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शिक्षाशास्त्री किताबी ज्ञान को धरातल पर उतारें- कमिश्नर श्री दुबे
इंदौर, 16 मार्च 2018
कमिश्नर
श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में शिक्षाशास्त्रियों
के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0
नरेन्द्र धाकड़ आईडीए अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर के
प्रोफेसर श्री एस.के. चांदे, मेडिकैप्स विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री
सुनील सोमानी, इन्डेक्स महाविद्यालय और ओरिएन्टल विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी
संस्थान इंदौर के प्रतिनिधि मौजूद थे।
इस
अवसर पर कमिश्नर श्री दुबे ने शिक्षा शास्त्रियों से कहा कि वे किताब, पुस्तकालय,
प्रयोगशाला, इंटरनेट और कक्षा के ज्ञान को धरातल पर उतारें, जिससे आधुनिक तकनीक का
लाभ सीधे आम आदमी और प्रशासन को मिल सके। उन्होंने कहा कि दुनिया में तकनीकी
क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। साल दर साल तकनीक बदल जाती है। हम किसी भी
तकनीक के ऊपर 5 साल तक निर्भर नहीं रह सकते। अगर हमने अत्याधुनिक तकनीक का
इस्तेमाल नहीं किया तो हम अप्रासंगिक हो जायेंगे।
बैठक
में शिक्षाशास्त्रियों ने स्वच्छ भारत अभियान, एलइडी बल्ब के जरिये विद्युत बचत,
इंदौर में ट्रैफिक एवं पार्किंग सिस्टम में सुधार, कौशल विकास, सेंसर बेस्ड, डस्टबिन,
लो-कास्ट सेंसर बेस्ड टॉयलेट आदि विषयों पर चर्चा की गई तथा सुझावों को जनता के
बीच अमल में लाने का निर्णय लिया गया। बैठक का उद्देश्य आधुनिक टेक्नालॉजी का जनता
के बीच प्रभावी ढंग से लागू करने का है।
मेडिकैप्म
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 सुनील सोमानी ने पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के जरिये
इंदौर शहर में ट्रैफिक मैनेजमेन्ट, ट्रैफिक अधोसंरचना का विकास और सड़क दुर्घटना कम
करने के लिए अमूल्य सुझाव दिये। उन्होंने प्रकाश प्रबंधन, कचरा प्रबंधन, स्मार्ट
डस्टबिन, लाइट एवं ट्रैफिक सिस्टम में सुधार, स्ट्रीट लाइट सेंसर आदि विषयों पर भी
सुझाव दिये। बैठक में प्रोफेसर चांदे ने ट्रैफिक सिस्टम के संबंध में विद्ययार्थियों
को शिक्षित करने, गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाने, गूगल के जरिये गाड़ियों की
स्पीड कन्ट्रोल करने, थ्री डी पेंटिंग के जरिये सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने के
संबंध में अमूल्य सुझाव दिये। ओरिएंटल विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने
विद्यार्थियों को भावनात्मक बुदिधमत्ता का प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। उन्होंने
बुजुर्गों को स्वास्थ्य और कानूनी सहायता देने की बात कहीं।
देवी
अहिल्या विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि ने ई-पेमेन्ट, साइबर क्राइम, ट्रैफिक कन्ट्रोल
एवं जागरूकता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने टाइम मैनेजमेन्ट, इवेन्ट
मैनेजमेन्ट, प्राब्लम एनलिसिस, डिसीजन मेकिंग, मोटिवेशन फॉर इम्पलाईज, पानी शुद्धिकरण,
खाद्य पदार्थो की घर पर जांच, हॉस्पीटल मैनेजमेन्ट, सीनियर सिटिजन, सेक्योरिटी
सिस्टम आदि के संबंध में सुझाव दिये।
एसजीएसटीआईएस
के प्राचार्य श्री सुधीर सक्सेना ने आम आदमी को अपने संस्थान में कम्प्यूटर,
मोबाइल एवं लिफट सुरक्षा की नि:शुल्क प्रशिक्षण देने की बात कही। उन्होंने इंदौर
में ट्रैफिक सिस्टम सुधारने के संबंध में सुझाव दिये। भारतीय प्रबंधन संस्थान
इंदौर के प्रोफेसर श्री चांदे ने अधिकारियों को गुड गवर्नेस का आईआईएम में
प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया।
क्रमांक 146/369/सिंह/विजय