Saturday, 28 April 2018

मंगल दिवस कार्यक्रम का आयोजन जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में करने के निर्देश
इंदौर 28 अप्रैल 2018
     मंगल दिवस कार्यक्रम का आयोजन अनिवार्यत: जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ही किया जाये तथा जन प्रतिनिधियों के उपस्थित नहीं होने की स्थिति में स्थानीय सामाजिक प्रबुद्ध नागरिकों को मंगल दिवस कार्यक्रम में बुलाया जाये एवं उनके आतिथ्य में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाये।
    उक्त निर्देश संभागीय संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग श्री राजेश मेहरा द्वारा जिलाधिकारियों को ‍दिये गये हैं।
    संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा परदेशीपुरा क्षेत्र की आँगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले मंगल दिवसों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता संबंधी मंगल दिवस पंजियों का अवलोकन किया गया तथा अवलोकन में यह पाया गया कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जनप्रतिनिधियों को  न बुला करके स्वयं द्वारा ही मंगल दिवस कार्यक्रमों अन्तर्गत हितग्राहियों को हित लाभ दिया जा रहा था, जबकि विभागीय मंशा इन कार्यक्रमों से समुदाय व जनप्रतिनिधियों को जोड़ने की है।
    आँगनवाड़ी केन्द्रों में शासन मंशानुरूप जनप्रतिनिधियों की सहभागिता नहीं पाये जाने पर संभागीय संयुक्त संचालक ने अधीनस्थों को निर्देश दिये हैं कि वे अनिवार्यत: स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति व आतिथ्य में ही मंगल दिवसों का आयोजन करें।
    उल्लेखनीय है कि माह के प्रथम सप्ताह में गोद भराई कार्यक्रम, द्वितीय मंगलवार को अन्न प्राशन, तृतीय मंगलवार को जन्म दिवस व चतुर्थ मंगलवार को किशोरी बालिका मंगल दिवस का आयोजन आँगनवाड़ी केन्द्रों पर किया जाता है।
आज राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी और राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सागर विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और उन्होंने भी मेधावी विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान किया। 

"मध्यप्रदेश सिर्फ भौगोलिक दृष्टि से ही देश का हृदय प्रदेश नहीं है, बल्कि यहाँ की संस्कृति, परम्परा, राजनीतिक चेतना सहित शिक्षा के प्रकाश के चलते ये देश की धड़कन है। सागर विश्वविद्यालय डॉ. हरिसिंह गौर की तपस्या का प्रतिफल है, उन्होंने अपनी मेधा से जहाँ देश के विभिन्न पदों को सुशोभित किया, वहीं अपनी सारी जमा पूंजी से इस विवि का निर्माण कर देश को मेधावी विद्यार्थी देते रहने का मार्ग बनाया। सही मायने में आधुनिक सोच वह है जिसमें कमजोर वर्गों के कल्याण का विशेष ध्यान रखा जाए। इसी सोच के साथ मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जनकल्याण की अनेकों योजनाएं बनाई हैं। प्रसन्नता की बात है कि आज यहां जिन मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए गए हैं, उनमें बालिकाओं की संख्या अधिक है।"
- श्री रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति
"औपचारिक रूप से शिक्षा एक दिन समाप्त हो जाती है किन्तु सीखने की प्रक्रिया जीवनपर्यंत सतत चलती रहती है। अतः हमें निष्ठा, सत्यता और प्रतिबद्धता के साथ अर्जित ज्ञान को सदकार्यों में उपयोग करना चाहिए। विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का सदुपयोग देश के विकास में करें।"
- श्रीमती आनंदीबेन पटेल, राज्यपाल
"सीखना कभी समाप्त नहीं होता, और जो ज्ञान आपने प्राप्त किया है इसका प्रयोग आप राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए करें। मेधावी विद्यार्थी जिस भी क्षेत्र में जाएं अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। आपने जो ज्ञान प्राप्त किया है, उसका उपयोग केवल अपने लिए नहीं; बल्कि देश और दुनिया के उत्थान के लिए हो।"
- शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री
लोकसभा स्पीकर द्वारा जिले में जल संवर्धन, सिंचाई रकबा बढ़ाने और पेयजल उपलब्धता के सख्त निर्देश
जिले में डिजीटल इंडिया मुहिम को मूर्त रूप दिया जाये - स्पीकर श्रीमती महाजन
इंदौर 28 अप्रैल 2018
    क्षेत्रीय सांसद एवं लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन की अध्यक्षता में आज रेसीडेंसी सभाकक्ष में कृषि, उद्यानिकी, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल संसाधन आदि विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक को सम्बोधित करते हुए लोकसभा स्पीकर श्रीमती महाजन ने कहा कि जिले में बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए जल संरक्षण और जल संवर्धन जरूरी है। गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में तालाबों की साफ-सफाई और गहरीकरण किया जाये। जिले में लगभग चार सौ तालाब हैं, जिनका गहरीकरण और साफ-सफाई जरूरी है।
    उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में डिजीटल प्रशिक्षण जरूरी है। कम से कम हर ग्राम पंचायत में पाँच सौ लोगों को डिजीटल साक्षर बनाया जाये। पूरे जिले में कम से कम पाँच हजार लोगों को डिजीटल साक्षर बनाया जाये। आगामी मई-जून महिने में स्कूल-कॉलेजों की छुट्टियों को देखते हुए डिजीटल प्रशिक्षण मुहिम उचित होगा। प्रशिक्षण देने वाले को तीन सौ रूपये प्रतिव्यक्ति मानदेय मिलेगा। प्रधानमंत्री के डिजीटल इंडिया सपने का हमें साकार करना है। इसी योजना के तहत जिले में कई गाँव कैशलैस भी हो गये हैं।
    बैठक को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री निशान्त वरवड़े ने कहा कि जिला अस्पताल, खजराना और हातोद में 100 बेडेड अस्पताल बनना प्रस्तावित है। सारी समस्याओं का निराकरण करते हुए आगामी 15 मई से पूर्व 30 बेडेड मांगीलाल चूरिया अस्पताल का भूमिपूजन किया जायेगा। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना जरूरी है। इन्दौर बहुत बड़ा सेन्टर पाइंट है। यहाँ आसपास के जिलों में रोगी भी इलाज करवाने आते हैं।
    इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया ने बताया कि इन्दौर जिले में पिछले दो वर्षों में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 235 तालाबों का गहरीकरण किया गया है। इस वर्ष 38 और तालाबों का गहरीकरण किया जायेगा। इन तालाबों में पाल और वेस्टवीयर भी बनाये जाएंगे। इन तालाबों का पानी पेयजल और सिंचाई तथा मछली पालन के उपयोग में लिया जा रहा है।
    बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर नगर से सटे हुए 27 तालाबों के गहरीकरण, साफ-सफाई, वाच टावर, वायर फेंसिंग आदि का काम आगामी मई-जून में कर लिया जायेगा। बिलावली तालाब के गहरीकरण पर 10 करोड़ और निपानिया तालाब में 49 लाख खर्च होंगे।
बैठक में बताया गया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा इन्दौर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 961 बसाहटों में 7 हजार 777 हैंण्डपम्प लगाये गये हैं। इन्दौर जिले में 24 नलजल योजनाएँ भी चल रही है। 16 नई नलजल योजनाओं का लाभ अगले 6 महिने में पूरा कर लिया जायेगा। 110 बन्द नल जल योजनाओं को पुन: चालू कर दिया गया है।
    बैठक में बताया गया कि कृषि विभाग द्वारा इन्दौर जिले में सिंचाई रकबा बढ़ाने के लिये आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिसके तहत खेत तालाब, पुराने तालाबों का गहरीकरण, ड्रिप इरिगेशन, स्प्रींकुलर सिस्टम, भूमि सुधार, वृक्षारोपण और मेड़ बंधान का काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत 2021 तक यह अभियान चलाया जायेगा। जिले में ड्रिप इरिगेशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। स्प्रींकुलर सिस्टम खरीदने के लिये बड़े किसानों को 45 प्रतिशत, छोटे किसानों को 55 प्रतिशत और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के किसानों को 65 प्रतिशत अनुदान भी दिया जा रहा है। जिले में अभी तक 515 किसानों ने स्प्रींकुलर सिस्टम अभी तक लगाया है। इन्दौर जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा फलोद्यान और सब्जी भाजी खेती को बढ़ावा देने के लिये तेजी से काम हो रहा है। इन्दौर जिले में उद्यानिकी हब बनाया गया है। किसानों को फल और सब्जी लगाने, दुग्ध उत्पादन, मछली उत्पादन और फूल उत्पादन के लिये प्रेरित किया जा रहा है। 296 किसानों ने जिले में आम, अमरूद और जामुन के बगीचे लगाये हैं।
    इस अवसर पर बैठक में महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, आईडीए अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री राजेश सोनकर के अलावा जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति के सदस्यगण और बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
जल संसद का आयोजन 30  अप्रैल को
इंदौर 28 अप्रैल 2018
    सूखती नदियों को बचाने और जन जागरुकता के लिए "जल संसद कार्यक्रम" का आयोजन समूचे प्रदेश में किया जाएगा। इंदौर जिले में भीविकासखंडों में यह आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने जल संसद कार्यक्रम के आयोजन के लिए जन अभियान परिषद को नोडल नियुक्त किया है। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री नवनीत रत्नाकर से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर जिले में ग्राम उज्जैनी में नर्मदा क्षिप्रा संगम स्थल तथा विकासखंड महू के ग्राम यशवंत नगर, विकासखंड सांवेर के ग्राम कटक्या और विकासखंड देपालपुर के ग्राम बनेड़िया में जल संसद का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 30 अप्रैल को प्रातः 11 बजे से किया जाएगा। जल संसद के आयोजन के पीछे उद्देश्य जिले की नदियों को पुनर्जीवित करना है।    
    जन अभियान परिषद और जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों से इस आयोजन में सहभागिता का अनुरोध किया है। जल संसद के आयोजन के दौरान प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम ग्राम ईंटखेड़ी छाप विकासखंड फंदा जिला भोपाल में कोलास नदी के तट पर भी होगा। यहां मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान पूरे प्रदेश को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी जिले के उपरोक्त स्थानों पर किया जाएगा।
महिला स्वास्थ्य शिविरों का होगा आयोजन
गरीब जच्चा-बच्चा का किया जायेगा टीकाकरण
इंदौर 28 अप्रेल, 2018
      स्वास्थ्य विभाग द्वारा इंदौर जिले में महिला स्वास्थ्य शिविर की गतिविधियाँ योजना अनुसार विभिन्न चरणों में आयोजित की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि महिला स्वास्थ्य शिविर मुख्य रूप से इस अवधारणा पर आधारित है कि किशोरियों, गर्भवती माताओं तथा अन्य महिलाओं का यदि समय रहते बीमारियों का चिन्हांकन एवं उपचार कर लिया जाये तो मातृ मृत्यु दर में प्रभावी रूप से कमी लायी जा सकती है। इंदौर जिले में यह शिविर ग्रामीण क्षेत्र तथा शहरी मलीन बस्तियों के लिए आयोजित किये जा रहे हैं। ग्रामीण एवं शहरी मलीन बस्तियों की आबादी लगभग 19 लाख 89 हजार 283 है। इसमें गर्भवती माताओं की संख्या लगभग 17 हजार 904, अन्य महिलाएं 54 हजार 606 तथा किशोरियों की संख्या 35 हजार 2 है। य‍ह शिविर तीन स्तरों पर आयोजित किये जाएंगे। 20 मई 2018 तक सामुदायिक स्तर पर हितग्राहियों का चिन्हांकन किया जायेगा तथा चिन्हित हितग्राहियों को 21 मई से 31 मई 2018 तक विकासखण्ड स्तरीय तथा झोन स्तरीय शिविरों में सेवा प्रदान की जायेगी। इसके पश्चात एक जून से रोशनी क्लिनिक में जिला अस्पताल में विकासखण्ड तथा झोन से चिन्हित महिला हितग्राहियों का उपचार किया जायेगा। जिसमें मुख्य रूप से एनीमिया, अति जोखिम वाली माताएं, उक्त रक्तचाप, मधुमेह, बांझपन, कैंसर जैसे बीमारियाँ प्रमुख हैं।
      मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अब तक 3 हजार 250 गर्भवती माता, 2 हजार 994 किशोरियों, 7 हजार 1 अन्य बीमारियों से ग्रसित महिलाओं की सामुदायिक स्तर पर जाँच की गई। जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को गंभीर बीमारियों से बचाते हुए समय पर नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध करवाना है। इसमें मुख्य रूप से बांझपन से पीड़ित महिलाओं का भी इलाज किया जायेगा। समुदाय से आग्रह किया गया है कि वह अधिक से अधिक इन शिविरों में उपस्थित होकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेवें, ताकि एक स्वस्थ समाज की ओर अग्रसर हों।