Friday, 4 May 2018

उप पंजीयन कार्यालय स्थानांतरित


कार्यालय वरिष्ठ उप पंजीयन उप जिला इंदौर-2, जो कि वर्तमान में इंदिरा कॉम्प्लेक्स, नवलखा, इंदौर में संचालित हो रहा हैं। आम जनता की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए आगामी 07 मई 2018 से नवनिर्मित भवन ढक्कनवाला कुआ, साउथ तुकोगंज ग्रामीण हाट बाजार के पास इंदौर में संचालित होगा।
प्रदेश में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये एंटी प्रोफेटियरिंग अथॉरिटी का गठन
स्व-कर निर्धारण में करीब 2.80 लाख प्रकरणों का निराकरण 
 इंदौर 04 मई 2018
प्रदेश में वाणिज्यिक कर विभाग ने उपभोक्ताओं को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कर की दरों में कमी का लाभ दिलाने और शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही के लिये एंटी प्रोफेटियरिंग अथॉरिटी का गठन किया है। अथॉरिटी के गठन की जानकारी प्रदेश के सभी वाणिज्यिक कर कार्यालयों को उपलब्ध करवाई गयी है।
राज्य के व्यवसायी करदाताओं की सुविधा के लिये विभागीय कार्य प्रणाली का कम्प्यूटरीकरण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग के अंतर्गत वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा व्यवसायी कर-दाताओं को ऑनलाईन पंजीयनई-रिटर्न फाईलई-पेमेंट और विभिन्न प्रकार के फार्म डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध करवायी गयी है।
प्रदेश में एक जुलाई 2017 से नवीन कर प्रणाली जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश में पूर्व से पंजीकृत व्यवसायियों में से दो लाख 66 हजार 744करदाता जीएसटी में माइग्रेट किये जा चुके हैं। व्यवसायी करदाताओं को जीएसटी में परेशानियों से बचने के लिये वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश में लगभग 1200 कार्यशालाएं आयोजित की हैं।
स्व-कर निर्धारण
प्रदेश में पंजीकृत व्यवसाईयों को स्व-कर निर्धारण की सुविधा देने के मकसद से वर्ष 2015-16 की अवधि से संबंधित लाख 10 हजार प्रकरणों में से करीब लाख 80 हजार प्रकरणों का स्व-कर निर्धारण कर विभाग द्वारा निराकरण किया गया है। प्रदेश में कार्यरत टैक्स ऑडिट विंग द्वारा पिछले वर्ष 541 व्यवसाईयों का ऑडिट कर करीब करोड़ रूपये की राशि जमा करवायी गयी है।
कर निर्धारण के अधिकार
प्रदेश में कर निर्धारण कार्य के अंतर्गत एक करोड़ रूपये तक वार्षिक टर्नओव्हर वाले व्यवसाईयों का सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारियों द्वारा, 15 करोड़ रूपये तक वार्षिक टर्नओव्हर वाले व्यवसाइयों का वाणिज्यिक कर अधिकारियों द्वारा तथा 50 करोड़ रूपये तक वार्षिक टर्नओव्हर वाले व्यवसाईयों का कर-निर्धारण कार्य सहायक आयुक्तों द्वारा किया जा रहा है। प्रदेश में 50 करोड़ रूपये से अधिक वार्षिक टर्नओव्हर वाले व्यवसाईयों के कर-निर्धारण के लिये संभागीय उपायुक्तों को अधिकृत किया गया है।
क्रमांक/महिपाल/जी
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह का दौरा कार्यक्रम
इंदौर 04 मई 2018
    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह आज 06 मई 2018 को सुबह 7:30 बजे इंदौर से उज्जैन के लिए प्रस्थान करेगीं। उज्जैन में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के पश्चात दोपहर 2 बजे इंदौर आयेगीं तथा इंदौर में स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात्रि 9 बजे इंदौर से भोपाल के लिए रवाना होगी।
क्रमांक/महिपाल/जी
माह के तनिष्क को हृदय उपचार से मिला नया जीवन
इंदौर 04 मई 2018
राज्य शासन की मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना बच्चों के डूबते को तिनके का सहारा साबित हो रही हैं। इस योजना के तहत स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरे जिले का सर्वे कर 400 से अधिक बच्चों का शासकीय खर्च पर निजी अस्पताल में इलाज कराया गया।
    मुख्य मंत्री बाल हृदय योजना के तहत हितग्राही तनिष्क राठौर उम्र 2 माह पिता बालचंद्र राठौर निवासी 59 क्लर्क कालोनी एक्सटेंशन इंदौर को 25 मार्च 2018 को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित जिला त्वरित सेवा केन्द्र में बच्चे के उपचार हेतु संपर्क किया गया। चॅूंकि बच्चा उस समय सिर्फ 2 माह का था, जिस कारण इंदौर के चिन्हांकित अस्पतालों ने सर्जरी हेतु असमर्थता व्यक्त की। वे बच्चें को टरशरी लेवल के हॉस्पिटल में रेफर किया।
    अगले ही दिन बैंगलोर के नारायण सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के प्रबंधकों से फोन पर चर्चा हुई व इस प्रकरण में शीघ्र उपचार हेतु आग्रह किया गया। 27 मार्च 2018 को हितग्राही बैंगलोर के लिए रवना हुआ व 28 मार्च 2018 को सुबह हॉस्पिटल पहुंचने पर तत्काल बच्चें की आवश्यक जांचे हुई व सर्जरी का प्राक्कलन तत्काल ईमेल के माध्यम से भेजा गया, जिस पर तुरंत आवश्यक कार्यवाही करके बच्चे का ऑपरेशन मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत सरकारी खर्च से कराया गया।
    हितग्राही की सर्जरी उपरांत बच्चे का फॉलोअप किया गया, जिसमें ज्ञात हुआ कि बच्चा सर्जरी उपरांत पूर्णरूप से स्वस्थ हैं। हितग्राही का परिवार शासकीय मदद से प्रसन्न है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद बच्चे का उपचार निजी चिकित्सा में शासन के खर्च पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत शीघ्र हस्तक्षेप से 2 माह का बच्चा, जो कि हृदय रोग से गंभीर स्थिति में था, उसकी जान बचाई जा सकी व बच्चा व परिवार बहुत खुश हैं। बच्चे के माता-पिता के द्वारा राज्य शासन को कृतज्ञता ज्यापित की गई।
सिंह/जी
श्रमिकों की न्यूनतम वेतन दरें पुन: निर्धारित
अकुशल श्रमिकों को मिलेगें 7 हजार 325 रूपये मासिक
इंदौर 04 मई 2018
    कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने न्यूनतम वेतन अधिनियम 1984 के तहत विभिन्न नियोजनों के लिए 01 अप्रैल 2018 से 30 सितंबर 2018 तक आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले मासिक एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए मासिक एवं दैनिक वेतन की दरें जिसमें परिवर्तनशील महंगाई भत्ता सम्मिलित हैं। नियमानुसार दरों को निर्धारित किया हैं। प्रतिदिन 8 घंटे काम करने वाले कर्मचारी को पूर्णकालिक एवं 5 घंटे या इससे कम समय काम करने वाले कर्मचारियों को अंशकालिक माना जायेगा। अब अकुशल श्रमिकों को 7 हजार 325 रूपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 8 हजार 182 रूपये, कुशल श्रमिकों को 9 हजार 560 और उच्च कुशल श्रमिकों को 10 हजार 860 रूपये मासिक पारिश्रमिक मिलेगा।
    निर्धारित दैनिक वेतन की दरें 30 दिन से विभाजित कर निर्धारित की गई हैं। इसलिए सभी कर्मचारियों एवं श्रमिकों को वेतन सहित साप्ताहिक अवकाश देय होगा अर्थात मासिक वेतन में से साप्ताहिक अवकाश के लिए कोई कटोती नहीं की जा सकेगी। यदि किसी पद के लिए न्यूनतम वेतन अधिनियम के अंतर्गत आने वाले किसी नियोजन में वेतन निर्धारित किया गया हो, तो नवीन नियक्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को भी वही वेतन देय होगा जो न्यूनतम वेतन अधिनियम के अंतर्गत देय हैं। चाहे किसी पद य उसके समकक्ष पद के लिए कलेक्टर द्वारा वेतन निर्धारित किया गया हो।
    सभी प्रकार के शासकीय नियोजन के लिए चाहे वे किसी विभाग से संबंधित हों के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के वेतन निर्धारित न्यूनतम वेतन आदि नियम के अंतर्गत किया जावेगा तथा अधिनियम के अंतर्गत ही वेतन भी देय होगा। चाहे कर्मचारी राज्य शासन के किसी भी विभाग के अंतर्गत कार्य कर रहा हो। किसी भी स्थापना अथवा उपक्रम में प्रचलित वेतन दरें अधिसूचित मूल न्यूनतम दरों तथा देय परिवर्तनशील मंहगाई भत्ते के योग से अधिक होने पर यह समझा जायेगा कि स्थापना या उपक्रम द्वारा अधिसूचित मूल न्यूनतम दर पर तथा परिवर्तनशील मंहगाई भत्ते दिये जाने का पालन किया जा रहा है, यदि मंहगाई भत्ते के योग से कम हैं तो श्रमिक अंतर की राशि के लिए पात्र होगें। इन दरों के निर्धारण का उद्देश्य कोई नवीन पद कायम करने का नहीं हैं।
    जहां विभागों के द्वारा अलग से वेतन निर्धारित किया जाता हैं, वहां इन दरों को ध्यान में रखते हुए वेतन निर्धारित किया जाये। यह दरें इन कर्मचारियों को लागू नहीं होगी जो म.प्र. वर्कचार्ज्ड कांटिजेंसी के एम्प्लाइज वेतन श्रेणी नियम 1947 के अंतर्गत आते हैं और जहाँ विभागों द्वारा अलग से वेतन निर्धारित किया जाता हैं। इस आदेश के अंतर्गत बढ़ी हुई राशि का भुगतान 01 अप्रैल 2018 से देय होगा।