Wednesday, 18 April 2018


राधेश्याम के गेंदा फूल से महक रहा है इंदौर राधेश्याम ने दी किसानों को नगदी फसल करने की सलाह


इंदौर जिले के तहसील साँवेर ग्राम बसान्द्रा निवासी राधेश्याम राठौर वर्षो से परंपरागत खेती करते आ रहे थे। एक दिन उनकी मुलाकात उद्यान विकास अधिकारी विकासखण्ड साँवेर से हुई। उद्यान विकास अधिकारी ने उन्हें फूलों की खेती करने की सलाह दी। राधेश्याम ने अपने खेत के साढ़े चार हेक्टेयर रकबे में बड़े पैमाने पर गेंदा फूल के पौधे रोपे। उसने मिश्रित खेती करते हुए गेंदा फूल के साथ प्याज, लहसुन और मटर की भी मिश्रित खेती शुरू की। उसने आधुनिक तकनीक अपनाते हुए सीड्रिल से बोआई की और मेड़ बनाकर पौधे लगाये। उसने प्लाटिक ट्रेम में पॉली हाऊस में पहले पौधे तैयार किये। 
राधेश्याम ने बताया कि उसके खेत से प्रति वर्ष लगभग 125 क्विंटल गेंदा फूल, मटर, लहसुन और प्याज पैदा होता है। उसे खेती पर लगभग 90 हजार रूपये सालाना खर्च करना पड़ते है। उसे सालाना लगभग एक लाख रूपये की शुद्ध आय होती है।
चर्चा के दौरान प्रगतिशील किसान राधेश्याम ने बताया कि उसे अपने खेत में कोलकाता की लाल और पीली दो प्रकार हाईब्रिड गेंदा फूल लगाये थे। पहले उसकी पौध तैयार की, उसके बाद पौध को मेड़ बना कर रोपा, जिससे पौधे तेजी से बढ़े और गुड़ाई भी नहीं करना पड़ी। समय-समय पर समुचित खाद और दवाई का स्प्रे भी किया गया। मात्र 5 माह में ही पौधे में गेंदा फूल आने लगे। गेंदा फूल बाजार में लगभग 15 हजार रूपये प्रति क्विंटल की दर से बिक्री की गयी। उसे सारा खर्च काट कर सालाना एक लाख रूपये मात्र गेंदा फूल से शुद्ध आय हो रही है। राधेश्याम के गेंदा फूल से पूरा इंदौर महक रहा है।
उसने किसानों से कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए नकदी फसल करना जरूरी है और मिश्रित खेती को भी किसान भाई बढ़ावा दें। मिश्रित खेती में फसल उत्पादन दुगुना होता है। कृषि वैज्ञानिकों ने भी किसानों को मिश्रित खेती करने की सलाह दी है।
प्रभु परशुराम सभी जातियों के भगवान थे---- मुख्यमंत्री श्री चौहान
भगवान परशुराम ने सभी जातियों के कल्याण के लिये काम किया
जानापाव पहाड़ी को जमदग्नि तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान महू के पास भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव में विशाल जनसमुदाय को कल सम्बोधित करते हुये कहा कि भगवान परशुराम सभी जातियों के भगवान थे और सबसे कल्याण के लिये विष्णु अवतार लिया था। वे अच्छे लोगों की मदद करते थे और सभी जातियों के कल्याण के लिये काम किया। उन्होंने सभी जाति के लोगों को शस्त्र और शास्त्र विद्या प्रदान की। वे सभी विषयों में पारंगत थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान इस अवसर पर कहा कि जानापाव पहाड़ी ''जमदग्नि तीर्थ स्थल'' के रूप में विकसित किया जायेगा, जिसके लिये आवश्यक बजट प्रदान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जमदग्नि तीर्थ स्थल को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल किया जायेगा, जिससे श्रद्धालु दर्शन के लिये आ सकें। इस पहाड़ी को पर्यटन स्थल और श्रद्धा के केन्र्र में विकसित किया जायेगा। उन्होंने घोषणा कि वैज्ञानिक सर्वेक्षण के उपरांत इस पहाड़ी के नीचे गुरुकुल और विशाल तालाब निर्मित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस पहाड़ी से निकलने वाली सातों नदी को पुनर्जीवित किया जायेगा। इन सब कामों के लिये उन्होंने 12 करोड़ रूपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सड़क, धर्मशाला और मंदिर निर्माण पर अभी तक 20 करोड़ रूपये खर्च हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिये कृत संकलपित है। शासन द्वारा किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री कैलाश वियजवर्गीय ने कहा कि जानापाव पहाड़ी को श्रद्धा केन्द्र के रूप में विकसित करने में धन की कमी नहीं आयेगी। राज्य शासन इसके विकास के लिये कृतसंकल्पित है। पिछले 14 वर्षों में इस तीर्थ स्थल के लिये अनेक काम किये गये है। भविष्य में और भी निर्माण कार्य कराये जायेंगे। भगवान परशुराम के पुराने मंदिर का भी जीर्णोद्धार भी किया जायेगा। इंदौर- भिण्ड एक्सप्रेस ट्रेन का नाम परशुराम एक्सप्रेस रखने का प्रस्ताव भारत सरकार के रेल मंत्रालय को भेजा जायेगा और इस ट्रेन को महू तक बढ़ाया जायेगा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता पाटीदार, विधायक श्री रमेश मेंदोला, कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े, एडीजीपी श्री अजय शर्मा, डॉ. के.के. पाण्डे, श्री राम किशोर शुक्ल, मंदिर के पुजारी श्री बद्रीनाथ और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।