आत्म-सन्तुष्टि एवं सम्मान के लिए विद्यादान करें- कमिश्नर श्री दुबे
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कार्यकर्ताओं का ऑनलाइन पंजीयन जारी
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इंदौर जिले में 345 कार्यकर्ताओं ने कराया ऑनलाइन पंजीयन
इंदौर 25 जुलाई 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे ने आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में विद्यादान कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए कहा कि विद्यादान कार्यकर्ता आत्म-सन्तुष्टि और सम्मान के लिए विद्यादान करें। शासकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के सुधार के लिए विद्यादान योजना लागू की गई हैं। इस योजना के तहत विद्यादान कार्यकर्ता अधिकाधिक पंजीयन करायें तथा शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने में अपना अमूल्य योगदान दें। विद्यादान योजना में गरीब बच्चों को पढ़ायें। यह एक नि:शुल्क समाजसेवी कार्य है, और यह योजना पूरी तरह पेपरलेस है। कार्यकर्ताओं को 50 घंटे पढ़ाने के बाद ऑनलाइन प्रमाण-पत्र जारी किया जायेगा। इस योजना के तहत इंदौर जिले में पिछले 3 साल में 2500 से अधिक कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाएं दी हैं। इस योजना के तहत 345 कार्यकर्ताओं ने इस शिक्षा सत्र के लिए पंजीयन करा लिया हैं।
कमिश्नर श्री दुबे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अपनी रुचि अनुसार सप्ताह में सिर्फ दो घंटे पढ़ाना है। समय, विषय और स्कूल कार्यकर्ताओं को स्वयं तय करना है। वैसे तो सभी विषय महत्वपूर्ण हैं, मगर गणित, अंग्रेजी और हिन्दी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शासकीय स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के मामले में निश्चित रूप से समस्याएं हो सकती हैं, मगर हमें समर्पित भाव से काम करना है। सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। सभी कार्यकर्ता काम करने के लिये तत्पर रहें और उन्होंने जो विद्यार्थी जीवन में समाज से हासिल किया है, अब उन्हें वापस करने का समय आ गया है। कार्यकर्ता अपने सामाजिक दायित्व से बच नहीं सकते। कार्यकर्ताओं की सुविधा अनुसार स्कूल के समय में परिवर्तन नहीं किया जायेगा। कार्यकर्ता जिस समय अध्यापन करेंगे, उस समय संबंधित स्कूल के शिक्षक भी उपस्थित रहेंगे। स्कूल में पाठ¬क्रम पूरा करना संबंधित शिक्षक का दायित्व होगा। विद्यादान योजना से शैक्षणिक स्तर कितना ऊंचा हुआ, यह मूल्यांकन करना हेड मास्टर का काम है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक स्वयं सदैव विद्यार्थी होता है। विद्यादान योजना से कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन कुछ न कुछ नया सीखने को मिलेगा। विद्याधन एक ऐसा धन है, जो खर्च करने पर सदैव बढ़ता जाता है। शासकीय स्कूलों में भवन, फर्नीचर, किताब आदि की भी समस्याएं हो सकती हैं। समाज के सबसे गरीब वर्ग के लोग शासकीय स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। कोई भी विद्यादान कार्यकर्ता अपने दो घंटे के अध्यापन काल में प्रथम पन्द्रह मिनट पिछले पुनस्र्मरण पर उसके बाद एक घंटे विषय अध्यापन पर और अंतिम 45 मिनट उसी दिन पढ़ाये गये विषय का पुनस्र्मरण करें। उन्होंने बताया कि एक समय, एक दिन में उसी स्कूल में सिर्फ एक विद्यादान कार्यकर्ता ही अध्यापन कार्य कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि वाट्सअप, फेसबुक और ट्विटर के इस युग में विद्यादान कार्यकर्ता अपने फोटो और विचार भी वाट्सअप, फेसबुक और www.vidhyadaan.com पर शेयर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो पढ़ाने के लिये इच्छुक है, वह इस विद्यादान वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन घर बैठे कर सकता है। इस अवसर पर बडी संख्या में विद्यादान कार्यकर्ता मौजूद थे।
सिंह/गरिमा