Friday, 3 March 2017


मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ में राष्ट्रीय लोक अदालत 8 अप्रैल को 
इंदौर 3 मार्च, 2017
लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ में आगामी 8 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जायेगी। इस लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जायेगा। यह लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नईदिल्ली के निर्देशानुसार, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति के आदेशानुसार तथा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री पी.के.जायसवाल के निर्देशन में आयोजित की जा रही है। 
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ के पिं्रसिपल रजिस्ट्रार तथा उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के सचिव श्री देवेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि 8 अप्रैल, 2017 को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, एम.ए.सी.टी. प्रकरण (मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण), वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी प्रकरण (चोरी के मामलों को छोड़कर, बिजली तथा जल चोरी के प्रकरण  जोकि विधि के अधीन समझौता योग्य है रखे जा सकते हैं), सेवा मामलें जो सेवानिवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित हैं, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकरण के राजीनामा योग्य, प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया जायेगा।
समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागणों से अनुरोध किया गया है कि वे उपरोक्तानुसार उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत कराने के लिये मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में पिं्रसिपल रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, संबंधित सेक्शन एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर से सम्पर्क कर सकते हैं और अपने प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखने के लिये आवेदन/सूचना दे सकते हैं।
महिपाल/कपूर

परियोजना अधिकारी निलंबित
इंदौर 3 मार्च, 2017
आंगनवाड़ी में मंगल दिवस का कार्यक्रम नहीं होने पर संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने इंदौर शहरी क्रमांक-दो में पदस्थ महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी श्रीमती कीर्ति कटारा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 
संभागीय संयुक्त संचालक एकीकृत बाल विकास सेवा इंदौर श्री राजेश मेहरा ने बताया कि  3 जनवरी, 2017 को एकीकृत बाल विकास परियोजना इंदौर शहरी क्रमांक-दो के 6 आंगनवाड़ी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान मंगलवार होने के कारण मंगल दिवस का कार्यक्रम होना था, किंतु एक केन्द्र छोड़कर शेष 5 केन्द्रों पर उक्त कार्यक्रम नहीं होना पाया गया। साथ ही बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को टी.एच.आर. वितरण भी नहीं किया जाना पाया गया। श्रीमती कटारा को इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी के समक्ष समझाईश भी दी गयी, किंतु पुन: उनके द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्र के समय में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कार्यालय बुलाया जाता रहा। इनके इस कृत्य से आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन प्रभावित हो रहा था तथा हितग्राहि हितलाभ से वंचित हो रहे थे। इन सब लापरवाहियों के मद्देनजर परियोजना अधिकारी श्रीमती प्रीति कटारा को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया था, जिसका प्रतिउत्तर संतोषजनक नहीं होना पाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण संभागायुक्त श्री संजय दुबे द्वारा श्रीमती प्रीति कटारा परियोजना अधिकारी इंदौर शहरी क्रमांक-2 को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
महिपाल/कपूर

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान आज इंदौर में
इंदौर 3 मार्च, 2017
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान 4 अप्रैल को शाम 5.10 बजे इंदौर एयरपोर्ट आयेंगे। वे यहां से सीधे हेलीकाप्टर द्वारा खरगोन जिले के महेश्वर के लिये रवाना होंगे। श्री चौहान महेश्वर से शाम साढ़े 7 बजे कार द्वारा प्रस्थान कर रात्रि 9 बजे इंदौर आयेंगे और यहां से वे वायुयान द्वारा रात्रि 9.10 बजे भोपाल के लिये प्रस्थान करेंगे।
महिपाल/कपूर
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनीस आज इंदौर में
इंदौर 3 मार्च, 2017
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस 4 मार्च को दोपहर साढ़े 3 बजे इंदौर आयेंगी और शाम साढ़े 7 बजे इंदौर से भोपाल के लिये रवाना होंगी।
महिपाल/कपूर

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा व्याख्याता अस्थि बाधितार्थ, 
व्याख्याता श्रवण बाधितार्थ तथा व्याख्याता दृष्टि बाधितार्थ के पदों की पूर्ति होगी
इंदौर 3 मार्च, 2017
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के लिये व्याख्याता अस्थि बाधितार्थ के 4 पद, व्याख्याता श्रवण बाधितार्थ के 9 पद तथा व्याख्याता दृष्टि बाधितार्थ के 11 पदों की पूर्ति के लिये विज्ञापन जारी किया गया है। उक्त पदों हेतु ऑनलाइन आवेदन-पत्र 16 मार्च, 2017 से 15 अप्रैल, 2017 तक एम.पी.ऑनलाइन के माध्यम से जमा किये जा सकेंगे। विस्तृत विज्ञापन रोजगार और निर्माण समाचार-पत्र के 6 मार्च, 2017 के अंक में प्रकाशित किया जाएगा तथा आयोग की वेबसाइट ध्र्ध्र्ध्र्.थ्र्द्रद्रद्मड़.दत्ड़.त्द  तथा ध्र्ध्र्ध्र्. थ्र्द्रद्रद्मड़.ड़दृथ्र् पर उपलब्ध है। 
आवेदक ऑनलाइन आवेदन-पत्र एम.पी.ऑनलाइन के अधिकृत कियोस्क पर शुल्क का नगद भुगतान करके जमा कर सकते हैं। आवेदक क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड के साथ ही नेट बैंकिंग द्वारा भी घर बैठे शुल्क भुगतान कर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
महिपाल/कपूर
तीन आरोपी जिलाबदर
इंदौर 3 मार्च, 2017
इंदौर जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिये आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का सिलसिला जारी है। इसी सिलसिले में इंदौर के तीन आरोपियों को जिलाबदर करने के आदेश जारी किये गये हैं। 
इस संबंध में अपर जिला दण्डाधिकारी श्री शमीमुद्धीन एवं श्री अजयदेव शर्मा द्वारा जारी आदेशानुसार जिन आरोपियों को जिलाबदर किया गया है, उनमें सदर बाजार थाना क्षेत्र के बक्षीबाग निवासी आरोपी जग्गा उर्फ जगदीश उर्फ दशरथ पिता बालाराम गौड़, बाणगंगा थाना क्षेत्र के  पंचशील नगर निवासी राहुल पिता रामचन्द्र हार्डिया तथा परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के नन्दानगर निवासी शुभम पिता बहादुरसिंह बघेल शामिल हैं। इन आरोपियों को इंदौर सहित इससे लगे उज्जैन, देवास, धार, खरगोन एवं खण्डवा जिलों की राजस्व सीमाओं से निष्कासित किया गया है। आरोपी जग्गा उर्फ जगदीश को आगामी 4 माह और राहुल को 6 माह तथा शुभम को  भी 6 माह के लिये जिलाबदर किया गया है।
महिपाल/कपूर

अनुसूचित जनजाति आयोग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने मध्यप्रदेश शासन की
 वनाधिकार पट्टा योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा की
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विस्थापित आदिवासियों को जमीन के बदले जमीन दी जाये -- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री उइके
इंदौर 3 मार्च, 2017
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुइया उइके की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में आदिवासियों की समस्याओं के संबंध में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सुश्री उइके ने अधिकारियों से कहा कि वे आदिवासियों के कल्याण के लिये स्वस्फूर्त चेतना से काम करें। उन्होंने कहा कि विस्थापित आदिवासियों को पूरे देश में जमीन के बदले जमीन दी जानी चाहिये। जमीन ही आदिवासियों की पहचान है। उनकी सभ्यता, संस्कृति, खान-पान और तीज-त्यौहार सब जमीन से जुड़े हुये हैं। आदिवासियों को धन से ज्यादा जमीन से लगाव है, वे एकांकी जीवन की बजाय सामूहिक जीवन जीना पसंद करते हैं। सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिये। सुश्री उइके ने मध्यप्रदेश शासन की आदिवासियों के लिये चलायी जा रही वन अधिकार पट्टे योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इससे आदिवासियों को रोजी रोटी के साधन मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पट्टे के मामले में मध्यप्रदेश एक आदर्श राज्य है, अन्य राज्य भी इसका अनुकरण करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का दायित्व है कि आदिवासियों को उनके पट्टों पर अतिक्रमण हटाकर कब्जा दिलाये।
सुश्री उइके ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 308 के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया है। इस आयोग का काम पूरे देश में आदिवासियों के हितों का संरक्षण करना है तथा उनके कल्याण के लिये केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा बनाये गये कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन करवाना है। अनुसूचित जनजाति आयोग,राज्य और केन्द्र सरकार का मूल उद्देश्य आदिवासियों का जीवन स्तर सुधारना है। हमारा यह प्रयास होना चाहिये कि आदिवासियों की बस्तियों में बिजली, सड़क और पेयजल के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य की भी व्यवस्था होना चाहिये। उन्हें विस्थापित करते समय भी इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि उन्हें नई जगह स्वाभाविक, समाजिक और पारिवारिक माहौल मिले। विस्थापितों को जमीन देते समय उनके वयस्क पुत्रों को भी अलग से जमीन दी जाये।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा 168 योजनायें आदिवासियों के कल्याण के लिये चलायी जा रही हैं, जिससे उनके जीवन में निश्चित रूप से सुधार परिलक्षित हुआ है। उन्होंने बड़वानी, अलीराजपुर और धार के सरदार सरोवर परियोजना के तहत विस्थापित आदिवासियों को नये स्थान पर दी सुविधाओं की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया।
बैठक में नर्मदा घाटी विकास परियोजना की संचालक श्रीमती रेणु पंत, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की डायरेक्टर श्रीमती कलावती देवी बसौड़, कलेक्टर बड़वानी श्री तेजस्वी नायक, संयुक्त आयुक्त श्रीमती सपना शिवाले आदि मौजूद थे।
सिंह/कपूर
धारा-144 में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
इंदौर 3 मार्च, 2017
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पी.नरहरि ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2015 के साक्षात्कार कार्य की निष्पक्षता बनाये रखने तथा इस कार्य में आने वाले अवरोध को दूर करने और शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
जारी आदेशानुसार रेसीडेंसी एरिया में स्थित मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहरी परिसर की 500 मीटर की परिधि में साक्षात्कार दिवसों में किसी भी प्रकार के विज्ञापन लगाने, उम्मीदवारों से सम्पर्क करने एवं अनावश्यक भीड़ एकत्रित किये जाने की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश उम्मीदवार जिसके साथ एक परिजन आ सकते हैं, आयोग के अधिकारी-कर्मचारी पर लागू नहीं होगा। उपरोक्त प्रतिबंधात्मक आदेश 4 अप्रैल तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले संबंधितों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
महिपाल/कपूर