Friday, 16 March 2018

पानी की बोतल तथा बोतल बंद पेय पदार्थो की गुणवत्ता की जांच के लिए
विभिन्न प्रतिष्ठानों की आकस्मिक जांच- 15 सेम्पल लिये गये
इंदौर, 16 मार्च 2018
      इंदौर जिले में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खादद्यय सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार आकस्मिक जांच एवं निरीक्षण की कार्यवाही की जा रही है। इसी सिलसिले में आज खादद्यय एवं औषधीय प्रशासन विभाग के दल ने पानी की बोतल तथा बोतल बंद पेय पदार्थो की गुणवत्ता की जांच के लिए 6 प्रतिष्ठानों की आकस्मिक जांच की। जांच के दौरान पानी की बोतल तथा बोतल बंद पेय पदार्थो के 15 सेम्पल लिये गये।
      जांच की यह कार्यवाही अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े के निर्देशन में की गयी। बताया गया कि आज खादद्यय एवं औषधीय प्रशासन विभाग के दल द्वारा देवगराड़िया क्षेत्र में स्थित डायमण्ड ब्रेवरेज, अविरल ब्रेवरेज, सौभाग्य फूड एण्ड ब्रेवरेज पालदा, पूजा श्री हम्माल कॉलोनी, वरूण ब्रेवरेज पिपल्या कुमार तथा पंजाबी ढाबा की आकस्मिक जांच की गई और 15 सेम्पल जांच के लिए लिये गये।
क्रमांक 154/377/महिपाल/विजय
डायवर्सन की बकाया राशि वसूली के लिए जिला प्रशासन की बड़ी कार्यवाही
 एक स्कूल के प्राचार्य कक्ष सहित तीन कक्ष कुर्क
इंदौर, 16 मार्च 2018
      इंदौर जिले में डायवर्सन सहित अन्य राजस्व मदों की बकाया राशि वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आज खण्डवा रोड स्थित गुरूनानक पब्लिक स्कूल पर डायवर्सन की 18 लाख रूपये की बकाया राशि वसूलने के लिए इसके प्राचार्य कक्ष्र सहित तीन कमरे कुर्क किये गये।
      यह कार्यवाही तहसीलदार श्री श्रीकांत शर्मा और उनके दल ने मौके पर पहुंच कर की। इस अवसर पर एसडीएम श्री संदीप सोनी भी मौजूद थे। कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े के निर्देशन में जिले में राजस्व बकाया वसूली के लिए विशेष्‍ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये है कि 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शतप्रतिशत बकाया राशि वसूली की कार्यवाही करें।
क्रमांक 153/376/महिपाल/विजय




प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के तहत कार्यशाला संपन्न
इंदौर, 16 मार्च 2018
      महिला एवं बाल विकास विभाग इंदौर द्वारा शुक्रवार 16 मार्च को जिला पंचायत इंदौर के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के तहत जनप्रतिनिधियों के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया तथा जिला पंचायत सदस्यगण उपस्थित थे।
      जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास इंदौर श्री रजनीश सिन्हा द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि एक जनवरी 2017 से यह योजना प्रदेश में प्रभावशील है। ऐसी सभी गर्भवती और धात्री माताएं जो कि एक जनवरी 2017 को या उसके पश्चात परिवार में जन्मे पहले बच्चे से संबंधित है, वे योजना अंतर्गत पात्र होंगे। सभी सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी इस योजना की परिधि से बाहर रहेंगे। पात्र हितग्राहियों को 3 किश्त 1000 रूपये गर्भावस्था के पंजीयन पर, दूसरी किश्त 2000 रूपये कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच पर तथा तीसरी किश्त बच्चें के जन्म पश्चात पंजीकरण एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर देने का प्रावधान है।
      योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदिका को नजदीकी आंगनवाड़ी केन्द्र में पंजीयन कराना होगा। आवेदिका को भुगतान की जाने वाली राशि डी.बी.टी. के द्वारा उसके बैंक खाते में ट्रान्सफर की जावेगी। आवेदिका को आवेदन पत्र के साथ मातृ एवं शिशु कार्ड स्वयं एवं पति का आधार कार्ड तथा अपने बैंक खाते का विवरण संलग्न करना होगा।
      जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बताया गया कि इंदौर जिले में वर्तमान तक योजना के अंतर्गत 14167 हितग्राहियों का पंजीयन किया जाकर सॉफटवेयर में एन्ट्री की जा चुकी है तथा रूपये 64 लाख 70 हजार की राशि हितग्राहियों के बैंक खाते में ट्रान्सफर की जा चुकी हैं। इंदौर जिले द्वारा संपूर्ण प्रदेश में सर्वाधिक संख्या में हितग्रहियों को लाभान्वित करवाया गया है एवं प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया द्वारा इस पर प्रसन्नता व्यक्त की गई तथा सभी जनप्रतिनिधियों से योजना का ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार करने एवं अधिक से अधिक संख्या में हितग्रहियों को लाभान्वित कराने का अनुरोध किया।
क्रमांक 152/375/महिपाल/विजय
प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के तहत कार्यशाला संपन्न
इंदौर, 16 मार्च 2018
      महिला एवं बाल विकास विभाग इंदौर द्वारा शुक्रवार 16 मार्च को जिला पंचायत इंदौर के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के तहत जनप्रतिनिधियों के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया तथा जिला पंचायत सदस्यगण उपस्थित थे।
      जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास इंदौर श्री रजनीश सिन्हा द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि एक जनवरी 2017 से यह योजना प्रदेश में प्रभावशील है। ऐसी सभी गर्भवती और धात्री माताएं जो कि एक जनवरी 2017 को या उसके पश्चात परिवार में जन्मे पहले बच्चे से संबंधित है, वे योजना अंतर्गत पात्र होंगे। सभी सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी इस योजना की परिधि से बाहर रहेंगे। पात्र हितग्राहियों को 3 किश्त 1000 रूपये गर्भावस्था के पंजीयन पर, दूसरी किश्त 2000 रूपये कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच पर तथा तीसरी किश्त बच्चें के जन्म पश्चात पंजीकरण एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर देने का प्रावधान है।
      योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदिका को नजदीकी आंगनवाड़ी केन्द्र में पंजीयन कराना होगा। आवेदिका को भुगतान की जाने वाली राशि डी.बी.टी. के द्वारा उसके बैंक खाते में ट्रान्सफर की जावेगी। आवेदिका को आवेदन पत्र के साथ मातृ एवं शिशु कार्ड स्वयं एवं पति का आधार कार्ड तथा अपने बैंक खाते का विवरण संलग्न करना होगा।
      जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बताया गया कि इंदौर जिले में वर्तमान तक योजना के अंतर्गत 14167 हितग्राहियों का पंजीयन किया जाकर सॉफटवेयर में एन्ट्री की जा चुकी है तथा रूपये 64 लाख 70 हजार की राशि हितग्राहियों के बैंक खाते में ट्रान्सफर की जा चुकी हैं। इंदौर जिले द्वारा संपूर्ण प्रदेश में सर्वाधिक संख्या में हितग्रहियों को लाभान्वित करवाया गया है एवं प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया द्वारा इस पर प्रसन्नता व्यक्त की गई तथा सभी जनप्रतिनिधियों से योजना का ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार करने एवं अधिक से अधिक संख्या में हितग्रहियों को लाभान्वित कराने का अनुरोध किया।
क्रमांक 152/375/महिपाल/विजय
आर.आर.डी.ए के संविदा कर्मियों के वेतन में होगी 7 प्रतिशत वृद्धि

इंदौर, 16 मार्च 2018

    मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत संचालित समस्त योजनाओं में कार्यरत संविदा कर्मियों के वेतन में 7 प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी। प्राधिकरण में पदस्थ सेवानिवृत्त संविदा कर्मियों को इस वेतन वृद्धि की पात्रता नहीं होगी। यह निर्णय गुरूवार को भोपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में हुई प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया है। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यो की भी समीक्षा की गई।

    मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिये प्राधिकरण द्वारा कराये जा रहे कार्यों की भूमिका महत्वपूर्ण है। बताया गया कि प्रदेश में 19 हजार 824 करोड़ रुपये लागत की 68 हजार 846 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इससे प्रदेश के 16 हजार 276 ग्रामों को सुगम यातायात सुविधा प्राप्त हुई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैंस और प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीतेश व्यास भी उपस्थित थे।

  क्रमांक 150/373/महिपाल/विजय



कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने रेल्वे कार्यक्रम स्थल का लिया जायजा
इंदौर, 16 मार्च 2018
      कलेक्टर श्री निशान्त वरवड़े व पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश गोस्वामी शुक्रवार को रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5 के पास बनाये जा रहे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तथा उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लोकार्पण/शिलान्यास संबंधी समारोह से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर बताया गया कि लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन के करकमलों, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत के मुख्य आतिथ्य तथा केन्द्रीय रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में उक्त कार्यक्रम होंगे।
      इस अवसर पर बताया गया कि इन्दौर- देवास-उज्जैन खण्ड रेल्वे लाइन के दोहरीकरण, लक्ष्मीबाई नगर- रतलाम खण्ड के विद्युतिकरण एवं डॉ0 अम्बेडकर नगर रेल्वे स्टेशन के विकास कार्यो का शिलान्यास किया जायेगा वहीं इंदौर रेल्वे स्टेशन पर दो लिफटों, सोलर प्लांट, दो एस्केलेटरों तथा प्रकाश व्यवस्था हेतु एलईडी लाइटों का शुभारंभ तथा डॉ0 अम्बेडकर नगर रेल्वे स्टेशन पर कोचिंग काम्प्लेक्‍स का लोकार्पण किया जायेगा।
        कलेक्टर श्री वरवड़े ने इस दौरान रेल्वे के वरिष्ठ अधिकारियों से कार्यक्रम से संबंधित व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। उन्होंने वीआईपी के आने-जाने के मार्गों व सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। नगर निगम के अधिकारियों को पेयजल, साफ-सफाई व अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश दिये।  इस अवसर पर रेल्वे के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एडीएम श्रीमती रूचिका चौहान, अपर आयुक्त नगर निगम श्री संतोष टैगोर व अन्य विभागों के अधिकारीगण मौजूद थे।

क्रमांक  151/374  /भदौरिया/वटके





मिशन इंद्रधनुष ने घटाई खसरा पीड़ितों की संख्या

इंदौर, 16 मार्च 2018

        मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण से प्रदेश में खसरा प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी आई है। गत वर्ष के 2 हजार 369 प्रकरणों के विरूद्ध इस वर्ष मात्र 900 प्रकरण ही दर्ज हुए हैं। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने भोपाल में यह जानकारी देते हुए प्रदेशवासियों से अपील की है कि बच्चों को खसरे का टीका जरूर लगवायें। खसरे का पहला टीका 9 से 12 माह और दूसरा टीका 16 से 24 माह की उम्र में बच्चे को अवश्य लगवा लें। खसरा रोग जानलेवा भी हो सकता है।

        श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि खसरे का टीका सभी शासकीय स्वास्थ्य केंन्द्रों में निशुल्क लगाया जाता है। खसरे के साथ अपने बच्चे का सम्पूर्ण टीकाकरण भी करवायें। सर्दी, खांसी, लाल आँखें, तेज बुखार और त्वचा पर दाने, खसरा के लक्षण हैं। खसरा एक संक्रामक बीमारी है। इसलिये बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिये विशेष ध्यान दें। टीकाकरण से बच्चे को खसरे के खतरे से बचाया जा सकता है। यह टीका किफायती होने के साथ सुरक्षित भी है।

        मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने कहा कि वर्ष 2018 में खसरा टीकाकरण का अभियान भी चलाया जायेगा जिसमें वर्षांत में 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को रोग-प्रतिरोधक टीके लगेंगे। मध्यप्रदेश में वर्ष 2013 से आरम्भ खसरा रक्षक अभियान के बाद से खसरा प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी आई है, जिसकी प्रशंसा केन्द्र सरकार ने भी की है।

  क्रमांक 149/372/महिपाल/विजय

3 आरोपियों को किया जिला बदर
इंदौर, 16 मार्च 2018
     इंदौर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से आपराधिक गतिविधियों में संलग्न व्यक्तियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का सिलसिला जारी है। इस सिलसिले में हाल ही में 3 आरोपियों को जिला बदर करने के आदेश जारी किये गये है।
     अपर जिला दण्डाधिकारी श्री अजयदेव शर्मा द्वारा जारी आदेशानुसार चंदननगर थाना क्षेत्र के रामानंद नगर धार रोड निवासी पंकज उर्फ गोलू ढेवरी पिता मोहनलाल तथा गांधीनगर थाना क्षेत्र के क्लासिक पॉलीवान निवासी अंकित श्रीवास्तव पिता शरद श्रीवास्तव को जिला बदर किया गया है। इसी तरह अपर जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रूचिका चौहान ने परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के टापूनगर निवासी हेमन्त पिता पूनमचंद वर्मा को जिला बदर करने के आदेश जारी किये है। इन आरोपियों को इंदौर सहित इससे लगे उज्जैन, देवास, धार, खरगोन एवं खण्डवा जिले के राजस्व सीमाओं से छ: - छ: माह के लिए निष्कासित किया गया है।
  क्रमांक 148/371/महिपाल/विजय

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज इंदौर और उज्जैन में

इंदौर, 16 मार्च 2018

     मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान आज 17 मार्च को अपरान्ह 2.15 बजे  इंदौर आएंगे। प्राप्त दौरा कार्यक्रम के अनुसार श्री चौहान 2.30 बजे इंदौर से हेलीकाप्टर द्वारा उज्जैन जाएंगें। शाम 5.05 बजे उज्जैन से हेलीकाप्टर द्वारा इंदौर आएंगे और फतेहाबाद ब्रॉडगेज रेल्वे लाइन के भूमिपूजन कार्यक्रम में भाग लेंगे। शाम 7 बजे श्री चौहान इंदौर से उज्जैन के लिए कार द्वारा प्रस्थान करेंगे। रात्रि 10.15 बजे श्री चौहान उज्जैन से इंदौर आएंगे। रात्रि 10.20 बजे इंदौर से भोपाल के लिए वायुयान द्वारा प्रस्थान करेंगे।

  क्रमांक 147/370/सिंह/विजय

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शिक्षाशास्त्री किताबी ज्ञान को धरातल पर उतारें- कमिश्नर श्री दुबे

इंदौर, 16 मार्च 2018

   कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में शिक्षाशास्त्रियों के साथ बैठक संपन्न हुई। बैठक में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 नरेन्द्र धाकड़ आईडीए अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर के प्रोफेसर श्री एस.के. चांदे, मेडिकैप्स विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री सुनील सोमानी, इन्डेक्स महाविद्यालय और ओरिएन्टल विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर के प्रतिनिधि मौजूद थे।

   इस अवसर पर कमिश्नर श्री दुबे ने शिक्षा शास्त्रियों से कहा कि वे किताब, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, इंटरनेट और कक्षा के ज्ञान को धरातल पर उतारें, जिससे आधुनिक तकनीक का लाभ सीधे आम आदमी और प्रशासन को मिल सके। उन्होंने कहा कि दुनिया में तकनीकी क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। साल दर साल तकनीक बदल जाती है। हम किसी भी तकनीक के ऊपर 5 साल तक निर्भर नहीं रह सकते। अगर हमने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया तो हम अप्रासंगिक हो जायेंगे।

   बैठक में शिक्षाशास्त्रियों ने स्वच्छ भारत अभियान, एलइडी बल्ब के जरिये विद्युत बचत, इंदौर में ट्रैफिक एवं पार्किंग सिस्टम में सुधार, कौशल विकास, सेंसर बेस्ड, डस्टबिन, लो-कास्ट सेंसर बेस्ड टॉयलेट आदि विषयों पर चर्चा की गई तथा सुझावों को जनता के बीच अमल में लाने का निर्णय लिया गया। बैठक का उद्देश्य आधुनिक टेक्नालॉजी का जनता के बीच प्रभावी ढंग से लागू करने का है।

   मेडिकैप्म विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ0 सुनील सोमानी ने पावर प्वाइंट प्रजेन्टेशन के जरिये इंदौर शहर में ट्रैफिक मैनेजमेन्ट, ट्रैफिक अधोसंरचना का विकास और सड़क दुर्घटना कम करने के लिए अमूल्य सुझाव दिये। उन्होंने प्रकाश प्रबंधन, कचरा प्रबंधन, स्मार्ट डस्टबिन, लाइट एवं ट्रैफिक सिस्टम में सुधार, स्ट्रीट लाइट सेंसर आदि विषयों पर भी सुझाव दिये। बैठक में प्रोफेसर चांदे ने ट्रैफिक सिस्टम के संबंध में विद्ययार्थियों को शिक्षित करने, गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाने, गूगल के जरिये गाड़ियों की स्पीड कन्ट्रोल करने, थ्री डी पेंटिंग के जरिये सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने के संबंध में अमूल्य सुझाव दिये। ओरिएंटल विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को भावनात्मक बुदिधमत्ता का प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। उन्होंने बुजुर्गों को स्वास्थ्य और कानूनी सहायता देने की बात कहीं।

   देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि ने ई-पेमेन्ट, साइबर क्राइम, ट्रैफिक कन्ट्रोल एवं जागरूकता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने टाइम मैनेजमेन्ट, इवेन्ट मैनेजमेन्ट, प्राब्लम एनलिसिस, डिसीजन मेकिंग, मोटिवेशन फॉर इम्पलाईज, पानी शु‍द्धिकरण, खाद्य पदार्थो की घर पर जांच, हॉस्पीटल मैनेजमेन्ट, सीनियर सिटिजन, सेक्योरिटी सिस्टम आदि के संबंध में सुझाव दिये।

   एसजीएसटीआईएस के प्राचार्य श्री सुधीर सक्सेना ने आम आदमी को अपने संस्थान में कम्प्यूटर, मोबाइल एवं लिफट सुरक्षा की नि:शुल्क प्रशिक्षण देने की बात कही। उन्होंने इंदौर में ट्रैफिक सिस्टम सुधारने के संबंध में सुझाव दिये। भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर के प्रोफेसर श्री चांदे ने अधिकारियों को गुड गवर्नेस का आईआईएम में प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया।

क्रमांक 146/369/सिंह/विजय