Wednesday, 25 April 2018

सफलता की कहानी -
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत झोपड़ी में
रहने वाले कैलाश को मिला पक्का मकान
बावल्या खुर्द में बनी 21 आवासों की प्रधानमंत्री कॉलोनी
इंदौर, 25 अप्रैल 2018
    ग्राम बाबल्याखुर्द तहसील इन्दौर निवासी कैलाश, जो कि वर्षों से झोपड़ी में रहते थे, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें अब पक्का मकान मिल गया है, जिससे वह बहुत खुश है। इनके साथ 20 और लोगों को गाँव से एक किमी की दूरी पर मुख्यमंत्री सड़क के किनारे पक्के मकान ग्राम पंचायत द्वारा बनाकर दे दिये गये हैं। प्रत्येक मकान पर एक लाख 35 हजार रूपये खर्च हुए हैं। अन्य योजनाओं के तहत भी इस कालोनी को लाभान्वित किया गया है। गाँव में प्रधानमंत्री कालोनी के नाम से विख्यात यह मोहल्ला अब आबाद होने वाला है। यहाँ पर सभी घरों में 12 हजार रूपये की लागत से शौचालय भी बना दिये गये हैं। ये मकान 15 बाय 15 फीट के हैं, और इसमें एक कमरा, एक किचन और पीछे एक अलग से शौचालय भी है। जन सहयोग से यह शौचालय बनाये गये हैं।
   जनपद पंचायत द्वारा जनभागीदारी योजना के तहत इन आवासों के बीच में पक्की सड़क भी बना दी गई है। इसके अलावा इस कालोनी के पास में जल संवर्धन के लिये एक छोटा तालाब और बच्चों के खेलने-कूदने के लिए खेल मैदान भी बना दिया गया है। खेल मैदान पर लगभग 68 हजार रूपये और तालाब निर्माण पर लगभग 70 हजार रूपये खर्च हुए हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोग जो अभी तक कई पीढ़ियों से झुग्गी झोपड़ी और टीन- टापरे के मकान में रहते थे, उन्हें अब आरसीसी छत वाले मकान मिल गये हैं। उन्हें पेयजल के लिए नलजल योजना का भी लाभ दिया जायेगा। पानी की टंकी एकमहीने में बन जायेगी। नल कनेक्शन और बिजली कनेक्शन हर घर में दे दिये गये हैं। अब गरीब लोग ग्रामीण क्षेत्र में शहरी कालोनी जैसे मोहल्ले में निवास करेंगे। उनकी किस्मत पूरी तरह बदल चुकी है।
    ग्राम पंचायत सचिव श्री जीवन मण्डलोई ने चर्चा के दौरान बताया कि शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिये मुफ्त में आवास बनाकर दिये जा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता पाटीदार शीघ्र ही इस कालोनी का उदघाटन करेगी और हितग्राहियों को मकान की चाबी दे दी जायेगी। इस कालोनी में तरह-तरह के पेड़-पौधे और फूल के पौधे भी लगा दिये गये हैं, जिनकी रोज सिंचाई हो रही है। एमपीईबी द्वारा इन्हें बिजली कनेक्शन भी दे दिया गया है। हर घर के बाहर मीटर लगा दिया गया है। रोजगार सहायक श्री संजय शर्मा इन आवासों की रंगाई-पुताई कराने में लगे हुए हैं।
ज्ञातव्य है कि वर्ष 2011 में सामाजिक-आर्थिक जनगणना के तहत प्रधानमंत्री आवास के लिये हितग्राहियों का चयन किया गया था। इसमें अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़ा वर्ग के हितग्राही शामिल हैं। इसमें एपीएल और बीपीएल का कोई भेदभाव नहीं है। सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 को ही आधार माना गया है। इस नई कालोनी में सुगनबाई शोभाराम, हुकुमचंद अनार सिंह, दयाराम मंतू, गजानंद रामसिंह, नंदू अनारसिंह, कालूसिंह धन्नालाल, कैलासीबाई दशरथ, कमलबाबू, सौरभबाई रतनलाल (सभी अन्य पिछड़ा वर्ग), मुरारी बाबूलाल, ताराबाई भीलू, भूरीबाई पदमसिंह (सभी अजा वर्ग), पप्पू रामप्रसाद, सेवकराम बालू, लक्ष्मी हरेसिंह, जगदीश हीरालाल, पप्पू नत्थू, राधाबाई देवा, सोहन नागूजी, धनीबाई नाहरसिंह और कैलाश हीरालाल (सभी अजजा वर्ग) को इस कालोनी में आवास बनाकर दिये गये हैं। इस कालोनी का अभी उदघाटन होना शेष है।
अमानक उर्वरक प्रतिबंधित
इंदौर, 25 अप्रैल 2018
    उप संचालक कृषि श्री विजय कुमार चौरसिया ने जाँच उपरान्त अमानक पाये जाने पर कुछ उर्वरकों के क्रय-विक्रय, भण्डारण और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जारी आदेशानुसार एसएसपी 16 प्रतिशत विक्रेता सेवा सहकारी संस्था मर्यादित सेमलिया चाउ इन्दौर निर्माता श्रीराम फर्टीलाइजर एण्ड केमिकल नईदिल्ली उर्वरक बैच क्रमांक ओसीआर 46 और 47, एनपीके विक्रेता यारा फर्टीलाइजर मनोरमा गंज इन्दौर निर्माता यारा फर्टीलाइजर प्रायवेट लिमिटेड पुणे बैच क्रमांक 58/2017, उर्वरक माइक्रो न्यूट्रीऐन्ट फर्टिलाइजर मिक्चर विक्रेता रोहाना एग्री लिमिटेड एसआर कम्पाउण्ड इन्दौर उर्वरक निर्माता राणाडे माइक्रो न्यूट्रीऐन्ट प्रायवेट लिमिटेड उर्वरक बैच क्रमांक ए781619, सल्फर 90 प्रतिशत विक्रेता होलिक्स काप साइन्स प्रायवेट लिमिटेड निर्माता होलिक्स काप साइन्स प्रायवेट लिमिटेड 32ए महालक्ष्मी नगर इन्दौर बैच क्रमांक एचसी 01, उर्वरक मोनो पोटेशियम एनपीके विक्रेता नागार्जुन फर्टिलाइजर एण्ड केमिकल्स निर्माता नागार्जुन फर्टिलाइजर एण्ड केमिकल्स 32 एसडीए कम्पाउण्ड इन्दौर बैच क्रमांक जेआरएनजेड 726270, डीएपी विक्रेता मेसर्स अग्रवाल इन्टरप्राइजेस महू निर्माता इण्डियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कॉआपरेटिव लिमिटेड कांडला, एसएसपी विक्रेता सेवा सहकारी संस्था मर्यादित कमदपुर निर्माता रामा फास्फेट लिमिटेड केएम स्टोन राजोदा इन्दौर बैच क्रमांक 60, फॉस्फेट रिच आर्गेनिक विक्रेता सेवा सहकारी संस्था मर्यादित सिमरोल निर्माता त्रयंबकेश्वर एग्रो इंडस्ट्रीज प्रायवेट लिमिटेड झाबुआ बैच नंबर पी-1 और एसएसपी निर्माता बालाजी फॉस्फेट इंडस्ट्रीयल एरिया देवास विक्रेता सेवा सहकारी संस्था मर्यादित शेरपुर इन्दौर बैच क्रमांक एच-08 को मध्यप्रदेश उर्वरक नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 26 के तहत क्रय-विक्रय, भण्डारण और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया है।
राज्य सूचना आयुक्त श्री आत्मदीप आज इन्दौर में
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मीडियाकर्मियों से करेंगे चर्चा
इंदौर, 25 अप्रैल 2018
    राज्य सूचना आयुक्त श्री आत्मदीप आज 26 अप्रैल,2018 को दोपहर 12 बजे इन्दौर आएंगे और शाम 4 बजे नेशनल यूनियन फॉर जर्नलिस्ट इंडिया के प्रतिनिधियों एवं मीडियाकर्मियों से सूचना के अधिकार के संबंध में रेसीडेंसी कोठी सभाकक्ष में चर्चा करेंगे। 27 अप्रैल को पूर्वाह्न 11 बजे श्री आत्मदीप एक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एण्ड रिसर्च, इन्दौर बायपास, मुगालिया चौराहा इन्दौर में सूचना के अधिकार पर आयोजित सेमिनार को सम्बोधित करेंगे। श्री आत्मदीप 28 अप्रैल को प्रात: 9 बजे इन्दौर से भोपाल के लिये कार द्वारा रवाना होंगे। 
रोजगारमूलक शिक्षा समय की सबसे बड़ी जरूरत - मुख्यमंत्री श्री चौहान
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मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा सिंबॉयसिस यूनिवर्सिटी
ऑफ अप्लाईड साइंसेस इंदौर का उद्घाटन
इंदौर 25 अप्रैल,2018
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रोजगारमूलक शिक्षा समय की सबसे बड़ी जरूरत है। रोजगारमूलक शिक्षा के विस्तार के लिये राज्य शासन द्वारा निरन्तर कारगर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य शासन का संकल्प है कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हों, जिससे कि औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल सके। उद्योगों की आवश्यकताओं का आंकलन कर मध्यप्रदेश में युवाओं को रोजगारमूलक शिक्षा दी जा रही है। इसके लिये आईआईटी का उन्नयन किया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज यहाँ सुपर कॉरिडोर स्थित सिंबॉयसिस यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाईड साइंसेस के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, इन्दौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, विधायकगण सर्वश्री मनोज पटेल, सुदर्शन गुप्ता, रमेश मेंदोला तथा महेन्द्र हार्डिया और सुश्री उषा ठाकुर, सिंबॉयसिस यूनिवर्सिटी के चान्सलर डॉ. एस.बी. मजूमदार, प्रो चान्सलर डॉ. स्वाति मजूमदार विशेष रूप से मौजूद थे।
    समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में बिजली, सड़क, पानी, कृषि विकास तथा शिक्षा के विस्तार के लिये प्राथमिकता के साथ तेजी से काम किये गये हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश में डेढ़ लाख किलोमीटर की नई सड़क बनाई गई है। नागरिकों को 24x7 बिजली देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके फलस्वरूप प्रदेश में अनेक बड़ी शैक्षणिक संस्थाएँ शुरू हुई हैं। इनमें प्रमुख रूप से सिंबॉयसिस, इन्फोसिस, नरसीमुंजी, टीसीएस आदि शामिल है। शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षा के अनुरूप बेहतर निवेश हुआ है। अब हमारे प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिये प्रदेश के बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। मध्यप्रदेश में रोजगारमूलक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में ऐसे कुशल विद्यार्थी तैयार हों, जिन्हें शिक्षा प्राप्त करते ही रोजगार प्राप्त हो सके। इसके लिये औद्योगिक इकाईयों से भी निरन्तर सम्पर्क किया जा रहा है, और उनकी आवश्यकता का आंकलन कर शिक्षा व्यवस्था की जा रही है। आईआईटी का उन्नयन भी किया जा रहा है। प्रदेश में ग्लोबल स्कील पार्क बनाया जा रहा है।
    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये सिंबॉयसिस यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाईड साइंसेस के चांसलर डॉ. एस.बी. मजूमदार ने कहा कि मध्यप्रदेश में उन्हें शैक्षणिक संस्था की स्थापना के लिये राज्य शासन विशेषकर मुख्यमंत्री श्री चौहान का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है। प्रदेश शासन की मित्रवत नीति के कारण निवेश करने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। शैक्षणिक संस्था की स्थापना के लिये आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त जमीन और सुविधाएँ राज्य शासन द्वारा मुहैया कराई गई। शासन के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों का भी सहयोग प्राप्त हुआ।
    सिंबॉयसिस यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाईड साइंसेस की प्रो-चांसलर डॉ. स्वाति मजूमदार ने कहा कि चार वर्ष पूर्व ही इस संस्थान के लिये भूमिपूजन किया गया था। कम समय में ही भवन बनकर तैयार होना और यूनिवर्सिटी चालू होना हम सबके लिये गौरव का विषय है। इसके लिये उन्होंने राज्य शासन विशेषकर मुख्यमंत्री श्री चौहान, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों के प्रति आभार ज्ञापित किया। डॉ. मजूमदार ने कहा कि सिंबॉयसिस यूनिवर्सिटी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप रोजगारमूलक शिक्षा केन्द्रित किया गया है। कार्यक्रम के अन्त में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. कैलाश श्रीवास्तव ने आभार माना। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी ने इसी साल से 1नए सर्टिफिकेट कोर्सेस के साथ एमबीए एक्जीक्युटिव का कोर्स भी शुरू करने की घोषणा की ।
    देश की एकमात्र स्कील डेवलेपमेट युनिवर्सिटी सिंबॉयसिस ने सन 2016 से यहाँ अपना पहला चरण शुरू किया था। 2 साल बाद अब 2018 मेंयूनिवर्सिटी पूरी तरह शुरू हो गई है। यूनिवर्सिटी को यहाँ के लोगों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। यूनिवर्सिटी के पाँच स्कूल ऑफ बैंकिंगफायनेंसियलर्विसेस एवं इन्श्यूरेंस, स्कूल ऑफ रिटेल मैनेजमेंट व ई-कॉमर्स, स्कूल ऑफ आटो मोबाइल एवं मैन्युफेक्चरिंग, स्कूल ऑफ मेकेट्रानिक्स, स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइन्स एण्ड इन्फॉरमेशन टेक्नालॉजी में 800 से ज्यादा छात्र-छात्राएं ढ़ रहे हैं। यहाँ एमबीए, बीएफएसआईबीबीएआर.एमआटोमोबाईल एण्ड मैन्यूफेक्चरिंग, बी-टेक, सीएसआईटी जैसे कोर्सेस कराए जा रहे हैं। आने वाले सत्र में यूनिवर्सिटी अपनी कार्पोरेट सोशल रिसपांसिबिलिटी के तहत कम्युनिटी कॉलेज खोलने की योजना बना रही है। इसका मकसद कम समयावधि में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम कोर्सेस से युवाओं को कौशल दक्ष बनाना है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी एमबीए एक्जीक्युटिव कोर्स और विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू कर रही है।
    उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने यूनिवर्सिटी परिसर का अवलोकन किया तथा कॉलेज द्वारा स्कील डेवलपमेंट के लिए दिये जा रहे विभिन्न प्रशिक्षणों की जानकारी ली। उन्होंने इस दौरान जर्मन से आयतित लुकास न्यूले लेबद फायनेंसियल सेंटरट्रेनिंग बैंकरिटेल लेब, सेल्स लेब आदि का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, विद्यार्थी, अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।