Friday, 13 April 2018

एक मई से सभी जिलों में होंगी विकास यात्राएं : मुख्यमंत्री श्री चौहान
किसानों के खातों में भुगतान राशि तत्काल ट्रांसफर होगी
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिये गेहूं और अन्य फसलों के उपार्जन संबंधी निर्देश 
इंदौर 13 अप्रैल 2018
         मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गेहूँचनासरसों और मसूर की तत्काल खरीदी करने और किसानों के खातों में भुगतान राशि अविलम्ब जमा कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होना चाहिए। उन्हें खरीदी केंद्र तक जाने के लिए ज्यादा दूरी तय नहीं करना पड़े। यदि आवश्यक होतो खरीदी केन्द्रों की संख्या भी बढायें। श्री चौहान आज मंत्रालय भोपाल में संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे।
         श्री चौहान ने मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना को किसानों के लिये ऐतिहासिक योजना बताते हुए कहा कि सात लाख से ज्यादा गेंहू उत्पादक  किसानों और2.82 लाख धान उत्पादक किसानों के खातों में 1700 करोड़ रूपये से ज्यादा राशि दी जायेगी। यह राशि पिछले साल समर्थन मूल्य पर खरीदे गये 67 लाख 21 हजार मीट्रिक टन गेहूँ पर 200 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त रूप से दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में यह ऐतिहासिक निर्णय है। अतिरिक्त राशि वितरण की शुरूआत 16 अप्रैल को शाजापुर जिले से होगी। इस कार्यक्रम की सभी जिलों की मंडियों में देखने के लिये सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई है। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के लिये इस दिन उत्सव का माहौल होगा। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा अवसर आ रहा है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार धान उत्पादक किसानों को 200 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि के भुगतान का वितरण बालाघाट जिले के वारासिवनी से 15 अप्रैल को होगा। करीब 72 हजार धान उत्पादक किसानों को 57 करोड़ 87 लाख रूपये से ज्यादा का भुगतान किया जायेगा।
         मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चनासरसों और मसूर की खरीदी पर भी मुख्यमंत्री किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत 100 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि दी जायेगी। इसी प्रकार इस वर्ष खरीदे गये गेहूँ पर 265 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि पर का वितरण 10 जून से किया जायेगा।
         किसानों के खातों का सत्यापन करेंमुख्यमंत्री श्री चौहान ने संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे किसानों के खातों का सत्यापन करवा लें ताकि उनके खातों में राशि देने में अड़चन नहीं आये। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गेहूँ और अन्य उपज की सरकारी खरीद के लिये की गई प्रभावी व्यवस्थाओं के लिये संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि खरीदी की व्यवस्था पूरे देश में अनुकरणीय है। उपार्जन में तेजी लाना जरूरी हैताकि उपज का अविलम्ब भण्डारण हो जाये और किसानों के खातों में पैसे पहुंच जायें। श्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में एक से दस मई तक विकास यात्राओं का आयोजन होगा।
         श्री चौहान ने मध्यप्रदेश असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की चर्चा करते हुए कहा कि यह योजना श्रमिकों के जीवन में सुखद परिवर्तन लाने वाली योजना है। उन्होंने बताया कि इस योजना में अब तक एक करोड़ से ज्यादा श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है। श्री चौहान ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को लाभ देने की इस योजना की शुरूआत खरगोन से 17 अप्रैल को होगी। इस दौरान श्रमिकों को पंजीयन प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भू-खंड अधिकार अभियान भी चलाया जायेगा।
किसानों के लिये बजट में 20 हजार करोड़ की व्यवस्था : मुख्यमंत्री श्री चौहान
दस लाख किसानों के खातों में 16 अप्रैल को जमा कराये जायेंगे 16 करोड़ मुख्यमंत्री द्वारा छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास और
समूह नल-जल योजना का लोकार्पण 
इंदौर 13 अप्रैल 2018
            मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों के लिये बजट में 20 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पहुँचाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील के गोपालपुर में 516 करोड़ 11 लाख की लागत की छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना के शिलान्यास और किसान सम्मेलन में दी। श्री चौहान ने 21 करोड़ 69 लाख की लागत की समूह नल-जल योजना तथा करोड़ की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की खेती से आय बढ़ाने के लिये ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा रहा है। जहाँ नहरों के माध्यम से सिंचाई संभव नहीं हैवहाँ उद्वहन सिंचाई योजनाएँ बनाकर किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान की मेहनत का सम्मान करती है। इसलिये किसानों के हित संरक्षण के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं।
        श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में यह पहला मौका हैजब राज्य सरकार ने किसानों को पिछले वर्ष बेची गई गेहूँ की फसल के लिये 200 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया। आगामी 16 अप्रैल को शाजापुर में राज्य-स्तरीय समारोह में 10 लाख किसानों के खातों में 16 करोड़ की राशि जमा करवाई जायेगी। इसी दिन हर जिला मुख्यालय पर किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि जमा कराने का कार्य किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस बार भी किसानों को मण्डियों में गेहूँ बेचने पर 265 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि चनामसूर और सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी पर भी किसान को समर्थन मूल्य के अलावा 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि मण्डी के बाहर गेहूँ और चने की बिक्री करने वाले किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ दिया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि ऋण समाधान योजना में किसानों के कुल ऋण पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी।
        मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में अभी तक पौने दो करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन करवाया है। पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभघर बनाने के लिये जमीन का पट्टा और आर्थिक सहायता तथा 200 रुपये मासिक फ्लेट रेट पर बिजली भी उपलब्ध करवायी जायेगी।
छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना
        छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील और देवास जिले की खातेगाँव तहसील में 35 हजार 62 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के निर्माण के लिये 516 करोड़ 11 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। योजना के अंतर्गत नर्मदा नदी के तट पर विभिन्न स्थान पर कुल12.64 क्यूमेक्स जल का उद्वहन किया जायेगा। ग्राम चीचलीकरोंदमाफीपीपलनेरियाछीपानेर तथा चौरसाखेड़ी के पास पम्पिंग स्टेशन बनाये जायेंगे। पम्पिंग स्टेशन से 6राइजिंगमेन द्वारा नर्मदा जल खेतों तक पहुँचेगा।
        योजना की विशेषता यह है कि जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होगी। पाईप से जल प्रत्येक ढाई हेक्टेयर चक तक किसान को 20 मीटर दबाव पर उपलब्ध होगा। दाबयुक्त जल से किसान ड्रिप अथवा स्प्रिंकलर से सिंचाई कर सकेंगे। इस पद्धति से सिंचाई पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। कम पानी से अधिक और उपयोगी सिंचाई का लाभ मिलेगा। यह योजना प्रधानमंत्री के 'पर ड्राप मोर क्राप'' अर्थात पानी की बूँद-बूँद का उपयोग कर न्यूनतम जल से अधिकतम सिंचाई करने पर आधारित है। जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होने से भूमि का स्थाई अर्जन नहीं होगा। पम्प हाउस के लिये केवल लगभग छ: हेक्टेयर भूमि के स्थाई अर्जन की आवश्यकता होगी।

  प्रदेश की 22 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों मे ग्रामसभा आज

आवास प्रतीक्षा सूची और पोषण आहार रहेगा महत्वपूर्ण एजेण्डा 
इंदौर 13 अप्रैल 2018
    डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर आज शनिवार 14 अप्रैल को प्रदेश की 22 हजार 816 ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव और विकास आयुक्त श्री इकवाल सिंह बैंस ने कहा है कि ग्राम सभाओं के निर्धारित एजेण्डे के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की स्थाई प्रतीक्षा सूची में पात्र परिवारों के नाम जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा नई गाइड लाइन जारी कर दी गई है। ग्राम सभायें ऐसे पात्र हितग्राहियों के नाम भी प्रतीक्षा सूची में जोड़ सकेंगीजिनके नाम 2011 की सामाजिकआर्थिक एवं जाति जनगणना सूची में तो थेलेकिन ग्रामसभा द्वारा उन्हें हटा दिया गया था अथवा परिवार का नाम जनगणना सूची में था ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिस परिवार का नाम सूची में जोड़ा जाना हैवह परिवार आवासहीन होना चाहिए अथवा उसके पास एक अथवा दो कच्चे कक्ष वाला घर होना चाहिए।
    आवास प्रतीक्षा सूची के लिये चयनित परिवार के नाम का ग्राम सभा में अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा। इस सूची को जनपद पंचायत स्तर की समिति द्वारा परीक्षण के उपरांत जिला स्तर पर अपील समिति को भेजा जाएगा। जो आवेदन सीधे प्राप्त होंगेउनका भी ग्राम सभा से अनुमोदन करवाना होगा। तदोपरांत ही आवेदन जिला स्तरीय अपील समिति को भेजा जाएगा। अपील समिति यह सूची सक्षम अधिकारी (जनपद पंचायत) की रिपोर्ट के आधार पर अनुशंसा सहित राज्य सरकार को भेजेगी।
    इसी प्रकार ग्राम सभा में अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं के तहत ग्राम सभाओं में पोषण-अभियान पर विशेष जोर दिया जाएगा। पोषण के विभिन्न पहलुओंस्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी विशेष चर्चा की जाएगी। आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का वजन भी किया जाएगा।
    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शून्य से वर्ष तक के बच्चोंगर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के पोषण की स्थिति में सुधार के लिए पोषण अभियान को जन-अभियान बनाने का आव्हान मार्च को राजस्थान के झुंझुनू में किया गया था।
तीर्थदर्शन योजना के फार्म ग्रामीण क्षेत्र के जनपद में और
शहरी क्षेत्र के नगर नगिम जोनल ऑफिस मं जमा होंगे
इंदौर 13 अप्रैल 2018
      मध्यप्रदेश शासन धामिक न्यास विभाग से प्राप्त निर्देशानुसार मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत नवीन व्यवस्थाओं के तहत आवेदन पत्र स्थानीय निकाय अर्थात नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्र तथा ग्रामीण क्षेत्र के जनपद पंचायतों में प्राप्त किये जाने की व्यवस्था की गई है। नवीन व्यवस्था के तहत आवेदन पत्र में आवेदक को समग्र आई डी दर्ज की जाना आवश्यक है।
      अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इंदौर ने बताया कि नवीन व्यवस्था के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदन जनपद पंचायत कार्यालय में तथा शहरी क्षेत्र में आवेदन पत्र झोनल कार्यालय में जमा किये जा सकेंगे। आवेदन पर समग्र आई डी नंबर अंकित एवं छायाप्रति संलग्न करना होगा। अगर आवेदक के पास समग्र आईडी नहीं है तो संबंधित स्थानीय निकाय द्वारा उसका आई डी नंबर नवीन जनरेट किया जायेगा। दिनांक 3 मई 2018 को रामेश्वर जाने वाली यात्रा के आवेदन 17 अप्रैल 2018 तक, दिनांक 11 मई 2018 को जगन्नाथपुरी जाने वाली यात्रा के आवेदन 26 अप्रैल 2018 तक तथा दिनांक 17 अप्रैल को कामाख्या देवी जाने वाली यात्रा के टिकट का वितरण जिला पंचायत इंदौर से 16 अप्रैल 2018 को किया जायेगा।
बाल भवन में चलेगा बच्चों के लिए समर कोर्स
इंदौर 13 अप्रैल 2018
      सहायक संचालक बाल भवन श्री के.सी. पाण्डेय ने बताया कि बाल भवन इंदौर 29/3 ओल्ड पलासिया में ग्रीष्मकालीन सत्र 16 अप्रैल 2018 से प्रारंभ हो रहा हैं1 सत्र में विशेष रूप से योगा, जिसमें योगाभ्यास के साथ-साथ आत्मसुरक्षा, क्राफ्ट वर्क, ज्वैलरी मैकिंग व इसके अतिरिक्त नियमित नृत्य, गायन, व कम्प्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। समस्त गतिविधियों के लिए वार्षिक शुल्क वर्ष 2018-19 के लिए 60 रूपये हैं, जिसमें 5 से 16 वर्ष के बालक-बालिकाएं अपना पंजीयन 11 से 5 बजे के बीच करवा सकते हैं। पंजीयन के लिए अभिभावकों की यहमति के साथ उम्र संबंधी प्रमाण-पत्र व दो पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य हैं। पंजीयन के लिए शासकीय अवकाश को छोड़कर शेष दिनों में कार्यालयीन दूरभाष 0731-2562683 पर संपर्क किया जा सकता हैं।
विपत्तिग्रस्त महिलाओं को मिलेगी सहायता
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आदेवन की अंतिम तिथि 25 अप्रैल
इंदौर 13 अप्रैल 2018
      मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना के तहत विपत्तिग्रस्त, पीड़ित, कठिन परिस्थितियों में निवास कर रही महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक उन्नयन हेतु स्थायी प्रशिक्षण दिया जायेगा, ताकि रोजगार प्राप्त कर सके। यह प्रशिक्षण ऐसी संस्थाओं के माध्यम से दिया जायेगा, जिन संस्थाओं द्वारा जारी डिग्री या प्रमाण पत्र, शासकीय सेवाओं में मान्य हो। प्रशिक्षण पर होने वाला पूर्ण व्यय, जिसमें प्रशिक्षण शुल्क, आवासीय व्यवस्था शुल्क, भोजन एवं शिष्यवृत्ति शामिल रहेगी। ऐसी महिला का चयन जिला स्तर पर गठित चयन समिति द्वारा किया जायेगा। आवेदन पत्र मय पात्रता विवरण कार्यालय से 25 अप्रैल, 2018 को समय 3 बचे तक प्राप्त किये जा सकते हैं एवं 25 अप्रैल 2018 को शाम 5:30 बजे तक जमा किये जा सकते हैं।
      जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण प्रदान करने की इच्छुक शासकीय संस्था आवेदन आगामी 25 अप्रैल 2018 को शाम 5:30 बजे तक जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी, कार्यालय महिला सशक्तिकरण, 7,8, प्रभु नगर बैंक ऑफ बड़ौदा के ऊपर, अन्नपूर्णा रोड, इंदौर में जमा कर सकते हैं। कार्यालय का फोन नं.- 0731-2792100 और ई-मेल आईडी- weindore@gmail.com हैं।
लोक अदालत में मिलेगा सबको न्याय
लोक अदालत में होती है दोनों पक्षों की जीत
इंदौर 13 अप्रैल 2018
      म.प्र. उच्च न्यायालय खण्उपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री पी.के. जायसवाल के निर्देशन में म.प्र. उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में आगामी 22 अप्रैल 2018 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में किया जा रहा हैं।
      आगामी 22 अप्रैल 2018 को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय  आपराधिक प्रकरणपरक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरणबैंक रिकवरी संबंधी मामलेंमोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरणवैवाहिक प्रकरणश्रम विवाद प्रकरणभूमि अधिग्रहण के प्रकरणविद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी प्रकरण (अशमनीय मामलों को छोड़कर)सेवा मामले जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित हैंराजस्व प्रकरणदीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकार के राजीनामा योग्यप्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया जायेगा। उक्त नेशनल लोक अदालत में मोटरयान दुर्घटना क्लेम प्रकरणों के संबंध में गत 05 अप्रैल 2018 को बीमा कंपनी के अधिकारीगण एवं अधिवक्ताओं के साथ बैठक आयांजित की गई। आयोजित बैठक में नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधि प्रकरणों के निराकरण के संबंध में चर्चा की गई।
      प्रिंसिपल रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय श्री तारकेश्वर सिंह ने समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से अनुरोध किया है कि उपरोक्तानुसार उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत कराने हेतु म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में प्रिंसिपल रजिस्ट्रारडिप्टी रजिस्ट्रारसंबंधित सेक्शन एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर से संपर्क कर सकते हैं एवं अपने प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखने हेतु आवेदन/सूचना दे सकते हैं। लोक अदालत के द्वारा निराकृत किये गये प्रकरणों में पक्षकारों के द्वारा भुगतान की गई कोर्ट फीस शासन द्वारा वापिस किये जाने का प्रावधान हैं। लोक अदालत में सबको न्याय मिलता हैं और दोनों पक्षों को जीत मिलती है तथा अदालत के निर्णय के विरूद्ध वरिष्ठ न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती।
 राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल 14 अप्रैल 2018 को 10:45 बजे इंदौर एयरपोर्ट आयेगी और 11:30 बजे राष्ट्रपति महोदय के साथ हेलीकॉप्टर से महू के लिए रवाना होगी। 11:50 बजे महू पहुंचेगी। 12:10 से 2:30 बजे तक श्रीमती पटेल राष्ट्रपति महोदय के साथ कार्यक्रम में भाग लेगी। दोपहर 2:30 बजे श्रीमती पटेल महू हेलीपैड से इंदौर एयरपोर्ट के लिए रवाना होगी। अपरान्ह 3:40 बजे श्रीमती पटेल इंदौर से भोपाल के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना होगी और 4:45 बजे राजभवन पहुंचेगी।
 राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल आज 14 अप्रैल 2018 को 10:45 बजे इंदौर एयरपोर्ट आयेगी और 11:30 बजे राष्ट्रपति महोदय के साथ हेलीकॉप्टर से महू के लिए रवाना होगी। 11:50 बजे महू पहुंचेगी। 12:10 से 2:30 बजे तक श्रीमती पटेल राष्ट्रपति महोदय के साथ कार्यक्रम में भाग लेगी। दोपहर 2:30 बजे श्रीमती पटेल महू हेलीपैड से इंदौर एयरपोर्ट के लिए रवाना होगी। अपरान्ह 3:40 बजे श्रीमती पटेल इंदौर से भोपाल के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना होगी और 4:45 बजे राजभवन पहुंचेगी।
श्रमिकों के बच्चों के लिए नि:शुल्क आवासीय विद्यालय
प्रवेश परीक्षा 29 अप्रैल को
इंदौर 13 अप्रैल 2018
      श्रमिक वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय सुविधा उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए श्रमोदय विद्यालय का संचालन किया जा रहा हैं। वर्ष 2018-19 के सत्र में नि:शुल्क श्रमोदय आवासीय विद्यालय इंदौर में प्रवेश दिला सकते हैं।
      सहायक श्रमायुक्त इंदौर संभाग इंदौर श्री वी.पी. सिंह ने बताया कि दीनदयाल श्रमोदय आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र जुलाई 2018 में प्रारंभ किये जाने तथा प्रवेश प्रक्रिया हेतु बालक-बालिकाओं के चयन हेतु प्रवेश परीक्षा 29 अप्रैल 2018 को आयोजित की जायेगी। उक्त विद्यालय की प्रवेश पत्र श्रम विभाग, मध्यप्रदेश की विभागीय वेबसाइट http://www.labour.mp.gov.in/MPBOCWWB पर डाउनलोड किये जा सकेगें।
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद इंदौर में
इंदौर 13 अप्रैल 2018
      राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद 14 अप्रैल 2018 को पुर्वान्ह 11:20 बजे विशेष वायुयान द्वारा इंदौर आयेगें। वे इंदौर से पुर्वान्ह 11:30 बजे हेलीकॉप्टर से पुर्वान्ह 11:50 बजे हेलीपेड अम्बेडकर नगर महू पहुंचेगें। हेलीपेड से दोपहर 12 बजे रवाना होकर 12:10 बजे बाबा साहब अम्बेडकर स्मारक आयेगें। स्मारक में वह बाबा साहब अम्बेडकर को श्रृद्धासुमन अर्पित करेगें। दोपहर 12:25 बजे स्मारक से रवाना होकर दोपहर 12:30 बजे बाबा साहब अम्बेडकर की 127 वीं जयंती पर आयोजित समारोह में शामिल होगें। दोपहर 1:30 से 1:45 बजे तक का समय रिजर्व रहेगा। दोपहर 1:45 से दोपहर 2:30 बजे तक भोजन करेगें। दोपहर 2:30 बजे कार्यक्रम स्थल से रवाना होकर दोपहर 2:40 बजे अम्बेडकर नगर स्थित हेलीपेड आयेगें। हेलीपेड से वह दोपहर 2:50 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 3:10 बजे इंदौर एयरपोर्ट आयेगें। इंदौर एयरपोर्ट से वह दोपहर 3:20 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगें।

गोकुल महोत्सव : घर बैठे मिल रही चिकित्सा सुविधा

किसानों की आय दोगुनी करने में गोकुल महोत्सव की होगी बड़ी महत्ता 
इंदौर 13 अप्रैल 2018
       ग्रामीण क्षेत्रों में पशु समस्याओं के निदानपशु-पालन को अधिक लाभप्रद बनाने और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 27 मार्च से 10 मई तक गोकुल महोत्सव का आयोजन हो रहा है। महोत्सव में प्रदेश के लगभग 51 हजार गाँवों में पशु चिकित्सा शिविर लगाने के साथ प्रचार-रथ और मल्टीमीडिया का भी प्रयोग किया जा रहा है। गोकुल महोत्सव का उद्देश्य स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाले पशुधन से किसानों की आय को दोगुना करना है।
पशुपालन मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने बताया कि पशुपालन व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनानेछोटे-बड़े पशुओं का टीकाकरणउपचारडी-वर्मिंगपशुओं का बाँझपन निवारण कर उत्पादक बनानेकृत्रिम गर्भाधानआधुनिक पशुपालन करने के लिये नई तकनीकों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी गोकुल महोत्सव के माध्यम से ग्रामीणों को दी जा रही है।
गोकुल महोत्सव से पशुपालकों को चिकित्सा सुविधाएँ घर बैठे मिल रही हैं और समय की बचत या पशु को चिकित्सालय ले जाकर दिखाने की परेशानी से निजात मिल रही है। महोत्सव प्रदेश के लाखों पशुपालकों और पशुधन को लाभान्वित कर रहा है।
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती 
राष्ट्रपति श्री कोविंद भी होगें शामिल
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भव्य रूप से मनाया जायेगा जन्म स्थली में जन्मोत्सव
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राज्य शासन मेजबान बनकर मेहमानों की तरह
कर रहा हैं श्रृद्धालुओं की आवभगत
इंदौर 13 अप्रैल,2018
      बाबा साहब डॉ.अम्बेडकर की जयंती पर 14 अप्रैल 2018 को उनकी जन्मस्थली अम्बेडकर नगर (महू) में अम्बेडकर जन्मोत्सव मनाया जायेगा। आस्था के इस महाकुंभ में राज्य शासन मेजबान बनकर श्रद्धालुओं के लिये भोजनठहरनेशौचालय आदि की पर्याप्त व्यवस्था कर रहा है। श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है। हजारों श्रद्धालु महू पहुँच चुके हैं। अम्बेडकर नगर महू में 14 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद मुख्य रूप से शामिल होगें।
      डा. बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म स्थली अम्बेडकर नगर (महू) में राज्य शासन द्वारा बनाया गया  भव्य स्मारक श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केन्द्र बन चुका है। करीब 9 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस स्मारक पर बाबा साहेब के जन्मदिवस 14 अप्रैल 2018 के अवसर पर विशेष साज- सज्जा की जाती है। राज्य सरकार द्वारा शुरू किये गये इस महाकुंभ का यह 12वाँ वर्ष है।
      इस स्मारक का शिलान्यास वर्ष 1991 में हुआ था। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस स्मारक का निर्माण तेजी से पूरा कराने के लिये वर्ष 2007 में एक साथ 6 करोड़ रुपये से अधिक राशि स्वीकृत की थी। इसके बाद यह भव्य स्मारक बनकर 14 अप्रैल 2008 को लोकार्पित हुआ।
      राज्य शासन ने स्मारक के द्वितीय चरण का कार्य तीव्र गति से पूर्ण करने के लिये वर्ष 2005-06 तथा वर्ष 2006-07 में 6 करोड 21 लाख रुपये का आवंटन प्रदान किया। तत्पश्चात 18 दिसम्बर 2006 से द्वितीय चरण का कार्य प्रारंभ कर स्मारक को यह भव्य स्वरूप प्रदान किया गया। तीसरे चरण में स्मारक में बाबा साहब के जीवन पर आधारित भित्ति चित्र तथा मूर्तियाँ लगाने के लिये 2 करोड़ 38 लाख रूपये मंजूर किये।
महू में आस्था का सैलाब
      भारतीय संविधान के निर्माता डॉ.बाबा साहब अम्बेडकर की जन्म स्थली अम्बेडकर नगर (महू) में हर वर्ष उनका जन्म उत्सव 14 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाता है। इस उत्सव में प्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेशों से हजारों श्रद्धालु अम्बेडकर नगर (महू) आते हैं। राज्य शासन मेजबान बनकर श्रद्धालुओं के लिये हर वह व्यवस्था करता है जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हो। राज्य शासन ने वर्ष 2007 से अम्बेडकर जन्मस्थली अम्बेडकर नगर (महू) में उनके जन्म दिवस पर अम्बेडकर महाकुंभ लगाने का सिलसिला शुरू किया है। महाकुंभ हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिये अविस्मरणीय बनता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की विशेष पहल पर इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन का सिलसिला प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री इस आयोजन की सतत समीक्षा कर स्वयं इस आयोजन में शामिल होते हैं।
      प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को बाबा साहब के जन्म दिन पर अम्बेडकर नगर (महू) में उल्लास और उमंग का अद्भूत वातावरण होता है।  यह महाकुंभ सामाजिक समरसता का भी बेहतर उदाहरण बन गया है। मध्यप्रदेशमहाराष्ट्र सहित अन्य प्रांतों से लाखों श्रद्धालु इस आयोजन में अपनी श्रद्धा प्रकट करने जुटते हैं। महाकुंभ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीपूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणीराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख रहे श्री के.सी. सुदर्शनबौद्धधर्म गुरू श्री करमापा सहित राष्ट्र की अन्य ख्यातनाम हस्तियां भी शिरकत कर चुकी हैं। इस वर्ष समारोह में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद शामिल हो रहें हैं।
      श्रद्धालुओं के लिये ठहरनेखाने सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का माकूल प्रबंध रहता है। इस कार्य में राज्य सरकार के अलावा स्वयं सेवी,सामाजिक तथा अन्य संगठन भी अपना पूरा सहयोग देते हैं। बाबा साहब के जन्म दिवस के महाकुंभ की शुरुआत सुबह उनकी जन्मस्थली पर बने भव्य स्मारक से होती है। यहां उनकी आदमकद प्रतिमा के समक्ष पुष्पहार और आत्मीयता के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित किये जाते हैं। सुबह 8 बजे पवित्र अस्थि कलश यात्रा निकाली जाती है।  यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुयी स्मारक पर पहुंचती हैस्वर्ग मंदिर परिसर में बने भव्य पाण्डाल पर बाबा साहब के जीवन तथा उनके दर्शन पर आधारित विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है। इसमें अनेक प्रसिद्ध हस्तियां अपने विचार रखती है।
स्थापत्य कला की बेजोड़ कृति
      डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर की जन्मस्थली पर बना यह  भव्य स्मारक स्थापत्य कला की बेजोड़ कृति है। मकराना के सफेद संगमरमर एवं मेंगलुरू के ग्रेनाइट से निर्मित इस स्मारक को समीप से देखने पर बौद्ध धर्म के सांची जैसे प्राचीन स्मारकों की छवि दिखाई देती है। स्मारक की गोलाई से संसद का आभास होता है। 
      स्मारक का निर्माण बाबा साहेब अम्बेडकर स्मारक निर्माण समिति की देखरेख में किया गया है।  प्रदेश सरकार द्वारा नियुक्त आर्कीटेक्ट श्री ई.डी.निमगढ़े की ड्राइंग के अनुरूप स्मारक का मुख्य भवन विशिष्ट गोलाकार गुम्बज तथा सीढ़ियों आदि का निर्माण किया गया है। फर्श पर 15 मि.मी. मोटाई  वाला मकराना का सफेद संगमरमर15 मि.मी. मोटाई वाले मेंगलुरू के माइन्स ग्रेनाईट से साज-सज्जा कर स्मारक को भव्यता प्रदान की गयी है। पच्चीस मि.मी. मोटाई के सफेद संगमरमर से गोलाकार आकार की सीढियां बनाई गयी है। डोम की बाह्र सतह को 20 मि.मी. मोटाई के संगमरमर से सुसज्जित किया गया है। सीढ़ियों पर पीतल के हाथी तथा पाइप लगाकर रैलिंग की साज-सज्जा की गयी है। स्मारक की भव्यता के लिये प्रथम तल पर चारों ओर  संगमरमर की जालियां लगायी गयी है। स्मारक के सामने 14 फीट ऊंची भव्य एवं आकर्षक मूर्ति लगायी गयी है। मूर्ति का निर्माण ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार श्री प्रभात राय द्वारा किया गया है। स्मारक के चारों ओर संगमरमर की फ्लोरिंग की गयी है। 


कन्ट्रोल रूम स्थापित
      महाकुंभ संबंधी विभिन्न व्यवस्थाओं और श्रृद्धालुओं के सहयोग के लिये महू में कन्ट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं। ये कन्ट्रोल रूम सभास्थल स्वर्ग मंदिर परिसरजन्मस्थली स्मारक के सामने तथा तहसील कार्यालय में बनाये गये हैं। इन तीनों कन्ट्रोल रूम में अधिकारी-कर्मचारियों की ऐसी व्यवस्था की गयी है कि वह 14 अप्रैल की शाम तक निरंतर 24 घण्टे कार्यरत रहें।
      महाकुंभ में आने वाले श्रृद्धालुओं की सुविधा के लिये प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी सभा स्थल और भोजनशाला में मराठी भाषा में उद्घोषणा की भी विशेष व्यवस्था की गयी है।
भोजन का माकूल इंतजाम
      महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये भोजन की विशेष व्यवस्था की गयी है।  इसके तहत श्रद्धालुओं को स्वादिष्ट भोजन परोसा जा रहा है । कल 12 अप्रैल की दोपहर से ही श्रृद्धालुओं को भोजन कराने का सिलसिला शुरू हो गया है। भोजन कराने का सिलसिला अनवरत जारी हैं। अब तक हजारों श्रद्धालुओं को भोजन कराया जा चुका हैं। श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जीनुक्तीनमकीनखिचड़ी, लोंजी आदि परोसी जा रही हैं। अम्बेडकर जयंती के दिन 14 अप्रैल को भोजन का सिलसिला सुबह 9 बजे से शुरू कर दिया जायेगा। इस दिन पूड़ीसब्जीनुक्तीनमकीन तथा खिचड़ी परोसी जायेगी। भोजन परोसने के लिये 30 स्टाल बनाये गये हैं। भोजन बनाने तथा वितरण के काम में करीब 500 लोग दिन-रात जुटे हैं। भोजन की व्यवस्था खाद्य विभाग के अधिकारी सम्हाले हुये हैं । श्रद्धालुओं के ठहरने के लिये स्कूलधर्मशाला तथा पण्डालों में व्यवस्था की गयी है। अम्बेडकर नगर महू में 850 शौचालय एवं स्नानागार बनाये गये हैं। पीने के लिए बोतल बंद शीतल जल की व्यवस्था भी की गई हैं।