Monday, 7 May 2018

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन किये 

इंदौर 07 मई 2018 
राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने आज ओंकारेश्वर में ज्योर्तिलिंग के दर्शन किये और पूजा-अर्चना की। श्रीमती पटेल ने मंदिर में किये गये विकास कार्यों का अवलोकन भी किया।
श्रीमती पटेल को मंदिर समिति द्वारा स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने सैलानी टापू भ्रमण भी किया।
महिपाल/विजय

गरीबों को मिलेगी मुफ्त चिकित्सा सुविधा : मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री द्वारा काटजू अस्पताल में नवीन बहुमंजिला भवन का भूमि-पूजन 

इंदौर 07 मई 2018
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉ. कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में 100 बिस्तर के नवीन बहुमंजिला भवन के निर्माण का भूमि-पूजन किया। राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्तासांसद श्री आलोक संजरस्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को इलाज की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध होगी। उन्होंने सक्षम लोगों का आव्हान किया कि वे जरूरतमंद गरीबों को सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने में स्व-प्रेरणा से मदद करें।
    उल्लेखनीय है कि वर्तमान में काटजू अस्पताल में बीस बिस्तर की सुविधा है। अब यह स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से सर्व-सुविधा संपन्न बनेगा। इसमें सुविधायुक्त लेबर रूमओपीडी और ऑपरेशन थिएटर होगा।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आम लोगों की सहूलियत के लिये 'फूड सेफ्टी ऑन व्हीलवाहन को रवाना किया। इस वाहन में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण करने का किट भी उपलब्ध रहेगा। आम नागरिक इसका लाभ उठा सकते हैं।
/महिपाल/विजय
पीसी एण्ड पीएनडीटी एक्ट का प्रभावी पालन कराया जाये
एक्ट का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी
इंदौर 07 मई 2018
    गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनिक अधिनियम(पीसी एण्ड पीएनडीटी) का इंदौर जिले में प्रभावी पालन कराया जाये। इस अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। जिले में बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने के लिए सभी संभव प्रयास किये जाय।
    यह निर्देश आज कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुई जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में दिये गये। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े ने की। बैठक में इस अधिनियम के अंतर्गत इंदौर जिले में किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी गई।बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले में इस एक्ट के क्रियान्वयन के लिए सोनोग्राफी मशीनों में एक्टीव ट्रेकर लगाये गये है। जिले में 262 पंजीकृत सोनोग्राफी केन्द्र है। इन केन्द्रों में पंजीकृत सोनोग्राफी मशीनों की संख्या 348 है। इन केन्द्रों पर आने वाले सभी गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी के लिए आई.डी. प्रूफ लिये जाते है, साथ ही इनकी जानकारी भी रखी जाती है। इससे मॉनिटरिंग के लिए सुविधा हुई है। बताया गया है कि जिले में शिशु लिंग अनुपात सुधारने के प्रयास किये जा रहे है। बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले को भारत सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं योजना में शामिल किया गया है। बैठक में मध्यप्रदेश हेल्थ वालेण्ट्री संगठन के श्री मुकेश सिन्हा ने जिले में एक्ट के तहत किये जा रहे कार्यो की जानकारी दी।
/महिपाल/विजय
संभागीय जनसंपर्क कार्यालय, इंदौर
समाचार
देश से क्षय रोग मिटाने के लिए विशेष मुहिम चलाएँ- राज्यपाल श्रीमती पटेलइंदौर जिले में हर साल लगभग 10 हजार क्षय रोगियों का किया जाता है इलाज
इंदौर 07 मई 2018
    राज्यपाल श्रीमती आंनदी बेन पटेल की अध्यक्षता में रेसीडेंसी सभा कक्ष में क्षय रोग के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि चिकित्सकों, स्वयं सेवी संगठनों और समाज सेवियों के सहयोग से हमें विशेष मुहिम चलाकर आने वाले वर्षों में देश को क्षय रोग से मुक्त करना हैं। इस कार्य के लिए हमें दूरदृष्टि, पक्का इरादा और दृढ़ इच्छाशक्ति से काम करना होगा। इस काम में आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी स्वेच्छा से सहयोग कर सकते हैं।
    बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले की आबादी 35 लाख है। यहां पर हर साल लगभग 10 हजार क्षय रोगी इलाज कराने आते हैं। इसमें से 80 प्रतिशत रोगियों का शासकीय अस्पताल में नि:शुल्क इलाज होता हैं। यहां पर चार अस्पतालों में क्षय रोग का इलाज एवं एक्सरे व खखार की जांच की जाती हैं। इंदौर जिले में रोटरी क्लब, लॉयंस क्लब और जैन सोशल ग्रुप भी सहयोग कर रहा हैं। आज के इस वैज्ञानिक युग में क्षय रोग का इलाज संभव हैं। मल्टीड्रग थेरेपी से इसका इलाज संभव हें। मगर दवा के साथ पोषण आहार भी जरूरी हैं।
    राज्यपाल ने कहा कि देश में जिस प्रकार से स्वच्छता अभियान चला और जनता का सहयोग मिला, इस अभियान में इंदौर देश में नंबर 1 आया। इसी तरह क्षय रोग उन्मूलन अभियान में भी इंदौर देश में नंबर 1 बने। उन्होने इंदौर जिले के सभी 10 विश्व विद्यालयों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वह इंदौर जिले में क्षय रोग से पीड़ित 20-20 बच्चों को गोद लें व उनका पूरा इलाज करवाएं। जिले में प्रोफेसर भी कक्षा में पढ़ाने के उपरांत टी.बी. रोगियों की सेवा कर सकते हैं। क्षय रोगियों को दूध, मूंगफली, गुड़ और केला आदि पूरक पोषण आहार के रूप में दिया जा सकता हैं। यह सब चीजें गरीब रोगियों को अमीरों के द्वारा दान में दी जा सकती हैं। सभी धर्मों में परोपकार को सर्वोत्तम कार्य बताया गया हैं। राजभवन ने भोपाल में 5 क्षय रोगी बच्चों को गोद लिया हैं। उन्होने कहा है कि क्षय रोग का मूल कारण में गरीबी और कुपोषण हैं। क्षय रोगियों से किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। क्षय रोगी का वजन घटता जाता हैं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती हैं। यदि समाज के 10 प्रतिशत परिवार भी क्षय रोगियों को गोद ले लेते हैं तो टीवी का उन्मूलन किया जा सकता हैं। हर अमीर व्यक्ति का यह नैतिक दायित्व है कि वे गरीब रोगियों की मदद करें।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी गरीबों और पिछड़े जिलों की विशेष चिंता करते हैं। पिछले दिनों उन्होने प्रदेश के सबसे पिछड़े 8 जिलों के कलेक्टरों की बैठक ली थी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। उन्होने भी प्रदेश में बच्चों में कुपोषण मिटाने के निर्देश दिए थे। जिस तरह से देश में चेचक और पोलियो की बीमारी समाप्त हो गयी। उसी तरह से हमे देश को क्षय रोग जैसे घातक रोग से मुक्ति दिलाना हैं।
    बैठक में कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने बताया कि इंदौर जिले में क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। स्वयं सेवी संगठनों का इस अभियान में विशेष सहयोग मिल रहा हैं। मल्टीड्रग थैरेपी से मरीजों का कारगर तरीके से इलाज किया जा रहा हैं। यह भी प्रयास किया जा रहा हैं कि मरीज सही समय पर नियमित रूप से दवा लें और उन्हे ठोस पोषण आहार भी नियमित रूप से मिले।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन नायक ने बताया कि इंदौर जिले में 3 सरकारी और एक निजी अस्पताल में क्षय रोग का कारगर इलाज होता हैं। प्रति मरीज इलाज करने वाले चिकित्सक को एक हजार रूपये प्रोत्साहन राशि दी जाती हैं। जिले में कई स्वयं सेवी संगठन क्षय रोग उन्मूलन के लिए कारगर ढ़ंग से काम कर रहे हैं। इंदौर जिले में सन् 2020 तक क्षय रोग से पूरी तरह मुक्त कर दिया जायेगा।
    बैठक में देवी अहिल्या विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ. नरेन्द्र धाकड़, क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय छजलानी, बड़ी संख्या में रोटरी क्लब, लॉयंस क्लब और जैन सोशल ग्रुप के पदाधिकारी मौजूद थे।
सिंह/जी
गोवा की राज्यपाल और राजस्थान की मुख्यमंत्री का इंदौर प्रवास
इंदौर 07 इंदौर 2018
    गोवा की राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा और राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे आज इंदौर आयीं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन के परिवार में आयोजित विवाह समारोह में भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर नवदम्पति को आर्शीवाद भी दिया।
क्रमांक/पटेल/जी
इंदौर जिले में असंगठित क्षेत्र के साढ़े 5 लाख श्रमिकों का हुआ पंजीयन
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योजनाओं की जानकारी और लाभ लेने की प्रक्रिया बताने के लिए अगले सप्ताह आयोजित किया जायेगा जिला स्तरीय सम्मेलन
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अंतर्विभागीय समिति की बैठक संपन्न
इंदौर 07 मई 2018
    इंदौर जिले में राज्य शासन द्वारा दिए गए निर्देश अनुसार गत अप्रैल 2018 माह में चलाये गये विशेष अभियान के अंतर्गत साढ़े 5 लाख से अधिक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीयन किया गया हैं। इन पंजीयत श्रमिकों को उनके हितार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देने तथा इन योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ किस तरह लिया जाये उसकी प्रक्रिया समझाने के लिए अगले सप्ताह जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। इसके लिए 120 स्टॉल लगाये जायेगें।
    यह जानकारी आज यहां कलेक्टर कार्यालय में अंतर्विभागीय समन्वय समिति तथा समयसीमा के आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में दी गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े, सुश्री निधी निवेदिता तथा श्री अजय देव शर्मा सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन सहित समय सीमा के विभिन्न प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत लंबित प्रकरणों का त्वरित और सकारात्मक निराकरण किया जाये। निराकरण इस तरह हो कि आवेदक को संतुष्टी मिले। जो भी प्रकरण निरस्त किया जाये उसमें उसका उचित कारण लिखा जाये। निरस्तिकरण का विवरण तथ्यात्मक हो और जवाब हर प्रकरण में एक जैसे नहीं रहें। उन्होने लंबित सभी प्रकरणों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए।
    बैठक में अपर कलेक्टर सुश्री निधी निवेदिता ने समाधान ऑनलाइन के प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। उन्होने कहा कि समाधान ऑनलाइन के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत किया जाये। कोई भी प्रकरण बेवजह लंबित नहीं रखे जाये।
    बैठक में बताया गया कि असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के लिए इंदौर जिले में गत अप्रैल माह में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत साढ़े 5 लाख चिन्हित श्रमिकों को योजनाओं के लाभ के संबंध में जानकारी देने के जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित होगा। सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी अभी से संकल्ति कर लें। जिससे कि सम्मेलन में श्रमिकों को विस्तार से जानकारी दी जा सके।            
क्रमांक/महिपाल/जी