Sunday, 25 March 2018

राज्यपाल श्रीमती पटेल बुरहानपुर में आज

राष्ट्रीय पोषण मिशन की करेंगी शुरूआत

इंदौर, 25 मार्च 2018
         राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल आज 26 मार्च को बुरहानपुर जिले के लिए राष्ट्रीय पोषण मिशन का शुभारंभ करेंगी। मिशन के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर शक्ति संगम भी आयोजित होगा जिसके अंतर्गत पिंक ड्राईविंग लाईसेंसलाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे तथा महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस कार्यक्रम में उपस्थित रहेगी। कार्यक्रम नेहरू स्टेडियम बुरहानपुर में प्रातः 11 बजे से आरंभ होगा।
         प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पोषण मिशन का शुभारंभ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मार्च के अवसर पर राजस्थान के झुनझुनू से किया था। मिशन के अंतर्गत पोषण की स्थिति में सुधार के लिए आगामी वर्ष में विशेष प्रयास किए जाएंगे। राष्ट्रीय पोषण मिशन के प्रथम चरण में मध्यप्रदेश के 38 जिलों की326 बाल विकास परियोजना के 70 हजार 866 आंगनवाड़ी केन्द्रों को शामिल किया गया है। मिशन में सूचना एवं प्रौद्योगिकी आधारित तत्काल निगरानी प्रणाली विकसित की गई है जिसके अंतर्गत प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को एक स्मार्ट फोन प्रदान किया जाएगा जिसमें कॉमन एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर होगा। आंगनवाड़ी के सभी बच्चों और माताओं की जानकारी होगी। इस व्यवस्था से आंगनवाड़ियों केन्द्रों में संपादित गतिविधियों पर वास्तविक समय में निगरानी रखी जा सकेगी। राष्ट्रीय पोषण मिशन के अंतर्गत आंगनवाड़ी सेवाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशनपेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालयसार्वजनिक वितरण प्रणालीपंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय निकाय के अंतर्गत संचालित योजनाओं के पोषण स्तर में सुधार के लिए समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।
         राज्यपाल श्रीमती पटेल की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में बालिकाओं एवं महिलाओं को पिंक ड्राईविंग लाईसेंस वितरित किए जाएंगे। बुरहानपुर में इस अभियान के अंतर्गत अभी तक 5200 से अधिक पात्र बालिकाओं-महिलाओं को ड्राईविंग लाईसेंस उपलब्ध करवाए गए हैं।
क्रमांक/247/777/राठौर/विजय
प्रदेश से वर्ष 2025 तक टी.बी. उन्मूलन का लक्ष्य- मंत्री श्री रूस्तम सिंह
टी.बी. मरीजों को एक अप्रैल से हर माह मिलेगी 500 रुपये की पोषण-आहार राशि
इंदौर, 25 मार्च 2018      
      लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने बताया है कि प्रदेश में वर्ष 2025 तक टी.बी. उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल, 2018 से प्रदेश में टी.बी. के मरीजों को उपचार से निदान तक प्रति माह 500 रुपये की राशि पोषण-आहार के लिये दी जायेगी। साथ हीपुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम में जिलों में निजी चिकित्सकों द्वारा टी.बी. मरीज का नोटिफिकेशन पर 500 रुपये और उसके ठीक होने की जानकारी देने पर फिर 500 रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जायेगी।
      प्रदेश में वर्ष 2011 से मल्टी ड्रग रेजीस्टेंट (एमडीआर)डॉट प्लस उपचार योजना सम्पूर्ण प्रदेश में क्षय रोगियों के निदान एवं उपचार के लिये लागू है। इसमें भोपालइंदौर एवं जबलपुर में आधुनिक लैब (सी एण्ड डीएसटी) और 51 जिलों में सीबीएनएएटी मशीनें स्थापित कर क्षय रोगियों का निरूशुल्क उपचार किया जा रहा है। एमडीआर क्षय रोगियों के उपचार के लिये भोपालइंदौरउज्जैनसागररीवाछिंदवाड़ानौगाँव (छतरपुर)ग्वालियर और जबलपुर में डीआर टी.बी. सेंटर संचालित हैं।
      स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के लोगों से टी.बी. रोग के संक्रमण के प्रति सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि दो सप्ताह या उससे अधिक खाँसीशाम के समय बुखार,वजन में कमीभूख न लगनाखखार के साथ खून और रात में पसीना आयेतो चिकित्सक से अवश्य सलाह लें।
      स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह ने बताया कि टी.बी. के निदान के लिये प्रदेश में पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम लागू है। प्रदेश के सभी जिलों में सीबी नॉट मशीनें स्थापित हैं। अक्टूबर-2017 से सभी जिलों में टी.बी. का डेली रेजीमेन (कोर्स) और जनवरी-2018 से टी.बी. निदान के लिये यूनिवर्सल डीएसटी सुविधा शुरू की गई है। इससे मरीज के ऊपर दवा के प्रभाव का अध्ययन आसान हो गया है।
टी.बी. मरीज को अधिसूचित न करने पर होगी कानूनी कार्यवाही
      स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केन्द्र शासन ने 16 मार्च, 2018 को एक अधिसूचना जारी की हैजिसमें यदि क्लीनिकल संस्थाफार्मेसी और दवा विक्रेता द्वारा क्षय रोगी को नोडल अधिसूचित नहीं करनेक्षय रोगी की अधिसूचना मिलने पर जन-स्वास्थ्य संबंधी कार्यवाही नहीं करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा-269 और 270 के उपबंधों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। इसमें धारा-269 में लापरवाहीपूर्ण कार्यजिससे जीवन के लिये खतरनाक रोग के संक्रमण की संभावना होमें 6 माह तक कारावास की सजा या जुर्माना या दोनों किये जा सकेंगे। धारा-270 में द्वेषपूर्ण ढंग से किया गया कार्यजिससे जीवन के लिये खतरनाक रोग के संक्रमण की संभावना होमें 2 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों सजाएँ हो सकेंगी।
क्रमांक/246/776/राठौर/विजय
वर्ष 2018-19 के लिए खरीफ व रबी फसलों के लिए ऋणमान तय

कलेक्टर की अध्यक्षता में तकनीकि समिति के बैठक संपन्न

इंदौर 25 मार्च 2018

      वर्ष 2018-19 के लिए खरीफ व रबी फसलों के लिए ऋणमान निर्धारित किये जाने हेतु शनिवार को कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया, उपायुक्त सहकारिता श्री के.पाटनकर, नावार्ड के डी.डी.एम श्री दीपक घोरपडे, जिला प्रबंधक अग्रिण श्री मुकेश भट्ट, उप संचालक उद्यानिकी श्री ‍त्रिलोक चंद्र वास्कले, मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर प्रीमियर कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड श्री आलोक जैन व अन्य अधिकारीगण तथा प्रगतिशील किसान सदस्यगण मौजूद थे।
      बैठक में कृषि व उद्यानिकी विभाग से प्राप्त प्लान अनुसार वर्ष 2018-19 के लिए खरीफ व रबी फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर के मान से ऋणमान तय किये गये। खरीफ फसलों में सोयाबीन के लिए 40 हजार, प्याज के लिए 50 हजार, फूलगोभी तथा पत्तागोभी के लिए 25-25 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर ऋणमान तय किया गया। रबी फसलों में सिं‍चित गेंहॅूं के लिए 35 हजार, फूलगोभी तथा पत्तागोभी के लिए 25-25 हजार, आलू, प्याज व लहसुन के लिए 50-50 हजार, हायब्रीड गाजर के लिए 40 हजार तथा सिंचित चना के लिए 35 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर ऋणमान तय किये गये।
      बैठक में किसानों से राज्य शासन की अग्रिम खाद भण्डारण योजना का लाभ उठाने का भी आग्रह किया गया। योजना के तहत किसान भाई एक मार्च 2018 से 31 मई 2018 तक सोसायटियों से बिना ब्याज के खाद का अग्रिम उठाव व भण्डारण कर सकते हैं।
क्रमांक/245/775/भदौरिया/विजय
घर से ही करा सकते हैं मोबाइल को आधार से लिंक
 इंदौर, 25 मार्च 2018

      केन्द्र सरकार ने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराने की अवधि को बढ़ा दिया है। इसकी वजह है कि ज्यादातर लोगों ने अभी तक इसे लिंक नहीं कराया है। अब सरकार ने 15 आसान स्टेप जारी किये हैंजिनेक माध्यम से लिंक करा सकते हैं। इसके लिये उपभोक्ता को 14546 नंबर डायल करना है। मोबाइल-आधार लिंकिंग को आसान बनाने के लिये इंटरेक्टिव वॉइस रिस्पॉन्स (आईवीआर) सर्विस के लिये यह नंबर लॉन्च भी किया है।

    उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड नंबर ने 14546 पर कॉल करें। ध्यान रहे वही नंबरजो उसके आधार कार्ड से लिंक हो। आईवीआर उपभोक्ता के भारतीय राष्ट्रीयता या एनआरआई होने की जानकारी मांगेगा। सही विकल्प का चुनाव करें। भारतीय नागरिकों को एक प्रेस करना होगाजबकि एनआरआई प्रेस करें। इसके बाद मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को आधार कार्ड नंबर को साझा करने की सहमति मांगी जायेगी। अपनी सहमति के लिये एक का विकल्प चुनें। इतना करने के बाद उपभोक्ता को 12 डिजिट वाला आधार नंबर शेयर करना होगा। आईवीआर उपभोक्ता को आधार नंबर को रिपीट करना होगा। पुष्टि के लिये एक दबायें और रि-एंटर करने के लिये दबायें। अगर नंबंर सही हैतो उपभोक्ता एक एंटर कर ओटीपी जेनरेट कर सकते हैं। आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर उपभोक्ता को ओटीपी मिलेगा। आधार-री-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिये डिजिट वाला ओटीपी एंटर करें। उपभोक्ता से आधार नंबर से लिंक होने वाले मोबाइल नंबरों के बारे में पूछा जायेगा। जिन यूजर्स के पास आधार कार्ड से लिंक करने के लिये एक से ज्यादा मोबाइल नंबर हैं उन्हें दबाना होगा। एक बार फिर उपभोक्ता के पास ओटीपी आयेगा। टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के साथ अपना आधार नंबर साझा करउपभोक्ता को कंपनी के साथ अपना नामजेंडरएड्रेस और जन्मतिथि जैसी जानकारियां साझा करनी होंगी। आधार कार्ड के साथ मोबाइल नंबर को री-वेरिफाई करने के लिये यहां उपभोक्ता के हस्ताक्षर का काम ओटीपी करेगा।
    एक बार ऐसा करने के बादउपभोक्ता को एक एसएमएस मिलेगाजिसमें उपभोक्ता के आधार री-वेरिफिकेशन प्रक्रिया से सफलतापूर्वक स्वीकारने की बात होगी। इस पूरी प्रोसेस के करीब 28 घंटे बाद उपभोक्ता की पुष्टि के लिये एक एसएमएस भी आयेगा।
क्रमांक/244/774/राठौर/विजय
प्रदेश में खनिज खण्ड ई-नीलामी के लिये तैयार

खनिज संसाधन का मूल्य 65 हजार करोड़ रुपये निर्धारित

इंदौर, 25 मार्च 2018
      मध्यप्रदेश में खनिज भण्डारों की खोज कर उन्हें खनि-रियायतों के नियमों के अंतर्गत खदानें स्वीकृत की जा रही हैंताकि खनिज आधारित उद्योग की स्थापना के साथ-साथ खनिजों का मूल्य संवर्धन सुनिश्चित हो सके तथा इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित हो सकें।
    खनिज साधन विभाग ने इस वर्ष खनिज खण्डों को ई-नीलामी से देने के लिये तैयार किया गया है। इनका मूल्य करीब 65 हजार करोड़ रुपये है। इन खनिज खण्डों में छतरपुर जिले की एक हीरा खनिजसतना जिले की दो चूना-पत्थर खनिजधार जिले की एक चूना-पत्थर खनिजरीवा जिले का एक बॉक्साइड खनिजजबलपुर जिले का एक आयरन खनिजदमोह जिले के दो चूना-पत्थर खनिज और बैतूल जिले के एक ग्रेफाइट खनिज ब्लॉक शामिल हैं। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण की स्टेट यूनिटभोपाल ने अतिरिक्त जी-श्रेणी के खनिज खण्ड विभाग को प्रस्तावित किये हैं। इनका परीक्षण किया जा रहा है। इसे भी नीलामी की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
    खनिज साधन विभाग ने सतना जिले में तीन चूना-पत्थर खनिज खण्डों का जी-स्तर पर एनएमईटी फण्ड से एमईसीएल के माध्यम से अन्वेषण कार्य पूर्ण करवाया है। इसमें लगभग 550 मिलियन टन चूना-पत्थर होने का आकलन किया गया है। इसके अलावाखनिज विभाग द्वारा धार और नीमच में दो चूना-पत्थर खनिज खण्डों में जी-स्तर के अन्वेषण का कार्य मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम के माध्यम से करवाया जा रहा है। इन दो खनिज खण्डों को भी आगामी नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
क्रमांक/243/773/राठौर/विजय

घरों में ग्रिड संयोजित कर सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की जा सकती है 

इंदौर, 25 मार्च 2018
            अक्षय ऊर्जा विभाग द्वारा घरों में ग्रिड संयोजित कर सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना की जाती है। इस योजना के तहत योजना लागत का 30 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा दिया जाता है। सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने पर पांच वर्ष के नि:शुल्क रख-रखाव की गारंटी भी दी जाती है।
         घरों में ग्रिड संयोजित करने के लिये सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना हेतु एक से चार किलोवॉट तक की संयंत्र क्षमता के प्लांट की लागत 76 हजार 629 रूपये प्रति किलोवॉट है। इसमें से 55 हजार 629 रूपये हितग्राही को प्रति किलोवॉट के मान से देना होंगे। इसी तरह चार से अधिक एवं 10 किलोवॉट तक के संयंत्र की स्थापना की लागत 70 हजार 350 रूपये प्रति किलोवॉट है। इसमें हितग्राही को 49 हजार 350 रूपये प्रति किलोवॉट अंशदान करना होगा। घरों में ग्रिड से संयोजित होने वाले सोलर पॉवर प्लांट का संचालन नेट मीटरिंग पर होता है। इसमें औसत 108 विद्युत युनिट्स प्रतिमाह प्रति किलोवॉट उत्पादन की गारंटी रहती है। प्रति किलोवॉट के लिये 100 वर्गफीट छत की आवश्यकता होती है। मध्यम वर्ग के घरों हेतु संयंत्र क्षमता दो किलोवॉट निर्धारित है। इस योजना के तहत सभी शासकीय और शैक्षणिकचिकित्साधार्मिकसेवार्थ आदि संस्थानों को भी अंशदान की पात्रता होगी। सोलर पॉवर प्लांट को होमलोन की दरों पर बैंक से फायनेंस भी कराया जा सकता है।
         अनुबंधित स्थापना इकाई - घरों में ग्रिड संयोजित सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना के लिये एक से चार किलोवॉट हेतु अनुबंधित स्थापना इकाई उजास एनर्जी लिमिटेड इन्दौर मोबाइल नम्बर 8226005157, शक्ति पम्प्स इण्डिया लिमिटेड मोबाइल नम्बर 9300001095 तथा डीके इलेक्ट्रिकल्स इण्डस्ट्रीज जबलपुर मोबाइल नम्बर 9826112082 है। इसी तरह चार से अधिक एवं 10 किलोवॉट तक के संयंत्र के लिये अनुबंधित स्थापना इकाई इंफिनिटी एनर्जी सॉल्यूशंस प्रा.लि. उज्जैन मोबाइल नम्बर 9424085757, उजास एनर्जी लिमिटेड इन्दौर मोबाइल नम्बर 8226005157, सोलेक्स एनर्जी प्रा.लि. अहमदाबाद मोबाइल नम्बर9825328298 है।
क्रमांक/242/772/राठौर/विजय

अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि 27 अप्रैल तक बढ़ाने की मंजूरी

शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण यथावत मंत्रि-परिषद के निर्णय 

इंदौर, 25 मार्च 2018
       मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में भोपाल में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा खरीफ 2017 में वितरित अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि 28 मार्च 2018 से बढ़ाकर 27 अप्रैल 2018 करने की मंजूरी दी गई।
    मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2017-18 में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण देने की वर्तमान योजना के तहत सहकारी बैंकों के लिए बेस रेट पूर्व वर्षो की भांति 11 प्रतिशत यथावत रखने का निर्णय लिया।  
    मंत्रि-परिषद ने उच्च न्यायालय के ऐसे कर्मचारीगणजो 3600 रूपये ग्रेड-पे के नीचे की ग्रेड-पे पर कार्य कर रहें हैंउन्हें एक अप्रैल 2003 से एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि और3600 ग्रेड-पे प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने की मंजूरी दी।
क्रमांक/241/771/राठौर/विजय

चनामसूरसरसों की खरीदी समर्थन मूल्य पर होगी

लहसुनप्याज की खरीदी भावांतर भुगतान में होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन 31 मार्च तक 

इंदौर, 25 मार्च 2018      
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में लहसुन और प्याज की खरीदी की जाएगीजबकि  चनामसूर और सरसों की उपज भारत सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी।
    भोपाल मंत्रालय में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार  मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए इसे देश के लिए लागू करने पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पर विचार करने के लिए  गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन किया है। यह ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स भावांतर भुगतान योजना पर चर्चा कर इसे पूरे देश के लिए लागू करने का निर्णय लेगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इसलिए तय किया गया है कि चनामसूर और सरसों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। लहसुन और प्याज की खरीदी भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे के बावजूद इन फसलों का प्रदेश में बंपर उत्पादन हुआ है। राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    जिन किसानों ने भावान्तर भुगतान योजना में चनासरसों और मसूर की फसलों के लिए  अपना पंजीयन कराया हैउनका पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए वैध रहेगा। जो किसान पंजीयन कराने से छूट गए हैंवे 31 मार्च तक अपना पंजीयन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए करवा सकते हैं।  सरकार  समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4400 रूपये प्रति क्विंटलमसूर का 4250 रूपये प्रति क्विंटल और सरसों का4000/- रूपये प्रति क्विंटल तय किया है।
क्रमांक/240/770/राठौर/विजय

बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए संयुक्त अभियान चलाएँ

-राज्यपाल श्रीमती पटेल

राज्यपाल ने जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की 

इंदौर, 25 मार्च 2018 
     श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को राजभवन में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जनजातीय वर्ग के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलायें। अभियान के दौरान सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाये। उन्होंने कहा कि जब सभी विभाग इस अभियान से जुड़ेंगेतभी हमारे प्रदेश से कुपोषण खत्म हो सकेगा। राज्यपाल ने कहा कि इसके लिए विशेष शिविर लगाये जायेंशिविरों में माता-पिता के सामने बच्चों-बच्चियों का स्वास्थ परिक्षण करवाया जाये और उन्हें बच्चों की कमजोरी दूर करने के उपाय तथा दवाओं के बारे में बताया जाये।
    राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि का सदुपयोग हो तथा उसका लाभ जनजातीय वर्ग के लोगों तक समय पर पहुंचेइस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा तथा संस्कार दें और उन्हे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इन वर्गों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को औद्योगिक संस्थानों और कम्पनियों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण दिलवाया जाये। इस वर्ग के छात्र-छात्राओं को अन्य विषयों के साथ विज्ञान विषय में भी रूचि लेने के लिये प्रेरित किया जाये। हर ब्लाक में कम से कम 20 प्रतिशत बच्चों को विज्ञान विषय में प्रवेश दिलाने के प्रयास किये जायें। छात्र-छात्राओं को विभिन्न ज्ञानवर्धक स्थलों का भ्रमण भी करवाया जाये । भ्रमण के बाद बच्चों से उनके अनुभव पर आधारित लेख लिखवाएं जाये। इससे बच्चों में आत्म-विश्वास बढ़ेगा।
    राज्यपाल ने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा एक स्थान पर करवाई जाये। मेरिट के आधार पर शिक्षकों की पोस्टिंग करें। शिक्षकों को ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रहने के लिए आवास भी उपलब्ध करवाये जायें।
    प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री एस. एन. मिश्रा ने राज्यपाल को विभाग की गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. एम मोहन राव और विभागायुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक/239/769/राठौर/विजय