Thursday, 17 May 2018

इंदौर शहर के दो चौराहों पर यातायात नियंत्रण के लिए लगाये जायेगें रोबोट
महिलाओं के विरूद्ध छेड़छाड़, धारा 376 आदि गंभीर मामलों में दोषी पाये गये व्यक्तियों के लायसेंस किये जायेगें निरस्त
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न 

      इंदौर शहर के दो प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रण के लिए रोबोट लगाये जायेगें। इसके लिए यातायात पुलिस को चौराहों के चिन्हाकन के निर्देश दिए गए हैं। यह एक और प्रयोग सफल होने पर इसका और विस्तार किया जायेगा। जिले में महिलाओं के विरूद्ध छेड़छाड़ करने, धारा 376, दहेज प्रताड़ना आदि गंभीर मामलों में पाये गये चालकों के वाहन लायसेंस निरस्त किये जायेगे।
      यह जानकारी आज यहां कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दी गई। बैठक में डीआईजी श्री हरिनारायणचारी मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्री आशीष सिंह, अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिले में यातायात को सुगम बनाये रखने तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर श्री वरवड़े ने निर्देश दिए कि शहर के सभी यातायात सिग्नलों को सुचारू रूप से चालू रखा जाये। बीआरटीएस के यातायात सिग्नलों पर विशेष ध्यान दिया जाये। यह सुनिश्चित किया जाये सभी सिग्नलों पर टायमर भी लगे। टायमर लगने से वाहन चालकों को बेहद सुविधा होती है। उन्होने निर्देश दिए कि सड़कों के अपूर्ण कार्य बारिश के पूर्व शीघ्र किेये जाये। बैठक में बताया गया कि शहर के एक चौराह पर रोबोट द्वारा यातायात नियंत्रण का प्रयोग सफल होने पर इस प्रयोग को 2 और चौराहों पर लागू कर देखा जायेगा। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसका और विस्तार किया जायेगा।
      बैठक में बताया गया कि शहर में आवश्यकता के अनुरूप और बहुमंजिला पार्किंग बनाये जायेगें। इसके लिए नगर निगम को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये गये। बैठक में यह भी निर्देश दिये गये कि शहर में लेफ्ट टर्न चौड़ा करने के कार्य को और अधिक गति दी जाये। बैठक में बताया गया कि राऊ बायपास चौराहे पर रोटरी हटाकर वहां सिग्नल लगाया जायेगा। निर्देश दिये गये कि दुर्घटना आशांकित वाले क्षेत्रों में चिन्हांकित कर आवश्यकता के अनुरूप सुधार के कार्य किये जाये, जिससे की वहां दुर्घटनाओं में कमी आ सके। बताया गया कि शहर के 3 इमली ‍स्थित बस स्टेण्ड पर यात्री सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से जारी हैं। वहां शुलभ-शौचालय बन चुके हैं। शैड बनाने का कार्य प्रगति पर हैं।
      बैठक में जानकारी दी गई की सरबटे बस स्टेण्ड को तोड़ने का कार्य आगामी दिनों में किया जायेगा। तोड़ने की कार्यवाही तथा मलबा हटाने के कार्य में लगभग 36 घंटे लगेंगें। इन 36 घंटों में सरबटे बस स्टेण्ड पर वाहनों की आवाजाही नहीं रहेगी। इन 36 घंटों के दौरान बसों का संचालन अन्य वैकल्पिक स्थान से किया जायेगा। यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जायेगी। बस स्टेण्ड का भवन तोड़ने के पश्चात अस्थाई शैड बनाकर बसों का संचालन पुन: शुरू कर दिया जायेगा।

उच्च न्यायालय में लोक अदालत 14 जुलाई को
इंदौर 17 मई 2018
    म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री पी.के. जायसवाल के निर्देशन में उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में आगामी 14 जुलाई 2018 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा।
    इस राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक प्रकरण, परकाम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामलें, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी प्रकरण(अशमनीय मामलों को छोड़कर), सेवा मामलें जो सेवा निवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया जायेगा।
    प्रिंसिपल रजिस्ट्रार हाईकोर्ट बेंच इंदौर श्री तारकेश्वर सिंह ने समस्त  पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से अनुरोध किया है कि उपरोक्तानुसार उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत कराने हेतु म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, संबंधित सेक्शन एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर से संपर्क कर सकते है, एवं अपने प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखने हेतु आवेदन या सूचना दे सकते हैं। लोक अदालत के द्वारा निराकृत किये गये प्रकरणों में पक्षकारों के द्वारा भुगतान की गयी कोर्ट फीस का शासन द्वारा वापिस किये जाने का भी प्रावधान है।
/सिंह/विजय
अब भूमि-स्वामी निश्चिंत होकर दे सकेगा बटाई पर कृषि भूमि
राष्ट्रपति ने दी मध्यप्रदेश भूमि स्वामी एवं
बटाईदार के हितों का संरक्षण अधिनियम को मंजूरी
इंदौर 17 मई 2018
प्रदेश सरकार द्वारा कृषि भूमि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने तथा बटाईदार एवं भूमि-स्वामी के अधिकारों एवं हितों के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश भूमि स्वामी एवं बटाईदार के हितों का संरक्षण अधिनियम-2016 बनाया गया है। अधिनियम पर राष्ट्रपति की अनुमति मिलने के बाद मई 2018 से यह पूरे प्रदेश में प्रभावशील हो गया है।
इस अधिनियम के लागू होने से भूमि-स्वामी निश्चिंत होकर जमीन बटाई पर दे सकेगा। इससे जमीन पड़त में नहीं पड़ी रहेगी। कृषि भूमि का अधिकतम उपयोग हो सकेगा। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी। प्राकृतिक आपदा आने पर राहत भी मिल सकेगी।
अनुबंध अधिकतम वर्ष के लिए
भू-स्वामी एवं बटाईदार के मध्य अनुबंध निर्धारित प्रारूप में सादे कागज पर तीन प्रति में होगा। एक-एक प्रति दोनों पक्षकारों को और एक प्रति तहसीलदार को दी जायेगी। अनुबंध अधिकतम वर्ष के लिए होगा। पक्षकार अनुबंध का नवीनीकरण कर सकेंगे। आदिम जनजाति वर्ग का भूमि-स्वामी अधिसूचित क्षेत्र में स्थित अपनी कृषि भूमि केवल अधिसूचित क्षेत्र के आदिम जनजाति के सदस्य को ही बटाई पर दे सकेगा। बटाईदार को कृषि कार्यसुधार और कृषि से संबंधित कार्य करने का अधिकार होगा। अनुबंध की अवधि समाप्त होते ही भूमि पर स्वमेव भूमि-स्वामी का कब्जा हो जायेगा। इसमें किसी आदेश की जरूरत नहीं होगी।
प्राकृतिक आपदा में दोनों पक्षकार को मिलेगी सहायता
प्राकृतिक आपदा या अन्य किसी कारण से फसल हानि पर मिलने वाली सहायता तथा बीमा कंपनी से मिलने वाली दावा राशि अनुबंध के आधार पर भूमि-स्वामी और बटाईदार के बीच बँटेगी। बटाईदार की मृत्यु पर अनुबंध में उल्लेखित अधिकार उसके विधिक उत्तराधिकारी को मिलेंगे।
60 दिवस में होगा विवाद का निराकरण
विवाद की स्थिति में तहसीलदार जाँच कर मामले का निराकरण करेगा। मामले का निराकरण 60 दिवस में करना होगा। विलंब पर 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम हजार रुपये तक का अर्थदण्ड लगाने का प्रावधान है।
अनुबंध तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
तहसीलदार अनुबंध तोड़ने वाले पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से जुर्माना लगा सकेगा। बटाईदार द्वारा अनुबंध की समाप्ति के बाद कब्जा नहीं छोड़ने पर उसे 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर जुर्माने के साथ ही तीन माह तक की जेल से भी दण्डित किया जा सकेगा।

 /महिपाल/जी /भोपाल
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन में इंदौर जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर
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पंजीयत श्रमिकों के सत्यापन का कार्य तेजी से जारी
इंदौर 17 मई 2018
      राज्य शासन के महत्वाकांक्षी के अभियान के अंतर्गत इंदौर जिले में 5 लाख 75 हजार श्रमिकों का पंजीयन किया गया हैं। इन पंजीयत श्रमिकों के सत्यापन का कार्य तेजी से जारी हैं। जिले में अब तक 4 लाख 97 हजार श्रमिकों के सत्यापन का कार्य पूरा हो गया हैं। सत्यापन के कार्य में इंदौर जिला प्रदेश में पहले स्थान पर हैं। सत्यापन के पश्चात श्रमिकों को पंजीयन प्रमाण पत्र दिये जायेगें। इसके आधार पर उन्हें 10 महत्वपूर्ण योजनाओं का सीधा-सीधा लाभ मिलेगा। पंजीयत श्रमिकों को दुर्घटना के समय अपंगता होने, मृत्यु होने पर सहायता राशि दी जायेगी। उनके बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पी.एच.डी. तक फीस दी जायेगी। 200 रूपये के फ्लेट मासिक दर पर बिजली दी जायेगी। स्वरोजगार के लिए लोन दिया जायेगा। बीमार होने पर उनका नि:शुल्क इलाज भी कराया जायेगा।
    कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने निर्देश दिए है कि पंजीयत सभी श्रमिकों के सत्यापन का शत-प्रतिशत  कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाये। अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े ने बताया कि पंजीयत श्रमिकों के सत्यापन का कार्य पश्चात 30 मई तक विभिन्न योजना अंतर्गत हित-लाभ के जितने भी आवेदन पत्र प्राप्त होगें, उनमें 5 जून तक स्वीकृतियां जारी की जायेगी। इसके पश्चात इन्हें 13 जून को जनपद मुख्यालयों पर आयोजित कार्यक्रमों में हित-लाभ वितरित किये जायेगें। निर्देश दिए गये है कि मुख्यमंत्री मजदूर कल्याण अंत्येष्ठी सहायता योजना के अंतर्गत सहायता देने के लिए 13 जून का इंतजार नहीं किया जाये। पंजीयत श्रमिक की मृत्यु होने पर अंत्येष्ठी के लिए परिजनों को तुरंत सहायता राशि दी जाये।
    श्रम विभाग द्वारा परिपत्र अनुसार पंजीयत महिला श्रमिकों को गर्भावस्था के अंतिम तिमाही में चार प्रसव पूर्व जांच कराने पर 4 हजार रूपये तथा प्रसव होने पर 12 हजार रूपये की सहायता दी जायेगी। इसी तरह असंगठित श्रमिक की मृत्यु होने पर मृतक के परिजन को अंत्येष्ठी हेतु संबंधित निकाय द्वारा 5 हजार रूपये की नगद सहायता राशि दी जायेगी। श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को 4 लाख्‍ रूपये दिये जायेगे। सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये मिलेगें। दुर्घटना में स्थाई अपंगता होने पर 2 लाख रूपये तथा आंशिक अस्थाई अपंगता होने पर 1 लाख रूपये मिलेगें। पंजीयत श्रमिकों के बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पी.एच.डी. तक शैक्षणिक शुल्क से छूट रहेगी। व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु तथा यू.पी.एस.सी., पी.एस.सी. आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग दी जायेगी। बीमार होने पर असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिजनों का नि:शुल्क इलाज भी कराया जायेगा। श्रमिकों को स्वरोजगार के लिए ऋृण व सबसीडी भी दी जायेगी। श्रमिकों की आय में वृद्धी के लिए प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा। ई-रिक्सा एवं हाथ ठेला चलाने वालों को ई-लोडर हेतु अनुदान दिया जायेगा। इसके अलावा पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को 200 रूपये मासिक फ्लेट रेट पर बिजली कनेक्शन देने का प्रावधान किया गया हैं। उपरोक्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित विभागों से संपर्क किया जा सकता हैं।

/महिपाल/जी
छायाचित्रों की प्रदर्शनी 18 मई से
इंदौर 17 मई 2018    
    पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय भोपाल के तत्वावधान में 18 मई विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में शिवपुत्र कार्तिकेय 18 मई 2018 को प्रात: 11 बजे किया जायेगा। यह प्रदर्शनी 18 से 24 मई तक आम नागरिकों के लिए नि:शुल्क अवलोकनार्थ रहेगी।

सिंह/जी
मंहगाई के इस युग में बढ़ी हुई पेंशन
पेंशनर्स के लिए साबित हो रही वरदान
इंदौर 17 मई 2018 ।
      मुख्यमंत्री  श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के पेंशनरों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी करते हुए उन्हें सातवें वेतनमान के आधार पर तय किए गए फार्मूले के अनुसार  मूल वेतन में 2.57 के गुणाकर नई  पेंशन बेसिक   निर्धारित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। यही नहीं मुख्यमंत्री ने पेंशन राशि के अंतर के एरियर का भुगतान भी करने को कहा है। इससे प्रदेश के लगभग 4 लाख पेंशनर्स को लाभ हुआ हैं।
       राज्य शासन के इस आदेश से उज्जैन जिले के पेंशनर्स  अत्यधिक खुश हैं। म .प्र . पेंशनर समाज के वरिष्ठ पेंशनर श्री केशव सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने हमारे सभी मांगे एक ही स्ट्रोक में पूरी कर दी है। उन्होंने कहा कि अब तक लगता था कि हमारी बात नहीं सुनी जा रही है। सभी पेंशनर्स घबरा रहे थे कि इस महंगाई के युग में कैसे अपना जीवनयापन करेंगे। मुख्यमंत्री की सहृदयता से सभी  के चेहरे खिल गए हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी 2016 से एरियर का भुगतान का निर्णय करके मुख्यमंत्री ने निश्चित रूप से पेंशनरों का दिल जीत लिया है। श्री चौहान कहते हैं कि मुख्यमंत्री ने एक से बढ़कर एक कर्मचारी हितैषी निर्णय लिए हैं।  हम उनका आभार व्यक्त करते है । श्री चौहान ने कहा  मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर के  भी एक मास्टर स्ट्रोक खेला है। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों  को लाखों रुपए का फायदा हुआ। मुख्यमंत्री के निर्णय से हर पूर्व व वर्तमान शासकीय सेवक प्रसन्न है ।
         इसी  तरह से पेंशनर्स  श्री विष्णु दयाल गोस्वामी  कहते हैं कि कुछ देर जरूर हुई लेकिन सभी मांगे मान कर मुख्यमंत्री ने पेंशनरों के दिल में जगह बना ली है। श्री  राकेश शर्मा इस निर्णय से खुश हैं और कहते हैं कि अब उन्हें इतनी पेंशन मिलेगी, जिससे वह न केवल अपना बल्कि अपने परिवार की मदद भी कर पाएंगे। पेंशनर श्री  अशोक वर्मा भी इस निर्णय से अत्यधिक खुश हैं और कहते हैं कि मुख्यमंत्री की लोकप्रियता में इस निर्णय ने चार चांद लगा दिए हैं।

/सिंह/जी
शासकीय हाईस्कूल पेडमी का परीक्षा परिणाम रहा शत-प्रतिशत
इंदौर 17 मई 2018
    शासकीय हाई स्कूली पेडमी (तहसील इंदौर) का कक्षा 10 वीं का परीक्षा परिणाम लगातार तीसरे वर्ष 2017-18 में शत-प्रतिशत रहा। प्राचार्य श्रीमती लिली डावर ने बताया कि इंदौर तहसील का सुदूर ग्राम पेडमी, जहां अधिकतर लोग खेतों में मजदूरी करते हैं। शिक्षा के प्रति विशेष रूप से बा‍लिका शिक्षा को लेकर जागरूकता नहीं हैं। ऐसे ग्राम में विगत तीन वर्षों में जहां शासकीय विद्यालय में दर्ज संख्या बढ़ी हैं, वहीं बालिकाओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई हैं।
    इस वर्ष 10 वीं की परीक्षा में सम्मिलित सभी 24 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिसमें 16 बालिका एवं 8 बालक हैं। 24 में से 17 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। विद्यालय में प्रथम 10 स्थानों पर बालिकाओं ने बाजी मारी। 86 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाली शिवनी प्रजापत पिता श्री मुकेश प्रजापत, 82 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहने वाली निकिता यादव पिता श्री रामेश्वर यादव 81 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही। शेजल राठौर पिता श्री दिनेश राठौर, 81 प्रतिशत अंकों के साथ ही विधि मालवीय पिता श्री गजराज मालवीय को परीक्षा उत्तीर्ण की। सभी खेतों में मजदूरी करते हैं। इस सफलता के कारक हैं शिक्षकों की मेहनत, बच्चों की मेहनत एवं उनके पालकों का हमारी मेहनत पर विश्वास होना और शिक्षा के प्रति जागरूक होना हैं।

सिंह/जी
जिले में विकास खण्ड स्तरीय स्वरोजगार सम्मेलन 22 मई से
बैंकों द्वारा किये जायेंगे ऋण स्वीकृत
इंदौर 17 मई 2018
    कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 22 मई, 2018 को जनपद पंचायत महू, 23 मई 2018 को जनपद पंचायत सांवेर, 26 मई 2018 को जनपद पंचायत देपालपुर एवं 30 मई 2018 को हाट बाजार मैदान इंदौर में स्वरोजगार सम्मेलन का आयोजन महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र इंदौर द्वारा किया जायेगा।
    जिले के विभिन्न विभागों के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत स्वरोजगार की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाती हैं। सम्मेलन में स्वरोजगार की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाती हैं। सम्मेलन में संबंधित विभागों के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थाए व प्रशिक्षण उद्यमिता संस्थाओं द्वारा सम्मेलन में उपस्थित हो कर योजनाओं के संबंध में जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जायेगा। इस स्वरोजगार सम्मेलन में योजनानुसार आवेदकों का चयन किया जाकर ऋण प्रकरण तैयार किये जायेगें।

/सिंह/जी