Friday, 27 April 2018

पूर्व में प्राप्त किये किये गये एरियर की प्रविष्टी करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल
प्रशिक्षण सम्पन्न
इंदौर 27 अप्रेल, 2018
      जिला कोषालय इंदौर द्वारा आईएफएमआईएस साफ्टवेयर में पूर्व में प्राप्त एरियर की प्रविष्टी किये जाने तथा आईएफएमआईएस में ऑनलाइन बिल प्रस्तुत करने के लिये पूर्ण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
      वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी श्री एन.आर. विवालकर ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आगामी मई 2018 को शासकीय सेवकों को मिलने वाले एरियर की गणना आईएफएमआईएस सिस्टम द्वारा स्वत: ही होगी। सभी विभागों के आहरण संवितरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पूर्व एरियर भुगतान की प्रविष्टी आईएफएमआईएस में 30 अप्रैल 2018 तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, ताकि मई 2018 में एरियर की प्रथम किश्त का भुगतान समयावधि में किया जा सके।

कहानी सच्ची है-
सीडड्रिल ने बनाया धन सिंह को उन्नत कृषक
इंदौर, 27 अप्रैल 2018
    प्रगतिशील किसान धनसिंह पिता पूनाजी राजपूत वह ग्राम बिहाड़िया, विकासखण्ड इन्दौर का निवासी है। उसकी मुख्य जीविका का साधन खेती है। एक वर्ष पूर्व आर्थिक रूप से काफी कमजोर था। उस वक्त सीडड्रिल खरीदने हेतु ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अन्तर्गत 15 हजार रूपये अनुदान का पता लगा। उसने शेष राशि की बड़ी मुश्किल से व्यवस्था कर अनुदान पर प्रकरण लगाकर स्वीकृति प्राप्त कर सीडड्रिल खरीदी। सीडड्रिल के उपयोग के पूर्व वह अपने खेत की बुआई बेलों द्वारा हस्तचलित हल से करता था, जिससे उसे बुआई करने में 4 से 5 दिन लगते थे तथा कई बार बुआई करते-करते पलेवा सूख जाता था और समय के साथ-साथ मजदूरों की भी आवश्यकता होती थी, जिससे समय के साथ-साथ पैसा भी अधिक लगता था।
    अब वह ट्रैक्टर चलित सीडड्रिल से एक दिन में ही बोवनी करता है, जिससे उसे समय के साथ मजदूरों की आवश्यकता से भी छुटकारा मिला एवं पैसों की भी बचत हुई। इससे उसकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आ गया। अब वह सक्षम कृषक है। वह अब अपने खेत में बोवनी के पश्चात अपनी सीडड्रिल का उपयोग दूसरे कृषक भाइयों की बोवनी में भी करता है, जिससे उसे अतिरिक्त आमदनी भी होती है। ये यंत्र उसके लिये वरदान साबित हुआ है। वह दूसरे किसान भाइयों से भी यह यंत्र लेने के लिये कहता है। वह कृषि विभाग का आभारी है।

पूर्व में प्राप्त किये किये गये एरियर की प्रविष्टी करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल


 प्रशिक्षण सम्पन्न
इंदौर 27 अप्रेल, 2018
      जिला कोषालय इंदौर द्वारा आईएफएमआईएस साफ्टवेयर में पूर्व में प्राप्त एरियर की प्रविष्टी किये जाने तथा आईएफएमआईएस में ऑनलाइन बिल प्रस्तुत करने के लिये पूर्ण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
      वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी श्री एन.आर. विवालकर ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आगामी मई 2018 को शासकीय सेवकों को मिलने वाले एरियर की गणना आईएफएमआईएस सिस्टम द्वारा स्वत: ही होगी। सभी विभागों के आहरण संवितरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पूर्व एरियर भुगतान की प्रविष्टी आईएफएमआईएस में 30 अप्रैल 2018 तक पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें, ताकि मई 2018 में एरियर की प्रथम किश्त का भुगतान समयावधि में किया जा सके।
क्रमांक 206/1033/सिंह/वटके

मानव अधिकारों की धुरी है सूचना का अधिकार- श्री आत्मदीप
इंदौर 27 अप्रैल 2018
       सूचना का अधिकार मानव के अन्य अधिकारों की मूल धुरी है। सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा पत्र में कहा गया था कि सभी देशों की सरकारें जवाबदेही के लिए सूचना का अधिकार आम जनता को दें। राज्य सूचना आयोग के आयुक्त आत्मदीप ने आज इंदौर में एक निजी शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए उनसे आग्रह किया कि वह सूचना के अधिकार को समझें और शासन-प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए इसका सदुपयोग करें।
      श्री आत्मदीप ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि 1948 में संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा पत्र में सभी देशों की सरकारों से जवाबदेही के लिए सूचना का अधिकार देने की अपेक्षा की गई थी। 1949 में स्वीडन में सबसे पहले यह अधिकार लागू हुआ और वहां इसका परिणाम भी देखने को मिलता है। स्वीडन, फिनलैंड, नार्वे जैसों में भ्रष्टाचार का लेवल जीरो है और इसका श्रेय आरटीआई को ही दिया जाता है। वहां पर सुशासन की स्थापना में इस अधिकार की प्रमुख भूमिका है। श्री आत्मदीप ने कहा कि जिस प्रकार सांसद को संसद में और विधायक को विधानसभा में प्रश्न पूछ कर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है, वही अधिकार आम आदमी को आरटीआई के तहत दिया गया है। आम जनता को यह हक है कि सरकार का फंड कहां पर व्यय हो रहा है, इसको वह जाने, ताकि इसका सदुपयोग सुनिश्चित हो सके। जनोन्मुखी शासन के लिए आरटीआई सरकारों को बाध्य करता है। इस कानून के आने के बाद न्यायिक क्षेत्र में जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। उन्होंने आग्रह किया कि नई पीढ़ी इस एक्ट का जानें, समझे और सदुपयोग करें। कार्यक्रम में डॉ. जी.एन. धारवेकर ने श्री आत्मदीप का स्वागत किया और भूमिका प्रस्तुत की। श्री आत्मदीप ने इस अवसर पर विद्यार्थियों के पूछे गए सवालों का भी जवाब दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. हर्षा जैन ने किया और आभार प्रो. आशीष गुप्ता ने माना।
मुख्यमंत्री अल्प प्रवास पर इंदौर आएंगे
इंदौर 27 अप्रेल, 2018
       मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 28 अप्रैल शनिवार को उज्जैन में आयोजित गुरुकुल सम्मेलन में भाग लेने के बाद रात्रि 9.15 बजे इंदौर एयरपोर्ट आएंगे। मुख्यमंत्री रात्रि 9:30 बजे इंदौर से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे
इंदौर जिले में 90 प्याज भण्डारगृह निर्मित, भण्डार गृह से हो रहा है किसानों को लाभ
इंदौर 27 अप्रेल, 2018
      उद्यानिकी विभाग द्वारा नश्वर उत्पादों की भण्डारण क्षमता में वृद्धि योजना अंतर्गत प्याज भण्डार गृह निर्माण किसानों द्वारा कराये जा रहे हैं। संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी भोपाल द्वारा अनुमोदित ड्राईंग/डिजाइन अनुसार निर्मित कराये जा रहे हैं। यह किसानों को काफी पसंद आ रहे हैं। ये बहुउद्देशीय भी हैं। इनसे अधिक समय तक प्याज भण्डारित कर सुरक्षित रखा जा रहा है। इंदौर जिले के समस्त विकासखण्डों में 90 प्याज भण्डार गृह निर्मित हैं तथा नवीन ड्राईंग/डिजाइन को देखते हुए किसानों द्वारा रूचि ली जाकर अधिक से अधिक आवेदन किये जा रहे हैं, जिससे जिले में अधिक से अधिक उत्पादित प्याज फसल का उचित भण्डारण किया जाकर सही समय पर सही दाम प्राप्त कर रहे हैं, जिससे किसानों को उनके होने वाले उत्पादित प्याज का उचित मूल्य प्राप्त होकर आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है।

कहानी सच्ची है -
स्प्रिंकुलर ने बदल दी किसान रामचन्द्र की जिन्दगी
खेती को बनाया लाभ का धन्धा
इंदौर, 27 अप्रैल 2018
    प्रगतिशील किसान रामचन्द्र पिता मांगीलाल पाटीदार ग्राम तिल्लौरखुर्द विकासखण्ड इन्दौर का निवासी है। उसके पास दो खेत हैं। दोनों खेतों में अन्तर है। एक खेत में कुआँ है, जिसमें वह रबी सीजन में चना की फसल लेता था। दूसरे खेत में कुआँ न होने से खेत खाली रहता था। उसकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह स्प्रिंकुलर खरीद सके। ऐसे में कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अन्तर्गत 50 प्रतिशत अनुदान पर स्प्रिंकुलर दिये जाने की जानकारी मिली। उसने तुरन्त कागजात पूर्ण कर स्प्रिंकुलर का आवेदन दिया एवं स्वीकृति प्राप्त कर 50 प्रतिशत अनुदान पर स्प्रिंकुलर खरीदी।
    अब एक वर्ष पूर्व जो खेत खाली था, अब वह गेहूँ, चना एवं सब्जी की भी फसल लेता है और एक ही कूयें से दोनों खेतों में स्प्रिंकुलर से सिंचाई कर रहा है। इससे उसकी आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव आया है। अब वह आर्थिक रूप से सक्षम है। स्प्रिंकुलर होने से उसने दोनों खेतों से उत्पादन गत वर्षों की तुलना में अधिक प्राप्त किया है। स्प्रिंकुलर लगाने से कम पानी से अधिक सिंचाई की सुविधा उसे प्राप्त हो रही है। यह एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसे अधिक से अधिक किसानों द्वारा अपना कर फसल उत्पादन बढ़ा सकते हैं। इसका वह प्रचार-प्रसार कर रहा है।
    वह कृषि विभाग द्वारा संचालित योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का तहे दिल से धन्यवाद करता है कि उसकी समस्या का समाधान कर उसे स्प्रिंकुलर उपलब्ध कराया गया। वह अपने सभी रिश्तेदारों एवं पड़ोसी किसानों को भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अन्तर्गत मिलने वाले लाभ के बारे में बताता है एवं योजना तथा कृषि विभाग को धन्यवाद देता है। वह मध्यप्रदेश शासन का भी आभारी है।

किसान मेला सह-दर्शनी का आयोजन 28 अप्रैल तक
इंदौर 27 अप्रैल, 2018
      कामर्श ऐण्ड इण्डस्ट्री ऑफ इण्डिया एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा तीन दिवसीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन 28 अप्रेल, 2018 तक कृषि महाविद्यालय इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। मेला परिसर में उन्नत कृषि तकनीक से संबंधित पशुपालन, मछली पालन, उद्यानिकी एवं कृषि विभाग की प्रदर्शनी लगायी जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देकर आय को दोगुना करने के तरीके बताये जा रहे हैं।
दो आरोपी रासुका में निरूद्ध
इंदौर, 27 अप्रैल 2018
    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री निशान्त वरवड़े ने लम्बे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण जिले के दो आरोपियों को रासुका में निरूद्ध कर दिया है। जारी आदेशानुसार आरोपी धर्मेन्द्र पिता जगदेव सिंह ठाकुर उम्र 37 साल निवासी कुम्हारखाड़ी और आरोपी नवीन पिता जानकीलाल पांचाल उम्र 27 वर्ष निवासी गोविंद नगर खारचा जिला इन्दौर के विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 की धारा-3 (2) के तहत आदेश पारित किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

कहानी सच्ची है -
रोटावेटर की कहानी सीताराम की जुबानी
रोटावेटर से हुयी फसल उत्पादन में वृद्धि
इंदौर, 27 अप्रैल 2018
    प्रगतिशील किसान सीताराम पिता रामसिंह चौहान इन्दौर जिला मुख्यालय से 15 किमी दूरी पर एक सुन्दर उपवन से ग्राम मिर्जापुर के निवासी हैं। सीताराम ने बताया कि उसकी जीविका का साधन कृषि है। वह कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क में रहता है, जो उसकी खेती संबंधी समस्याओं का निदान करते रहते हैं। उनकी प्रेरणा से उसने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन वर्ष 2013-14 में रोटावेटर यंत्र 30 हजार रूपये अनुदान पर प्राप्त किया।
    चर्चा के दौरान उसने बताया कि इससे पहले उसे रबी एवं खरीफ दोनों सीजन में खेत को बोवनी के लिये तैयार करने में काफी मशक्कत करना पड़ती थी, जिससे समय एवं मेहनत ज्यादा लगती थी। पहले वह फसलों में अवशेष ठूंठ आदि को हल के माध्यम से उखाड़कर बीनकर खेत से बाहर कर जला देता था। अब रोटावेटर के माध्यम से फसल के अवशेष ठूंठ बारीक होकर मिट्टी में मिल जाते हैं। फिर जीवाश्म खाद में परिवर्तित हो जाते हैं। इसके साथ ही 4 से 5 इंच की गहरी जुताई भी हो जाती है, जो किसी भी फसल की बोवनी के लिये उपयुक्त गहराई होती है। इससे वह खेत में सुरक्षित नमी का भी उपयोग कर सकता है। जीवाष्म खाद एवं नमी संरक्षण के कारण टिकाऊ कृषि यंत्र के विकास में यह महत्वपूर्ण साबित हुआ है। इससे उसकी फसलों पर उत्पादन में आशातीत लाभ हुआ है। यह यंत्र उसके लिये वरदान साबित हुआ है। उसकी खेती के उपयोग के पश्चात वह इस यंत्र को वह दूसरे किसान भाइयों के खेतों पर किराये पर चलाता है, जिससे उसे आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।
प्रगतिशील किसान श्री चौहान का मानना है कि आधुनिक कृषि पद्धति में रोटावेटर जैसे उन्नत यंत्रों का बढ़ावा समय एवं धन की बचत के साथ उत्पादकता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। उसने इसके उपयोग से 10 से 15 प्रतिशत फसल उत्पादन में वृद्धि प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि वह कृषि विभाग का आभारी है कि उसे रोटावेटर जैसे आधुनिक यंत्र अनुदान पर देकर उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार किया।