Wednesday, 9 May 2018

पीपीपी मोड पर रोजगार कार्यालयों का प्लेसमेंट सेंटर के रूप में होगा उन्नयन
राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी की मौजूदगी में हुआ एमओयू 
इंदौर 09 मई 2018
        कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी की मौजूदगी में राज्य मंत्रालय भोपाल में प्रदेश के रोजगार विभाग और यशस्वी एकेडमी फॉर टेलेन्ट मैनेजमेंट प्रा.लि. पुणे के बीच पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के आधार पर रोजगार कार्यालयों के प्लेसमेंट सेंटर के रूप में उन्नयन के लिये करारनामे (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। रोजगार विभाग की ओर से संचालक श्री संजीव सिंह और एकेडमी की ओर से संचालक श्री विश्वेष कुलकर्णी ने करारनामे पर हस्ताक्षर किये। राज्य मंत्री श्री जोशी ने कहा कि इस करारनामे से चयनित 15 जिला मुख्यालयों पर बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करवाने के कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित होंगे।
प्लेसमेंट सेंटर के लिये चयनित जिले
        प्रदेश में जन-भागीदारी आधार पर रोजगार कार्यालयों को प्लेसमेंट सेंटर के रूप में प्रोजेक्ट करने के लिये 15 जिले चयनित किये गये हैं। इनमें भोपालइंदौर,जबलपुररीवाग्वालियरसागरउज्जैनहोशंगाबादशहडोलधारखरगौनदेवाससिंगरौलीसतना एवं कटनी जिले शामिल हैं।
पीपीपी मोड का मुख्य उद्देश्य
        यह कम्पनी आधुनिक प्लेसमेंट सेंटर्स को नियोजित एवं क्रियान्वित करेगी। कम्पनी द्वारा युवाओं को निजी क्षेत्र में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ व्यक्तित्व विकाससी.वी. लेखन तथा बाजार की अद्यतन माँग आदि की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जायेगी। पीपीपी मोड के अंतर्गत बाजार की मानव संसाधन माँगों का आकलन एवं विश्लेषण किया जायेगा और बेरोजगार युवाओं की कॅरियर काउंसिलिंग की जायेगी। युवा बेरोजगारों को बाजार की माँगों के अनुसार तैयार करने के साथ-साथ रोजगार मेले एवं कॅरियर काउंसिलिंग सत्रों का आयोजन होगा। इसके अलावास्थानीय नियोजकों से समन्वय कर आवेदकों को संबंधित जिलों में रोजगार उपलब्ध करवाया जायेगा।
        इस मौक पर म.प्र. राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण के अध्यक्ष श्री हेमन्त विजय राव देशमुखप्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षाकौशल विकास एवं रोजगार श्री अशोक वर्णवालमुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुखबीर सिंह एवं अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
/महिपाल/विजय
बैकलॉग पदों पर भर्ती शीघ्र की जाये : राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य
सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न 
इंदौर 09 मई 2018
                सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने बैकलॉग पदों पर शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिये हैं। श्री आर्य आज मंत्रालय भोपाल में सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल उपस्थित थे।
        श्री आर्य ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में विलम्ब नहीं किया जायेये प्रकरण समय-सीमा में निराकृत किये जायें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में श्रेणीवार रिक्त पदों की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग में होना चाहिये। श्री आर्य ने जाँच के लम्बित प्रकरणों में शीघ्र पेशी करवाने के निर्देश दिये।
        राज्य मंत्री ने कहा कि विभाग की उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करने के लिये उप सचिव स्तर का नोडल अधिकारी बनाया जाये। श्री आर्य ने कहा कि जाति प्रमाण-पत्र लम्बित जिले वाले जिला कलेक्टरों को नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले जाति प्रमाण-पत्र के लम्बित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये परिपत्र जारी किया जाये।
        राज्य मंत्री श्री आर्य ने मंत्रालय के एनेक्सी भवन की प्रगति के संबंध में निर्माण एजेन्सी सीपीए के अधिकारियों से चर्चा की। इस मौके पर बताया गया कि एनेक्सी भवन की टेस्टिंग चल रही है, 30 जुलाई तक भवन तैयार हो जायेगा। भवन को फायर प्रूफ बनाया गया है। फर्नीचर के सैम्पल आ गये हैं। भवन का एक साल तक ठेकेदार द्वारा रख-रखाव किया जायेगाउसके बाद टेंडर किया जायेगा। गो-डाउन का काम अगले जून माह तक पूरा हो जायेगा। पार्किंग की व्यवस्था भी शीघ्र शुरू होगी। श्री आर्य ने कहा कि 22 मई के बाद एनेक्सी भवन का निरीक्षण करेंगे।
        राज्य मंत्री श्री आर्य ने लोक सेवा केन्द्र के जरिये बच्चे का जाति प्रमाण-पत्र बनवाने आये आवेदन पर आवेदक श्री गोपाल सिंह मीना तहसील कालापीपल,जिला शाजापुर से दूरभाष पर चर्चा की। आवेदक द्वारा बताया गया कि अभी तक प्रमाण-पत्र नहीं बना हैकागजों की खाना पूर्ति भी कर दी गई है। श्री आर्य ने इस संबंध में शाजापुर कलेक्टर को मोबाइल पर संबंधित आवेदक के बारे में बताकर त्वरित निराकरण करने को कहा।
/महिपाल/विजय
पंजीकृत असंगठित मजदूरों को स्वास्थ्य की दो सौगात
गर्भवती माताओं को मिलेगा 16 हजार रूपये की सहायता
श्रमिकों की 21 गम्भीर बीमारियों का होगा मुफ्त इलाज
इंदौर 09 मई 2018
     मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा (प्रसूति सहायता) योजना 2018 मध्यप्रदेश के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत असंगठित महिला मजदूरों के लिए प्रारंभ की गई हैं। इस योजना के तहत पंजीकृत असंगठित मजदूर महिलाओं को प्रसूति की स्थिति में कार्य से अनुपस्थित होने के कारण होने वाली आर्थिक क्षति की प्रतिपूर्ति की जायेगी, जिससे माता एवं नवजात शिशु के स्वास्थ्य व पोषण में सुधार होगा साथ ही साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं में सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहारों के अनुसरण में सुधार होगा। यह योजना 1 अप्रैल 2018 से प्रभावशील हो गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम गर्भावस्था की शीघ्र पहचान, सुरक्षित प्रसव, गर्भवती एवं शिशु जन्म के उपरांत टीकाकरण कां समुचित बढ़ावा देना तथा महिलाओं व शिशुओं के स्वास्थ्यवर्धन हेतु नगद प्रोत्साहन राशि से अनुकूल वातावरण का निर्माण करना हैं। इस योजना की पात्रता 18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं एवं प्रसूताओं संबंधित महिला पंजीकृत असंगठित कर्मकार होना चाहिए। प्रसूति सहायता शासकीय चिकित्सालय में प्रसव होने की स्थिति में ही देय होगी तथा प्रसूति सहायता का लाभ अधिकतम दो जीवित जन्म वले प्रसव हेतु ही मन्य किया जायेगा। इसमें प्रथम किस्त के रूप में गर्भावस्था के दौरान 04 प्रसव पूर्व जांच कराने पर 4 हजार रूपये तथा शासकीय चिकित्सालय में प्रसव होने पर नवजात शिशु का संस्थागत जन्म उपरांत पंजीयन करावाने तथा शिशु को जीरो डोज बीसीजी, ओपीवी तथा एचबीवी टीकारण करवाने पर 12 हजार रूपये दिये जायेगें। इस तरह कुल 16 हजार रूपये दिए जायेगें। इसमें आवश्यक दस्तावेज के रूप में महिला मजदूर का पंजीयन कार्ड, शासकीय स्वास्थ्य संस्था में प्रसव का डिस्चार्ज टिकिट, अधिकतम दो जीवित जन्म वाले प्रसव का ANMद्वारा जारी प्रमाण पत्र, एमसीपी कार्ड, आधार कार्ड, आधार से संबंध बैंक खाते की छायाप्रति लगेगी। श्रम विभाग के पोर्टल www.shramiksewa.mp.gov.in के हितग्राही का सत्यापन किया जायेगा।           
     इसके साथ्‍ ही असंगठित कर्मकार को विभाग द्वारा चिन्हित 21 गंभीर  बीमारियों के नि:शुल्क उपचार हेतु संचालित राज्य बीमारी सहायता निधि योजना का लाभ भी दिया जाएगा। पहले यह योजना गरीबी से नीचे जीवन यापन करने वले सदस्यों एवं समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत विन्हित श्रमिक संवर्ग के परिवारों के लिए ही थी। इच्छुक पंजीकृत असंगठित कर्मकार को स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट www.health.mp.gov.in पर राज्य बीमारी सहायता निधि योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु ऑनलाइनआवेदन करना होगा। ऐसा आवेदन प्रस्तुत करते समय उन्हें अपना जीवित कर्मकार पंजीयन भी दर्ज कराना होगा। योजनांतर्गत चिन्हित बीमारियों के उपचार हेतु प्रदेश के अंतर एवं बाहर एन.ए.बी.एच से मान्यता प्राप्त शासकीय-अशासकीय अस्पतालों को मान्यता प्रदान की गई हैं।
/सिंह/जी
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विभागीय विद्यालयों के
289 विद्यार्थियों ने जेईई मेन परीक्षा उत्तीर्ण की
इंदौर 09 मई 2018
     इंदौर संभाग के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विभागीय विद्यालयों के 289 विद्यार्थियों ने जेईई मेन परीक्षा उत्तीर्ण की है और इस सफलता के माध्यम से जेईई एडवांस के लिये क्वालिफाई कर अपने केरियर की शानदार बुनियाद रखी है।
     संभाग मुख्यालय पर इन 163 विद्यार्थियों को म.प्र. शासन की महत्वाकांक्षी योजना एवं नवागत संभागायुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह के विशेष प्रयासों से ग्रामीण आदिवासी अंचल के प्रतिभावान 50 छात्राएं एवं 213 छात्र है, जिनकों जेईई एडवांस का संभागीय मुख्यालय पर विशेष आवासीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण 8 मई, 2018 तक ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय मोरोद इंदौर में प्रारंभ किया गया है।
        प्रशिक्षण ऐलेन केरियर कोचिंग के विषय विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा है। उक्त प्रशिक्षण में संभाग की विभागीय संस्थाओं से उत्तीण अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राएं आगामी दिनों में प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु संभाग मुख्यालय पर संपर्क कर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है।
        प्रशिक्षण में संभाग भर से आए विद्यार्थियों में छात्राओं की भोजन/आवास व्यवस्था ज्ञानोदय विद्यालय मोरोद में व छात्रों की भोजन/आवास व्यवस्था एकलव्य आवासीय विद्यालय मोरोद इंदौर में की गई है। प्रशिक्षण के शुभारंभ पर श्री गणेश भाबर संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग इंदौर संभाग इंदौर ने इसे विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए सफल विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है।
/महिपाल/विजय
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश
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संभाग में सभी पात्र श्रमिकों का पंजीयन और सत्यापन 15 मई तक पूरा करें
- कमिश्नर श्री सिंह
इंदौर 09 मई 2018
    कमिश्नर श्री राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज क्रिस्टल आईटी पार्क सभाकक्ष में कलेक्टर कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें सभी जिला के कलेक्टर्स और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि जिला पंचायतों के अधिकारीगण प्रधानमंत्री आवास योजना में तीन माह के भीतर शत्-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। जो हितग्राही आवास निर्माण में रूचि नहीं ले रहें हैं, उनके आवास निरस्त कर दिये जाये। जो आवास प्रगतिरत है, उन्हे विशेष मुहिम चलाकर शीघ्रातिशीघ्र पूरा किया जाये। जरूरत पड़ने पर सेंटिंग, मटेरियल और मजदूर भी पड़ोसी जिलों से लिये जा सकते हैं। सेंटिंग मटेरियल के लिए बेरोजगारों को बैंकों से ऋण भी दिलाया जा सकता हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में इंदौर संभाग में प्रदेश में नं. 1 बनाना हैं।
    कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि गेंहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि 15 मई 2018 तक गेंहू और चने की खरीदी पूरी कर ली जाये। किसानों को भावांतर भुगतान योजना का लाभ दिया जाये। इसके लिए आवश्यक बजट राज्य शासन से प्राप्त कर लिया जाये। कोई भी पात्र किसान भावांतर भुगतान योजना के लाभ से वंचित न हो। मण्डियों में टोलकाटों की जांच की जाये। इंदौर संभाग में भावांतर भुगतान योजना का प्रभावी क्रियांवयन जरूरी हैं। गेंहू उपार्जन के बाद उनका परिवहन और भण्डारण समय-सीमा में कर लिया जाये।
    असंगठित श्रमिकों के पंजीयन की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इंदौर संभाग में विशेष मुहिम चलाकर 15 मई 2018 से पूर्व असंगठित श्रमिकों को पंजीयन और सत्यापन पूरा कर लिया जाये। उसके बाद उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाये। राज्य शासन द्वारा जून के द्वितीय सप्ताह में प्रदेश के सभी जिलों में श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर आदान सामग्री, चैंक और आर्थिक सहायता आदि का वितरण किया जायेगा। श्रमिक और उनके परिवार को अनुग्रह राशि, इलाज और बीमा आदि का लाभ मिलेगा। बच्चों को छात्रवृत्ति शिक्षा विभाग के माध्यम से दी जायेगी। गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सहायता  स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से दी जायेगी। इस संबंध में पंचायतों और नगरीय निकायों के अधिकारियों को आगामी 11 मई को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में योजना के प्रभावी क्रियांवयन के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह प्रशिक्षण अपर श्रमायुक्त श्री प्रभात दुबे और सहायक श्रमायुक्त श्री बी.पी. सिंह देगें।
    उज्जवला योजना की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इस योजना में अधिकाधिक हिग्राहियों को लाभांवित किया जाये। इस योजना के क्रियांवयन के लिए तेल कंपनियों से चर्चा की जाये। हितग्राहियों के बैंक खातों को केवायसी और मोबाइन नंबर से जोड़ा जाये। संभाग में लगभग 5 लाख हितग्राहियों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये जा चुके हैं और शेष 1 लाख 30 हजार हितग्राहियों को शीघ्रतिशीघ्र गैस कनेक्शन देकर शत्-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाये।
    उन्होने कहा कि संभाग में सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता को पेयजल सुविधा मुहिया करायी जाये। जरूरत पड़ने पर पेयजल परिवहन भी किया जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। बंद हेडपम्प चालू की जाये, नये ट्यूबवेल लगाये जाये, संभाग बंद 131 नलजल योजनाएं शीघ्र शुरू की जाये।
    बैठक में औद्योगिक केन्द्र विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरूषोत्तम ने बताया कि इंदौर संभाग में उद्योग लगाने की व्यापक संभावनाएं हैं। ट्रेन और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, मजदूरों की उपलब्धता और तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता के कारण अधिकांश उद्योगपति इंदौर में उद्योग लगाना चाहते हैं। इंदौर संभाग के सभी जिलों में नये औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये गये हैं। धार जिला प्रशासन द्वारा धार जिले में 3 हजार हेक्टेयर जमीन उद्योग लगाने के लिए दी गई हैं। पीथमपुर के बाद धामनोद इस क्षेत्र में सबसे बडा उद्योगिक क्षेत्र बनने वाला हैं1 इस क्षेत्र कई उद्योगिक कंपनियां आने वाली हैं। कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की व्यापक संभावनाएं हैं। खरगोन के निमरानी में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाये जा रहे हैं। क्रिस्टल आईटी पार्क में 12 देशी-विदेशी कम्पनियां काम कर रही हैं। माही डैम बन जाने के बाद धार जिले के उद्योगों को पर्याप्त पानी मिलेगा। इंदौर में शीघ्र ही नया डायमंड पार्क विकसित किया जायेगा। निमाड़ क्षेत्र में कपड़ा उद्योग की व्यापक संभावनाएं हैं। मेघनगर (झाबुआ) में रॉक फास्फेट पर आधारित उद्योग सफलतापूवर्क चल रहें हैं।
    बैठक में सभी कलेक्टरर्स, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर आयुक्त श्रीमती वंदना वैद्य, संयुक्त आयुक्त श्रीमती चेतना फौजदार, कृषि लोक स्वास्थ्य, यांत्रिकी, श्रम, उद्योग आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

/सिंह/जी
सौभाग्य योजना इंदौर जिले में लक्ष्य के अनुरूप
 शत-प्रतिशत घरों में पहुँची बिजली
इंदौर 09 मई 2018
    मध्यप्रदेश में सौभाग्य योजना में अब तक 14 लाख 10 हजार 708 घरों में बिजली कनेक्शन कर दिये गये हैं। प्रदेश में कुल 28 लाख 80 हजार बिजली कनेक्शन विहीन घरों को अक्टूबर 2018 तक विद्युतीकृत करने का लक्ष्य है। इस योजना में अब तक 10 जिलों आगर-मालवामंदसौरइंदौरखण्डवानीमच देवासरतलामहरदाअशोकनगर और उज्जैन में विद्युतीकरण का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा कर सभी घर बिजली से रौशन कर दिए गए हैं।
    मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा बिजली विहीन सभी गरीब परिवारों के घरों में बिजली कनेक्शन किये जा रहे हैं। प्रदेश के तीन जिले सीहोर (99%), शाजापुर (99%) और भोपाल (96%) भी शीघ्र ही सौ फीसदी विद्युतीकरण की सूची में शामिल हो जायेंगे।
    अब तक पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 20 जिलों के 15 लाख हजार 20 घरों में बिजली कनेक्शन देने के लक्ष्य के विरूद्ध लाख 69 हजार 153 घरों में बिजली कनेक्शन कर दिये गये हैं। मध्य क्षेत्र कंपनी ने 16 जिलों के 18 लाख 55 हजार 325 घरों के विद्युतीकरण के लक्ष्य के विरूद्ध लाख हजार 555 घरों में बिजली कनेक्शन देकर उन्हें रौशन किया है। पश्चिम क्षेत्र कंपनी द्वारा अक्टूबर तक क्षेत्र के 15 जिलों में लाख 16 हजार 851 गरीब परिवारों के घरों में बिजली कनेक्शन देने के लक्ष्य के विरूद्ध लाख38 हजार घरों में बिजली कनेक्शन कर दिए गए हैं।
    सौभाग्य योजना में निर्धन परिवारों के घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने के लिये प्रदेश को 60 प्रतिशत राशि केन्द्र से अनुदान के रूप में मिलती है। शेष 40 प्रतिशत राशि का प्रबंध राज्य शासन एवं तीनों विद्युत कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस योजना में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। अन्य लोगों से 500 रुपए की राशि 10 किश्तों में मासिक विद्युत बिल के साथ ली जाती है।
क्रमांक/80/1125/महिपाल/जी

मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना


युवाओं को स्वयं के उद्योग-व्यवसाय शुरू करने में मदद के लिए विगत एक अप्रैल से लागू की गई मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना लागू की गई है। योजना में 50 हजार युवा को सहायता देने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य अभी तक शुरू की गई सभी स्व-रोजगार योजनाओं की तुलना में सबसे ज्यादा है।
योजना का क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा शहरी क्षेत्रों में वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग के माध्यम से किया जायेगा। इसका उद्देश्य सभी वर्ग के युवाओं को स्वयं का उद्योग, सेवा व्यवसाय स्थापित करने के लिये बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाना है। हितग्राहियों को मार्जिन-मनी सहायता तथा ब्याज अनुदान की सुविधा दी जायेगी। योजना में आय सीमा का कोई बंधन नहीं है। प्रचलित योजनाओं में निर्धारित अहर्ताओं के अनुसार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाता रहेगा। मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना में गारंटी शुल्क का भुगतान तथा ब्याज अनुदान जैसी विशिष्ट सुविधाएँ दी जायेगी। अतः प्रचलित योजनाओं के ऐसे हितग्राही, जो मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना का लाभ प्राप्त करने की पात्रता रखते हैं, उन्हें वर्तमान सुविधाओं के अतिरिक्त इस योजना की सुविधाएँ भी दी जायेंगी।
आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, अन्य अधिकृत संस्थाओं द्वारा दिये गये माड्यूलर एम्प्लायबल स्किल्स प्रमाण-पत्र रखने वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जायेगी। साथ ही गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की सर्वे सूची में अंकित हितग्राहियों, अनुसूचित-जाति, जनजाति, निःशक्तजन और महिला हितग्राहियों के साथ-साथ उद्यमिता विकास कार्यक्रम में प्रशिक्षित हितग्राहियों को भी प्राथमिकता दी जायेगी।
वित्तीय सहायता के लिये दो तरह की श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं। एक श्रेणी में 50 हजार रुपये तक की परियोजना में तथा दूसरी श्रेणी में 50 हजार से अधिक और 25 लाख तक की परियोजनाओं के लिये सहायता दी जायेगी।
प्रथम श्रेणी में परियोजना लागत पर मार्जिन मनी सहायता 20 प्रतिशत (अधिकतम 10 हजार रुपये) होगी। परियोजना लागत पर ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत की दर से 5 वर्ष तक (2000 रुपये अधिकतम प्रतिवर्ष) दिया जायेगा। गारंटी शुल्क एक प्रतिशत की दर से अधिकतम 500 रुपये तथा गारंटी सेवा शुल्क 0.5 प्रतिशत की दर से (4 वर्ष के लिये) अधिकतम 1000 रुपये दी जायेगी।
दूसरी श्रेणी के हितग्राहियों को पूँजीगत लागत तथा कार्यशील पूँजी पर ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत की दर से 5 वर्ष तक देय होगा। गारंटी शुल्क 1 से 1.5 प्रतिशत, अधिकतम 37 हजार 500 रुपये दी जायेगी। गारंटी सेवा शुल्क (4 वर्ष के लिये) 0.5 से 0.75 प्रतिशत, अधिकतम 75 हजार रुपये दी जायेगी।
इंदौर के प्रसिद्ध बीजासन माता मंदिर को
प्रमुख धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा
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इंदौर ‍जिले के प्रभारी मंत्री श्री मलैया ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 का सघन भ्रमण कर विभिन्न विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया
इंदौर 09 मई 2018
    प्रदेश के वित्त एवं वाणि‍ज्यिककर मंत्री तथा इंदौर जिले के प्रभारी श्री जयंत मलैया ने कहा है कि इंदौर के प्रसिद्ध बीजासन माता मंदिर को प्रमुख धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इस मंदिर के परिसर में वृक्षारोपण सहित पर्यावरण सुधार के अन्य कार्यो के लिए पूरी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होने इसके लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।
    प्रभारी मंत्री श्री मलैया ने आज यह बात इंदौर जिले के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 सघन भ्रमण के दौरान बीजासन माता मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सौदर्यीकरण कार्यों के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही। बीजासन माता मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण पर लगभग डेढ़ करोड़ रूपये की राशि खर्च की जायेगी। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालिनी गौड, विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता, नगर निगम के पूर्व महापौर श्रीमती उमा शशि शर्मा, पूर्व सभापति श्री कैलाश शर्मा, क्षेत्रिय पार्षद श्री भगवान सिंह चौहान, पार्षद श्रीमती नीता शर्मा, श्री जयदीप जैन, श्री हरीश डवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गौतम सिंह भी मौजूद थे।
    मंत्री श्री मलैया ने अपने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के भ्रमण की शुरूआत एरोड्रम रोड स्थित अखण्ड धाम से की। वहां उन्होने 3 करोड़ 11 लाख रूपये की लागत से एरोड्रम थाने तक बनने वाले 6 लेन सड़क का भूमिपूजन किया। इसके पश्चात उन्होने 22 लाख रूपये की लागत से विकसित किये जाने वाले पल्लहर नगर चौराह तथा 31 लाख रूपये की लागत से विकसित किये जाने वाले कालानी नगर चौराह के सौदर्यीकरण तथा विकास कार्यो का भूमिपूजन किया। इस दौरान उनके साथ महापौर श्रीमती मालिनी गौड, विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता, नगर निगम के पूर्व सभापति श्री कैलाश शर्मा, पार्षदगण श्री दीपक जैन, श्री मनोज मिश्रा, श्री अश्वनी शुक्ला, श्री नीता शर्मा, श्री राजेश चौहान, श्री गोपाल मालू आदि जनप्रतिनिधि मौजूद थे।  
    भूमिपूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री मलैया ने कहा कि मध्यप्रदेश में तेज गति से विकास किया जा रहा हैं। विकास को सामाजिक सरोकरों से भी जोड़ा जा रहा हैं। बिजली, सड़क, पानी आदि क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक कार्यों के लिए तेजी से कार्य किया गया हैं। आगे इसे ओर गति प्रदान की जायेगी। प्रदेश में विकास के लिए पर्याप्त धनराशि हैं। भारत सरकार से भी आवश्यकता के अनुरूप पूरी धनराशि मिल रही हैं। उन्होने कहा कि विकास का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा। श्री मलैया ने इंदौर में सिटी फॉरेस्ट विकसिक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
    महापौर श्रीमती मालिनी गौड ने संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर में चहुमुखी विकास किया जा रहा हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना का बेहतर क्रियांवयन शुरू कर दिया गया हैं। इंदौर में सड़कों के चौडीकरण और चौराहों को व्यवस्थित बनाने के कार्य किये जा रहे है। इससे यातायात को सुगम बनाने में मदद मिल रही हैं।
    विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता ने अपने संबोधन में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में किये जा रहे विकास कार्यों की जानकरी दी। उन्होने बताया कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के सर्वागिण विकास के लिए पूरे प्रयास किये जा रहें हैं। उपरोक्त कार्यों के अलावा भागीरथपुरा में 68 लाख रूपये की लागत से शासकीय स्कूल का नया भवन बनाया गया हैं। सड़कों और चौराहों का विकास किया जा रहा हैं। नंदबाग में साढ़े 4 करोड़ रूपये की लागत से ड्रेनेज, सड़क और पेयजल के कार्य शुरू किये गये हैं। क्षेत्र में पेयजल टंकियां और अस्पताल भी बनवाये जा रहे हैं।
    पूर्व सभापति श्री कैलाश शर्मा ने कहा कि इंदौर स्वच्छता में नं. 1 हैं और आगे भी नं. 1 रहेगा। उन्होने कहा कि इंदौर विकास के क्षेत्र में भी देश में अव्वल रहेगा।
    मंत्री श्री मलैया इंदौर में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता की तैयारियों का अवलोकन करने के लिए सुपर कॉरिडोर पहुंचे। यहां उन्होने कुश्ती प्रतियोगिता के लिए बनाये जा रहे अस्थाई स्टेडियम का अवलोकन भी किया।

/महिपाल/जी