जीएसटी पर रवीन्द्र नाट¬गृह में कार्यशाला सम्पन्न
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जीएसटी से पूरे देश में करों के मामले में एकरूपता आएगी
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जीएसटी लागू होने पर संस्थाओं को नये सिरे से कराना होगा पंजीयन
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पंजीयन कराने वाले को अनिवार्य रूप से रिटर्न फाइल करना होगा
इन्दौर, 27 मई 2017
रवीन्द्र नाट¬गृह में शनिवार को वाणिज्यिक कर विभाग के तत्वावधान में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वाणिज्यिक कर विभाग, सेंट्रल एक्साइज के अधिकारीगणों के अलावा सम्भाग के जिलों के जिला कार्यालय प्रमुख भी मौजूद थे। कार्यशाला में मुख्य वक्ता जीएसटी काउंसिल नईदिल्ली के कमिश्नर श्री उपेन्द्र गुप्ता थे। आयुक्त वाणिज्यिक कर विभाग श्री राघवेन्द्र सिंह, सेंट्रल एक्साइज भोपाल के मुख्य आयुक्त श्री हेमंत भट्ट, इन्दौर के प्रमुख आयुक्त श्री एस.एल. मीणा के अलावा उज्जैन व रायपुर के सेंट्रल एक्साइज के आयुक्तगण विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
कार्यशाला में उपस्थित मुख्य वक्ता श्री उपेन्द्र गुप्ता ने जीएसटी की पृष्ठभूमि के साथ ही जीएसटी का देश की अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभाव व फायदों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जीएसटी को लागू करने में दस साल लग गये। इसके प्रावधानों को तैयार करने के लिये 30 समितियाँ गठित की गई तथा 175 मीटिंग आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद केन्द्र व राज्यों द्वारा लागू सभी अप्रत्यक्ष कर समाप्त हो जाएंगे और केवल एक कर जीएसटी लागू होगा। इससे अप्रत्यक्ष करों के मामले में पूरे देश में एकरूपता आएगी। उन्होंने जीएसटी की विशेषताओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की तथा जीएसटी के प्रावधानों व नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीएसटी में सीजीएसटी, एसजीएसटी, आईजीएसटी तथा यूटीजीएसटी के प्रावधान है। आईजीएसटी मॉडल ऐसा मॉडल है जो केवल भारत में ही लागू होता है। विश्व के अन्य देशों में कहीं नहीं है। उन्होंने बताया कि जीएसटी के तहत करों के चार स्लैब 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत व 28 प्रतिशत तय किये गये हैं, जो अलग-अलग वस्तुओं पर अलग दर से लागू हैं। उन्होंने बताया कि देश में एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू किया जायेगा।
श्री गुप्ता ने बताया कि पुराने अप्रत्यक्ष कर समाप्त होने तथा जीएसटी के नये प्रावधान लागू होने से संस्थाओं को नये सिरे से पंजीयन कराना होगा। यह पंजीयन पैन आधारित होगा। एक राज्य में एक ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उन्होंने कन्सेप्ट ऑफ सप्लाई, कम्पोजिशन स्कीम, टाइम ऑफ सप्लाई, वेल्यूवेशन, इन्पुट टैक्स क्रेडिट, इनवाइस, डेबिट/क्रेडिट नोट्स, रिटर्न, टैक्स भुगतान की प्रक्रिया, टीडीएस, रिफण्ड, डिमाण्ड एवं रिकव्हरी, अपील व रिवीजन तथा दण्ड संबंधी प्रावधानों व नियमों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जीएसटी में पंजीयन कराने वाली संस्थाओं को रिटर्न अनिवार्य रूप से भरना होंगे। रिटर्न माह की 20 तारीख तक फाइल करना होगा। विभागीय अधिकारियों को टीडीएस के प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया।
कार्यशाला के प्रारंभ में वाणिज्यिक कर विभाग के आयुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया। सेंट्रल एक्साइज भोपाल के मुख्य आयुक्त श्री हेमंत भट्ट व प्रमुख आयुक्त इन्दौर श्री एस.एल. मीणा ने भी जीएसटी के संबंध में अपने विचार रखे और कहा कि जीएसटी को लेकर लोगों में विभिन्न प्रकार की शंका व चिंताएं हैं। खुशी की बात यह है कि जीएसटी को मूर्त रूप देने वाले हमारे बीच में है और वे हमें जीएसटी के बारे में मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों से जीएसटी से संबंधित प्रावधानों को समझने तथा शंकाओं को दूर कर लेने का अनुरोध किया। कार्यशाला के अन्त में आयुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा आशा व्यक्त की कि आज की यह कार्यशाला अधिकारियों के लिये मील का पत्थर साबित होगी।
/भदौरिया
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जीएसटी से पूरे देश में करों के मामले में एकरूपता आएगी
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जीएसटी लागू होने पर संस्थाओं को नये सिरे से कराना होगा पंजीयन
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पंजीयन कराने वाले को अनिवार्य रूप से रिटर्न फाइल करना होगा
इन्दौर, 27 मई 2017
रवीन्द्र नाट¬गृह में शनिवार को वाणिज्यिक कर विभाग के तत्वावधान में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वाणिज्यिक कर विभाग, सेंट्रल एक्साइज के अधिकारीगणों के अलावा सम्भाग के जिलों के जिला कार्यालय प्रमुख भी मौजूद थे। कार्यशाला में मुख्य वक्ता जीएसटी काउंसिल नईदिल्ली के कमिश्नर श्री उपेन्द्र गुप्ता थे। आयुक्त वाणिज्यिक कर विभाग श्री राघवेन्द्र सिंह, सेंट्रल एक्साइज भोपाल के मुख्य आयुक्त श्री हेमंत भट्ट, इन्दौर के प्रमुख आयुक्त श्री एस.एल. मीणा के अलावा उज्जैन व रायपुर के सेंट्रल एक्साइज के आयुक्तगण विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
कार्यशाला में उपस्थित मुख्य वक्ता श्री उपेन्द्र गुप्ता ने जीएसटी की पृष्ठभूमि के साथ ही जीएसटी का देश की अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभाव व फायदों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जीएसटी को लागू करने में दस साल लग गये। इसके प्रावधानों को तैयार करने के लिये 30 समितियाँ गठित की गई तथा 175 मीटिंग आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद केन्द्र व राज्यों द्वारा लागू सभी अप्रत्यक्ष कर समाप्त हो जाएंगे और केवल एक कर जीएसटी लागू होगा। इससे अप्रत्यक्ष करों के मामले में पूरे देश में एकरूपता आएगी। उन्होंने जीएसटी की विशेषताओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की तथा जीएसटी के प्रावधानों व नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीएसटी में सीजीएसटी, एसजीएसटी, आईजीएसटी तथा यूटीजीएसटी के प्रावधान है। आईजीएसटी मॉडल ऐसा मॉडल है जो केवल भारत में ही लागू होता है। विश्व के अन्य देशों में कहीं नहीं है। उन्होंने बताया कि जीएसटी के तहत करों के चार स्लैब 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत व 28 प्रतिशत तय किये गये हैं, जो अलग-अलग वस्तुओं पर अलग दर से लागू हैं। उन्होंने बताया कि देश में एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू किया जायेगा।
श्री गुप्ता ने बताया कि पुराने अप्रत्यक्ष कर समाप्त होने तथा जीएसटी के नये प्रावधान लागू होने से संस्थाओं को नये सिरे से पंजीयन कराना होगा। यह पंजीयन पैन आधारित होगा। एक राज्य में एक ही रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उन्होंने कन्सेप्ट ऑफ सप्लाई, कम्पोजिशन स्कीम, टाइम ऑफ सप्लाई, वेल्यूवेशन, इन्पुट टैक्स क्रेडिट, इनवाइस, डेबिट/क्रेडिट नोट्स, रिटर्न, टैक्स भुगतान की प्रक्रिया, टीडीएस, रिफण्ड, डिमाण्ड एवं रिकव्हरी, अपील व रिवीजन तथा दण्ड संबंधी प्रावधानों व नियमों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जीएसटी में पंजीयन कराने वाली संस्थाओं को रिटर्न अनिवार्य रूप से भरना होंगे। रिटर्न माह की 20 तारीख तक फाइल करना होगा। विभागीय अधिकारियों को टीडीएस के प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया।
कार्यशाला के प्रारंभ में वाणिज्यिक कर विभाग के आयुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह ने स्वागत उदबोधन दिया। सेंट्रल एक्साइज भोपाल के मुख्य आयुक्त श्री हेमंत भट्ट व प्रमुख आयुक्त इन्दौर श्री एस.एल. मीणा ने भी जीएसटी के संबंध में अपने विचार रखे और कहा कि जीएसटी को लेकर लोगों में विभिन्न प्रकार की शंका व चिंताएं हैं। खुशी की बात यह है कि जीएसटी को मूर्त रूप देने वाले हमारे बीच में है और वे हमें जीएसटी के बारे में मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों से जीएसटी से संबंधित प्रावधानों को समझने तथा शंकाओं को दूर कर लेने का अनुरोध किया। कार्यशाला के अन्त में आयुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा आशा व्यक्त की कि आज की यह कार्यशाला अधिकारियों के लिये मील का पत्थर साबित होगी।
/भदौरिया