Thursday, 11 May 2017

अधिकाधिक लोगों को अंगदान के लिये प्रेरित करना जरूरी-- कमिश्नर श्री दुबे
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इंदौर में बनेगा स्किन बैंक
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इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन द्वारा बोनमेरो ट्रांसप्लांट का बढ़वा दिया जायेगा
इंदौर 11 मई, 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज  इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। इस अवसर पर इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन के सचिव डॉ. संजय दीक्षित विशेष रूप से मौजूद थे। इस अवसर पर चिकित्सकों,निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों को सम्बोधित करते हुये कमिश्नर श्री संजय दुबे ने कहा कि इंदौर जिले में अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। इसे राज्य शासन और केन्द्र सरकार ने भी स्वीकार किया है। इसके कार्य क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। हमारा उद्देश्य है कि आम आदमी अंगदान के महत्व को समझें और समाज के अधिकाधिक लोग आगे आकर अंगदान करें, जिससे देश के जरूरतमंद लोगों को किडनी, लीवर, ह्मदय, चमड़ी आदि मिल सके।
उन्होंने कहा कि इंदौर में दान की सैकड़ों सालों से शानदार परम्परा रही है और यहां के लोगों के सहयोग से ही यह अभियान गति पकड़ रहा है। रक्तदान के क्षेत्र में भी इंदौर में अच्छा काम हो रहा है। इंदौर का सौभाग्य है कि यहां पर मेदांता,सीएचएल अपोलो, टी-चोइथराम जैसे कई सर्वसुविधा सम्पन्न निजी अस्पताल हैं, जिसके कारण इंदौर में किडनी, चमड़ी आदि  का प्रत्यारोपण आसानी से हो रहा है। इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन आने वाले समय में बोनमेरो प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जा रही है। ऑनलाइन पंजीयन किया जाता है और ""पहले आयें, पहले पायें'' के आधार पर किसी भी मरीज को अंगदान का अवसर मिलता है।  अंगदान के जरिये इंदौर में बड़े पैमाने पर स्किन बैंक बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अंग प्राप्त करता है तो उसे अपने रिश्तेदारों से किसी अन्य व्यक्ति को अंग देने के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करना चाहिये। इससे अंगदाताओं की संख्या बढ़ेगी और एक बड़ी श्रृंखला बनती जायेगी। अंग प्रत्यारोपण से पूर्व अंगदाता और अंग प्राप्तकर्ता दोनों की सघन जांच की जाती है। चिकित्सकों ने बैठक में अंगदान और अंग प्रत्यारोपण के संबंध में तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी।
बैठक में दधीचि ग्रुप, एमकेआई इंटरनेशनल, मुस्कान ग्रुप टी चोइथराम, मेदांता, सीएचएल अपोलो आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि और वरिष्ठ चिकित्सक बैठक में मौजूद थे।
सिंह/कपूर




पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने की 
""रोजगार की पढ़ाई-चलें आईटीआई'' अभियान की शुरूआत
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मुख्यमंत्री कौशल्या योजना व मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना का भी हुआ शुभारंभ
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युवक-युवतियों के लिये होगी रोजगारपरक प्रशिक्षण की व्यवस्था
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650 से ज्यादा युवक-युवतियों ने कराये अपने पंजीयन
इंदौर 11 मई, 2017
प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने इंदौर के नंदानगर स्थित शासकीय आईटीआई प्रांगण में ""रोजगार की पढ़ाई चलें आईटीआई'' कार्यक्रम की शुरूआत की। कार्यक्रम में कौशल विकास से संबंधित दो नई योजनायें मुख्यमंत्री कौशल्या योजना व मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में विधायक श्री रमेश मैंदोला, अपर कलेक्टर श्री अजय देव शर्मा, संयुक्त संचालक कौशल विकास श्री डी.एस.ठाकुर के अलावा क्षेत्रीय पार्षदगण मंचासीन थे। 
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्रीजी ने प्रदेश के युवक-युवतियों के लिये ""रोजगार की पढ़ाई चलें आईटीआई'' नाम से अभिनव कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस कार्यक्रम के तहत दो योजनायें मुख्यमंत्री कौशल्या योजना व मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना को पूरे मध्यप्रदेश में चालू किया जा रहा है। इनका उद्देश्य युवक--युवतियों में हुनर को विकसित करना है तथा नई-नई तकनीकों से प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था करना है। मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि इससे पहले भी रोजगार से संबंधित कार्यक्रम शुरू किये गये हैं, किंतु यह कार्यक्रम बहुत ही महत्वाकांक्षी व परिणाममूलक है। 
मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि टेक्नालॉजी के विकास के साथ ही हर क्षेत्र में  नित नये परिवर्तन हो रहे हैं। व्यवसाय के क्षेत्र में भी बदलाव आया है। नये ट्रेडों में कुशल व प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि युवा इन नये ट्रेड में प्रशिक्षित हों तथा कम्पनियों की मांगों को पूरा करें। मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि इंदौर मध्यप्रदेश की नहीं मध्य भारत की व्यवसायिक राजधानी है। यहां विभिन्न क्षेत्रों की कम्पनियां हैं तथा रोजगार के क्षेत्र में असीम संभावनायें हैं। यहां शिक्षा प्राप्त करने से लेकर युवक-युवतियां रोजगार के लिये बड़ी संख्या में आते हैं। उन्होंने  कहा कि जिस तरह इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में पूरे देश में नम्बर-एक स्थान प्राप्त किया है, उसी तरह कौशल विकास व रोजगार से संबंधित इस अभिनव कार्यक्रम में भी नम्बर-एक स्थान प्राप्त करने का प्रयास होना चाहिये। मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि यह अभियान बहुत ही महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। यह केवल औपचारिक मात्र नहीं रह जाये। इसके लिये जरूरी है कि युवा मेहनत व लगन से अपने हुनर को तराशें और अच्छा रोजगार प्राप्त कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनें।
मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिये विभिन्न प्रकार की योजनायें चलायी जा रही है। अब सरकार ने यह तय किया है कि जो छात्र हायर सेकेण्ड्ररी की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लायेंगे और उनका प्रवेश आईआईटी, मेडिकल, आईआईएम व चिन्हित इंजीनियरिंग संस्थानों में होता है तो उनकी फीस सरकार द्वारा भरी जायेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चालू वर्ष के बजट में एक हजार करोड़ रुपये की राशि इस मद में आवंटित की गयी है। इस मद से फीस के अलावा युवक-युवतियों को रोजगार से जोड़ने के लिये ऋण की भी व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने आईटीआई इंदौर में 2 हजार छात्राओं को 10 हजार रूपये से अधिक के वेतन पर कैम्पस सिलेक्शन होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में संयुक्त संचालक कौशल विकास श्री डी.एस.ठाकुर ने रोजगार की पढ़ाई चलें आईटीआई के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में विकसित देश हमारे देश से बहुत आगे है। आज जिन दो नई योजनाओं को इस कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया है, उससे लगभग साढ़े 4 लाख युवक-युवतियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि फ्लैक्सी एमओयू के माध्यम से लगभग एक करोड़ रुपये लागत से आधुनिक लैब महिला आईटीआई में खोली जायेगी। वहीं आईटीआई बालक में मारूति कम्पनी से सवा करोड़ की आधुनिक लेब स्थापना हेतु एमओयू किया गया है। मारूति यहां सर्विस सेंटर भी खोलने जा रही है। उन्होंने कहा कि आईटीआई इंदौर कौशल विकास के मामले में अग्रणी संस्थान है तथा यहां से जो युवक-युवती निकले हैं उनको अच्छा प्लेसमेंट मिला है। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री अजय देव शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर एलसीडी के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के सम्बोधन का सीधा प्रसारण देखा गया। कार्यक्रम में 650 से ज्यादा युवक-युवतियों द्वारा दो ट्रेडों डोमेस्टिक इलेक्ट्रीकल रिपेरिंग तथा इंफोर्मेशन टेक्नालॉजी में अपना पंजीयन कराया।
भदौरिया/कपूर

इंदौर शहर के विकास संबंधी मुद्दों पर चर्चा के लिये बैठक 19 मई को
इंदौर 11 मई, 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे ने आगामी 19 मई को पूर्वान्ह 11 बजे कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में इंदौर नगर के विकास के संबंध में बैठक आहूत की है। बैठक में महापौर नगर निगम, अध्यक्ष इंदौर विकास प्राधिकरण, कलेक्टर, उप पुलिस महानिरीक्षक, आयुक्त नगर निगम, महाप्रबंधक औद्योगिक केन्द्र विकास निगम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर विकास प्राधिकरण, मुख्य महाप्रबंधक विद्युत वितरण कम्पनी पश्चिम क्षेत्र, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग, मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन, वरिष्ठ प्रबंधक पर्यटन विभाग, पुलिस अधीक्षक यातायात, जेलर सेन्ट्रल जेल, उप संचालक नगर तथा ग्राम निवेश, उपायुक्त गृह निर्माण मण्डल आदि को आमंत्रित किया गया है।
बैठक में पटाखा बाजार,अनाज मण्डी,लोहा मण्डी, सेन्ट्रल जेल अन्यत्र स्थानांतरण करने के संबंध में चर्चा की जायेगी। बैठक में शहरी क्षेत्र के गरीबों के लिये अटल आवास योजना, बायपास के आसपास निर्मित कॉलोनियों में जल आपूर्ति, इंदौर नगर में शासकीय आवास के निर्माण, नेहरू स्टेडियम का नवीनीकरण, सुगम यातायात, इंदौर सीवरेज परियोजना, मुख्य मार्गों से सब्जी एवं फल के साप्ताहिक बाजारों का स्थानांतरण, बहुमंजिला पार्किंग का उपयोग, रालामण्डल क्षेत्र का विकास, गोपाल मंदिर और बांकेबिहारी मंदिर का विकास और राजबाड़ा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी।


महिलाओं के लिये रोजगार/स्वरोजगार मेला आज
इंदौर 11 मई, 2017
राज्य शासन द्वारा दिये गये दिशा निर्देशानुसार महिलाओं को स्वरोजगार तथा रोजगार की गतिविधियों से जोड़ने के लिये 12 मई को ढ़क्कनवाला कुंआ के सामने स्थित हाट बाजार में एक दिवसीय रोजगार/स्वरोजगार मेला आयोजित किया गया है। यह मेला सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। 
इस मेले में उद्योग, रोजगार एवं नगरीय विकास, कौशल विकास, अंत्यवसायी विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण, मत्स्य, कृषि, उद्यानिकी सहित अन्य शासकीय विभाग और अशासकीय संस्थायें मौजूद रहकर महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही वे राज्य शासन द्वारा क्रियान्वित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। स्वरोजगार और रोजगार के लिये महिलाओं की केरियर काउंसलिंग भी की जायेगी।
महिपाल/कपूर


मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना
60 वर्ष से अधिक आयु के 322 बुजुर्ग करेंगे 
सरकारी खर्च पर रामेश्वरम् यात्रा
इंदौर 11 मई, 2017
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की पहल पर शुरू की गयी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत इंदौर जिले के 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को राज्य शासन के खर्च पर रामेश्वरम् तीर्थ स्थल का भ्रमण कराया जायेगा। इसके लिये चयनित बुजुर्ग तीर्थ यात्रियों का जत्था आगामी 28 मई को इंदौर से विशेष ट्रेन से रवाना होगा।
कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार तीर्थ यात्रियों का यह दल 2 जून 2017 को वापस इंदौर आयेगा। बताया गया है कि इस यात्रा में शामिल होने के लिये इच्छुक बुजुर्ग 16 मई तक कलेक्टर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इंदौर से 322 तीर्थ यात्रियों को भेजा जायेगा। इस यात्रा के लिये इच्छुक बुजुर्ग कलेक्टर कार्यालय सहित संबंधित तहसील कार्यालयों में आवेदन-पत्र जमा कर सकते हैं। वांछित जानकारी भी इन्हीं कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है।
तीर्थ यात्रा में शामिल होने के लिये ऐसे आवेदक जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो, वे आयकर दाता नहीं हो तथा इस योजना के अंतर्गत पूर्व में कोई यात्रा नहीं की हो, वे आवेदन कर सकते हैं। 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग अपने साथ एक सहयोगी साथ ले जा सकते हैं, जिनकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 50 वर्ष होना चाहिये। पति-पत्नी के साथ यात्रा करने पर सहायक की सुविधा नहीं होगी। यदि आवेदक पति-पत्नी में से किसी एक का नाम चुना जाता है तो उसका जीवनसाथी भी यात्रा पर साथ जा सकेगा। जीवनसाथी की आयु 60 वर्ष से कम हो, तब भी आवेदक के साथ यात्रा कर सकेंगे।
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