Monday, 26 March 2018

पाँच लाख से अधिक कर दाताओं को मिला स्व-कर निर्धारण का फायदा

पंजीकृत कर दाताओं का नवीन कर प्रणाली में माइग्रेशन 

इंदौर 26 मार्च 2018      

       प्रदेश में नवीन कर प्रणाली वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से अनेक कराधान प्रणालियों के अन्तर्गत कर दाताओं को वाणिज्यिक कर विभाग ने राहत पहुँचायी है। इसके अंतर्गत 5 लाख से अधिक कर दाताओं को स्व-कर निर्धारण का फायदा पहुँचाया गया है।

    वाणिज्यिक कर विभाग ने स्व-कर निर्धारण के अंतर्गत वर्ष 2015-16 की अवधि के लिए प्रस्तुत विवरण पत्रों को यथावत मानते हुए 2 लाख 79 हजार प्रकरणों का निराकरण कर दाताओं को कार्यालय में बुलाए बिना किया है। विभाग ने कर दाताओं को अधिक राहत देने के लिए डीम्ड कर निर्धारण योजना जून 2017 में शुरू की थी। इस योजना में 50 करोड़ तथा 50 करोड़ रूपये से अधिक के सालाना टर्न ओवर वाले कर दाताओं के लिए सुविधा देने का प्रावधान किया गया था। प्रदेश में इस योजना में 2 लाख 22 हजार 700 से अधिक कर दाताओं को फायदा पहुँचाया गया है। विभाग ने प्रदेश में जुलाई 2017 से वाणिज्यिक कर विभाग की सभी जाँच चौकियों को भी समाप्त कर दिया है।

    जीएसटी प्रणाली का क्रियान्वयन:  प्रदेश में नवीन जीएसटी प्रणाली का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। पूर्व में पंजीकृत करदाता व्यवसाइयों में से लगभग 99 प्रतिशत कर दाताओं को नवीन कर प्रणाली के अंतर्गत लाया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों को नवीन कर प्रणाली एवं एप्लीकेशन के संबंध में प्रशिक्षित किया जा चुका है। वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश में कर दाताओं को तथा कर सलाहकारों को विभिन्न कार्यशालाओं के माध्यम से नवीन कर प्रणाली के प्रावधान में जानकारियां दी है। प्रदेश में नवीन कर प्रणाली का क्रियान्वयन जीएसटी नेटवर्क के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कर दाताओं को ई-पंजीयन, ई-रिटर्न और ई-पेमेन्ट की सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं

क्रमांक/258/788/भदौरिया/जी

सिंचाई क्षमता बढ़ाने खर्च होंगे एक लाख दस हजार करोड़ : मुख्यमंत्री श्री चौहान

लोक सभा और विधान सभा के चुनाव एक साथ होना चाहिये 

इंदौर 26 मार्च 2018      

       मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लोक सभा और विधान सभा के चुनाव एक साथ होना चाहिये। इसके लिये संविधान में संशोधन होना चाहिये। इससे सत्ताधारी राजनैतिक दलों को विकास योजनाएं बनाने और उन्हें अच्छी तरह लागू करने का समय मिलेगा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनावों से धन और ऊर्जा दोनों का क्षय होता है। प्रयोग के तौर पर प्रदेश में पंचायतों, नगरीय निकायों, सहकारिता संस्थाओं, जल उपभरोक्ता संस्थाओं और अन्य संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराने पर विचार किया जायेगा। श्री चौहान आज यहां एक न्यूज चैनल द्वारा आयोजित बिजनेस लीडर्स समिट को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर एक लाख दस हजार करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। अगले पांच सालों में सिंचाई क्षमता बढाकर 80 लाख हेक्टेयर की जायेगी। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश का अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। विकास दर पिछले तेरह सालों में दो अंकों में रही है।

    श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की 65 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। किसानों ने अभूतपूर्व कृषि उत्पादन दिया है। कृषि उत्पादन अब समस्या नहीं रही। अब किसानों को सही मूल्य दिलाने की चुनौती है। इसके लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य, भावांतर भुगतान योजना और मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना जैसे बेहतर विकल्प उपलब्ध कराये गये है। उन्होने कहा कि भावांतर भुगतान योजना को पूरे देश में लागू करने पर केन्द्र विचार कर रहा है।

    बासमती चावल के मुददे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान 1908 से बासमती चावल का उत्पादन कर रहे हैं। कनाडा और अमेरिका में जितना बासमती चावल का निर्यात होता है, उसमें 50 प्रतिशत सिर्फ मध्यप्रदेश से हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ निर्यातकों और विशेष रूप से पाकिस्तान को यह पसंद नहीं कि मध्यप्रदेश के बासमती चावल को भौगोलिक पहचान का प्रमाणपत्र मिले। बासमती उत्पादक किसानों के लिये पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेंगे और जीतेंगे।

    श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने से राज्यों का राजस्व आधार मजबूत हुआ है। राज्य को केन्द्रीय करों और अन्य योजनाओं में एक लाख करोड़ रूपये मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित क्षेत्र श्रमिक कल्याण योजना देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है। श्रमिकों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई-लिखाई, श्रमिकों का मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं मिलेंगी। उन्हें 2022 तक पक्का मकान मिलेगा। वे आवासीय जमीन के मालिक होंगे।

    पूर्ण शराब बंदी के बारे में अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामाजिक जन-जागरण से जुड़ा विषय है। इसकी हानि के प्रति जागरूकता बढ़ाकर इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। कानून व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार गुंडो के लिये कठोर है। गुंडों को सबक सिखाने में नागरिकों का सहयोग चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं के स्व-सहायता समूहों के परिसंघों को पोषण आहार तैयार करने की निर्माण इकाईयों का संचालन सौंपने का फैसला लिया गया है। अगले छह महीनों में महिला स्व-सहायता समूहों के परिसंघ पोषण आहार कारखानों का संचालन करने की स्थिति में होगे।

क्रमांक/257/787/भदौरिया/जी


संभागीय जनसंपर्क कार्यालय, इंदौर

प्रदेश अवैध कॉलोनियों के कलंक से मुक्त होगा- मुख्यमंत्री श्री चौहान

कॉलोनी नियमितिकरण कार्य 7 अप्रैल से शुरू होगा
असंगठित मजदूर पंजीयन अभियान चलाएं 

इंदौर 26 मार्च 2018      

       मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की कॉलोनियों को अवैध के कलंक से मुक्त किया जायेगा। कॉलोनियों के नियमितिकरण का कार्य 7 अप्रैल से शुरू होकर 15 अगस्त तक पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने असंगठित मजदूर पंजीयन कार्य अभियान के रूप में करने के निर्देश भी दिये हैं। श्री चौहान आज आर.सी.व्ही.पी.नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण संबंधी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया गया था। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी मोघे मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आजीविका मिशन (शहरी) में प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त होने का प्रमाण-पत्र मंत्री श्रीमती माया सिंह को सौंपा।

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था जनता के लिये है। नियम, कायदे और कानून सब जनहितकारी होने पर ही मान्य हैं। ऐसा नहीं होने पर, उन्हें बदला जायेगा। सरकार ने अवैध कॉलोनी के दर्द को समझ कर नियमित करने का कार्य किया है। विस्थापितों के पट्टे और मर्जर की समस्याओं का समाधान किया है। नियमितिकरण कार्य व्यवहारिक और रहवासियों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के दृष्टिकोण के साथ उत्साह और उमंग से किया जाये। नियमितिकरण की प्रक्रिया में बाधा स्वीकार नहीं की जायेगी। जहाँ रास्ता नहीं होगा, वहाँ नियमों में परिवर्तन-परिवर्धन कर रास्ता निकाला जायेगा। उन्होंने नगरीय नियोजन में भविष्य में शहरों में आने वाली आबादी के लिये सुविधाजनक आवास की सुविधा की व्यवस्थाओं के प्रावधान रखने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास 'विकास का प्रकाश' हर गरीब तक पहुँचाने का है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनी नियमितिकरण की वे स्वयं नियमित मॉनीटरिंग करेंगे।                                        
अंसंगठित श्रमिक पंजीयन को अभियान का रूप दें: मुख्यमंत्री
     श्री चौहान ने असंगठित मजदूरों के लिये बनायी गई, सबसे बड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना सेवा का नया इतिहास रचने का अवसर है। योजना में पंजीयन का कार्य एक से 14 अप्रैल तक अभियान के रूप में किया जाये। सुनिश्चित किया जाये कि रहने के लिये भूमि का टुकड़ा अथवा आवास, नि:शुल्क उपचार, नि:शुल्क शिक्षा, पोषण आहार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएँ मजदूरों को पंजीयन के साथ ही मिलें। असंगठित मजदूरों में किसान, जिनके पास एक हेक्टेयर से कम भूमि है, भी शामिल किए गए है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं पर गलत नजर रखने वालों के विरुद्ध ऐसी कड़ी कार्रवाई करें कि बदमाशों में भय का वातावरण व्याप्त हो जाये। उन्होंने कहा कि गुंडों, बदमाशों के अतिक्रमण सख्ती के साथ ध्वस्त किये जायें। यह भी ध्यान रखा जाये कि आम नागरिक सताये नहीं जायें। श्री चौहान ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर कार्य के लिये सभी नगरीय निकायों को बधाई दी।

    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि नगर की सभी कॉलोनियों में विकास के कार्य समान रूप से हो सकें, इसलिये अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया बनायी गयी है। इससे करीब 4 हजार 500 अवैध कॉलोनियाँ नियमित हो जायेंगी। वैधानिक प्रक्रिया द्वारा अवैध कॉलोनियों को नियमित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा। पूर्व में 31 दिसम्बर, 2012 की अवधि तक स्थापित अवैध कॉलोनियों का नियमितिकरण किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2016 तक की कॉलोनियों के लिये कर दिया गया है। विकास व्यय में रहवासी अंशदान को घटाकर 20 प्रतिशत किया गया है। शेष राशि संबंधित निकाय द्वारा वहन की जायेगी। सांसद और विधायक निधि का भी उपयोग हो सकेगा। रहवासियों को बिजली, पानी, सीवेज जैसी जन सुविधाएँ सामान्य वैध कॉलोनियों की भांति सर्विस प्रभार पर मिलेंगी।

    मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है। अवैध कॉलोनियों के मूल कारणों को चिन्हित कर, उनके समाधान के प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों की सफलता और सार्थकता तभी है जब समस्त अवैध कालोनियाँ वैध हो जायें और कोई नई अवैध कालोनी नहीं बने।

प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री विवेक अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला अवैध कॉलोनियों को नगर की मुख्य-धारा में शामिल करने के लिये नियमितिकरण की प्रक्रिया और नियमों की जानकारी देने के लिये की गई है। आवश्यकता होने पर वैधानिक प्रावधानों को सरल भी बनाया जायेगा। कार्यशाला में नियमितिकरण प्रक्रिया से संबंधित सवाल-जवाब, सामूहिक चर्चा और सुझाव के सत्र होंगे। उन्होंने बताया कि पहले कॉलोनियों को वैध किया जायेगा, बाद में शेष औपचारिकताएँ होगी। नियमितिकरण से करीब 25 लाख शहरी आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने बताया कि शहरी विकास योजना के संचालन में प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है।

क्रमांक/256/786/भदौरिया/जी

इंदौर संभाग में  3 अप्रैल से प्रारंभ होगा गोकुल महोत्सव

पशुधन की  सुरक्षा, स्वास्थ्य , उन्नत नस्ल की जानकारी देने के लिए

विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा

इंदौर 26 मार्च 2018      

        मध्यप्रदेश शासन की विशेष योजना अंतर्गत इंदौर संभाग में भी 3 अप्रैल 2018 से गोकुल महोत्सव का आयोजन शुरू किया जा रहा है। जिसमें जिलों में ग्राम स्तर पर पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस गोकुल महोत्सव में विशेष दुधारू पशुओं गाय, भैंस, बकरी आदि की स्वास्थ्य उनके संरक्षण और विशेषकर उन्नत नस्ल के लिए विशेष जानकारियां उपलब्ध कराई जाऐगी। जिला स्तर पर प्रत्येक ग्राम में ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। यह महोत्सव पशुपालन विभाग,मध्यप्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट पालन विकास निगम एवं एम पी सी डी एफ  भोपाल के द्वारा विशेष रुप से संचालित किया जाएगा।

        गोकुल महोत्सव में आयोजित होने वाले विशेष शिविरों में पशुओं को उनके क्षेत्र में पशु चिकित्सा उपलब्ध कराना बीमारी से बचाव हेतु पशुओं को प्रतिबंधात्मक टीकाकरण कराया जाना एवं नस्ल सुधार के उद्देश्य से निष्कृष्ट सांडों का बधियाकरण भी कराया जाएगा गाय-भैंसों में बांझपन के निवारण के लिए विशेष उपचार पशुओं पशुओं को कृमिनाशक औषधियां देकर कमी से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए दवाई और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।              
      पशुपालकों को विभागीय गतिविधियां और हितग्राही मूलक योजनाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही शिविरों में कृत्रिम गर्भाधान का कार्य किया जाएगा साथ ही पशु बीमा कार्य एवं पशुपालन की उन्नत  तकनीक पशुपालन प्रबंधन की विशेष जानकारी भी प्रदान किया जाना है।

 जिसमें पशुओं को बांध कर खिलाने के महत्व को भी समझाया जाएगा। पशुपालकों को कचरा प्रबंधन एवं  दुग्ध उत्पादन के संबंध में जानकारी प्रदान की जाएगी, गर्मी के मौषम में हरे चारे की अनुपलब्धता पर  भी उसके संरक्षण पशुओं को पौष्टिक आहार दिए जाने के संबंध में विशेष जानकारियां उपलब्ध कराई जाएगी। पशुपालन संचनालय विशेष रुप से संभाग के जिलो में ग्राम वार गोकुल महोत्सव की मॉनिटरिंग करेगा। इसमें ज्वाइन डायरेक्टर ,डिप्टी डाइरेक्टर और भोपाल संचनालय से अधिकारी अंतर भ्रमण करेंगे और उसका निरीक्षण भी करेंगे। गोकुल महोत्सव में दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन पशु आहार के साथ-साथ दूध डेयरी क्षेत्र में भी पंजीयन किया जाएगा। गोकुल महोत्सव में पशुओं का पंजीयन निशुल्क किया जाएगाकेवल  गर्भाधान के लिए ही जरूरी शुल्क लिए जाने के निर्देश दिए गए। गोकुल महोत्सव का मुख्य उद्देश पशुओं को संतुलित आहार पशु बीमा योजना एवं उनके नस्ल सुधार के लिए प्रचार प्रसार किया जाएगा। उन्नत तकनीक भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक देसी मशीनों के संरक्षण व संवर्धन आदि के लिए भी व्यापक प्रचार किए जाने के निर्देश दिए गए।

क्रमांक/255/785/राठौर/जी

ऑडिट नहीं कराने वाली 173 गृह निर्माण संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी
इंदौर 26 मार्च 2018,
      इंदौर जिले में मध्यप्रदेश सरकारी सोसायटी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत ऐसी 173 गृह निर्माण सहकारी संस्थाएं जिन्होने पिछले दिनों आयोजित विशेष शिविरों में अपना ऑडिट नहीं कराया हैं, उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किये गये हैं। इन संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित अवधि में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने तथा संतोषप्रद स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की दशा में अध्यक्ष को पद से पृथक करने और 50 हजार रूपये की शास्ति लगाने की कार्यवाही की जायेगी।
126 उचित मूल्य दुकानों के लिए बुलाए गये आवेदन
इंदौर 26 मार्च 2018,
            इंदौर जिले में 126 उचित मूल्य दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2018 है। यह आवेदन पत्र जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की 126 उचित मूल्य दुकानों के लिए बुलाए गये है। आवेदन पत्र खादद्य एवं नागरिक आपूति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की वेबसाइट www.food.mp.gov.in पर किये जा सकते है। रिक्त ग्राम पंचायतों एवं दुकान आवंटन की प्रक्रिया की जानकारी इसी वेबसाइट तथा संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
क्रमांक/253/783/महिपाल/जी
एक आरोपी जिला बदर
इंदौर 26 मार्च 2018
      अपर जिला दण्डाधिकारी श्री कैलाश वानखेड़े ने जिले में शांति एंव सुव्यवस्था बनाये रखने के लिए लम्बे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण एक आरोपी को जिला बदर कर दिया हैं। आरोपी विशाल उर्फ खुन्नर पिता रामचंद्र कौशल निवासी किशनगंज, इंदौर थानाकिशनगंज को म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 के तहत जिला बदर कर उज्जैन,देवासधारखरगोनखण्डवा और इंदौर जिलों की राजस्व सीमा से बाहर चले जाने का आदेश पारित किया हैं। यह आदेश तत्काल प्रभार से लागू हो गया हैं।
क्रमांक/252/782/सिंह/जी
जनसंपर्क विभाग की सोशल मीडिया की प्रशिक्षण कार्यशाला आज
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इंदौर और उज्जैन संभाग के जनसंपर्क एवं अन्य विभाग के अधिकारी सम्मिलित होगें
इंदौर 26 मार्च 2018
      जनसंपर्क आयुक्त श्री पी. नरहरि के निर्देश पर सभी संभागों में सोशल मीडिया की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा हैं। इंदौर में आज 27 मार्च 2018 को सुबह 11 बजे से इंदौर कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 210 में सोशल मीडिया की कार्यशाला का आयोजन होगा। इस कार्यशाला में इंदौर, उज्जैन संभाग में सभी जिलों के जनसंपर्क अधिकारी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी, सोशल मीडिया सहायक एवं अन्य विभागों के अधिकारी भी सम्मिलित होगें। इस कार्यशाला में सोशल मीडिया पर विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा। सोशल मीडिया में जनसंपर्क के सभी अधिकारियों को पारंगत करने और उसके बेहतर उपयोग के लिए भोपाल से आये अधिकारी प्रशिक्षण देगें।
      जनसंपर्क आयुक्त श्री नरहरि ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया की इस कार्यशाला में अन्य विभागों के अधिकारियों को भी भेजा जाये, जिससे विभागों के द्वारा जनहित में किये जा रहें कार्यो को सोशल मीडिया जरिए आम जनता तक पहुंचाया जा सके। भारत में सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले सर्वाधिक यूजर हैं। विशेष कर फेसबुक, व्हाटसअप, इंस्टाग्राम, ट्वीटर, यूट्यूब आदि पर सर्वाधिक यूजर भारत के हैं और इसमें से 80 प्रतिशत से अधिक यूजर युवा हैं। जो निरंतर स्मार्टफोन के माध्यम से क्रियाशील रहते हैं। इन सभी तक शासन की योजनाओं को प्रचारित करने और समय-समय पर संदेश देने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
      जनसंपर्क विभाग के द्वारा स्वयं की बेवसाइट के साथ ही अब जिला कलेक्टर, कमिश्नर, जनसंपर्क अधिकारियों के ट्वीटर अकांउट भी क्रियाशील किये गये हैं। जिससे संभाग, जिले और प्रदेश स्तर पर चल रही गतिविधियों को प्रचारित किया जा सकेगा। इंदौर जिले के विभिन्न विभागों के सभी अधिकारियों को सोशल मीडिया की इस कार्यशाला में सम्मिलित होने के लिए अपर कलेक्टर इंदौर द्वारा पत्र भेजे गये हैं।
क्रमांक/251/781/राठौर/जी
मातृ वंदना योजनांतर्गत कार्यशाला 28 मार्च को
इंदौर 26 मार्च 2018
      महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वाधान में 28 मार्च 2018 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनांतर्गत प्रेस क्लब सभागृह में दोपहर 2 बजे कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में इस योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जायेगी। कार्यशाला में सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों, समाज सेवी संगठनों को आमंत्रित किया गया हैं।
क्रमांक/250/780/महिपाल/जी
सांसद निधि से एक निर्माण कार्य स्वीकृत
इंदौर 26 मार्च 2018
     सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनांतर्गत क्षेत्रीय सांसद एवं लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन की अनुशंसा पर कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े द्वारा एक निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। जारी आदेशानुसार ग्राम उमरीखेड़ा में ललित दुबे के घर से मनोहर के घर तक ग्राम में नाली निर्माण के लिए 2 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर ग्राम पंचायत उमरीखेड़ा को निर्माण एजेंसी बनाया गया है।
क्रमांक/249/779/भदौरिया/जी
एक दिवसीय रोजगार मेला 28 मार्च को
इंदौर 26 मार्च 2018
      नेशनल कैरियर सर्विस भारत सरकार मॉडल कैरियर सेन्टर के अंतर्गत जिला रोजगार कार्यालय में शिक्षित आवेदक हेतु एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन स्थानीय जिला रोजगार कार्यालय, 10 पोलोग्राउण्ड इंदौर के परिसर में (जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र) 28 मार्च 2018 को प्रात: 10 बजे से दो बजे तक रखा गया हैं।
      उक्त मेले में 18 से 34 वर्ष के आवेदक जो कि हायर सेकेन्ड्री से लेकर स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण तथा आई.टी.आई./‍डिप्लोमाधारी आवेदक वह सभी मेले में भाग लेकर योग्यता अनुसार रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
      इस रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनियों जैसे - साइंनसिस, डोमिनोज पिज्जा, यशस्वी, हिन्दूजा ग्लोबल सर्विसेस, आईक्या हुमेन कैपिटल, जो कि इनकी संस्थान हेतु सेल्स, बैंक ऑफिस, सर्वेसेस, डिलेवरी बॉय एवं आई.टी.आई. प्रशिक्षण आवेदकों के लिए आकर्षक वेतन पर रोजगार प्रदान करने हेतु कम्पनियों के प्रतिनिधि आवेदकों के साक्षात्कार लेकर प्रारंभिक रूप से आकर्षक वेतन पर चयनित करेगें।
      रोजगार मेले में सम्मिलित होने वाले आवेदक अपनी समस्त शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्रों के साथ बायोडेटा की प्रतियां एवं अन्य प्रमाण पत्र जैसे - आधार कार्ड आदि के प्रमाणपत्रों की फोटो प्रतियों भी आवश्यक रूप से साथ लाये। आवेदक पंजीयन हेतु परwww.mprojgor.gov.in/www.ncs.gov.in विजिट कर अपना पंजीयन करायें।
क्रमांक/248/778/सिंह/जी