Thursday, 24 May 2018

26 मई को होने वाली पटवारी काउंसलिंग स्थगित

इंदौर 24 मई 2018
      पटवारी भर्ती परीक्षा 2017 के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण/ काउंसलिंग 26 मई 2018 को होना था। उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पटवारी नियुक्ति स्थगित किये जाने के कारण दस्तावेज परीक्षण की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त श्री एम.सेलवेन्द्रन ने बताया है कि आगामी तिथि की सूचना अलग से दी जायेगी।

/महिपाल/विजय

देश की गरिमामयी संस्कृति की रक्षा में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका

जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने बालाघाट में पत्रकारों को सम्मानित किया 

इंदौर 24 मई 2018
जनसम्पर्कजल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज बालाघाट में पत्रकार महाअधिवेशन में वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान किया। डॉ. मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के कार्यों में पत्रकार बंधुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतीय संस्कृति को जीवंत और सम्माननीय बनाए रखने में मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। आधुनिक समाज और संचार क्रांति के इस दौर में यह आवश्यक है कि देश की गरिमामय संस्कृति की रक्षा की जाए। इसके लिए सम्पूर्ण मीडिया जगत को सजग रहकर निरंतर कार्य करना होगा।
मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में अनेक कदम उठाए हैं। अधिमान्यता कार्ड की नवीनीकरण अवधि एक वर्ष के स्थान पर दो वर्ष कर दी गई है। स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा योजना में अब दो लाख के स्थान पर चार लाख रुपये तक कैशलेस उपचार और आकस्मिक दुर्घटना की दशा में असमय मृत्यु हो जाने पर पाँच लाख के स्थान पर दस लाख रूपये की राशि का प्रावधान किया जा रहा है। कार्यक्रम के विशेष अतिथि किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने पत्रकारों को संबोधित किया।

/महिपाल/विजय
गरीबों की आर्थिकसामाजिक जरूरतें पूरी करना सरकार की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना का जन-आंदोलन के रूप में क्रियान्वयन करने के निर्देश 
इंदौर 24 मई 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीबों की आर्थिक और सामाजिक जरूरतें पूरी करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना गरीबों का संबल हैगरीबी दूर करने का प्रभावी प्रयास है। श्री चौहान ने टीम मध्यप्रदेश का आव्हान किया कि जन-आंदोलन के रूप में योजना का क्रियान्वयन करें। मुख्यमंत्री आज भोपाल स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्‍ला भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीबी दूर करने के लिये दो कार्य आवश्यक हैं। पहला गरीबों की आमदनी बढ़ाई जायेदूसरा उनको सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जायें। आमदनी और सुविधाएँ बढ़ाने के क्रमिक प्रयास किये जा रहे हैं। आजीविका के नये अवसरों के साथ ही गरीबों को सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयासों में सस्ती दर पर खाद्यान्न आदि उपलब्ध कराने के कार्य किये गये हैं। इस क्रम में मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना व्यापक पहल है। जाति और धर्म के भेदभाव के बिना सभी गरीबों को सामाजिक और आर्थिक संबल प्रदान करने का प्रयास है। योजना से गरीब की जिन्दगी का हर पक्ष लाभान्वित होगा। प्रसूति सहायता,नि:शुल्क उपचारनि:शुल्क शिक्षाकोचिंगअनुग्रह और अंत्येष्टि सहायता आदि के प्रावधान इस योजना की मानवीय संवेदनाओं के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में स्व-प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गई है ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को योजना का लाभ आसानी से मिल सके।
मुख्यमंत्री को बैठक में बताया गया कि योजना के हितग्राहियों की सूची का वाचन एक जून से ग्राम सभाओं में किया जायेगा। योजना की निगरानी के लिये पाँच सदस्यीय समिति का गठन किया जा रहा है। समिति में श्रमिकों का प्रतिनिधित्व भी होगा। विगत एक अप्रैल से आगामी 31 मई तक की अवधि के दौरान पंजीकृत हितग्राहियों को प्रसूति सहायताअनुग्रह राशि और पट्टे के हितलाभ आगामी 13 जून को दिये जायेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत स्तर परनगरीय क्षेत्र में वार्ड स्तर पर हितलाभ वितरण के लिये कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री के संदेश का सीधा प्रसारण ग्राम और जनपद पंचायतों में पूर्वान्ह 11बजे और नगरीय निकायों में शाम बजे किया जायेगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पट्टा वितरण का कार्य तीव्र गति से किया गया है। अधिकांश पट्टों का वितरण 13 जून तक हो जायेगा। बताया गया कि योजना में पंजीकृत हितग्राहियों को स्मार्ट कार्ड भी दिये जायेंगे।


/महिपाल/विजय
किसानों को मण्डी में लम्बी लाईन की परेशानियों से मिलेगी राहत
पंजीकृत किसानों को एसएमएस से मिलेगी मण्डी आने की तारीख की सूचना राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टरों को दिये विस्तृत दिशा-निर्देश 
इंदौर 24 मई 2018
राज्य शासन ने मंडियों में अत्याधिक उपार्जित स्कंध जमा होने के कारण जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये हैं कि पंजीकृत किसानों को सीमित संख्या में एसएमएस के माध्यम से मण्डी में उपज बेचने के लिये बुलाया जाये। इससे स्टॉक के परिवहन की गति बढ़ेगी और किसानों को गर्मी के मौसम में मंडी में ट्रेक्टर-ट्राली की लम्बी लाइन की परेशानियों से राहत भी मिलेगी।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने जिला कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर कहा है कि प्रदेश में विगत 15 मार्च से आगामी 26 मई तक गेहूँ का शासकीय स्तर पर उपार्जन किया जा रहा है। इसी प्रकार चनासरसों एवं मसूर की उपार्जन अवधि विगत 10 अप्रैल से आगामी जून तक निर्धारित है। इन दिनों मंडी प्रांगणों में इन फसलों की व्यापक आवक हो रही है। इस कारण सहकारी समिति को किसानों की उपज की खरीदी और तौल में दो से तीन दिन तक का समय लग रहा है। इस भीषण गर्मी में किसानों को ट्रेक्टर-ट्रॉली के साथ मंडियों के बाहर लम्बी लाईन में खड़ा रहना पड़ता है। इस स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए पंजीकृत किसानों के लिये एसएमएस की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा रही है।
जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि मंडी प्रांगण में स्थान की उपलब्धता सहकारी समिति की दैनिक उपार्जन क्षमता एवं उपार्जित उपज के स्टॉक के परिवहन की गति आदि का आकलन करने के बाद ही एसएमएस की संख्या तय की जाये। पंजीकृत किसानों से सहकारी समिति द्वारा उपज की खरीदी और तौल यथासंभव उसी दिन पूरी की जायेजिस दिन किसान को उपज बेचने के लिये बुलाया गया हो।
राज्य शासन ने निर्देश दिये हैं कि जिन मंडियों में उपज रखने के लिये पर्याप्त स्थान नहीं हैउनमें से कुछ सहकारी समितियों को मंडी प्रांगण के बाहर अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानान्तरित किया जाये। साथ ही सहकारी समितियों के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने पर उन्हे मंडियों द्वारा यथासंभव सहयोग प्रदान किया जाये। इसके अलावास्थानीय स्तर पर अन्य विभागों से भी आवश्यकता संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। मंडी प्रांगणों में बेहतर कानून व्यवस्था बनाये रखने और संभावित अप्रिय स्थिति को नियंत्रित करने के लिये जिला और पुलिस प्रशासन सहित अन्य विभागों के शासकीय सेवकों की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से लगाने के निर्देश दिये गये हैं।
जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि इस बार प्रदेश में समय पर मानसून आने की संभावना को देखते हुए चनासरसों और मसूर को तत्परता से गोदामों तक पहुँचाना आवश्यक होगा। इन उपज का उपार्जन जून तक किया जाना निर्धारित है। इसके अतिरिक्त प्री-मानसून या असमय वर्षा की संभावना पता लगते ही मंडी प्रांगण में उपार्जित तथा खुले में रखे हुए स्टॉक की सुरक्षा के लिये त्रिपाल और पन्नी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर जिला स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के लिये भी कहा गया है।

/महिपाल/विजय
कैविएट दायर होगी
इंदौर 24 मई 2018
      पंजीयन विभाग में नवीन विभागीय परीक्षा में सहायक ग्रेड-2 तथा सहायक ग्रेड-3 को विभागीय परीक्षा उत्तीण करने पर उप पंजीयक का प्रभारी दिये जाने का प्रावधान रखा गया है। जिससे कि पंजीयन कार्य सुचारू रूप से संपादित हो सकें।
      पंजीयन विभाग की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में कैविएट दायर करने की कार्यवाही प्रचलित है।

/महिपाल/विजय
मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना : किसानों का होगा ब्याज माफ
इंदौर जिले में लाभान्वित होंगे 22 हजार 479 किसान

इंदौर 24 मई 2018/ राज्य शासन द्वारा डिफाल्टर किसानों के हित में एक नई महत्वपूर्ण योजना लागू की गयी है। इस योजनांतर्गत 15 जून 2018 तक अपनी बकाया राशि का 50 प्रतिशत मूलधन जमा करने वाले किसान योजना की पात्रता सूची में शामिल हो जाएंगे। योजना के तहत बाद  में शेष 50 प्रतिशत मूलधन राशि जमा करने वाले किसानों का पूरा ब्याज भी माफ किया जायेगा।
      इस योजना के अंतर्गत इंदौर जिले में कुल 22 हजार 479 डिफाल्टर किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना अंतर्गत पात्रता रखने वाले किसान अपने खाते में बकाया मूलधन की न्यूनतम 50 प्रतिशत राशि 15 जून 2018 तक जमा कर योजना में भाग ले सकते हैं। इसके पश्चात शेष 50 प्रतिशत बकाया मूलधन राशि जमा करने वाले कृषकों को ऋण लेने की पात्रता सूची में शामिल किया जायेगा। जिले में इस योजना का लाभ अल्पावधि फसल ऋण तथा मध्यावधि परिवर्तित ऋण लेने वाले कृषकों को मिलेगा। यह सुविधा ऐसे कृषकों को मिलेगी जो 30 जून 2017 तक के डिफाल्टर कृषकों की सूची में शामिल थे।
      जिले में अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले डिफाल्टर कृषक 19 हजार 190 थे। इन पर बकाया मूलधन 196 करोड़ 38 लाख 66 हजार 385 था। इनकी ब्याज राशि 74 करोड़ 54 लाख 88 हजार रूपये है। इसी तरह ऐसे कृषक जिन्होने अल्पावधि ऋण लिया था परन्तु वह प्राकृतिक आपदा के कारण जमा नहीं कर पाये और वह ऋण्‍ मध्यावधि ऋण में परिवर्तित किया गया। उनकी संख्या 3 हजार 289 थी। इन पर कुल राशि 23 करोड़ 70 लाख 49 हजार 990 रूपये बकाया थी। इसमें 18 करोड़ 74 लाख 99 हजार 115 रूपये मूलधन तथा 4 करोड़ 95 लाख 50 हजार 875 रूपये ब्याज राशि शामिल हैं। इन कृषकों द्वारा अगर अपने बकाये मूलधन का 50 प्रतिशत राशि दिनांक 15 जून 2018 तक जमा की जाती है तथा उसे पश्चात शेष 50 प्रतिशत बकाया मूलधन राशि कृषक द्वारा जिस दिनांक को चुकाई जाएगी उसी दिन किसान को इस राशि के बराबर का शून्य प्रतिशत ब्याज का नवीन नगद ऋण स्वीकृत कर वितरण कर दिया जायेगा और उस दिनांक को खाते में शेष बकाया ब्याज की संपूर्ण राशि माफ कर दी जायेगी।
      बताया गया है कि 30 जून 2017 पर अल्पावधि फसल ऋण की कालातीत बकाया राशि तथा प्राकृतिक आपदा के कारण पूर्व वर्षो में मध्यावधि ऋण में परिवर्तित किये गये अल्पावधि फसल ऋण की कालातीत बकाया राशि वाले प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) के कृषक सदस्य योजनांतर्गत पात्र होंगे। इस योजना में ऐसे प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सम्मिलित होंगे , जो राज्य शासन की इस समाधान योजना को अंगीकृत करने हेतु सहमत होंगी।
     

      योजना का लाभ लेने हेतु पात्रता :- जिस दिनांक को योजना अंतर्गत बकाया कालातीत ऋणों के निपटारे हेतु समाधान किया जाना है, उस दिनांक को बकाया मूलधन का 50 प्रतिशत न्यूनतम जमा कराया जाना अनिवार्य है।
      योजना में भाग लेने हेतु कृषक  द्वारा बकाया मूलधन का 50 प्रतिशत राशि अंतिम तिथि 15 जून 2018 तक जमा किया जाना होगा। ऋणगृहिता कृषक अपनी सुविधा अनुसार यदि चाहें तो उक्त 50 प्रतिशत मूलधन की राशि किश्तों में भी 15 जून 2018 तक जमा कर सकते है।
      समाधान फार्मूला :- कृषक से समाधान योजना के अंतर्गत निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्राप्त किया जायेगा एवं संबंधित कृषक द्वारा बकाया मूलधन की राशि का 50 प्रतिशत चुका देने पर निम्नानुसार कार्यवाही की जाएगी :-
      कृषक का एनसीएल नवीन ऋणमान से तत्काल स्वीकृत किये जाने की नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। कृषक द्वारा जिस दिनांक को शेष आधे मूलधन की राशि चुकायी जायेगी, उसी दिन कृषक को इस राशि के बराबर का शून्य प्रतिशत ब्याज का नवीन नगद ऋण स्वीकृत कर वितरण कर दिया जावेगा और उस दिनांक को खाते में शेष बकाया ब्याज की संपूर्ण राशि माफ कर दी जायेगी। कृषक को नवीन ऋणमान के अंतर्गत उपलब्ध शेष साख सीमा का अतिरिक्त ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वस्तु ऋण के रूप में उपलब्ध होगा।
      योजना में सम्मिलित होने वाले कृषकों को खरीफ 2018 सीजन में नगद ऋण की मात्रा आधे मूलधन राशि से अधिक नहीं होगी। ऋण का शेष भाग वस्तु ऋण के रूप में होगा। किन्तु आगामी रबी सीजन 2018-19 एवं इसके पश्चात आने वाले कृषि मौसमों में यह बंधन लागू नहीं रहेगा और नगद एवं वस्तु ऋण का अनुपात नियमित श्रेणी के कृषकों की भांति रहेगा।
      योजना की अवधि :- कृषक को योजना में शामिल होकर लाभान्वित होने की अंतिम तिथि 15 जून 2018 रहेगी।

/महिपाल/विजय
प्रदेश में पहली बार हो रही है समर्थन मूल्य पर चने भी खरीदी
09 जून तक होगी खरीदी 
इंदौर 24 मई 2018
      मध्यप्रदेश में चनामसूर और सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य विगत10 अप्रैल से 593 उपार्जन केन्द्रों पर चल रहा है। अब तक किसानों से 10 लाख24 हजार मैट्रिक टन दलहन की खरीदी की जा चुकी है। खरीदे गये चनामसूर और सरसों का मूल्य हजार 402 करोड़ रुपये है। किसानों को अब तक हजार करोड़ रुपये  का भुगतान किया जा चुका है।
   प्रदेश में दलहन फसलों को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिये करीब 15 लाख किसानों ने अपना पंजीयन करवाया था। प्रदेश में चना 4400 रुपये प्रति क्विंटल,मसूर 4225 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जा रहा है। अब तक 8.53 लाख मैट्रिक टन चना, 60 हजार मैट्रिक टन सरसों और एक लाख एक हजार मैट्रिक टन मसूर की खरीदी की जा चुकी है।
   देश के इतिहास में किसी भी राज्य में दलहन की समर्थन मूल्य पर सबसे बड़ी खरीदी मध्यप्रदेश में हुई है। समर्थन मूल्य पर दलहन खरीदी का कार्य जून तक चलेगा। खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

/सिंह/जी
जिले में विकासखण्ड स्तरीय स्वरोजगार सम्मेलन 26 मई को देपालपुर में
इंदौर 24 मई 2018
      कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 26 मई 2018 को जनपद पंचायत देपालपुर एवं 30 मई 2018 को ग्रामीण हाट बाजार मैदान इंदौर में स्वरोजगार सम्मेलन का आयोजन श्री संतोष त्रिवेदी महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र इंदौर द्वारा किया जायेगा।
      जिले के विभिन्न विभागों के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत स्वरोजगार की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाती हैं। सम्मेलन में स्वरोजगार की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाती हैं। सम्मेलन में संबंधित विभागों के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थाएं व प्रशिक्षण, उद्यमिता संस्थाओं द्वारा सम्मेलन में उपस्थित हो कर योजनाओं के संबंध में जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जायेगा। इस स्वरोजगार सम्मेलन में योजनानुसार आवेदकों का चयन किया जाकर ऋण प्रकरण तैयार किये जायेगें।

/सिंह/जी
प्रदेश में प्याज की खरीदी जोरों पर
 इंदौर 24 मई 2018
      प्रदेश में किसानों से वर्ष 2018-19 में प्याज खरीदी के लिये 34 जिलों की 5मण्डी अधिसूचित घोषित की गई हैं। इन मण्डियों में किसानों से भावांतर भुगतान योजना में 16 मई से 30 जून तथा एक अगस्त से 31 अगस्त तक प्याज की खरीदी की जायेगी। अधिसूचित मण्डियों में घोषित अवधि में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसान भावांतर भुगतान योजना का लाभ लेने के लिये मण्डी प्रांगण में घोष नीलामी के अंतर्गत अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों को प्याज विक्रय कर सकेंगे।
    राज्य शासन द्वारा किसानों से प्याज खरीदी के लिये घोषित अधिसूचित मण्डियों में भोपाल संभाग में भोपालसीहोरआष्टानरसिंहगढ़जीरापुरसारंगपुर,बैतूलहरदाटिमरनीइंदौर संभाग में इंदौरबदनावरराजगढ़खण्डवा, बुरहानपुर, राजपुर, पंधाना, उज्जैन संभाग में उज्जैननीमचमनासाशाजापुरशुजालपुरउपमंडी पोलायकलां (अकोदिया)मंदसौररतलामजावरासैलानाग्वालियर संभाग में लश्करडबरादतियागुनाशिवपुरीगोहदमुरैनापोरसाश्योपुरसागर संभाग में सागर,खुरईरहलीगढ़ाकोटादेवरीराहतगढ़दमोहछतरपुरपन्नाटीकमगढ़जबलपुर संभाग में जबलपुरछिन्दवाड़ागाडरवारारीवा संभाग में रीवासतनासिंगरौलीअनूपपुर और शहडोल शामिल हैं।
क्रमांक/सिंह/जी
लोक सेवा केंद्र में अभिनव प्रयोग शुरू
अब वाट्सअप के माध्यम से भी प्रमाण पत्र
इंदौर 24 मई 2018
      मध्य प्रदेश लोकसेवा अभिकरण द्वारा लोक सेवा केंद्रों मे एक नई सुविधा प्रारंभ की गई है। इस सुविधा के तहत अब आम जनता को वाट्सअप के माध्यम से भी प्रमाण पत्र उनके मोबाइल पर भेजे जाएंगे। इसके लिए आवेदक को आवेदन करते समय अपना वाट्सअप वाला मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगाजो की आवेदन को कम्प्यूटर में दर्ज  करते समय भरा जाएगा। जैसे ही वह आवेदन प्राधिकृत अधिकारी द्वारा निराकृत किया जाएगा। सॉफ्टवेयर में इस प्रकार की व्यवस्था की गई है कि लोकसेवा केंद्र के आॅपरेटर द्वारा आवेदक को आवेदन पर हुई कार्यवाही की सूचना उसके मोबाइल पर पहुंच जाएगीजिससे आवेदक अपना आवेदन कही से भी निकाल सकता है या अपने मोबाइल में सुरक्षित रख सकता है। अभी यह सुविधा केवल आय एवं निवास के प्रमाण पत्रों के संबंध में प्रारंभ की गई है।

/सिंह/जी
अब सामान्य वर्ग के गरीब विद्यार्थियों की फीस जमा करेगा शासन

इंदौर 24 मई 2018
       गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सामान्य निर्धन वर्ग के विद्यार्थियों को स्नातक स्तर पर निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत निर्धन वर्ग के ऐसे विद्यार्थियों को स्नातक की निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान की जाएगीजिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हों और उनके अभिभावकों की वार्षिक आय 54 हजार रूपए से कम हो। इस योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत महाविद्यालयों द्वारा ली जाने वाली वार्षिक शिक्षण शुल्क राशि की पूर्ति विभाग द्वारा की जाएगी।

/सिंह/जी

कहानी सच्ची है
प्रगतिशील किसान बद्रीलाल ने आलू से बनाया खेती को लाभ का धंधा
इंदौर 24 मई 2018
      राज्य शासन खेती-किसानी की लाभ का धंधा बनाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। आधुनिक तकनीक और उन्नत नस्ल के बीज इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही हैं, जिससे वे अधिक से अधिक उत्पादन कर सकें। ग्राम अजनोद, तहसील सांवेर, जिला इंदौर निवासी बद्रीलाल पिता धन्नालाल की मुलाकात हाट-बाजार में एक दिन उद्यान विस्तार अधिकारी से हुई। उद्यान विस्तार अधिकारी विकासखण्ड सांवेर ने उसे पंजाब के कुफरी ज्योति आलू की फसल बोने की सलाह दी। उसने बताया के उन्नत नस्ल के आलू की फसल बोने पर पैदावार दुगुना होती हैं।
      चर्चा के दौरान प्रगतिशील किसान बद्रीलाल पिता धन्नालाल ने बताया कि उसने उद्यान विकास अधिकारी की सलाह पर एक हेक्टेयर खेत में आलू की खेती करने कर निश्चय किया। इस वर्ष उसने पंजाब से कुफरी ज्योति प्रजाति के 19 क्विंटल आलू बीज मंगवाये और सीड ‍ड्रिल से उसकी बुआई की और ड्रिप इरिगेशन के जरिए उसे समय-समय पर सिंचाई की। ड्रिप इरिगेशन में कम पानी में दुगना उत्पादन होता हैं।
      इस प्रकार लगभग 3 माह में आलू पककर तैयार हो गया। दिसंबर, 2017 में आलू की खुदाई कर कृषि मण्डी सांवेर में उसे 800 रूपये प्रति क्विंटल से बेच दिया। एक हेक्टेयर में कुल 250 क्विंटल आलू पैदा हुआ था। आलू से लगभग 2 लाख रूपये आय हुई, जिसमें से 60 हजार रूपये खर्च काटने पर 1 लाख 40 हजार रूपये का शुद्ध लाभ हुआ। आलू की मात्र एक फसल से मात्र 3 माह में किसान बद्रीलाल लखपति बन गया।
      उसने अन्य किसानों को भी सलाह दी हैं कि उन्नत नस्ल के आलू लगाकर उसे उचित समय पर खाद-पानी देकर और जैविक खाद का इस्तेमाल करके ओर अधिकाधिक लाभ कमा सकते हैं।
क्रमांक/सिंह/जी