रदेश में 28 लाख लाड़ली लक्ष्मी बालिकाएं है। जब ये बालिकाएं 21 वर्ष आयु की होंगी तब इनके खातों में 32 हजार करोड़ रूपये राशि जमा हो जायेगी। राज्य शासन ने महिला स्वयं सहायता समूहों को और सशक्त करने का निर्णय लिया है। इन समूहों में शामिल अधिकतर ग्रामीण महिलाएं आज मजबूती से आगे आकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में क्रांति ला रही है।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अपराधों पर राज्य शासन ने अत्यंत संवेदनशीलता वरतते हुए कड़े कानून लागू किये है।ऐसे अपराधियों पर कानून का खौफ हो, यह सरकार ने सुनिश्चित कर दिया है। राज्य में पाश्विक प्रवृत्ति को चलने नहीं दिया जायेगा। प्रारंभ में नेहा मित्तल ने स्पागत उद्बोधन दिया।
ये महिलाएं हुई सम्मानित
      कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथो इंदौर की 5 महिलाएं फ्लो वूमेन एक्चिवर अवार्ड 2018 से सम्मानित हुई। इनमें समाज सेवा के लिए मोनिका पुरोहित, कला एवं संस्कृति के लिए रागिनी मक्ख्रर, शिक्षा के लिए रश्मि आहूजा, स्पोर्टस के लिए सारा यादव तथा कनिका टेकरीवाल शामिल है।
मुख्यमंत्री ने तृप्ति फूड एटीएम का शुभारंभ किया
      फिक्की महिला संस्था द्वारा इंदौर शहर में विभिन्न स्थानों पर फूड एटीएम स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन एटीएम को तृप्ति नाम दिया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रथम फूड एटीएम का फीता काट कर शुभारंभ किया। फूड एटीएम से जरूरतमंदों को भोजन मिलेगा।
राष्ट्रपति श्री कोविंद को दी गई भावभीनी विदाई
इंदौर 14 अप्रैल 2018
    राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद इंदौर विमानतल पर नई दिल्ली के लिए रवाना होते समय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस, कमिश्नर श्री संजय दुबे, एडीजीपी श्री अजय शर्मा द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। श्री कोविंद आज अपरान्ह 2:30 बजे इंदौर विमानतल से नई दिल्ली के लिए इंडियन एयरफोर्स के विशेष विमान से रवाना हुए।
देश को समर नहीं समरसता की जरूरत - राष्ट्रपति श्री कोविंद
.......
आधुनिक भारत के शिल्पी थे डॉ अम्बेडकर - राज्यपाल श्रीमती पटेल
.......
बाबा साहब की स्मृति से जुड़े पाँच स्थल मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में शामिल होंगे
 - मुख्यमंत्री श्री चौहान
.......
बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर का 127वीं जयंती समारोह

इंदौर, महू : 04 अप्रैल, 2018
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने कहा है कि आज देश को समर नहीं समरसता की जरूरत है। उन्होने बाबा साहब के समरसता के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का आव्हान किया। श्री कोविंद ने कहा कि बाबा साहब ने हमेशा शांति, करूणा और अंहिसा का रास्ता चुना। उन्होने नागरिकों से बाबा साहब के सपनों का भारत निर्माण करने में अपना योगदान देने का आव्हान किया। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र की अखण्डता के संदर्भ में बाबा साहब कहते थे कि "वे पहले भारतीय हैं, बाद में भी भारतीय हैं और अंत में भी भारतीय हैं।"
राष्ट्रपति आज यहाँ बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित 127वीं जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति ने भीम जन्म भूमि स्मारक जाकर भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया और अनुयायियों के बीच बैठकर भोजन ग्रहण किया।
राष्ट्रपति ने महू में हर साल अम्बेडकर महाकुंभ आयोजित करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार की सराहना की। श्री कोविंद ने कहा कि डा अम्बेडकर क जन्म स्थली महू नागरिकों के लिये प्रेरणस्त्रोत है। उन्होने कहा कि नई पीढी को यह समझना होगा कि आधुनिक भारत के निर्माण की नींव बाबा साहब ने रखी थी। दामोदर वैली, हीराकुंड जैसे बांध और वृहद बिजली परियोजनाएं लागू करने जैसे बडे कामों के पीछे बाबा साहब की प्रगतिशील सोच थी। उन्होने बाबा साहब का योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि डा अम्बेडकर ने महिलाओं को मतदान का अधिकार दिलाया। मजदूरों के काम के घंटे बारह से घटाकर आठ किये। महिलाओं को संपत्ति में बराबरी का अधिकार दिलाया। भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
श्री कोविंद ने कहा कि बाबा साहब ने हमेशा भगवान बुद्ध के शांति और अंहिसा का मार्ग अपनाया। वे कहते थे कि जब विरोध के संवैधानिक उपकरण उपलब्ध हैं तो हिसात्मक तरीकों की कोई जरूरत नही है। वे महान विधिवेत्ता, विद्वान और समाज सुधारक थे। उनके बनाये संविधान की शक्ति से प्रजातंत्र जीवंत हुआ। कमजोर, वंचित और पिछडे लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिला जिससे वे देश की प्रगति में योगदान देने में सक्षम बने हैं।
श्री कोविंद ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में अम्बेडकर जन्मस्थली महू में यह उनकी पहली यात्रा है। उल्लेखनीय है कि अम्बेडकर जयंती पर जन्मस्थली महू में पधारने वाले वे पहले राष्ट्रपति हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा साहब ने जो संविधान दिया है वह समानता का मूल अधिकार देता है। इसके बाद सबसे बड़ा अधिकार मतदान का अधिकार है जो लोकतंत्र का आधार है। वे कहते थे शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। बाबा साहब एक असाधारण विद्यार्थी थे। उन्होंने कहा कि समझदारी के बिना शिक्षा अधूरी है। जब पहला मंत्रिमंडल बना तो डा अम्बेडकर विधि मंत्री के रूप में शामिल हुये । वे उस समय मंत्रिमंडल के सदस्यों में सर्वाधिक डिग्री प्राप्त मंत्री थे। उन्होंने शिक्षा पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया। उनका जीवन युवाओं के लिये अत्यंत प्रेरणास्प्रद हैं।
श्री कोविंद ने बताया कि बाबा साहब ने मात्र 27 साल की उम्र में "स्माल होल्डिंग इन इंडिया एण्ड रेमेडीज" शीर्षक से आलेख लिखकर स्वयं को उच्चकोटि का अर्थशास्त्री साबित कर दिया था। उन्होंने हमेशा अहिंसा और करूणा का मार्ग अपनाया। राष्ट्रपति ने कहा कि जय भीम बोलने का अर्थ है बाबा साहब के बनाये संविधान का सम्मान करना, उनकी वैचारिक विरासत का सम्मान करना ।
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर न केवल भारतीय संविधान के निर्माता थे बल्कि उनका आधुनिक भारत के निर्माण, कमजोर वर्गों और महिलाओं की उन्नति में तथा सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कमजोर वर्गों और महिलाओं के उत्थान के लिये निरंतर कार्य कर रही है। केन्द्र सरकार भी "सबका साथ, सबका विकास" के मार्ग पर चलते हुये सामाजिक न्याय और कौशल विकास के लिये ठोस कदम उठाये हैं।
श्रीमती पटेल ने कहा कि बाबा साहब के सपनों को पूरा करने के लिये सरकार समाज के कमजोर वर्गों अनुसूचित जाति और जनजाति के कल्याण, शिक्षा, रोजगार के क्षेत्र में सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने सभी से समाज में एकता, समरसता बनाये रखने तथा देश के नवनिर्माण में सहभागी बनने की अपील की।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डॉ अम्बेडकर के जीवन और उनके स्मृति से जुड़े पाँच स्थानों को मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में शामिल किया जायेगा। यह तीर्थ स्थान हैं बाबा साहब की जन्मस्थली महू, लंदन स्थित वह मकान जहां उन्होंने शिक्षा ग्रहण की थी, दीक्षा भूमि नागपुर, परिनिर्वाण स्थल अलीपुर रोड बंगला नई दिल्ली और चैत्य भूमि मुम्बई जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ था। उन्होंने राज्य सरकार डॉ अम्बेडकर के आदर्शों पर चल रही है। जिन लोगों ने संविधान की धज्जियां उड़ाई, बाबा साहब का असम्मान किया वे लोग आज संविधान की बचाने का स्वांग रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के संविधान को कोई खतरा नहीं है।
श्री चौहान ने कहा कि बाबा साहब उच्च कोटि के समाज सुधारक थे। वे सम्पूर्ण समाज के आदर्श थे, जो वंचितों, शोषितों और पीड़ितों के लिये जीवनभर संघर्ष करते रहे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के सिद्धांतों पर चलते हुये असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों के लिये अभूतपूर्व निर्णय लिये हैं। अब प्रदेश में कोई भी गरीब बिना मकान और जमीन के नहीं रहेगा। बच्चों को पहली से लेकर पीएचडी तक मुफ्त शिक्षा दी जायेगी। उनका मुफ्त इलाज होगा। बिजली उन्हें फ्लेट रेट पर मिलेगी। मजदूर बहनों को गर्भावस्था के दौरान चार हजार रूपये मिलेंगे और प्रसव के बाद बारह हजार रूपये अपने स्वास्थ्य और बच्चे की देखरेख के लिये दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कमजोर वर्गों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनैतिक उत्थान के लिये प्रतिबद्ध है।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत ने डॉ अम्बेडकर की स्मृति को चिरस्थाई बनाने और उनके बनाये गये संविधान का सम्मान करने में पूर्व की सरकारों ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि डॉ अम्बेडकर की स्मृति को जीवित रखने के लिये सभी महत्वपूर्ण कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्‍व में सम्पन्न हुये। उन्होंने बताया कि बाबा साहब की शिक्षा स्थली लंदन का घर खरीदने से लेकर परिनिर्वाण स्थल अलीपुर रोड स्थित को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने एवं महू को भव्य स्मारक के रूप में विकसित करने जैसे कार्य हुये हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के आदर्शों पर चलते हुये केन्द्र सरकार ने कई अनूठी योजनाएं और परियोजनाएं बनाई है जिससे कमजोर और वंचित वर्गों को आगे बढ़ने में मदद मिल रही है।
महू के विधायक श्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने स्वागत भाषण में डॉ अम्बेडकर की तुलना भगवान शिव से करते हुये कहा कि जिस प्रकार शिव ने विष पिया और अमृत दिया। उसी प्रकार बाबा साहब अम्बेडकर ने समाज को संविधानरूपी अमृत दिया।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति को इंदौर के प्रसिद्ध राजवाड़े की प्रतिकृति, मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शौर्य स्मारक भोपाल की प्रतिकृत और भंते संघशील ने भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की।
इस अवसर पर वन मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, जेल एवं पशुपालन मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य, क्षेत्रीय सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र आर्य, अम्बेडकर स्मारक समिति के अध्यक्ष भंते सदानंद और भंते संघशील और विशाल संख्या में देशभर से आये बाबा साहब के अनुयायी उपस्थित थे।