असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के पंजीयन के संबंध में जनप्रतिनिधियों की कार्यशाला संपन्न
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कार्यशाला में महापौर, कलेक्टर, विधायकगणों सहित पार्षदगण व अन्य जनप्रतिनिधियों ने की भागीदारी
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श्रमिकों को विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में श्रमिकों का पंजीयन करवाएं- महापौर श्रीमती गौड
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अधिकाधिक संख्या में श्रमिकों के पंजीयन के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी - कलेक्टर श्री वरवड़े
इंदौर 24 मार्च 2018
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के असंगठित श्रमिकों के लिए राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई ऐतिहासिक योजना में श्रमिकों के पंजीयन व विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में लाभ दिलाने के संबंध में शनिवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड, कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े, विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, विधायक श्री राजेश सोनकर, निगम सभापति श्री अजय सिंह नरूका, एडीएम श्री कैलाश वानखेड़े, एडीएम श्री अजय देव शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया के अलावा पार्षदगण व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यशाला में महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक योजना बनाई हैं। योजना के तहत श्रमिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, उज्जवला योजना, प्रसूति सहायता, आवास पट्टा का लाभ व अन्य योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। उन्होने कहा कि श्रमिकों का पंजीयन एक अप्रैल 2018 से 14 अप्रैल 2018 के बीच कराये जायेगें। उन्होने सभी पार्षदों व जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने वार्ड में सभी असंगठित श्रमिकों को प्रोत्साहित कर अधिकाधिक संख्या में पंजीयन करवाये, ताकि सभी पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। पंजीयन शिविर मजदूरों की सुविधा के अनुसार वार्डवार भी लगाये जाने के लिए निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने कार्यशाला में कहा कि अधिकाधिक संख्या में असंगठित श्रमिकों का पंजीयन कराने में जनप्रतिनिधियों का सहयोग महत्वपूर्ण होगा। उन्होने कहा कि जनप्रतिनिधियों को योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी देने हेतु ही यह उन्मुखीकरण कार्यशाला रखी गई हैं। उन्होने बताया कि पंजीयन के लिए बहुत ही सरल केवल पांच बिन्दुओं का आवेदन बनाया गया हैं। श्रमिकों को केवल अपनी समग्र आईडी उपलब्ध करानी है। यदि किसी श्रमिक के पास समग्र आईडी नहीं है तो समग्र आईडी जनरेट करने के लिए शिविर लगाकर कार्यवाही की जायेगी। उन्होने यह भी बताया कि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जिला प्रशासन द्वारा होर्डिंग लगाये जा रहें हैं। पेमपलेट छपवाकर वितरित किये जा रहें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाओं में भी चर्चा की जायेगी।। विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता ने वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया। पार्षदगणों ने भी अपने-अपने सुझाव रखे।
एडीएम श्री कैलाश वानखेड़े को इस योजना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं। कार्यशाला में उन्होने कार्य योजना के संबंध में प्रस्तुति दी तथा जनप्रतिनिधियों की शंकाओं का समाधान किया। एडीएम श्री वानखेड़े ने कार्य योजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल गठित किया है, जिसके माध्यम से असंगठित मजदूरों का पंजीयन कर उन्हें जन कल्याणकारी योजनाओं में अनेक तरह के लाभ दिलाये जायेंगे। असंगठित मजदूरों के पंजीयन के लिए एक अप्रैल 2018 से विशेष अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के तहत एक अप्रैल, 2018 से 14, अप्रैल 2018 तक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीयन किया जायेगा। 17 अप्रैल, 2018 से 15 मई, 2018 तक श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में लाभांवित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के लिए ग्राम पंचायतवार तथा नगरीय क्षेत्र में वार्डवार पंजीयन शिविर लगाये जायेंगे तथा अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन किया जायेगा।
कौन करा सकता है पंजीयन
कार्यशाला में बताया गया कि पंजीयन के लिए श्रमिक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होना चाहिए, आवेदक असंगठित श्रमिक श्रेणी में कार्यरत हो, आयकर दाता न हो तथा संबंधित आवेदक श्रमिक के पास ढ़ाई एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि नहीं होना चाहिए। पंजीयन के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन सह घोषणा पत्र के साथ समग्र आई.डी. क्रमांक, पासपोर्ट साईज फोटो लगाना होगा पंजीयन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रहेगी। एक बार किया गया पंजीयन 5 वर्ष तक वैध रहेगा।
असंगठित श्रमिकों को मिलेगी ये सुविधाएं
कार्यशाला में असंगठित श्रमिकों का पंजीयन उपरांत मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। बताया गया कि पंजीबद्ध असंगठित मजदूरों को 200 रूपये मासिक फ्लैट रेट पर बिजली उपलब्ध कराई जायेगी, गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिये 4 हजार रूपये दिये जायेंगे, प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार 500 रूपये जमा किये जायेंगे। घर की मुखिया श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर परिवार को 2 लाख तथा दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रूपये की सहायता, हर भूमिहीन श्रमिक को भूखण्ड या मकान, स्वरोजगार के लिए ऋण दिलाया जायेगा, साइकिल-रिक्शा चलाने वालों को ई-लोडिंग रिक्शा का मालिक बनाने के लिए बैंक ऋण की सुविधा दिलाई जायेगी उन्हें 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ 30 हजार की सब्सिडी दी जायेगी। श्रमिक को मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिये पंचायत व नगरीय निकाय से 5 हजार रूपये की नगद सहायता दिलायी जायेगी। इसके अलावा तेदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों को चरण पादुका योजना के तहत जूते-चप्पल तथा पानी की कुप्पी दिलाई जायेगी। पंजीकृत श्रमिक व उसके परिवार के सदस्यों की गम्भीर बीमारी का मुक्त इलाज सरकार करायेगी। श्रमिक के बच्चों को कक्षा 1 से पी.एचडी तक निःशुल्क शिक्षा दिलायी जायेगी। मजदूर को साइकिल व औजार खरीदने के लिए 5 हजार रूपये का नगद अनुदान दिया जायेगा। मजदूरों को मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा दिलाया जायेगा।
असंगठित श्रमिक के रूप में ‘‘कचरा व पन्नी बीनने वाले‘‘ भी करा सकते है पंजीयन
ऐसे श्रमिकों को जिनकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो। जो आयकर दाता नहीं हो, शासकीय सेवा में नहीं हो तथा ढ़ाई एकड़ से अधिक भूमिधारक नहीं हो वे सभी असंगठित श्रमिक माने जायेंगे। पंजीयन नि:शुल्क होगा, जो 5 वर्ष तक के लिये वैध माना जायेगा। असंगठित श्रमिकों में कचरा व पन्नी बीनने वाले, कृषि कार्य में लगे मजदूर, घरेलू कामकाजी मजदूर, फेरी लगाकर दूध बेचने वाले, फेरी लगाकर रद्दी व कबाड़ी का समान खरीदने वाले, मत्स्य पालन मजदूर, पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, दुकानों पर काम करने वाले, गोदामों में कार्य करने वाले, परिवहन, हथकरघा, पावरलूम, रंगाई, छपाई, सिलाई, अगरबत्ती
बनाने वाले, जूते बनाने वाले, ऑटो रिक्षा चालक, आटा, तेल, दाल मिलो में काम करने वाले मजदूर, लकड़ी का काम करने वाले, बर्तन बनाने वाले, कारीगर, लोहार, बढ़ाई, आतिशबाजी उद्योग में लगे सभी मजदूरों का पंजीयन किया जा सकता है। इसके अलावा प्रायवेट सुरक्षा में लगे कर्मचारियों दरी व कारपेट बनाने वाले, आतिशबाजी व माचिस बनाने वाले सभी मजदूरों, कृषि मण्डियों में हम्माली करने वाले, तुलाई कराने वाले, बोरे सिलने वाले का पंजीयन किया जा सकता है।
कैसे होगा पंजीयन
पंजीयन के लिए आवेदक को घोषणा पत्र व आवेदन, समग्र आईडी क्रमांक, और पासपोर्ट साईज फोटो देना होगा। यह पंजीयन आगामी 5 वर्ष तक वैध रहेगा। उन्होंने बताया कि पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। पंजीयन के बाद आवेदक के मोबाइल पर वाइस कॉल व मेसेज भी आयेगा।
क्रमांक//भदौरिया/जी