Saturday, 24 March 2018

एक आरोपी जिला बदर
इंदौर, 24 मार्च 2018
      जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिबंधात्क कार्यवाही का सिलसिला जारी है। जारी आदेशानुसार अपर जिला दण्डाधिकारी श्री अजयदेव शर्मा ने लम्बे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण अरोपी संतोष पिता तेजराम बागरी निवासी संजय नगर कैट रोड इंदौर थाना राऊ को मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियमक 1990 की धारा-5 के तहत जिला बदर कर इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खरगोन और खण्डवा जिले की राजस्व सीमा से बाहर चले जाने का आदेश पारित किया है।
क्रमांक/232/762/सिंह/विजय

126 उचित मूल्य दुकानों के लिए बुलाए गये आवेदन
इंदौर 24 मार्च 2018,
            इंदौर जिले में 126 उचित मूल्य दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2018 है। यह आवेदन पत्र जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की 126 उचित मूल्य दुकानों के लिए बुलाए गये है। आवेदन पत्र खादद्य एवं नागरिक आपूति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की वेबसाइट www.food.mp.gov.in पर किये जा सकते है। रिक्त ग्राम पंचायतों एवं दुकान आवंटन की प्रक्रिया की जानकारी इसी वेबसाइट तथा संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
क्रमांक/231/761/महिपाल/जी

स्कूलों में बाँस के फर्नीचर उपयोग करने के निर्देश

मॉडल स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

इंदौर 24 मार्च 2018   
प्रदेश के स्कूलों में बाँस से बने फर्नीचर का उपयोग करने के निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षाधिकारियों को दिये हैं। निर्देश में कहा गया है कि फर्नीचर में बाँस का उपयोग होने से इसकी माँग बढ़ेगी। इस व्यवस्था से बाँस के उत्पादन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। स्कूलों में छात्रों को पर्यावरण पर बाँस के सकारात्मक प्रभावों के बारे में शिक्षित करने के लिये भी कहा गया है।
मॉडल स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा विकासखण्ड-स्तर पर संचालित मॉडल स्कूलों में कक्षा-9 में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन स्कूलों में 3 अप्रैल तक मेरिट-सूची के आधार पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिये जायेंगे। इन स्कूलों में 4 मार्च से 10 अप्रैल तक वेटिंग-सूची के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में 2 अप्रैल से शिक्षण सत्र 2018-19 शुरू होगा। मॉडल स्कूलों में चयनित विद्यार्थियों की प्रवेश-सूची वेबसाइट mpsos.nic.in पर देखी जा सकती है। 
क्रमांक/231/761/महिपाल/जी

सरकारी स्कूलों में दो अप्रैल से शुरू होगा शिक्षा सत्र : जॉयफुल लर्निंग से शुरू होगा शिक्षा सत्र

राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जिला कलेक्टरों को दिये निर्देश 

इंदौर 24 मार्च 2018 
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सत्र 2018-19 दो अप्रैल से शुरू होगा। इस संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला कलेक्टरों को शिक्षण सत्र 2018-19 को जॉयफुल लर्निंग से शुरू किये जाने के निर्देश दिए हैं।
·          दो अप्रैल से शुरू हो रहा है शिक्षण सत्र
·          प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में जॉयफुल लर्निंग से शुरू होगा शिक्षा सत्र
·          राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला कलेक्टरों को जारी किये गये निर्देश
राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक श्री लोकेश जाटव ने जिला कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में निर्देशित किया है कि दो अप्रैल को शासकीय, प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में अनिवार्य रूप से बाल सभा का आयोजन किया जायें। इन बाल सभाओं में बालकों, शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों, वरिष्ठ ग्रामीणजनों को आमंत्रित किया जाये। बाल सभा में गाँव के गौरव, लोक गीत और स्थानीय नाटकों की भी प्रस्तुति की जाये। इसके साथ ही, शाला प्रबंधन समिति की बैठक और मातृ सम्मेलन का भी आयोजन किया जाये।
स्कूलों में प्राचार्यो को जॉयफुल लर्निंग के लिए हिन्दी और गणित विषय की साप्ताहिक गतिविधियों की समय सारणी उपलब्ध करवाई जा रही है। जॉयफुल लर्निंग के लिए 26 मार्च को मध्यप्रदेश दूरदर्शन पर भी कार्यक्रम प्रसारित किया जायेगा। इसके साथ ही, दो अप्रैल को रेडियो पर भी इसका प्रसारण होगा।
जॉयफुल लर्निंग की गतिविधियों को सम्पन्न करने के लिए प्रत्येक छात्र को लर्निंग किट दिये जाने के निर्देश दिये गये हैं। किट में स्केच पेन, खाली पेपर शीट, रंगीन पेपर आदि होंगे। ज्ञातव्य है कि प्रदेश में 88 हजार 431 सरकारी प्राथमिक विद्यालय और 54 हजार 775 माध्यमिक विद्यालयों में करीब 75 लाख बच्चें पढ़ रहे हैं।
क्रमांक/230/760/महिपाल/जी

मातृ वंदना योजनांतर्गत कार्यशाला 28 मार्च को
इंदौर 24 मार्च 2018
      महिला एवं बाल विकास के तत्वाधान में आगामी 28 मार्च 2018 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजनांतर्गत प्रेस क्लब सभागृह में दोपहर 2 बजे कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला के माध्यम से योजना में प्रचार-प्रसार किया जायेगा। कार्यशाला का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों का योजना का लाभ दिलाना हैं। कार्यशाला में सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संगठनों, समाज सेवी संगठनों को आमंत्रित किया गया हैं।
क्रमांक/सिंह/जी

कलेक्टर की अध्यक्षता में ऋण मान निर्धारण हेतु तकनीकि समिति के बैठक संपन्न

वर्ष 2018-19 के लिए खरीफ व रबी फसलों के लिए ऋणमान तय

इंदौर 24 मार्च 2018

    वर्ष 2018-19 के लिए खरीफ व रबी फसलों के लिए ऋणमान निर्धारित किये जाने हेतु शनिवार को कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। बैठक में उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया, उपायुक्त सहकारिता श्री के.पाटनकर, नावार्ड के डी.डी.एम श्री दीपक घोरपडे, जिला प्रबंधक अग्रिण श्री मुकेश भट्ट, उप संचालक उद्यानिकी श्री ‍त्रिलोक चंद्र वास्कले, मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर प्रीमियर कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड श्री आलोक जैन व अन्य अधिकारीगण तथा प्रगतिशील किसान सदस्यगण मौजूद थे। 
      बैठक में कृषि व उद्यानिकी विभाग से प्राप्त प्लान अनुसार वर्ष 2018-19 के लिए खरीफ व रबी फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर के मान से ऋणमान तय किये गये। खरीफ फसलों में सोयाबीन के लिए 40 हजार, प्याज के लिए 50 हजार, फूलगोभी तथा पत्तागोभी के लिए 25-25 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर ऋणमान तय किया गया। रबी फसलों में सिं‍चित गेंहॅूं के लिए 35 हजार, फूलगोभी तथा पत्तागोभी के लिए 25-25 हजार, आलू, प्याज व लहसुन के लिए 50-50 हजार, हायब्रीड गाजर के लिए 40 हजार तथा सिंचित चना के लिए 35 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर ऋणमान तय किये गये।
      बैठक में किसानों से राज्य शासन की अग्रिम खाद भण्डारण योजना का लाभ उठाने का भी आग्रह किया गया। योजना के तहत किसान भाई एक मार्च 2018 से 31 मई 2018 तक सोसायटियों से बिना ब्याज के खाद का अग्रिम उठाव व भण्डारण कर सकते हैं।
क्रमांक/भदौरिया/जी

असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के पंजीयन के संबंध में जनप्रतिनिधियों की कार्यशाला संपन्न
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कार्यशाला में महापौर, कलेक्टर, विधायकगणों सहित पार्षदगण व अन्य जनप्रतिनिधियों ने की भागीदारी
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श्रमिकों को विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में श्रमिकों का पंजीयन करवाएं- महापौर श्रीमती गौड
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अधिकाधिक संख्या में श्रमिकों के पंजीयन के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी - कलेक्टर श्री वरवड़े
इंदौर 24 मार्च 2018
      शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के असंगठित श्रमिकों के लिए राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई ऐतिहासिक योजना में श्रमिकों के पंजीयन व विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में लाभ दिलाने के संबंध में शनिवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड, कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े, विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, विधायक श्री राजेश सोनकर, निगम सभापति श्री अजय सिंह नरूका, एडीएम श्री कैलाश वानखेड़े, एडीएम श्री अजय देव शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया के अलावा पार्षदगण व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 
      कार्यशाला में महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक योजना बनाई हैं। योजना के तहत श्रमिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, उज्जवला योजना, प्रसूति सहायता, आवास पट्टा का लाभ व अन्य योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। उन्होने कहा कि श्रमिकों का पंजीयन एक अप्रैल 2018 से 14 अप्रैल 2018 के बीच कराये जायेगें। उन्होने सभी पार्षदों व जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने वार्ड में सभी असंग‍ठित श्रमिकों को प्रोत्साहित कर अधिकाधिक संख्या में पंजीयन करवाये, ताकि सभी पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। पंजीयन शिविर मजदूरों की सुविधा के अनुसार वार्डवार भी लगाये जाने के लिए निर्देशित किया।
      कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने कार्यशाला में कहा कि अधिकाधिक संख्या में असंगठित श्रमिकों का पंजीयन कराने में जनप्रतिनिधियों का सहयोग महत्वपूर्ण होगा। उन्होने कहा कि जनप्रतिनिधियों को योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी देने हेतु ही यह उन्मुखीकरण कार्यशाला रखी गई हैं। उन्होने बताया कि पंजीयन के लिए बहुत ही सरल केवल पांच बिन्दुओं का आवेदन बनाया गया हैं। श्रमिकों को केवल अपनी समग्र आईडी उपलब्ध करानी है। यदि किसी श्रमिक के पास समग्र आईडी नहीं है तो समग्र आईडी जनरेट करने के लिए शिविर लगाकर कार्यवाही की जायेगी। उन्होने यह भी बताया कि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जिला प्रशासन द्वारा होर्डिंग लगाये जा रहें हैं। पेमपलेट छपवाकर वितरित किये जा रहें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाओं में भी चर्चा की जायेगी।। विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता ने वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया। पार्षदगणों ने भी अपने-अपने सुझाव रखे।  
      एडीएम श्री कैलाश वानखेड़े को इस योजना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं। कार्यशाला में उन्होने कार्य योजना के संबंध में प्रस्तुति दी तथा जनप्रतिनिधियों की शंकाओं का समाधान किया। एडीएम श्री वानखेड़े ने कार्य योजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल गठित किया है, जिसके माध्यम से असंगठित मजदूरों का पंजीयन कर उन्हें जन कल्याणकारी योजनाओं में अनेक तरह के लाभ दिलाये जायेंगे। असंगठित मजदूरों के पंजीयन के लिए एक अप्रैल 2018 से विशेष अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के तहत एक अप्रैल, 2018 से 14, अप्रैल 2018 तक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीयन किया जायेगा। 17 अप्रैल, 2018 से 15 मई, 2018 तक श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में लाभांवित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के लिए ग्राम पंचायतवार तथा नगरीय क्षेत्र में वार्डवार पंजीयन शिविर लगाये जायेंगे तथा अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन किया जायेगा। 
कौन करा सकता है पंजीयन
    कार्यशाला में बताया गया कि पंजीयन के लिए श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होना चाहिए, आवेदक असंगठित श्रमिक श्रेणी में कार्यरत हो, आयकर दाता न हो तथा संबंधित आवेदक श्रमिक के पास ढ़ाई एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि नहीं  होना चाहिए। पंजीयन के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन सह घोषणा पत्र के साथ समग्र आई.डी. क्रमांक, पासपोर्ट साईज फोटो लगाना होगा पंजीयन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रहेगी। एक बार किया गया पंजीयन 5 वर्ष तक वैध रहेगा।
असंगठित श्रमिकों को मिलेगी ये सुविधाएं
    कार्यशाला में असंगठित श्रमिकों का पंजीयन उपरांत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। बताया गया कि पंजीबद्ध असंगठित मजदूरों को 200 रूपये मासिक फ्लैट रेट पर बिजली उपलब्ध कराई जायेगी, गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिये 4 हजार रूपये दिये जायेंगे, प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार 500 रूपये जमा किये जायेंगे। घर की मुखिया श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर परिवार को 2 लाख तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रूपये की सहायता, हर भूमिहीन श्रमिक को भूखण्ड या मकान, स्वरोजगार के लिए ऋण दिलाया जायेगा, साइकिल-रिक्शा चलाने वालों को ई-लोडिंग रिक्शा का मालिक बनाने के लिए  बैंक ऋण की सुविधा दिलाई जायेगी उन्हें 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ 30 हजार की सब्सिडी दी जायेगी। श्रमिक को मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिये पंचायत व नगरीय निकाय से 5 हजार रूपये की नगद सहायता दिलायी जायेगी। इसके अलावा तेदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों को चरण पादुका योजना के तहत जूते-चप्पल तथा पानी की कुप्पी दिलाई जायेगी। पंजीकृत श्रमिक व उसके परिवार के सदस्यों की गम्भीर बीमारी का मुक्त इलाज सरकार करायेगी। श्रमिक के बच्चों को कक्षा 1 से पी.एचडी तक निःशुल्क शिक्षा दिलायी जायेगी। मजदूर को साइकिल व औजार खरीदने के लिए 5 हजार रूपये का नगद अनुदान दिया जायेगा। मजदूरों को मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा दिलाया जायेगा।

असंगठित श्रमिक के रूप में ‘‘कचरा व पन्नी बीनने वाले‘‘ भी करा सकते है पंजीयन

     ऐसे श्रमिकों को जिनकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो। जो आयकर दाता नहीं हो, शासकीय सेवा में नहीं हो तथा ढ़ाई एकड़ से अधिक भूमिधारक नहीं हो वे सभी असंगठित श्रमिक माने जायेंगे। पंजीयन नि:शुल्क होगा, जो 5 वर्ष तक के लिये वैध माना जायेगा। असंगठित श्रमिकों में कचरा व पन्नी बीनने वाले, कृषि कार्य में लगे मजदूर, घरेलू कामकाजी मजदूर, फेरी लगाकर दूध बेचने वाले, फेरी लगाकर रद्दी व कबाड़ी का समान खरीदने वाले, मत्स्य पालन मजदूर, पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, दुकानों पर काम करने वाले, गोदामों में कार्य करने वाले, परिवहन, हथकरघा, पावरलूम, रंगाई, छपाई, सिलाई, अगरबत्ती



बनाने वाले
, जूते बनाने वाले, ऑटो रिक्षा चालक, आटा, तेल, दाल मिलो में काम करने वाले मजदूर, लकड़ी का काम करने वाले, बर्तन बनाने वाले, कारीगर, लोहार, बढ़ाई, आतिशबाजी उद्योग में लगे सभी मजदूरों का पंजीयन किया जा सकता है। इसके अलावा प्रायवेट सुरक्षा में लगे कर्मचारियों दरी व कारपेट बनाने वाले, आतिशबाजी व माचिस बनाने वाले सभी मजदूरों, कृषि मण्डियों में हम्माली करने वाले, तुलाई कराने वाले, बोरे सिलने वाले का पंजीयन किया जा सकता है। 

कैसे होगा पंजीयन

    पंजीयन के लिए आवेदक को घोषणा पत्र व आवेदन, समग्र आईडी क्रमांक, और पासपोर्ट साईज फोटो देना होगा। यह पंजीयन आगामी 5 वर्ष तक वैध रहेगा। उन्होंने बताया कि पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। पंजीयन के बाद आवेदक के मोबाइल पर वाइस कॉल व मेसेज भी आयेगा।

क्रमांक//भदौरिया/जी

जनसंपर्क विभाग की सोशल मीडिया की प्रशिक्षण कार्यशाला 27 मार्च को होगी
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इंदौर और उज्जैन संभाग के जनसंपर्क एवं अन्य विभाग के अधिकारी सम्मिलित होगें
इंदौर 24 मार्च 2018
      जनसंपर्क आयुक्त श्री पी. नरहरि के निर्देश पर सभी संभागों में सोशल मीडिया की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा हैं। इंदौर में 27 मार्च 2018 को सुबह 11 बजे से इंदौर कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 210 में सोशल मीडिया की कार्यशाला का आयोजन होगा। इस कार्यशाला में इंदौर, उज्जैन संभाग में सभी जिलों के जनसंपर्क अधिकारी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी, सोशल मीडिया सहायक एवं अन्य विभागों के अधिकारी भी सम्मिलित होगें। इस कार्यशाला में सोशल मीडिया पर विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा। सोशल मीडिया में जनसंपर्क के सभी अधिकारियों को पारंगत करने और उसके बेहतर उपयोग के लिए भोपाल से आये अधिकारी प्रशिक्षण देगें।
      जनसंपर्क आयुक्त श्री नरहरि ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया की इस कार्यशाला में अन्य विभागों के अधिकारियों को भी भेजा जाये, जिससे विभागों के द्वारा जनहित में किये जा रहें कार्यो को सोशल मीडिया जरिए आम जनता तक पहुंचाया जा सके। भारत में सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले सर्वाधिक यूजर हैं। विशेष कर फेसबुक, व्हाटसअप, इंस्टाग्राम, ट्वीटर, यूट्यूब आदि पर सर्वाधिक यूजर भारत के हैं और इसमें से 80 प्रतिशत से अधिक यूजर युवा हैं। जो निरंतर स्मार्टफोन के माध्यम से क्रियाशील रहते हैं। इन सभी तक शासन की योजनाओं को प्रचारित करने और समय-समय पर संदेश देने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
      जनसंपर्क विभाग के द्वारा स्वयं की बेवसाइट के साथ ही अब जिला कलेक्टर, कमिश्नर, जनसंपर्क अधिकारियों के ट्वीटर अकांउट भी क्रियाशील किये गये हैं। जिससे संभाग, जिले और प्रदेश स्तर पर चल रही गतिविधियों को प्रचारित किया जा सकेगा।
क्रमांक/राठौर/जी