Tuesday, 23 May 2017

इंदौर जिले में आगामी 2 जुलाई को वृक्षारोपण अभियान में 
उत्कृष्ठ सहयोग देने वाली संस्थाओं, संगठनों को किया जायेगा पुरस्कृत
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एक ही दिन में एक साथ रोपे जायेंगे 15 लाख से अधिक पौधे
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स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं आदि ने 
अधिक से अधिक सहयोग देने का लिया संकल्प
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जिला पंचायत में कन्ट्रोल रूम स्थापित
इंदौर 23 मई, 2017
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की पहल पर इंदौर जिले में भी हरियाली महोत्सव तथा नमामि देवि नर्मदे सेवा महाअभियान के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जायेगा। इसके तहत आगामी दो जुलाई को इंदौर जिले में विभिन्न शासकीय विभागों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से एक ही दिन में 15 लाख से अधिक पौधे रोपे जायेंगे। इस दिन वृक्षारोपण अभियान में उत्कृष्ट सहयोग देने वाली संस्थाओं तथा संगठनों को पुरस्कृत किया जायेगा। रोपे गये पौधों की सुरक्षा तथा सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था भी की जायेगी। जिले में इस महोत्सव के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं आदि ने अधिक से अधिक सहयोग देने का संकल्प लिया है।
कलेक्टर श्री पी.नरहरि की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न हुई बैठक में इस अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने बैठक में उपस्थित सभी स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, धार्मिक संगठनों आदि से अधिक से अधिक सहयोग देने का आग्रह किया। श्री पी.नरहरि ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह अभियान एक बड़ा कदम है। इस अभियान के अंतर्गत नागरिकों को आगे आकर अधिक से अधिक सहयोग करना चाहिये। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में इस वर्ष आगामी 2 जुलाई को एक ही दिन में ढ़ाई करोड़ पौधे रोपे जायेंगे। इंदौर जिले को 15 लाख पौधरोपण करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिये जनसहभागिता से विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा कारगर प्रयास किये जायेंगे।
जिला पंचायत में कन्ट्रोल रूम स्थापित
हरियाली महोत्सव के अंतर्गत किये जाने वाले पौधरोपण के संबंध में जानकारी संकलित करने और संस्थाओं तथा नागरिकों के सहयोग के लिये जिला पंचायत इंदौर में कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कन्ट्रोल रूम का नम्बर 0731- 2460118 है। इस कन्ट्रोल रूम का प्रभारी तकनीकी विशेषज्ञ श्री जमाल अहमद खान को बनाया गया है। श्री खान का मोबाइल नम्बर 98263-56338 है। सहायक नोडल अधिकारी श्री विजय शंकर मिश्रा रहेंगे। इनका मोबाइल नम्बर 98276-62464 है। कन्ट्रोल रूम का ई-मेल एड्रेस ceozpind@mp.gov.in  तथा  hm.zpindore@gmail.com है।
फोटो के माध्यम से होगी पौधरोपण की मॉनिटरिंग
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की पहल पर आगामी 2 जुलाई को वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया जायेगा। इस दिन 15 लाख से अधिक पौधे रोपे जायेंगे। पौधरोपण का यह कार्य विभिन्न शासकीय विभागों,स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, नागरिकों आदि के माध्यम से किया जायेगा। श्री नरहरि ने निर्देश दिये कि वे वृक्षारोपण के लिये जिस स्थान का चयन कर रहे हैं, उसका फोटोग्राफस भेजें। पौधरोपण के पहले, पौधरोपण करते हुये तथा पौधरोपण के पश्चात के फोटो भी जिला पंचायत में बनाये गये कन्ट्रोल रूम को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायें। साथ ही अभियान के अंतर्गत रोपे गये पौधों की बड़े होने तक सुरक्षा और सिंचाई की व्यवस्था की जाये। इसके लिये विभागवार कार्ययोजना बनायी गयी है। सभी शासकीय विभागों को लक्ष्य भी सौंप दिये गये हैं।
/महिपाल/कपूर



इंदौर संभाग के सेलानी में आकार ले रहा है 
प्रदेश का एक और जल-पर्यटन स्थल
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आज से होने जा रही है शुरूआत
इंदौर 23 मई,2017
  इंदौर संभाग में प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर के नजदीक सेलानी नामक स्थल पर प्रदेश के एक और जल-पर्यटन स्थल ने आकार लिया है। खण्डवा जिले के हनुवंतिया में विकसित वॉटर टूरिज्म कॉम्पलेक्स की तर्ज पर निर्मित किये गये इस जल-पर्यटन केन्द्र पर बोट क्लब सहित क्रूज, जलपरी, मोटर बोट और वाटर स्पोर्टस आदि की सुविधाएँ उपलब्ध करवायी जायेंगी। इस प्रकार एक निर्जन एवं पहुँच से दूर इस स्थान पर पर्यटकों को ठहरने एवं जल-क्रीड़ा गतिविधियों का लुत्फ उठाने सहित कोलाहल से दूर एक शांत और निर्मल नीर से भरे मनोरम स्थल पर अपना कुछ वक्त बिताने की सहूलियत मिलने लगेगी।
ओंकारेश्वर के नजदीक पर्यटन निगम द्वारा विकसित सेलानी टापू रिसॉर्ट की शुरूआत आज 24 मई, 2017 को होने जा रही है। पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा एवं राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक पर्यटन निगम के स्थापना दिवस पर भोपाल में 24 मई को पूर्वान्ह 11.30 बजे आयोजित कार्यक्रम में इसका शुभारंभ रिमोट के जरिये करेंगे।
तीन एकड क्षेत्र में विकसित पर्यटन केन्द्र लेगा मूर्त स्वरूप
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा लगभग तीन एकड़ क्षेत्र पर यह पर्यटन केन्द्र विकसित करने की योजना तैयार कर उसे मूर्त स्वरूप दिया गया है। सेलानी चहुँओर से पानी से घिरे एक टापू के रूप में स्थित है। नजदीक ही ओंकारेश्वर बाँध परियोजना है। परियोजना के समीप होने से इस स्थान पर भरे जल का स्तर वर्षाकाल में भी न तो बढ़ता है और न ही उसके बाद कभी कम होता है। यह टापू चारों ओर से ढलाननुमा बसा हुआ है और यहाँ पर जंगली पेड़ कस्टार, काड़ाकूड़ा, मोहिनी, बियालकड़ी, दही-कड़ी और धावड़ा तथा सागौन की दुर्लभ प्रजाति के पेड़ हैं। छोटी कावेरी एवं पुण्य सलिला नर्मदा का संगम स्थल भी पास में ही है।
15 करोड की लागत से किया गया पर्यटक सुविधाओं का विकास
राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा तकरीबन 15 करोड़ रुपये लागत से यहाँ सर्व-सुविधायुक्त कॉटेज, प्रथम तल पर स्थित कॉटेज पर जाने के लिये पाथ-वे, केम्प फायर, मुख्य प्रवेश द्वार, रिसेप्शन, रेस्टॉरेंट, बोट-क्लब, कॉन्फ्रेंस हॉल, नेचुरल ट्रेल, बर्ड-वाचिंग तथा वॉच-टॉवर आदि का निर्माण किया गया है। यहाँ चार अलग-अलग ब्लॉक में 22 कॉटेज एवं एक सर्व-सुविधायुक्त सुईट बनाये गये हैं। हरेक कॉटेज के पास मिनी गार्डन भी रहेगा। 
पर्यटक प्राकृतिक सुन्दरता को निहार सकेंगे
कॉटेज की डिजाइन इस प्रकार बनायी गयी है जिससे कि यहाँ बैठकर ही दूर तलक भरे हुए निर्मल नीर का आनंद उठाया जा सकता है। कॉटेज की बालकनी में बैठकर पर्यटक घने जंगल, पानी और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को निहार सकेंगे। आस-पास के जंगल में मुख्य रूप से हिरण, जंगली सुअर, तेंदुआ आदि वन्य-प्राणी भी स्वच्छंद विचरण करते हैं। कॉटेज के निर्माण में सागौन की लकड़ी का उपयोग किया गया है। परिसर में लैण्ड-स्केपिंग का काम किया जाकर फर्श पर सेंड स्टोन लगायी गयी है।
भदौरिया@कपूर




चार कार्यों के लिये लगभग 10 लाख रूपये की स्वीकृति जारी
इंदौर 23 मई, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनांतर्गत सांसद लोकसभा श्रीमती सुमित्रा महाजन की अनुशंसा पर वर्ष 2017-18 में 4 कार्यों के लिये लगभग 10 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इन कार्यों में नगरीय क्षेत्र इंदौर के वार्ड क्रमांक-42 में गुलमर्ग कॉलोनी व वंदना नगर में एक-एक, वार्ड क्रमांक 76 के गोकुल नगर में एक तथा वार्ड क्रमांक 81 के प्रिकांको कॉलोनी में एक, कुल 4 मोटरपंप सहित नलकूप खनन की स्वीकृतियां शामिल हैं। प्रत्येक कार्य के लिये 2 लाख 49 हजार 900 रुपये की राशि स्वीकृति की गयी है। उक्त सभी कार्यों के लिये कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग (विद्युत यांत्रिकी) संभाग इंदौर को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया है।
भदौरिया/कपूर


राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के संबंध में शिकायत हेतु संभागीय पर्यवेक्षक नियुक्त
इंदौर 23 मई, 2017
परीक्षा नियंत्रक डॉ.एम.एल.गोकुल ने बताया कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2017 के संबंध में तथ्यपरक शिकायत हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा 4 संभागीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गयी है। इन पर्यवेक्षकों को परीक्षा से संबंधित शिकायतें दर्ज करायी जा सकती हैं। भोपाल संभाग हेतु सेवा निवृत्त उच्च न्यायिक सेवा श्री अशोक कुमार जैन को मोबाइल नम्बर 94258-09244, जबलपुर संभाग हेतु सेवा निवृत्त उच्च न्यायिक सेवा श्री एन.सी.नागराज को मोबाइल नम्बर 97520-76098, इंदौर संभाग हेतु सेवा निवृत्त आईपीएस श्री आर.व्ही.शर्मा को मोबाइल नम्बर 94250-96922, ग्वालियर संभाग हेतु सेवानिवृत्त आईएएस श्री कृष्णमोहन गौतम को मोबाइल नम्बर 94250-47345 पर शिकायत की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त आयोग के सतर्कता अधिकारी श्री भारतभूषण चौधरी को उनके मोबाइल नम्बर 98932-02026 पर अथवा ई-मेल ध्त्ढ़दृढढद्रद्मड़ऋथ्र्द्र.ढ़दृध्.त्द पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उक्त नम्बरों पर कार्यालयीन समय प्रात: साढ़े 10 से साढ़े 5 बजे के मध्य भी शिकायतें दर्ज की जा सकेंगी। आयोग दर्ज करायी गयी शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही करेगा।
भदौरिया/कपूर





जनसुनवाई के प्रकरण 30 दिन में निराकरण करने के निर्देश
इंदौर 23 मई, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि की अध्यक्षता में आज जनसुनवाई का आयोजन आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री शमीमुद्दीन और अपर कलेक्टर श्री अजय देव शर्मा के अलावा सभी कार्यालय प्रमुखों ने भाग लिया। जनसुनवाई में 321 प्रकरण आये, जिन्हें 30 दिन में निराकरण हेतु संबंधित विभाग में प्रेषित कर दिया गया है। जनसुनवाई में नामांतरण, बंटवारा, अतिक्रमण हटाने, प्लाट पर कब्जा दिलाने, बीपीएल राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन आदि के संबंध में आवेदन आये। 
इस अवसर पर कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और टीएल प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण किया जाये। प्रशासन को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना जरूरी है। 
/सिंह/कपूर

 



आरोपी की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित
इंदौर 23 मई, 2017
पुलिस उप महानिरीक्षक इंदौर रेज ग्रामीण श्री आर.पी.सिंह ने लंबे समय से फरार आरोपी तमीम उर्फ तम्मू पिता सलीम निवासी बंजारी थाना किशनगंज की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी पर विभिन्न थानों में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु जो कोई भी व्यक्ति या पुलिस अधिकारी या कर्मचारी आरोपी को गिरफ्तार करेगा या गिरफ्तारी हेतु सूचना देगा या इससे संबंधित ऐसी कोई सूचना देगा, जिससे उक्त व्यक्ति की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके, उसे 20 हजार रुपये के इनाम की राशि से पुरस्कृत किया जायेगा। यदि सूचनाकर्ता चाहेगा तो उसका नाम गोपनीय रखा जायेगा। एक से अधिक सूचनाकर्ता या पुलिसकर्मी होने पर पुरस्कार के वितरण के संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक इंदौर रेंज ग्रामीण का निर्णय अंतिम होगा।
सिंह/कपूर





हाईकोर्ट  की इंदौर खण्डपीठ में लोक अदालत 8 जुलाई को
इंदौर, 23 मई 2017
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ के प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री पी.के. जायसवाल के निर्देशन में म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में 8 जुलाई 2017 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में किया जा रहा है। इससे जनता को सस्ता-शीघ्र-सुलभ न्याय मिलेगा।  
पिं्रसिपल रजिस्ट्रार उच्च न्यायालय विधिक सेवा श्री देवेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण, बैंक रिकव्हरी संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जल कर बिल संबंधी प्रकरण, सेवा मामले जो सेवानिवृत्त संबंधी लाभों से संबंधित है, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकरण के राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर किया जायेगा। 
पिं्रसिपल रजिस्ट्रार द्वारा समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से अनुरोध किया गया है कि उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत कराने हेतु मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में पिं्रसिपल रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, संबंधित सेक्शन एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर में संपर्क कर सकते हैं एवं अपने प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखने हेतु आवेदन अथवा सूचना दे सकते हैं। लोक अदालत के द्वारा निराकृत किये गये प्रकरणों में पक्षकारों के द्वारा भुगतान की गई कोर्ट फीस का शासन द्वारा वापिस किये जाने का प्रावधान है। लोक अदालत में किये फैसले के विरूद्ध किसी भी वरिष्ठ न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती। लोक अदालत में समझौते के तहत प्रकरणों का निराकरण किया जाता है, जिससे दोनों पक्षों की जीत होती है। 
सिंह/कपूर




रेत खनन के संबंध में कैवियट दायर
इंदौर 23 मई, 2017
मध्यप्रदेश शासन द्वारा पर्यावरण के परिरक्षण, बाढ़ के नियंत्रण, प्रदूषण के निवारण के हित में और लोक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये व्यापक जनहित में नर्मदा नदी से रेत उत्खनन का कार्य तत्काल रोकने का निर्णय लिया गया है और इस हेतु मध्यप्रदेश शसन खनिज साधन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा 22 मई, 2017 को आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों तथा इन आदेशों पर अवलंबित संबंधित जिलों के कलेक्टरों द्वारा रेत उत्खनन को रोकने हेतु आदेश जारी किए जा सकते हैं, जिनकी सुनवाई के पूर्व केविएटकर्ता को भी सुना जाये। इस उद्देश्य से उच्च न्यायालय के समक्ष मध्यप्रदेश शासन की ओर से केविएट याचिका प्रस्तुत कर दी गयी है।
सिंह/कपूर

 


प्रकरण श्रम न्यायालय को सौंपने के आदेश जारी
इंदौर 23 मई, 2017
श्रम आयुक्त इंदौर ने सेवानियुक्त राहुल लाभांते एवं सेवा नियोजक महाप्रबंधक दयाजीत निगम बस लॉजिस्टिक प्रायवेट लिमिटेड इंदौर तथा सेवानियुक्त ज्योति शंकर पिता श्रीधर एवं सेवा नियोजक मेसर्स कांटिनेंटल रिफेरेनटीरिज प्रायवेट लिमिटे इंदौर के मध्य उत्पन्न विवाद को औद्योगिक विवाद मानकर प्रकरण श्रम न्यायालय इंदौर को सौंपने के आदेश जारी कर दिये हैं। 
सिंह/कपूर

रानीपुरा क्षे़त्र में आग की घटना के लिये 
दिलीप फटाका हाउस के संचालक गुरेन्द्र सिंह दोषी 
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स्थानीय पुलिस एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी दोषी 
इंदौर 23 मई, 2017
इंदौर शहर के रानीपुरा में गत 18 अप्रैल, 2017 को दुकानों में लगी आग की घटना की कलेक्टर श्री पी.नरहरि के आदेशानुसार की गयी मजिस्ट्रीयल जांच का प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है। प्रतिवेदन में घटना का प्रारंभिक कारण फटाकों के अवैध संग्रहण, भण्डारण एवं संबंधित क्षेत्र के पुलिस एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की लापरवाही सामने आयी है। घटना के लिये दिलीप फटाका हाउस के संचालक गुरेन्द्र सिंह एवं स्थानीय पुलिस एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को प्रारंभिक रूप से दोषी पाया गया। प्रतिवेदन में भविष्य में घटना की पुर्नवृत्ति रोकने के लिये जीरो टोलरेंस की नीति रखने सहित अन्य महत्वपूर्ण दिये गये हैं।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस फायर स्टेशन द्वारा आग को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्यवाही की गई। घटना स्थल संकीर्ण होने तथा आस-पास भी ज्वलनशील सामग्री की दुकान होने से आग ने विकराल रूप ले लिया एवं उपकी चपेट में 7 दुकाने आ गई।
घटना में मृत सभी व्यक्तियों की मृृत्यु पी.एम. रिपोर्ट अनुसार कार्डियो रेस्पायरेट्री फेलुअर (Cardio respiratory failure as a result of ante-mortem burn and its complications) के कारण हुई है, जो कि जलने के परिणाम स्वरूप है। उप मुख्य विस्फोटक नियंत्रक कार्यालय, भोपाल के अधिकारी श्री राजेन्द्र रावत एवं श्री तेजवीर सिंह द्वारा भी घटना स्थल का दौरा 20 अप्रैल 17 को किया गया तथा प्रारंभिक रिपोर्ट दी है। 
झाबुआ जिले के पेटलावद में विस्फोटक सामग्री से हुए विस्फोट के कारण भारी जनहानि के दृष्टिगत जिला दण्डाधिकारी, इन्दौर के आदेशानुसार  18 सितंबर 2015 को लोक शांति एवं सुरक्षा बनाये रखने की दृृष्टि से कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी समस्त अनुज्ञा पत्र एवं विस्फोटक नियंत्रक द्वारा जारी लायसेंस निरस्त (अनापंिंंत्त प्रमाण पत्र) किये गये। इसमें दिलीप पटाखा हाउस का लायसेंस भी निरस्त किया गया था। 
गत वर्ष दीपावली के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस के अमले के द्वारा सघन चेकिंग की गई तब कोई भी पटाखा सामग्री दुकानों पर नहीं पायी गई थी। कलेक्टर, इन्दौर के पत्र दिनांक 04 अक्टूबर 2016 एवं 26 अक्टूबर 2016 के द्वारा अनुविभागीय दण्डाधिकारी@नगर पुलिस अधीक्षक को शासन के नवीन निर्देशों का कडाई से पालन करने के संबंध में निर्देश भी दिये गये थे। कलेक्टर कार्यालय द्वारा अनुविभागीय दण्डाधिकारियों तथा नगर पुलिस अधीक्षकों को लगातार पटाखों की अवैध बिक्री रोकने हेतु सतत कार्यवाही करने के निर्देश दिये जाते रहे हैं।
विद्युत कम्पनी के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि आग लगने की घटना का विद्युत कंपनी की लाईन या अन्य किसी उपकरण से कोई संबंध नहीं है, आगजनी का  कोई अन्य कारण है। उप मुख्य विस्फोटक नियंत्रक से प्राप्त प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट अनुसार घटना का कारण दिलीप पटाखा हाउस में अनुचित तरीके से फायरवक्र्स का उपयोग एवं अधिक मात्रा में भण्डारण होना है।
विभिन्न संगठनों@कार्यालयों से प्राप्त प्रतिवेदन, जनसामान्य, स्वतंत्र गवाह, पुलिस कर्मियों@अधिकारियों, प्रशासन के अधिकारियों@कर्मचारियों द्वारा दिये गये साक्ष्य के आधार पर विवेचना उपरांत जाँच में यह निष्कर्ष पाया गया है कि दिलीप पटाखा हाउस में 18 अप्रैल 2017 को दोपहर लगभग ढाई बजे आग लगने की घटना पटाखों के अवैध संग्रहण के कारण हुई है। रानीपुरा क्षेत्र में पटाखों के विक्रय का पुराना मार्केट है तथा यहाँ पर कई दुकाने पटाखों का विक्रय करती हैं जो कि घटना के पश्चात पुलिस एवं प्रशासन द्वारा पटाखा दुकानों पर दी गई दबिश के फलस्वरूप बड़ी मात्रा में पटाखे पाये जाने से सिद्ध होता है। पटाखों का विक्रय, शहर में आने तथा उसका परिवहन में  पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही पायी गयी। उनके द्वारा पटाखों का खुलेआम विक्रय होने पर भी उसको रोकने के लिये कोई कार्यवाही नहीं की गई। 
आग लगने के कारणों का ठीक-ठीक पता लगाया जाना संभव नहीं है, चुंकि घटना का कोई भी प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। इसलिये निश्चित तौर पर यह कहना संभव नहीं है कि आग प्रारंभ कैसे हुई? दिलीप पटाखा हाउस की पूरी तरह से जल जाने एवं कोई प्रत्यक्षदर्शी न होने से यह ज्ञात करना कठिन है कि दुकान में किस प्रकार का कार्य उस समय हो रहा था। मूलतः आग पटाखों के अवैध एवं असुरक्षित संग्रह के कारण लगी है। संभवतः पटाखों की लूज पैकिंग अथवा उनका री-पैकिंग किया जाना या उनकी मिस-हैंडलिंग के दौरान घर्षण से उत्पन्न चिंगारी है, जिसने बाद में अन्य पटाखों में आग लग गई और बड़ी मात्रा में पटाखे एक साथ फुट गये। दिलीप पटाखा हाउस से जप्त सामग्री में इस प्रकार के इलेक्ट्रोनिक ट्रिगर डिवाईस भी मिले हैं, जिनका उपयोग विस्फोटक अधिनियम के तहत प्रतिबंधित है। आग जितनी तीव्रता से एवं तेजी से फैली है इससे यह संभावना भी बनती है कि दिलीप पटाखा हाउस में चाईना निर्मित पटाखे भी हो सकते हैं जिनमें पोटेशियम क्लोरेट का उपयोग किया जाता है, जो कि अस्थिर (unstable ) होता है एवं तेज झ्ाटके (sharp jolt) के साथ फुटता (ignite or explod spontaneously) है। 
दुकान में संभवतः आग बुझाने के भी कोई उपकरण नहीं थे। दुकान में कोई अन्य रास्ता न होने से सभी व्यक्ति एक ही ओर फंसे रह गये और दुर्घटनाग्रस्त हुए। दुकान में पटाखों का स्टोरेज नियमानुसार नहीं था। दुकान में एक और परछत्ती (mezannine floor) होेने के कारण भी पटाखों का स्टोरेज वहाँ पर था, जो कि पटाखों के स्टोरेज के नियमों के विरूद्ध है। आग एकदम से इतनी बड़ गई की लोगों को बाहर आने का अवसर नहीं मिला। जिसके कारण लोगों की मृृत्यु हुई।
रानीपुरा क्षेत्र में दिलीप पटाखा हाउस के अतिरिक्त पटाखों की कई अन्य दुकाने भी है जहाँ घटना के पश्चात शासन द्वारा की गई जाँच में पटाखे पाए गये हैं एवं इस संबंध में क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के अंतर्गत 9 एफ.आई.आर. थाना सेन्ट्रल कोतवाली में दर्ज कराई गई हैं। स्वाभाविक है पटाखे क्षेत्र मेें बाहर से लाये जा रहे थे, नही तो रानीपुरा क्षेत्र में पटाखों का इतना अवैध भण्डारण संभव नही था। प्रशासन के सख्त निर्देश होने पर भी क्षेत्र में पदस्थ संबंधित अनुविभागीय अधिकारी@तहसीलदार द्वारा आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई तथा दीपावली के पश्चात पटाखों का संग्रहण एवं विक्रय होने पर उसे रोकने का प्रयास कभी भी नहीं किया गया। मूल रूप से दिलीप पटाखा हाउस का संचालक गुरेन्द्र सिंह पटाखों के अवैध संग्रहण एवं विक्रय का दोषी है। पूरे प्रकरण में क्षेत्र के संबंधित थाना प्रभारी, रानीपुरा की बीट में पदस्थ अमला एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की घोर लापरवाही पटाखों की अवैध बिक्री खुले आम होने से प्रर्दिर्शत होती है, जिसके लिये वे दोषी है।
घटना की पुनवृत्ति जांच रिपोर्ट में दिये गये सुझाव
जांच प्रतिवेदन में घटना की पुर्नवृत्ति रोकने के संबंध में सुझाव दिये गये हैं कि भविष्य में शहर में पटाखा@ज्वलनशील सामग्री के विक्रय पर “जीरो टोलरेंस” की नीति रखी जाए। फायर डिपार्टमेन्ट द्वारा समय-समय पर आग रोकने हेतु सुरक्षा उपायों की जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाए एवं आग रोकने के उपायों का ड्रिल भी किया जाए, जिससे सभी ज्वलनशील पदार्थों से लगने वाली आग और उसके रोकथाम के त्वरित उपायों से जनता परिचित रहे।
ज्वलनशील पदार्थों के संग्रहण@विक्रय से संबंधित निर्देश प्रत्येक अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक तथा थाना प्रभारी अपनी गार्ड फाईल में आवश्यक रूप से रखे जिससे की व्यक्ति बदल जाने पर भी निर्देशों का अवलोकन एवं पालन सतत होता रहे। पटाखा विक्रय के लिये अनुज्ञप्ति देने की शर्तों का पुनरीक्षण किया जाये। जब भी किसी विक्रेता या गोडाउन स्वामी का लायसेंस निरस्त किया जाए तो उस पर केन्सल की सील लगा दी जाए ताकि वह उसका अनुचित उपयोग न कर सके। लायसेंस प्रत्येक विक्रेता को दुकान में सार्वजनिक रूप से खुले स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश हों। शहर के बाहर दो से तीन स्थानों पर पटाखा बेचने के लिए स्थाई मार्केट विकसित किया जाए। पुलिस एवं प्रशासन द्वारा पटाखा विक्रय के संभावित क्षेत्रों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया जाये।
महिपाल@कपूर