औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण पर प्रदूषण निवारण मण्डल इन्दौर निगरानी रखे - कमिश्नर श्री दुबे
इन्दौर, 27 जनवरी 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में इंदौर जिले में प्रदूषण निवारण के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर कमिश्नर श्री दुबे ने अधिकारियों से कहा कि इंदौर जिले में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिये इंदौर जिले के सभी 246 पेट्रोल पम्पों पर प्रदूषण मापक यंत्र तीन माह के भीतर अनिवार्य रूप से लगवायें। प्रदूषण मापक यंत्र लगाने की जिम्मेदारी आरटीओ इंदौर की होगी। उन्होंने आरटीओ कार्यालय में भी प्रदूषण मापक केन्द्र लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में जल और भूमि प्रदूषण को नियंत्रित करना प्रदूषण निवारण मण्डल इन्दौर का दायित्व है। वह औद्योगिक प्रदूषण पर निगरानी रखे। इंदौर के नदी-नालों में औद्योगिक इकाइयों का प्रदूषित पानी छोड़ा जाना अनुचित है।
श्री दुबे ने अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इंदौर जिले को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिये सबका सहयोग जरूरी है। इस काम में नगर निगम, प्रदूषण निवारण मण्डल, उद्योग और परिवहन विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी है। परिवहन विभाग प्रदूषण मापक यंत्रों की समय-समय पर जाँच करेगा और जाँच उपरान्त की गई कार्यवाही का विवरण हर माह प्रेस नोट के जरिये जनसम्पर्क विभाग को देगा। उन्होंने कहा कि इंदौर जिले में प्रदूषण निवारण की दिशा में अनेक ठोक कदम उठाये गये हैं, जिसके कारण प्रदूषण धीरे-धीरे कम हो रहा है। प्रदूषण कम करने के लिये इंदौर शहर में सड़कों का उन्नयन, सड़कों, चौराहों और लेफ्ट टर्न का चौड़ीकरण किया गया है। नगर में ई-रिक्शा चालू किये गये हैं। पिछले दो वर्षों में शहर में सीएनजी से चलित वाहनों में वृद्धि हुई है। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा आने वाले पाँच वर्षों में लगभग सात सौ करोड़ रूपये की लागत से छ: फ्लायओवर ब्रिाज बनाये जाएंगे, जिससे वाहन प्रदूषण कम होगा। एआईसीटीएसएल द्वारा अगले छ: महिने में इंदौर शहर में दो सौ बैटरीचलित रिक्शे चलाये जाएंगे। उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोडिंग वाहनों में मिलावटी र्इंधन की जाँच कर वाहन मालिक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करें। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इंदौर शहर में डीजल चलित वाहनों में कमी लाई जाये।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि इंदौर नगर में प्रदूषण कम करने के लिये प्रदूषण निवारण अधिनियम, आवश्यक वस्तु अधिनियम और परिवहन अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एम.पी. सिंह ने कहा कि इंदौर जिले में लगभग 17 लाख टू व्हीलर और फोर व्हीलर वाहन है। प्रतिदिन लगभग 250 नये वाहनों का पंजीयन किया जा रहा है। जो वाहन काला धुआं फेंकते हैं, मात्र उन्हीं वाहनों की जाँच कर परिवहन विभाग द्वारा कानूनी कार्यवाही की जाती है।
बैठक में प्रदूषण निवारण मण्डल इंदौर के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री आर.के. गुप्ता ने कहा कि इंदौर जिले में प्रदूषण कम करने के लिये कचरा जलाने पर रोक, सड़क पर धूल कम करने, औद्योगिक अपशिष्ट के उचित प्रबंधन, सीएनजी और बैटरी चलित वाहनों में वृद्धि, ओव्हर ब्रिाज और नये बायपास बनाने तथा ट्रेफिक नियमों का कढ़ाई से पालन करवाना जरूरी है। इंदौर शहर में कोठारी मार्केट, सांवेर रोड और प्रदूषण निवारण मण्डल कार्यालय में प्रदूषण जाँच मशीनें लगाई गई हैं। पिछले पाँच वर्षों में इंदौर शहर में प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आई है।
इस अवसर पर बैठक में कलेक्टर श्री पी. नरहरि, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राकेश सिंह, संयुक्त आयुक्त श्रीमती सपना शिवाले, खाद्य नियंत्रक श्री आर.सी. मीणा, अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के प्रबंधक श्री संदीप सोनी, नगर निगम, कृषि आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
क्रमांक 206/206/बी.एन.सिंह/वटके