Saturday, 25 February 2017


सीमांकन और बंटवारे के आवेदन लोक सेवा केन्द्र व कियोस्क में ऑन लाइन जमा करायें
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मार्च से फिर  चलाया जायेगा जिले में तालाब गहरीकरण का कार्य
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बिजली की समस्याओं के हल के लिये ग्रामीण स्तर पर कैम्प लगाये जायेंगे
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कलेक्टर श्री पी.नरहरि की अध्यक्षता में किसान संघों के साथ बैठक सम्पन्न
इंदौर 25 फरवरी, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि सीमांकन एवं बंटवारे आदि के प्रकरणों को किसी भी पटवारी, राजस्व निरीक्षक को न दें। ऐसे आवेदनों को लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से ऑन लाइन जमा करायें, जिससे उस पर होने वाली कार्यवाही की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जा सके। इसके साथ ही कलेक्टर ने कहा कि फसलों का निरीक्षण करने वाले सभी अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि फसल की स्थिति का आंकलन करते समय फसलों का आंकलन करते हुये तात्कालिक फोटो आवश्यक रूप से लें, तभी यह माना जायेगा कि संबंधित अधिकारी द्वारा फसलों का सर्वे किया गया। बैठक में किसान भाइयों ने मांग रखी है कि सोसायटी द्वारा दी जाने वाली पासबुक में हाथ से इंट्री की जाती है। उसमें कोई सील भी नहीं लगाया जाती। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिये हैं कि समस्त कॉ-आपरेटिव सोसायटियों का कम्प्युटरीकरण किया जाये और जब तक कम्प्युटीकरण नहीं होता है तब तक पासबुक में सील आवश्यक रूप से लगायी जाये। 
कलेक्टर ने कहा कि इंदौर जिले में  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लागू होने के साथ ही एक साफ्टवेयर तैयार कराया गया है,जिससे सभी बीमित किसानों को ऑटोमेटिक फसल बीमा योजना की रसीद बनकर प्राप्त होगी। फसल बीमा योजना के संबंध में चर्चा करते हुये किसानों ने कहा कि मौसमी फसलों का क्लेम लेते समय तापमान का आंकलन बहुत जरूरी होता है। इसके लिये कम्पनी द्वारा 10 से 15 किलोमीटर में मौसम केन्द्र स्थापित किये गये हैं। इन केन्द्रों पर किसान समिति बनायी जाये और समय-समय पर मौसम के तापमान का रिकार्ड भी किसानों को उपलब्ध कराया जाये। इस पर कलेक्टर श्री पी नरहरि ने इस प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये कहा है। 
कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने किसानों से कहा कि विगत वर्ष तालाब गहरीकरण के कार्यों से खेती कार्य के लिये जल की उपलब्धता काफी अच्छी स्थिति में रही है। इस वर्ष भी किसानों से चर्चा उपरांत तालाब गहरीकरण का कार्य पूरे जिले में प्रारंभ किया जायेगा,इससे चार माह में अधिकतम तालाबों का गहरीकरण का कार्य पूर्ण किया जा सके। किसानों ने मांग की कि तालाबों के गहरीकरण के पूर्व तालाबों का सीमांकन कराया जाये। 
किसानों ने विद्युत बिलों के संबंध में अपनी मांग रखी है, जिसमें बताया गया कि कई जगह बिना रिर्डिंग के बिल आ रहे हैं साथ ही ट्रांसफार्मर सिÏफ्टग और विद्युत भार अधिक होने की समस्या भी है, जिसका तुरंत निराकरण किया जाये। कलेक्टर ने अधीक्षक यंत्री एमपीईव्ही को इस संबंध में कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही किसानों की विद्युत संबंधी समस्याओं को हल करने के लिये ग्राम पंचायत स्तर पर विद्युत समस्या निवारण शिविर लगाये जाने के लिये कहा है। 
बैठक में किसानों ने मांग रखी की अनाज मण्डी में किसानों को भुगतान चेक व अन्य माध्यमों से किया जा रहा है, इसे रोका जाये और आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में सीधा भुगतान किया जाये। साथ ही मण्डी के लिये नई जगह चिन्हित करने की मांग भी किसानों द्वारा रखी गयी। किसान एसोसियेशन के सदस्यों द्वारा कलेक्टर को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ दिलाने, तालाब गहरीकरण के कार्यों और जिले में ग्रामीण क्षेत्र को खुले से शौच मुक्त करने पर धन्यवाद दिया। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मण्डी, एमपीईव्ही, आदि विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
राठौर/कपूर

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न
इंदौर 25 फरवरी, 2017
जिला कलेक्टर श्री पी.नरहरि की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिये कि जिले में टीकाकरण अभियान में 100 प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जाये। जिले में कुपोषण के संबंध में सघन अभियान चलाया जाये और किसी भी ब्लाक में कुपोषित बच्चा मिलने पर उसे तुरंत पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया जाये। जिले में ब्लाक स्तर पर कुपोषित बच्चों को सर्वे कर इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत की जाये। नसबंदी पर चर्चा करते हुये कलेक्टर ने कहा कि परिवार नियोजन के दिये गये लक्ष्यों को हर हाल में पूर्ण करना है। इस वर्ष का लक्ष्य 22 हजार का है और अभी तक 17 हजार 500 से अधिक ऑपरेशन किये जा चुके हैं। 
कलेक्टर ने जिले में डॉक्टरों की उपस्थिति और नवजात बच्चों के आधार पंजीयन की भी समीक्षा की और कहा कि प्रसव कराये जाने वाले सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, शासकीय एवं निजी अस्पतालों में सुविधायें उपलब्ध हों, जिससे कि बच्चे के जन्म के समय ही उसका आधार पंजीयन पूर्ण हो जाये। इसके लिये व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जाये।
कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति में रखे गये ऑपरेशन मुस्कान और बाल ह्मदय उपचार योजना के अंतर्गत भी कराये जा रहे ऑपरेशनों की भी समीक्षा की। साथ ही जिले में मोतियाबिंद के 7 हजार से अधिक ऑपरेशन किये जाने पर सभी डॉक्टरों को बधाई दी और कहा कि विगत वर्ष इंदौर में प्रदेश में सबसे अच्छा काम किया था और इस वर्ष भी मोतियाबिंद ऑपरेशन करने में भी इंदौर प्रथम स्थान पर है। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, अन्य विभागों के प्रभारी डॉक्टर, ब्लाक मेडिकल आफिसर्स, महिला बाल विकास अधिकारी आदि भी बैठक में उपस्थित थे।
श्व्
राठौर/कपूर 
जिला प्रशासन की पशु पालकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही
6 व्यक्तियों के विरूद्ध रासुका और 7 बाड़ों और अवैध मकानों को तोड़ा गया
इंदौर 25 फरवरी, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने शहर में चल रहे अवैध पशु बाड़ों और उनके चलाने वाले गुण्डातत्वों के विरूद्ध कड़ा रूख अपनाते हुये 6 व्यक्तियों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत कार्यवाही की है साथ ही छत्रीपुरा थाने के अंतर्गत छत्रीबाग, बालदा क्षेत्र में 7 से अधिक अवैध बाड़े और  मकानों को तोड़ दिया गया।
शहर में जिला कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने अवैध रूप से पाले गये मवेशियों के बाड़े एवं नगर निगम इंदौर की रिमूवल गैंग के विरूद्ध संबंधित व्यक्तियों द्वारा निरंतर पथराव करने और उनपर हमला करने के लिये उकसाने और साथ ही साथ अपराधी गैंग बनाकर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के चलते 6 व्यक्तियों के विरूद्ध रासुका की कार्यवाही करते हुये निरूद्ध किया है। इनमें अक्कू उर्फ आकाश पिता दिलीप सिंह तोमर उम्र 24 साल थाना हीरा नगर, पारस पिता विपद यादव उम्र 45 वर्ष निवासी आदर्श मौलिक नगर, रमेश जाट पिता अम्बाराम उम्र 54 साल निवासी परदेशीपुरा, गोलू उर्फ मिथुन पिता बाबूसिंह ठाकुर उम्र 27 साल निवासी भागीरथपुरा, गोलू मकवाना पिता परमानंद मकवाना उम्र 26 साल निवासी झूलेलाल नगर राऊ, चंदन पिता संतोष यादव उम्र 25 वर्ष निवासी राम नगर मूसाखेड़ी जिला इंदौर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा के अंतर्गत निरूद्ध किया है। इन सभी व्यक्तियों पर अवैध रूप से मवेशी पालन करने, शासकीय जमीन पर बाड़ा बनाने एवं नगर निगम शासकीय कर्मचारियों के विरूद्ध लोगों को भड़काने, पशुओं को आम रास्ते पर छोड़ने, सार्वजनिक रास्तों को बाधित करने, सामान्य यातायात और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बाधित करने की गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। जिसके कारण कई बार गंभीर दुर्घटनायें घटित हुई। नगर निगम कर्मचारियों के विरूद्ध नकारात्मक गतिविधियां एवं उन पर हमला करने की घटनायें घटित की गयी हैं। जिससे समाज में कानून-व्यवस्था एवं लोक व्यवस्था को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुये संबंधितों के विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की गयी है।
इसी के साथ जिला कलेक्टर श्री पी.नरहरि के निर्देश पर अवैध पशु बाड़े चलाने वालों के विरूद्ध भी कड़ी कार्यवाही की गयी है। छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में आज छत्रीबाग स्थित पशुपालकों के अवैध मकान और बाड़े नगर निगम के द्वारा पुलिस बल के संरक्षण में तोड़े गये। साथ ही बालदा स्थित दो अन्य बाड़े को भी हटाया गया है। छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में 6 से अधिक अवैध मकान और पशु बाड़ों को तोड़ा गया । कार्यवाही में अपर कलेक्टर श्री अजय देव शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार, एसडीएम श्री संदीप सोनी, श्री अजीत श्रीवास्तव, नगर निगम के श्री महेन्द्र सिंह चोहान अपने अमलों के साथ कार्यवाही में उपस्थित थे।
राठौर/कपूर



















युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देना जरूरी -- श्री सिंह
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युवाओं के कौशल विकास पर केन्द्रित कार्यशाला सम्पन्न
इंदौर 25 फरवरी, 2017
राज्य शासन के निर्देशानुसार कौशल विकास संचालनालय भोपाल के तत्वावधान में आज ब्रिालियेंटर कन्वेंशन सेंटर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवकों को वस्त्र उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और खुदरा व्यापार (रिटेल) के क्षेत्र में कौशल विकास हेतु प्रेरित करना है। इस अवसर पर कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजीव सिंह ने कहा कि युवाओं में अत्याधुनिक तकनीक के साथ कौशल विकास का सघन प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। परम्परागत प्रशिक्षण के अलावा उन्हें आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया जाये। राज्य शासन की मंशा है कि प्रदेश के अधिक से अधिक  युवाओं को शासकीय/अशासकीय क्षेत्र में रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि वस्त्र उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, निर्माण कार्य और खुदरा व्यापार के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनायें हैं। इस क्षेत्र में रोजगार के लिये तकनीकी ज्ञान और अनुभव जरूरी है और उद्योगपतियों और तकनीकी विशेषज्ञों के माध्यम से ही युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान किया जा सकता है। राज्य शासन की कौशल विकास योजना के तहत प्रदेश में बड़े पैमाने पर बेरोजगारों को तकनीकी प्रशिक्षण और शिक्षा दी जा रही है। इन्हें उच्च गुणवत्तायुक्त प्रशिक्षण की जरूरत है। राज्य शासन के कौशल विकास मिशन के तहत एशियन डेवपलमेंट बैंक से 1500 करोड़ रूपये ऋण लेकर नये कौशल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये जायेंगे तथा पुराने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन किया जायेगा।
श्री सिंह ने कहा कि राज्य शासन द्वारा निर्माण, सेवा और व्यवसाय के लिये मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रूपये, निर्माण और सेवा क्षेत्र के लिये मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत एक करोड़ रूपये, केवल निर्माण क्षेत्र के लिये प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 25 लाख रूपये और सेवा क्षेत्र के लिये 10 लाख रूपये तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत निर्माण, सेवा और व्यावसाय के लिये 10 लाख रूपये ऋण दिया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत पिछले दो साल में 25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिल चुका है।
इस अवसर पर कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये श्री मयंक भटनागर ने कहा कि भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार दोनों कौशल के विकास के लिये कृत संकल्पित हैं। भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय के पास कौशल विकास के लिये मध्यप्रदेश शासन ने प्रस्ताव सबसे पहले तैयार करके भेजा है। मध्यप्रदेश सरकार कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना कर उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाना चाहती है। पिछले 5 वर्षों में मध्यप्रदेश शासन ने 78 हजार से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया, जिसमें से 75 प्रतिशत युवाओं को कैम्पस सेलेक्शन में ही रोजगार मिल गया। राज्य शासन उद्यमियों और उद्योगपतियों के सहयोग से कौशल विकास केन्द्र संचालित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग कौशल विकास का युग है। जहां एक ओर भारत में सर्वाधिक बेरोजगार ह,ैं वहीं दूसरी ओर केन्द्र और राज्य शासन इन्हें तकनीकी प्रशिक्षण देकर सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना चाहता है। तकनीक के क्षेत्र में रोजगार की सर्वाधिक संभावनायें हैं। यह तकनीकी अभ्युदय का युग है। हम रोबोट टेक्नालॉजी और थ्री-डी पेंटिंग के युग में जी रहे हैं। यह युग एप्लिकेशन, ऑप्रेशन, ऑपशन और अचीवमेंट का जमाना है।                   
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये विषय विशेषज्ञ श्री अनूप पूर्वट ने कहा कि भारत में खुदरा व्यावसाय के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनायें हैं। इस दिशा में राज्य और केन्द्र सरकार को विशेष प्रयास करना चाहिये। भारत सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास के लिये राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की स्थापना की है। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स के विशेषज्ञ श्री सलीम अहमद ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का सालाना व्यापार 10 हजार करोड़ रूपये का है। इस उद्योग में अभी तक ढाई लाख से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं के लिये इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में व्यापक संभावनायें हैं। भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिये एक लाख से अधिक प्रशिक्षित युवक तैयार किये हैं। पूरे देश में तीन हजार से अधिक प्रशिक्षण केन्द्र काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर कौशल विशेषज्ञ श्री आनंद कुमार सिंह ने कहा कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2013 में राज्य कौशल विकास मिशन की शुरूआत की गयी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य एक कठिन और चुनौतीपूर्ण काम है।  निर्माण क्षेत्र में सड़क,भवन, पुल, रेल के क्षेत्र में करोड़ों लोग कार्यरत हैं। देश में निर्माण कार्य के क्षेत्र में हर वर्ष 63 हजार युवकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि, वस्त्रोद्योग के बाद निर्माण क्षेत्र (कान्ट्रक्शन) में सर्वाधिक रोजगार की संभावनायें हैं। 
इस अवसर पर श्रीमती स्मृति द्विवेदी ने कहा कि कृषि के बाद देश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध है। तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक के  जरिये इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है। पिछले 2 वर्ष में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में एक लाख 29 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में आईआईटी उत्तीर्ण देवकृष्ण, राजेश, श्रीमती अनिता श्रीवास और सुश्री पूनम श्रोत्रिय ने आईटीआई और तकनीकी प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने के बाद अपनी उपलब्धियां गिनाई। श्रीमती अनिता श्रीवास ने बताया कि उन्होंने 20 साल पहले इंदौर आईआईटी से डिग्री लेने के बाद वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में इंदौर, पुणे और मुम्बई में जगह-जगह फैशन डिजाइनिंग पर वर्कशॉप किया है और व्यावसायिक काम भी करके बताया। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में भी तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री मनीष चौहान ओर आभार प्रदर्शन श्री जी.एन.अग्रवाल ने किया। कार्यशाला में एपेरेल ट्रेनिंग कम्पनी, अनिता श्रीवास क्रियेट डिजाइनर, सुरविन एण्ड एतरे, आइसेक्ट, प्रतिभा सिंटेक्स, ऑटोसिज आदि कम्पनियों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी लगायी गयी।
राज्य सूचना आयुक्त श्री हीरालाल त्रिवेदी 27 फरवरी को इंदौर आयेंगे
इंदौर 25 फरवरी, 2017
राज्य सूचना आयुक्त श्री हीरालाल त्रिवेदी 27 फरवरी को शाम 7 बजे इंदौर आयेंगे। वे यहां रात्रि विश्राम के पश्चात अगले दिन 28 फरवरी को सुबह 9 बजे इंदौर से भोपाल के लिये रवाना होंगे। श्री हीरालाल त्रिवेदी 27 फरवरी को प्रात: 11 बजे इंदौर संभाग के धार के कलेक्टर कार्यालय में सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त अपील प्रकरणों का निराकरण करेंगे।
महिपाल/कपूर
श्रीमती नेहा मीणा को सौंपा गया निर्वाचन शाखा का कार्य
इंदौर 25 फरवरी, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के मध्य पूर्व में किये गये कार्य विभाजन आदेश में आंशिक संशोधन किया है। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राऊ श्रीमती नेहा मीणा को अपने कार्यों के साथ-साथ जिला निर्वाचन शाखा स्थानीय निर्वाचन एवं सहायक अधीक्षक राजस्व तथा सामान्य शाखा का कार्य सौंपा है।
 महिपाल/कपूर
राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता आज इंदौर में
इंदौर 25 फरवरी, 2017
राजस्व, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता 26 फरवरी को दोपहर 12 बजे इंदौर आयेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर एक बजे एरोड्रम रोड स्थित नरसिंह वाटिका में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे । तत्पश्चात वे शाम 4 बजे इंदौर से भोपाल के लिये रवाना होंगे।
महिपाल/कपूर




तहसीलदार श्री मौर्य को टप्पा कार्यालय क्षिप्रा का प्रभार भी
इंदौर 25 फरवरी, 2017
प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने एक आदेश जारी कर सांवेर में पदस्थ तहसीलदार श्री योगेन्द्र मौर्य को अपने कार्यों के साथ-साथ टप्पा कार्यालय क्षिप्रा का प्रभार भी सौंपा है। टप्पा कार्यालय क्षिप्रा में पदस्थ नायब तहसीलदार श्री शिवाकांत पाण्डे को नायब तहसीलदार वसूली इंदौर का प्रभार दिया गया है। 
महिपाल/कपूर
लंबे समय से अनुपस्थित भृत्य के विरूद्ध होगी कार्यवाही
इंदौर 25 फरवरी, 2017
वाणिज्यिक कर विभाग के उपायुक्त कार्यालय इंदौर संभाग दो में लंबे समय से बगैर बताये अनुपस्थित रहने वाले भृत्य श्री ओमप्रकाश बसना के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। वर्तमान में इस कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थापित की गयी है। इस कर्मचारी को कार्यालय द्वारा बार-बार पत्र भेजे गये, किंतु अभी तक न तो उनका जबाव आया है और न ही वे स्वयं उपस्थित हुये हैं। इसको दृष्टिगत रखते हुये इन्हें उपस्थित होने के लिये अंतिम चेतावनी दी गयी है और कहा है कि वे 15 दिनों में अपनी उपस्थिति दर्ज करायें, अन्यथा उनके विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जायेगी।
महिपाल/कपूर