Tuesday, 8 May 2018

जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यो के लिए चलेगा अभियान
राजस्व अधिकारियों की बैठक संपन्न
इंदौर, 8 मई 2018
      इंदौर जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यो के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत जिले के तालाबों का गहरीकरण एवं जीर्णोधार के कार्य किये जायेंगे। इसके लिए सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य योजना बनाकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये गये है।
    यह जानकारी आज यहां कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में संपन्न हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में दी गयी। बैठक में अपर श्री कैलाश वानखेड़े, सुश्री निधि निवेदिता, श्री अजयदेव शर्मा सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर श्री वरवड़े ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी राजस्व प्रकरण निर्धारित समय सीमा में निराकृत किये जाय। जिले में पट्टा अधिकार अधिनियम के तहत सभी पात्र परिवारों को पट्टे दिये जाय। यह ध्यान रखा जाय कि कोई भी पात्र परिवार पट्टे से वंचित नहीं रहे। उन्होंने जिले में आगामी विधानसभा निर्वाचन के प्रारंभिक तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के कार्य को पूर्ण गंभीरता के साथ करें। पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखे। निर्वाचन कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही और उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि मतदाता सूची को पूर्ण रूप से शुद्ध बनाया जाय। मतदाता सूची में सभी पात्र मतदाताओं के नाम शामिल किये जाय। मृत्य अथवा अन्यत्र चले गये मतदाताओं के नाम सूची से हटाये जाय। सभी मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र मिल जाय, यह भी सुनिश्चित किया जाय। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों की युक्तियुक्तकरण का कार्य निर्धारित मापदण्ड अनुसार मतदाताओं की सुविधा के अनुसार ही करें। युक्तियुक्तकरण कार्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों का भी सहयोग लें।   Photo - 9F3A9395] 9397 And 9400
/महिपाल/विजय
जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यो के लिए चलेगा अभियान
राजस्व अधिकारियों की बैठक संपन्न
इंदौर, 8 मई 2018
      इंदौर जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यो के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत जिले के तालाबों का गहरीकरण एवं जीर्णोधार के कार्य किये जायेंगे। इसके लिए सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य योजना बनाकर उसका प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये गये है।
    यह जानकारी आज यहां कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में संपन्न हुई राजस्व अधिकारियों की बैठक में दी गयी। बैठक में अपर श्री कैलाश वानखेड़े, सुश्री निधि निवेदिता, श्री अजयदेव शर्मा सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर श्री वरवड़े ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी राजस्व प्रकरण निर्धारित समय सीमा में निराकृत किये जाय। जिले में पट्टा अधिकार अधिनियम के तहत सभी पात्र परिवारों को पट्टे दिये जाय। यह ध्यान रखा जाय कि कोई भी पात्र परिवार पट्टे से वंचित नहीं रहे। उन्होंने जिले में आगामी विधानसभा निर्वाचन के प्रारंभिक तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्वाचन के कार्य को पूर्ण गंभीरता के साथ करें। पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखे। निर्वाचन कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही और उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि मतदाता सूची को पूर्ण रूप से शुद्ध बनाया जाय। मतदाता सूची में सभी पात्र मतदाताओं के नाम शामिल किये जाय। मृत्य अथवा अन्यत्र चले गये मतदाताओं के नाम सूची से हटाये जाय। सभी मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता परिचय पत्र मिल जाय, यह भी सुनिश्चित किया जाय। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों की युक्तियुक्तकरण का कार्य निर्धारित मापदण्ड अनुसार मतदाताओं की सुविधा के अनुसार ही करें। युक्तियुक्तकरण कार्य में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों का भी सहयोग लें।
/महिपाल/विजय
भारत के नव-निर्माण में मध्यप्रदेश की होगी विशेष भूमिका- मुख्यमंत्री श्री चौहान
स्मार्ट सिटी है "वेव आफ फ्यूचर" - केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी मुख्यमंत्री ने किया एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का लोकार्पण 
इंदौर, 8 मई 2018
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ये भारत के नव-निर्माण में मध्यप्रदेश विशेष भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत तेजी से बदल रहा है। विकास के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल करते हुए मध्यप्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आ गया है। विकास दर दो अंकों में बनी हुई है और कृषि विकास दर देश में सबसे ज्यादा है। श्री चौहान ने कहा कि निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश को बदल देंगे।
    श्री चौहान आज स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के प्रथम सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन शहरी विकास मंत्रालयभारत सरकार द्वारा किया गया है। इसमें देशभर से 77 मुख्य कार्यपालन अधिकारी भाग ले रहे हैं।
    केन्द्रीय शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिये श्री शिवराज सिंह चौहान जैसा मुख्यमंत्री चाहिए। उन्होंने स्मार्ट सिटी को 'वेव ऑफ फ्यूचरबताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के लिये जलवायु परिवर्तनशिक्षासुरक्षासीवेजउद्यमिताकौशल विकास जैसे विषयों पर सलाहकार समितियां बनाई जायेंगी।                                
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी बनने के साथ मानसिकता बदलेगी। उन्होंने स्वच्छता मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि अब यह जन-आंदोलन बन गया है। लोगों की मानसिकता में परिवर्तन आया है। ऐसे ही जब स्मार्ट शहर अपना स्वरूप ले रहे हैंतो नागरिकों की अपने शहर को लेकर मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों की जिन्दगी बदलेगी तो देश भी बदल जायेगा।
    भोपाल महापौर श्री आलोक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में स्मार्ट शहरों के काम में तेजी आई है। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने कहा कि स्मार्ट शहर के नियोजन और प्रबंधन की शुरूआत मध्यप्रदेश से हुई। श्री चौहान ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। स्मार्ट सिटी मिशन भारत सरकार के संचालक श्री समीर शर्मा ने आभार व्यक्त किया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये।
एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर एक परिचय
    सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री ने स्थानीय गोविंदपुरा क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सेंटर की सभी शाखाओं और डाटा प्रोसेसिंग एवं विश्लेषण की  प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के संचालन में यह सेंटर केंद्रीय भूमिका निभाएगा। श्री चौहान ने कहा कि सभी चयनित  स्मार्ट शहरों में एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किये जायेंगे।
      एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर शहर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं को समाहित कर एक ही स्थान पर प्लेटफार्म प्रदाय करेगा। सेंटर से परिवहनजल,अग्नि पुलिसमौसम विज्ञानई-गवर्नेंस जैसे विभिन्न विभागों से प्राप्त जानकारी का एक मंच पर समाधान और विश्लेषण किया जायेगा। इसके अलावा संपूर्ण शहर की जानकारी प्राप्त कर विश्लेषण के बाद आवश्यक प्रक्रिया से तत्काल संबंधित को कार्यवाही के लिए प्रेषित किया जायेगा।
      शहर में लगे सभी सेंसर्स जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों में लगे जीपीएस सेंसर्सडायल-100 वाहन की स्थिति, 108 एम्बुलेंस की स्थितिस्मार्ट पोल एवं स्मार्ट लाइटट्रैफिक मैनेजमेंट कैमरेपब्लिक बाईक शेयरिंगसॉलिड वेस्ट मैनेजमेंटमौसम विभागसोलर पैनल्सस्मार्ट मैप इत्यादि व्यवस्था एवं परियोजनाओं का डाटा यहां स्टोर होगा।
      इस सेंटर में पूरे शहर की व्यवस्थाएं एक ही छत के नीचे रियल टाईम में देखी जा सकेंगी। सेंटर से आपातकालीन स्थिति एवं आपदा प्रबंधन में तुरंत कार्यवाही करने में सहयोग मिलेगा। दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से लाइव वीडियो देखकर जरूरी सेवाओं जैसे फायर बिग्रेडडायल-100एवं 108 एम्बुलेंस को तुरंत सूचित किया जा सकेगा। इस मॉडल में शहर का डाटाडाटा सेंटर में स्टोर किया जायेगाजिसका समय-समय पर विश्लेषण होगा। यह डाटा एनालिसिस शहर की सेवाओं के संदर्भ में विभागीय योजना बनाने एवं उनमें परिवर्तन आदि के निर्णय लेने में सहायक होगाप्रशासन की सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। गवर्नेंस के लिये हर स्थिति में नियंत्रण बनाये रखने में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
इन्क्यूबेशन सेंटर
    शहर के युवाओं में उद्यमशीलता का विकास करने और नए स्टार्टअप शुरू करने के लिये जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिये इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है। यहाँ युवkओं को स्टार्टअप के संबंध में तकनीकी ज्ञानव्यवसाय संबंधी सभी पहलुओं और संभावित जोखिमों के बारे में जानकारी के साथ सहायता उपलब्ध करवाई जायेगी।
    सम्मेलन में सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंगसांसद श्री आलोक संजरपूर्व मंत्री श्री बाबूलाल गौरकेन्द्रीय अपर सचिव सह मिशन डायरेक्टर स्मार्ट सिटी डॉ. समीर शर्माकेन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्राप्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।
/महिपाल/विजय
राज्य शासन द्वारा सातवें वेतनमान में प्रतिशत और
छठवें वेतनमान में प्रतिशत की वृद्धि
मंत्रि-परिषद के निर्णय 
इंदौर, 8 मई 2018
            मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज भोपाल में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में शासकीय सेवको/पेंशनरों/स्थानीय निकायों में नियोजित अध्यापक सवंर्ग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत सचिवों तथा स्थायी कर्मी को देय महंगाई भत्ता/राहत की दर में एक जनवरी 2018 से सातवें वेतनमान में प्रतिशत और छठवें वेतनमान में प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया गया। महंगाई भत्ते की प्रस्तावित वृद्धि का नगद भुगतान जनवरी 2018 (माह जनवरी 2018 का वेतन माह फरवरी 2018 में देय होगा) से किया जायेगा।
संविदा नियुक्ति नियम में संशोधन
        मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल पदों पर संविदा नियुक्ति नियम 2017 में प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से संशोधन करने का निर्णय लिया है। इसमें नियम4 (4) स्थापित किया गया इसके द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति से विभागीय सेटअप में नियमित स्थापना में स्वीकृत ऐसे पद/पदोन्नति से भरे जाने वाले ऐसे पद जिनकी पूर्ति में अपरिहार्य कारणों से एक वर्ष से अधिक अवधि लगना संभावित होके लिए संविदा नियुक्ति बाबत प्रावधान किये गये।
        संविदा नियुक्ति के मामलों में छानबीन समिति का प्रावधान किया गया है। समिति की सिफारिश पर प्रकरण मंत्रि-परिषद के आदेशार्थ प्रस्तुत करने के प्रावधान किये गये हैं। सार्वजनिक उपक्रम/निगम/मंडल/आयोग/विश्वविद्यालय में भी संविदा नियुक्ति के लिए प्रावधान किये गये हैं।
छिंदवाड़ा एवं सिवनी की भारिया जनजाति को भी लाभ
        मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियोंअनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) नियम 1998 के नियम 4-ख में संशोधन कर जिला छिंदवाड़ा एवं सिवनी के भारिया जनजाति के ऐसे आवेदक को जो संविदा शाला शिक्षक या तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद के लिए या वनरक्षक (कार्यपालिक) के लिये आवेदन करता है और उस पद के लिये विहित की गई न्यूनतम अर्हता रखता हैतो उसे भर्ती प्रक्रिया अपनाये बिना उक्त पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। पहले यह प्रावधान केवल छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्ड के लिये था।
शासकीय शिक्षा और खेलकूद का सुदढ़ीकरण योजना
        मंत्रि-परिषद ने शासकीय शिक्षा एवं खेलकूद का सुद्ढ़ीकरण योजना को वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 तक वित्तीय आकार राशि 20 करोड़ रूपये निर्धारित कर निरंतर रखने की मंजूरी दी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के चार अस्थाई पद
        मंत्रि-परिषद ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय भोपाल के चार अस्थाई पद आगामी चार (वर्ष एक मार्च 2018 से 28 फरवरी 2022) तक निरंतर रखने की स्वीकृति दी।
सिंचाई परियोजना एवं विशेष पुनर्वास पैकेज
        मंत्रि-परिषद ने धार जिले की रिंगनोद लघु सिंचाई परियोजना की 425 हेक्टेयर रबी सिंचाई के लिये 25 करोड़ 58 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी।
        मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ जिले की पार्वती परियोजना के कुल सैंच्य क्षेत्र 48,000 हेक्टेयर के लिए 1815 करोड़ 54 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी। परियोजना से राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ तथा ब्यावरा एवं भोपाल जिले की बैरसिया विकासखण्ड के 132 ग्राम लाभांवित होंगे।                                      
        मंत्रि-परिषद ने लोअर ओर वृहद सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन के अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया।  इसके फलस्वरूप शासन द्वारा इस परियोजना में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 199 करोड़ 56 लाख के स्थान पर 236 करोड़ 10 लाख की राशि व्यय की जायेगी।
        मंत्रि-परिषद ने बरखेड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया।
        मंत्रि-परिषद ने कारम मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति,2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य के लिये 49 करोड़ 55 लाख रूपये का प्रावधान है। डूब क्षेत्र के ऐसे कृषकजिनकी भू-अर्जन अधिनियम,2013 के तहत सोलेशियम सहित मुआवजा राशि 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर से कम हैको विशेष पुनर्वास पैकेज में न्यूनतम 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से एकमुश्त राशि देने की स्थिति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 46 करोड़ 35 लाख रूपये की राशि व्यय की जायेगी।
        मंत्रि-परिषद ने छीताखुदरी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भू-अर्जन अधिनियम,2013 एवं पुनर्वास नीति,2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य के लिये  91 करोड़ 29 लाख रूपये का प्रावधान है। डूब क्षेत्र के ऐसे कृषक जिन्हें भू-अर्जन अधिनियम 2013 में सोलेशियम सहित मुआवजा राशि 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर से कम हैको विशेष पुनर्वास पैकेज में न्यूनतम 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से एकमुश्त राशि देने की स्थिति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 79 करोड़ 37 लाख रूपये की राशि व्यय की जायेगी।
चिकित्सा महाविद्यालय
        मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम के भवन एवं परिसर निर्माण की स्वीकृत राशि 259 करोड़ 65 लाख रूपये को बढ़ाते हुए 295 करोड़ 65 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी।
        मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय शहडोल के भवन एवं परिसर निर्माण की स्वीकृत राशि 224 करोड़ 31 लाख को बढ़ाते हुए 303 करोड़ 27 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी।
        मंत्रि-परिषद ने जबलपुर में टी.बी. चेस्ट उपचार यूनिट का उन्नयन कर इसे राष्ट्रीय स्तर का उच्च स्तरीय केन्द्र बनाने की परियोजना की 538 लाख 43हजार की पुनरी‍क्षित  प्रशासकीय स्वीकृति बढ़ाकर 24 करोड़ 75 लाख 66 हजार रूपये की स्वीकृति दी। उन्नयन के लिये आवश्यक पूंजी निवेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा किया जायेगा। उन्नयन के लिये 108 पदों का सृजन करने की प्रशासकीय स्वीकृति भी दी गई।
        मंत्रि-परिषद ने रीवा स्थित मानसिक आरोग्यशाला में भारत शासन के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत फैकल्टी सपोर्ट योजना में नियमित पदों की संरचना करने का निर्णय लिया।
        मंत्रि-परिषद ने योजना अन्तर्गत पदों के लिए प्रथम वर्ष के बाद इन पदों पर होने वाला व्यय राज्य शासन द्वारा वहन करने का अनुमोदन दिया।                                                   
मानव अंग प्रतिरोपण
        मंत्रि-परिषद ने मानव अंग प्रतिरोपण अधिनियम,1994 (1994 का 42) की धारा की उपधारा (2और (3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 252 के खण्ड (1) के अनुसरण में मध्यप्रदेश राज्य में उक्त अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन द्वारा उनके प्रयोजनों को प्राप्त करने के लिए अंगीकृत करने का निर्णय लिया।  
नवीन संकाय खोलने के लिये अनुदान
        मंत्रि-परिषद ने शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय शुरू करने के दृष्टिकोण से अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभांवित करने के उद्देश्य के साथ उच्च शिक्षा विभाग की योजना 'नवीन संकाय खोलने हेतु अनुदानको निरंतर रखते हुए आगामी तीन वर्ष के लिए करोड़ 19 लाख 44 हजार रूपये की सैद्धांतिक स्वीकति दी।
स्मार्ट सिटी मिशन
        मं‍त्रि परिषद ने प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन योजना को पूर्व स्वीकृति अनुसार निरंतर रखने का अनुमोदन दिया। इसके लिए एक स्मार्ट सिटी के लिए 1000करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना में भारत सरकार द्वारा 5 वर्षों में 100 करोड़ रूपये प्रति शहर प्रतिवर्ष के मान से 500 करोड़ की राशि प्रत्येक स्मार्ट सिटी शहर को अनुदान के रूप में दी जायेगी और उतनी ही राशि राज्य शासन द्वारा दी जायेगी। योजना के प्रथम चरण में भोपालइन्दौर और जबलपुर‍‍दितीय चरण में उज्जैन और ग्वालियर तथा तृतीय चरण में सागर और सतना शहरों का चयन किया गया है। यह योजना 25 जून 2015 में शुरू की गई है। योजना के जरिये प्रदेश के सात शहरों का चयन प्रतिस्पर्धा के माध्यम से किया गया है।     
/महिपाल/विजय

प्रभारी मंत्री श्री मलैया बुधवार 9 मई को इंदौर में
इंदौर, 8 मई 2018
      प्रभारी मंत्री और वित्त एवं वाणिज्यकर श्री जयंत मलैया 8 मई 2018 को इंदौर आकर कल 9 मई 2018 को प्रात: 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेगें तथा क्षेत्र का भ्रमण करेगें और जनता से संपर्क करेगें। इसी प्रकार 10 मई 2018 को श्री मलैया विधानसभा क्रमांक-4 में  प्रात: 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में भाग लेगें, विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण करेगें और जनता से संपर्क करेगें। इसी प्रकार श्री मलैया 11 मई 2018 को विधानसाभ क्षेत्र क्रमांक-2 में प्रात: 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक शासकीय कार्यक्रमों में भाग लेगें, विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण करेगें और जनता से संपर्क करेगें।

/सिंह/जी

कलेक्टर कान्फ्रेन्स, बुधवार 9 मई को
इंदौर, 8 मई 2018
कमिशनर श्री राघवेन्द्र सिंह ने कल मई, 2018 को दोपहर साढ़े 11 बजे से क्रिस्टल आईटी पार्क में कलेक्टर कान्फ्रेन्स आहूत की है। इस कान्फ्रेन्स में इंदौर संभाग के सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में कृषिस्वास्थ्य,शिक्षाउद्योगग्रामीण विकासराजस्वआदिम जाति कल्याण आदि विभागों की बिन्दुवार समीक्षा की जायेगी।
/सिंह/विजय


3677 अतिरिक्त हज यात्रियों को ठहराया जायेगा मीना क्षेत्र से बाहर
इंदौर, 8 मई 2018
      मध्यप्रदेश हज कमेटी के सचिव श्री दाउद अहमद खान ने बताया की हज कमेटी ऑफ इंडियाअल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार से प्राप्त जानकरी अनुसार हज-2018 में अतिरिक्त कोटे की 3677 सीट्स पर भेजे जाने वाले हज यात्रियों को मीना की पारंपरिक सीमाओं के बाहर ठहराया जा सकता है। इसके अतिरिक्त दूसरी सुविधाएं जैसे- टेन्टभोजननाश्तापरिवहन आदि की व्यवस्था वैसे ही रहेगी, जैसे कि मीना में ठहरने वाले हज यात्रियों को दी जाती हैं।
/सिंह/विजय
इंदौर संभाग में पेयजल के मुकम्मल इंतजाम के सख्त निर्देश
स्कूलों में पेयजल मुहैया करायें- कमिश्नर श्री सिंह
सभी बंद नलजल योजनायें शीघ्र शुरू करने के निर्देश
इन्दौर मई 2018
कमिश्नर श्री राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में संभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में कृषिलोक स्वास्थ्य यांत्रिकीश्रमशिक्षाआदिम जाति कल्याणसामाजिक न्याय आदि विभागों की समीक्षा की गयी तथा अधिकारियों को मैदानी हकीकत जानने के लिए पूरे संभाग का दौरा करने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि इंदौर संभाग में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल के मुक्म्मल इंतजाम किये जाये।
उन्होंने कहा कि जो हैण्डपंप बंद हैउन्हें शीघ्रताशीघ्र चालू किया जाये। जो नलजल योजनाएं बंद है, उन्हें भी शीघ्र चालू किया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य शासन से आवश्यक बजट प्राप्त कर संभ्राग में बंद सभी 31 नलजल योजनाएं शीघ्रातिशीघ्र शुरू की जाये। नये टद्ययूबेल हर साल अप्रैल, मई-जून में ही खोदे जाये और जहां पर नलजल योजनाएं लम्बे समय से बंद हैउन मैदानी अमले की जिम्मेदारी तय की जाये। बंद नलजल योजनाओं की सूची तैयार कर दो दिन में प्रस्तुत की जाये। 30 जून, 2018 के बाद नलकूप खनन का काम बंद कर दिया जाये। सभी स्कूलों में पेयजल मुहैया कराया जाये।
      कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इंदौर संभाग में भावांतर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। किसानों को गेहूंचना और लहसुन का उचित मूल्य मिलना चाहिये। उन्होंने कहा कि 15 जून से समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी भी शुरू की जायेगी। बैठक में विभागीय अधिकारी मैजूद थे।

/सिंह/विजय
पी.एस.सी द्वारा होगी कुलसचिवों की भर्ती
इंदौर, 08 मई 2018
    मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश के अंतर्गत सहायक कुल सचिव परीक्षा 2018 हेतु आज विज्ञापन जारी किया गया हैं।
    29 पदों हेतु विज्ञापन उक्त परीक्षा हेतु स्नातकोत्तर उपाधि धारक अभ्यार्थी आवेदन कर सकेगें। पदों हेतु चयन ऑनलाइन परीक्षा तथा साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। उक्त परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र 10 मई 2018 से एम.पी. ऑनलाइन के माध्यम से भरे जायेगें। उक्त पों हेतु ऑनलाइन परीक्षा 15 जुलाई 2018 को आयोजित की जाएगी।
प्रदेश के विश्व विद्यालयों में रिक्त सहायक कुल सचिव के पदों की इस विज्ञापन के माध्यम से पूर्ति हो सकेगी तथा प्रदेश के विश्व विद्यालयों के प्रशासनिक व्यवस्थ सुदृढ़ होगी। उक्त विज्ञापन आयोग की बेवसाइट www.mppscdemp.inwww.mppsc.com तथा www.mppsc.nic.in पर अपलोड किया गया हैं।
/सिंह/जी
इंदौर जिला भारत सरकार की बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम में शामिल
इंदौर, 08 मई 2018
    भारत सरकार द्वारा क्रियांवित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अंतर्गत इंदौर जिले को भी शामिल किया गया हैं। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत इंदौर सहित प्रदेश के कुल 36 जिले शामिल किये गये हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित जिलों में 6 विभागों द्वारा मिलकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का समन्वित रूप से क्रियांवयन किया जायेगा। इन विभागों द्वारा इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियांवयन के लिए जिला स्तरीय कार्य योजना भी बनाई जायेगी।
    जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री राकेश वानखेड़े ने बताया कि इंदौर जिले को इस कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल करने से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को प्रभावी और  ढ़ंग से क्रियांवित करने में गति आयेगी। उन्होने बताया कि इस योजना के क्रियांवयन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शहरी विकास अभिकरण को शामिल किया गया हैं। उक्त सभी विभाग समन्वित कार्ययोजना तैयार करेगें। साथ ही जिले में जिला स्तरीय, विकास खण्ड स्तरीय और ग्राम पंचायत स्तरीय समिति का गठन भी किया गया हैं।
/महिपाल/जी
इंदौर जिले की सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में हुई ग्राम सभायें मुख्यमंत्री श्री चौहान के संबोधन का भी हुआ प्रसारण
इंदौर, 08 मई 2018
    इंदौर जिले में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितार्थ चलाई जाने वाली योजनाओं और कार्यक्रमों के संबंध में जागरूकता लाने के लिए कल सोमवार को जिले में इंदौर नगर सहित सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में विशेष सभाएं आयोजित की गई। इन सभाओं में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन का प्रसारण भी दिखाया गया।
    ज्ञात रहे कि असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के लिए इंदौर जिले में गत अप्रैल माह में विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान के अंतर्गत जिले में साढ़े 5 लाख श्रमिकों का चिन्हाकंन किया गया हैं। चिन्हित श्रमिकों को योजनाओं के लाभ के संबंध में जानकारी देने के लिए उक्त सभाएं आयोजित की गई।
    इन ग्राम सभाओं के सुव्यवस्थित और प्रभावी आयोजन के लिए ग्राम पंचायतवार एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी। उल्लेखनीय है कि श्री चौहान के मार्गदर्शन में प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण की अनूठी योजना लागू की गई है।
    इन विशेष सभाओं में श्रमिक कल्याण योजनाओं और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के संबंध में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर प्रसारित संदेश में कहा है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक अपनी सुख-सुविधाओं और अधिकारों के लिये आवाज ही नहीं उठा पाते थे। अब राज्य सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुये असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण और उनकी सेवा की अनूठी योजना बनाई है। इस योजना का लाभ देने के लिये श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। श्री चौहान ने कहा कि इस योजना में श्रमिकों को जमीन के पट्टे देनेपक्का मकान देनेउनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और इलाज का इंतजाम करनेश्रमिक बहनों को प्रसूति में सहायता देने और श्रम करने के दौरान अपंगता होने पर सहायता राशि देनेदुर्घटना होने पर मुआवजा देने और यहाँ तक कि अंतिम संस्कार के लिये भी सहायता देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना में ढ़ाई एकड़ तक की जमीन वाले किसान भी शामिल किये गये हैंक्योंकि वे खेतिहर श्रमिक की श्रेणी में आते हैं। विशेष ग्राम सभाओं में संबंधित गाँव के पंच-सरपंच अथवा ग्राम सभा के गणमान्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री के संदेश का भी वाचन किया।
/महिपाल/जी