Saturday, 12 May 2018

प्राणी संग्रहालय में आते है हर वर्ष 13 लाख से अधिक दर्शक
इंदौर 12 मई, 2018
      नगर निगम द्वारा संचालित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय का केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमोदित प्लान के अनुसार विकसित किया जा रहा हैा प्राणी संग्रहालय 52 एकड़ भूमि पर विकसित है। वन्य प्राणियों के लिये नैसर्गिक वातावरण देने के लिये बड़े पिंजरें बनाये गये हैं। प्राणी संग्रहालय में विगत एक वर्ष में बाउण्ड्रीवाल की ऊंचाई बढ़ाने, नवीन प्रवेश द्वारा निर्मित करने, नयी पार्किंग व्यवस्था करने, नवलखा चौराहे से आजाद नगर पुलिसा से नई बाउण्ड्रीबाल का निर्माण करने, सम्पूर्ण जू में सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी केमरे के साथ-साथ पब्लिक एनाउंस सिस्टम लगाये गये हैं। प्राणी संग्रहालय में गत वर्ष 13 लाख 26 हजार 474 दर्शक आये,जिससे संग्रहालय को एक करोड़ 42 लाख 9 हजार 230 रूपये की आय हुई।
      प्राणी संग्रहालय के प्रभारी डॉ0 उत्तम यादव ने बताया कि प्राणी संग्रहालय में 23 प्रजाति की 240 स्तनधारी प्राणी, 26 प्रकार के 244 पक्षी, 8 प्रजाति की 136 सरीसृप, इस प्रकार कुल 57 प्रजाति के 640 पशु-पक्षी हैं। श्री यादव ने बताया कि गर्मी के इस मौसम में हिरण प्रजाति के जानवरों के पिंजरों में प्राणियों की सुविधा के लिये फव्वारे लगाये गये हैं, मांसाहारी वन्य प्राणियों के बाड़े में वाटर पोण्ड एवं नाईट शेल्टर में वाटर कूलर लगाये गये हैं। इसी प्रकार पक्षियों के पिंजरों में घास के टट्टर लगाकर प्रतिदिन गीला किया जाता है। वन्य प्राणियों के पिंजरों में डिस-इन्फेंक्शन दवाओं का छिड़काव भी प्रति सप्ताह किया जाता है।
      डॉ0 यादव ने बताया कि आने वाले समय में प्राणी संग्रहालय में व्हाइट टाइगर, मकाऊ पक्षी, विदेशी बंदर, एनाकोण्डा साँप और दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी शुतुरमुर्ग लाने का प्रस्ताव है। जू एजुकेशन के तहत दर्शकों को वन्य प्राणियों के जीवनचक्र के विषय में जानकारी दी जाती है। सरकारी और प्रायवेट स्कूलों को अब तक 72 हजार विद्यार्थियों को वन्य प्राणियों के विषय में जानकारी दी जा चुकी है। प्राणी संग्रहालय में वर्ल्ड टायगर डे, वर्ल्ड एलीफेंट डे, वर्ल्ड लाइफ वीक, जू कीपर वर्कशॉप, वाइल्ड लाइफ क्विज, जू शो, इंटर्नशिप स्टुडेंट, वेटनरी स्टूडेंट ट्रेनिंग और वर्ल्ड लायन डे भी मनाया जाता है। इस प्राणी संग्रहालय से 30 स्कूल, 12 क्लब, 25 कार्यकर्ता जुड़े हुये हैं, जो समय-समय पर होने वाले कार्यक्रम और कार्यशाली का आयोजन करते हैं। संग्रहालय के कर्मचारी इस बात का ध्यान रखते हैं कि संग्रहालय में रहने वाले पशु-पक्षियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्हें समय-समय पर भोजन,पानी और खुला प्राकृतिक वातावरण मिले तथा बीमार होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।
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/सिंह/कपूर
पंजीकृत असंगठित मजदूरों के परिवारों को मिलेंगे स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभ
इंदौर 12 मई 2018
    मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा (प्रसूति सहायता) योजना 2018 मध्यप्रदेश के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत असंगठित महिला मजदूरों के लिए प्रारंभ की गई हैं। इस योजना के तहत पंजीकृत असंगठित मजदूर महिलाओं को प्रसूति की स्थिति में कार्य से अनुपस्थित होने के कारण होने वाली आर्थिक क्षति की प्रतिपूर्ति की जायेगी, जिससे माता एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य व पोषण में सुधार होगा साथ ही साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं में सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहारों के अनुसरण में सुधार होगा। यह योजना 1 अप्रैल 2018 से प्रभावशील हो गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम गर्भावस्था की शीघ्र पहचान, सुरक्षित प्रसव, गर्भवती एवं शिशु जन्म के उपरांत टीकाकरण कां समुचित बढ़ावा देना तथा महिलाओं व शिशुओं के स्वास्थ्यवर्धन हेतु नगद प्रोत्साहन राशि से अनुकूल वातावरण का निर्माण करना हैं। इस योजना की पात्रता 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं एवं प्रसूताओं संबंधित महिला पंजीकृत असंगठित कर्मकार होना चाहिए। प्रसूति सहायता शासकीय चिकित्सालय में प्रसव होने की स्थिति में ही देय होगी तथा प्रसूति सहायता का लाभ अधिकतम दो जीवित जन्म वले प्रसव हेतु ही मन्य किया जायेगा। इसमें प्रथम किस्त के रूप में गर्भावस्था के दौरान 04 प्रसव पूर्व जांच कराने पर 4 हजार रूपये तथा शासकीय चिकित्सालय में प्रसव होने पर नवजात शिशु का संस्थागत जन्म उपरांत पंजीयन करावाने तथा शिशु को जीरो डोज बीसीजी, ओपीवी तथा एचबीवी टीकारण करवाने पर 12 हजार रूपये दिये जायेगें। इस तरह कुल 16 हजार रूपये दिए जायेगें। इसमें आवश्यक दस्तावेज के रूप में महिला मजदूर का पंजीयन कार्ड, शासकीय स्वास्थ्य संस्था में प्रसव का डिस्चार्ज टिकिट, अधिकतम दो जीवित जन्म वाले प्रसव का ANMद्वारा जारी प्रमाण पत्र, एमसीपी कार्ड, आधार कार्ड, आधार से संबंध बैंक खाते की छायाप्रति लगेगी। श्रम विभाग के पोर्टल www.shramiksewa.mp.gov.in के हितग्राही का सत्यापन किया जायेगा।           
    इसके साथ्‍ ही असंगठित कर्मकार को विभाग द्वारा चिन्हित 21 गंभीर  बीमारियों के नि:शुल्क उपचार हेतु संचालित राज्य बीमारी सहायता निधि योजना का लाभ भी दिया जाएगा। पहले यह योजना गरीबी से नीचे जीवन यापन करने वले सदस्यों एवं समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत विन्हित श्रमिक संवर्ग के परिवारों के लिए ही थी। इच्छुक पंजीकृत असंगठित कर्मकार को स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइटwww.health.mp.gov.in पर राज्य बीमारी सहायता निधि योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु ऑनलाइनआवेदन करना होगा। ऐसा आवेदन प्रस्तुत करते समय उन्हें अपना जीवित कर्मकार पंजीयन भी दर्ज कराना होगा। योजनांतर्गत चिन्हित बीमारियों के उपचार हेतु प्रदेश के अंतर एवं बाहर एन.ए.बी.एच से मान्यता प्राप्त शासकीय-अशासकीय अस्पतालों को मान्यता प्रदान की गई हैं।
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सिंह/कपूर
3677 अतिरिक्त हज यात्रियों को ठहराया जायेगा मीना क्षेत्र से बाहर
इंदौर12 मई 2018
      मध्यप्रदेश हज कमेटी के सचिव श्री दाउद अहमद खान ने बताया की हज कमेटी ऑफ इंडियाअल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार से प्राप्त जानकरी अनुसार हज-2018 में अतिरिक्त कोटे की 3677 सीट्स पर भेजे जाने वाले हज यात्रियों को मीना की पारंपरिक सीमाओं के बाहर ठहराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त दूसरी सुविधाएं जैसे- टेन्टभोजननाश्तापरिवहन आदि की व्यवस्था वैसे ही रहेगी, जैसे कि मीना में ठहरने वाले हज यात्रियों को दी जाती हैं।
सिंह/कपूर
इंदौर जिला भारत सरकार की बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम में शामिल
इंदौर, 12 मई 2018
    भारत सरकार द्वारा क्रियांवित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत इंदौर जिले को भी शामिल किया गया हैं। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत इंदौर सहित प्रदेश के कुल 36 जिले शामिल किये गये हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित जिलों में 6 विभागों द्वारा मिलकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का समन्वित रूप से क्रियांवयन किया जायेगा। इन विभागों द्वारा इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियांवयन के लिए जिला स्तरीय कार्य योजना भी बनाई जायेगी।
    जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री राकेश वानखेड़े ने बताया कि इंदौर जिले को इस कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल करने से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को प्रभावी और  ढ़ंग से क्रियांवित करने में गति आयेगी। उन्होने बताया कि इस योजना के क्रियांवयन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शहरी विकास अभिकरण को शामिल किया गया हैं। उक्त सभी विभाग समन्वित कार्ययोजना तैयार करेगें। साथ ही जिले में जिला स्तरीय, विकास खण्ड स्तरीय और ग्राम पंचायत स्तरीय समिति का गठन भी किया गया हैं।
/सिंह/कपूर
दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को स्थाईकर्मी नियमित वेतनमान मिलेगा
 इंदौर 12 मई 2018
      मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार 7 अक्टूबर 2016 द्वारा कार्यरत दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को स्थाईकर्मियों में विनियमित करने की योजना के जारी दिशा-निर्देशें के तहत इंदौर जिला अंतर्गत कार्यालय सहायक आयुक्त  जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास इंदौर, प्राचार्य एकलव्य आवासीय विद्यालय मोरोद इंदौर, प्राचार्य ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय मोरोद इंदौर में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को स्थाईकर्मी नियमित वेतनमान दिया जायेगा।
      सहायक आयुक्त आदिवासी विकास इंदौर ने बताया कि तत्संबंधी कार्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास इंदौर अंतर्गत संचालित विभागीय छात्रावास एवं आश्रमों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी/श्रमिक कर्मचारियों की प्रारंभिक वरियता सूची तैयार कर नोटिस बोर्ड पर सूचियां जारी/चस्पा की गई है। सूची अंतर्गत यदि कोई श्रमिक अपने दावे/आपत्ति प्रस्तुत करना चाहते है, तो मय दस्तावेज प्रमाण पत्र के साथ 10 दिनों के अंदर कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते है। समयावधि पश्चात दावे/आपत्ति मान्य/स्वीकार नहीं किये जायेंगे।
 सिंह/कपूर
लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 18 हजार 517 बालिकाओं को छात्रवृत्ति
 इंदौर 12 मई 2018/
      संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास संभाग इंदौर श्री राजेश मेहरा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में इंदौर संभाग अंतर्गत 18517 बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत छात्रवृत्ति हेतु चिन्हित किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत कक्षा 6 वीं में प्रवेश करने वाली बालिकाओं को छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रावधान है। योजना के तहत इंदौर जिले में  3614 बालिकाओं, बड़वानी में 1793, बुरहानपुर में 525, झाबुआ में 365, खण्डवा में 4457, धार में 5800, अलीराजपुर में 245 तथा खरगोन में 1718 बालिकाओं को छात्रवृत्ति हेतु चिन्हित किया गया है।
      श्री मेहरा ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति दिये जाने का उद्देश्य बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना व बाल विवाह को हतोत्साहित करना है। योजना अंतर्गत बालिका के कक्षा 6 वीं में प्रवेश लेने पर 2 हजार रूपये, कक्षा 9 वीं में प्रवेश पर 4 हजार रूपये, कक्षा 11 वीं में प्रवेश लेने पर 6 हजार रूपये तथा कक्षा 12 वीं में प्रवेश लेने पर 6 हजार रूपये ई-पेमेंट के माध्यम से भुगतान किया जाता है। योजना अंतर्गत बालिका बालिका की आयु 21 वर्ष होने पर तथा कक्षा 12 वीं परीक्षा में सम्मिलित होने पर अंतिम भुगतान अंतिम भुगतान के रूप में एक लाख रूपये का किया जाता है। किन्तु शर्त यह है कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्व न हुआ हो।
/सिंह/कपूर