Tuesday, 7 March 2017


तार मिस्त्री परीक्षा हेतु आवेदन 30 अप्रैल तक
इंदौर 7 मार्च, 2017
मध्यप्रदेश अनुज्ञापन मण्डल के अंतर्गत आयोजित तार मिस्त्री परीक्षा माह जुलाई, 2017 परीक्षा केन्द्र इंदौर के लिये आवेदन-पत्र एक मार्च, 2017 से कार्यालय कार्यपालन यंत्री (विद्युत सुरक्षा) एवं संभागीय विद्युत निरीक्षक मध्यप्रदेश शासन, 156,आरएनटी मार्ग, प्रथम मंजिल इंदौर ""अनुज्ञापन मण्डल शाखा'' से नि:शुल्क प्राप्त किये जा सकते हैं एवं आवेदन-पत्र डाक से मंगवाने के लिये स्वयं का पता लिखा लिफाफा जिस पर आवश्यक डाक टिकिट लगे हों, साथ भेजा जाये। आवेदन-पत्र पूर्ण रूप से भरा जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल, 2017 है। इसके बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा। तार मिस्त्री परीक्षा हेतु निम्नानुसार अनुभव अनिवार्य है।
तारमिस्त्री परीक्षा के लिये आवेदक को मध्यप्रदेश में लायसेंसधारी विद्युत ठेकेदार के अधीन कम से कम दो वर्ष का तार (वायरिंग) लगाने का अनुभव अथवा अन्य विद्युत संस्थान में कार्य किया हो, ऐसा व्यावसायिक अनुभव होना चाहिय, जो कि अनुज्ञापन मण्डल द्वारा संतोषप्रद माना जाये। प्रस्तुत अनुभव प्रमाण-पत्र आवेदन दिनांक से पांच वर्ष पूर्व की अवधि का मान्य नहीं होगा व विद्युत ठेकेदार के अधीन कार्यरत आवेदन (प्रशिक्षु) का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है तथा आवेदन-पत्र के साथ संलग्न स्व-प्रमाणित घोषणा-पत्र देना अनिवार्य है।
सिंह/कपूर
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तैयारियों की 
समीक्षा के लिये संभागीय समीक्षा बैठक आज
इंदौर 7 मार्च, 2017
इंदौर संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिये व्यापक तैयारियां जारी हैं। इन्हीं तैयारियों की समीक्षा के लिये आज 8 मार्च को सुबह 11 बजे से संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी है। यह बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित होगी। बैठक में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
सिंह/अभिषेक
जिलाबदर
इंदौर 7 मार्च, 2017
जिले में शांति एवं सुव्यवस्था बनाये रखने के लिये जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का सिलसिला जारी है। इसी सिलसिले में अपर जिला दण्डाधिकारी श्री शमीम उददीन ने एक आरोपी को जिलाबदर कर दिया है। जारी आदेशानुसार अपर जिला दण्डाधिकारी श्री शमीम उददीन ने आरोपी जीवन पिता जगदीश कदम थाना आजाद नगर निवासी शिवनगर मूसाखेडी जिला इंदौर को लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-5 के तहत आरोपी जीन को 6 माह की कालावधि के लिये जिलाबदर कर इंदौर तथा उससे लगे हुये सीमावर्ती जिले उज्जैन, देवास, धार, खरगोन और खण्डवा जिलों की राजस्व सीमा से बाहर चले जाने का आदेश पारित किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
सिंह/कपूर

हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा के संदर्भ में 
विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से कलेक्टर की अपील
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एक बेहतर भविष्य विद्यार्थियों का इंतजार कर रहा है-- कलेक्टर श्री पी.नरहरि
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सुख और दुख में समान आचरण जरूरी
इंदौर 7 मार्च, 2017
इस माह से हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी, माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाएँ प्रारंभ हो गयी हैं, निश्चित ही इन परीक्षाओं के परिणाम विद्यार्थी के कैरियर के लिये निर्णायक होते हैं। विद्यार्थी सत्र पर्यंत मेहनत करता है, शिक्षक भी अपनी सशक्त एवं सक्रिय भूमिका का निर्वाह करते हैं, अभिभावक भी अपने बच्चों को दी गयी सतत् सुविधाओं से बेहतर परिणाम की अपेक्षा रखते हैं। सभी के समेकित प्रयास से प्राय: अनुकूल परिणाम भी प्राप्त होते हैं। यह सुखद परिणाम को प्रेरित करते हैं।
कुछ विषम परिस्थितियों में अपवाद स्वरूप विद्यार्थी को अभिभावक, शिक्षा तथा समाज की निरंतर स्मरण कराने वाली अपेक्षाओं के कारण, कुछ अधिभार का आभास होता है, जिसके कारण विद्यार्थी कुछ अनुचित साधनों एवं मार्गों की ओर अभिप्रेरित हो जाते हैं, यथा नकल करना, पेपर बिगड़ने पर आत्मघाती कदम इत्यादि।
अभिभावकों एवं बच्चों से कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने यह मार्मिक अपील है कि हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा का परिणाम जीवन के लिये निर्णायक आवश्यक है, किंतु यह केवल पहली और अंतिम बार नहीं है। हम असफलता की स्थिति में अगले प्रयास में भी इसको अपने अनुकूल बना सकते हैं। हर अच्छा खिलाड़ी भी एक बार जीवन में हारता है, किंतु यह उसकी अंतिम हार नहीं होती, बल्कि अगली जीत के पूर्व का एक अवसर होती है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि अभिभावक एवं शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित करें, सकारात्मक रूप से अभिप्रेरित करें, साथ ही यह भी आश्वस्त करें कि आपने इन्हें आवश्यकतानुसार सभी सुविधायें प्रदान की है, आप के बच्चे ने भी उसके अनुरूप निष्ठा एवं लगन से मेहतन की है। अत: ईश्वर इसका सदैव सृजनात्मक सफल परिणाम होगा।
उन्होंने अपील की है कि विद्यार्थीगण यदा-कदा विपरीत स्थिति में किसी त्रुटि के कारण से परेशान नहीं हों, विचलित नहीं हों। यह एक सुनहरा अवसर है, एक बेहतर भविष्य विद्यार्थियों का इंतजार कर रहा है। अत: विद्यार्थी एवं अभिभावक सहित शिक्षक अपनी-अपनी भूमिकाओं के निर्वहन के साथ-साथ अपने दायित्वों की पूर्ति भी करें। एक बेहतर परिणाम का स्वागत करने अथवा किसी विशेष कारण से अपेक्षित परिणाम प्राप्त न होने की दशा में भी समान परिवेश बनाये रखें। श्रीमद् भगवत्गीता में भी कहा गया है कि मनुष्य को सुख और दुख में समान आचरण करना चाहिये।
सिंह/कपूर
मध्यप्रदेश में महिला दिवस पर महिलाओं को मिली बड़ी सौगात
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नवजात शिशु को दूध पिलाने के लिये माताओं के लिये बसों में प्रथम सीट रहेगी आरक्षित
बस की प्रथम सीट तीन ओर से पर्दे से ढ़की रहेगी
इंदौर 7 मार्च, 2017
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य शासन ने महिलाओं को एक बड़ी सौगात दी है। महिलाओं को अब लोक परिवहन वाहनों में नवजात शिशुओं को दूध पिलाने के लिये शर्मिंदगी का सामना नहीं करना होगा। राज्य शासन ने नवजात शिशुओं को दूध पिलाने के लिये माताओं के लिये बसों में ड्रायवर के पीछे वाली प्रथम सीट आरक्षित करने का निर्णय लिया है। यह सीट तीर ओर से परदे से ढकी हुयी भी रखने के निर्देश दिये गये हैं। इस संबंध में राज्य शासन के परिवहन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
राज्य शासन के परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, संभागीय उप परिवहन आयुक्त, जिला परिवहन अधिकारी आदि को पत्र लिखकर निर्देश दिये गये हैं कि इस निर्णय का परिपालन सुनिश्चित करायें।आदेश में कहा गया है कि स्टेज केरेज बसों में नवजात शिशु को दूध पिलाने के लिये माताओं के लिये ड्रायवर की पीछे वाली प्रथम सीट आरक्षित रखें। इस सीट को तीन ओर से परदे से भी ढंका जाये। इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाये।
यह निर्णय इंदौर संभाग के महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री राजेश मेहरा की पहल पर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि श्री मेहरा ने शहडोल जिले में पदस्थ रहकर बसों में महिलाओं के लिये इस तरह की व्यवस्था की थी। शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले में  यह व्यवस्था अभी भी लागू है। 
नवजात शिशु के लिये माँ का दूध अमृत तुल्य है। इसे सर्वोत्तम आहार माना गया है। बच्चों को जन्म से लेकर छह माह तक माँ का दूध पिलाया जाना बच्चों की सेहत के लिये अत्यंत लाभदायक होता है।
महिलाओं के लिये स्टेशन के आंचल कक्ष बाद 
बोगी में भी सीट आरक्षित होगी 
"ए' और "ए वन' श्रेणी के रेलवे स्टेशन पर आंचल कक्ष बनाने के बाद रेलवे अब ट्रेन में भी आंचल कक्ष बनाने जा रही है। आने वाले दिनों में ट्रेन की प्रत्येक बोगी में एक सीट पर्दे से ढंकी नजर आएगी। इसका उपयोग सिर्फ आंचल कक्ष के रूप में  होगा। ये सीट किसी अन्य को आवंटित नहीं की जा सकेगी। रेलवे बोर्ड ने पश्चिम रेलवे सहित देशभर के जोन को आदेश जारी किए हैं।
महिपाल/कपूर
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिये राज्य शासन का बड़ा निर्णय
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प्रदेश में अब महिलाओं के लिये जिलेवार आयोजित होंगे महिला स्वरोजगार एवं रोजगार मेले
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रोजगार मेलों का आयोजन आज से होगा शुरू
इंदौर 7 मार्च, 2017
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिये राज्य शासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत महिलाओं को स्वरोजगार संबंधी गतिविधियों से जोड़ने के लिये जिला स्तर पर महिला स्वरोजगार एवं रोजगार मेला आयोजित किये जायेंगे। इन मेलों का आयोजन आगामी एक वर्ष के भीतर सभी जिलों में करने के निर्देश दिये गये हैं।
राज्य शासन द्वारा इस संबंध में सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि महिला सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिलाओं को सामाजिक, राजनैतिक, शैक्षणिक, बौद्धिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाना अत्यंत जरूरी है। शासन की मंशा है कि प्रदेश की महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त हों, साथ ही उन्हें किसी न किसी आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाये। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ने के कार्य किये जायें। इसके लिये  आगामी एक वर्ष के भीतर जिलों में महिला स्वरोजगार एवं रोजगार मेले लगाये जायें। सभी जिलों में इसके लिये संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की जाये। इसमें उद्योग एवं रोजगार, नगरीय विकास, कौशल विकास , आदिम जाति कल्याण विभाग, मत्स्य पालन, कृषि तथा उद्यानिकी आदि विभागों का सहयोग लिया जाये। कलेक्टर की अध्यक्षता में मेला आयोजन के लिये समिति का गठन किया जाये। जिलों में मेलों के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाये। रोजगार मेलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये।
महिलाओं को मेले के दौरान उद्यमिता विकास रोजगार के अवसर आदि के बारे में जानकारी दी जाये। महिलाओं को विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों में नौकरी दिलाने के भी प्रयास किये जायें।  मेले के दौरान ""बैंक में दोस्ती का काउंटर'' भी लगाया जाये।  इस काउंटर के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग गतिविधियों से जोड़ा जाये। उन्हें छोटे-छोटे उद्यम, व्यवसाय प्रारंभ करने के लिये प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाये। मेले के माध्यम से ऐसी महिलाओं का चयन किया जाये,जिन्हें कुशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाना है। कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायें।
श्व्
महिपाल/कपूर