Tuesday, 28 February 2017


मालवांचल को रेगिस्तान बनने से रोकना भी नर्मदा यात्रा का महत्वपूर्ण उद्दे’य
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान
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मुख्यमंत्री जी बांकानेर में श्री श्री रवि’ांकर महाराज के साथ नर्मदा यात्रा में हुए शामिल 
इंदौर 28 फरवरी 2017
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान ने कहा है कि नर्मदा सेवा यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्दे’य यह भी था कि मालवांचल को रेगिस्तान बनने से रोका जाए। नर्मदा नदी के पानी को मालवांचल के बड़े-बड़े शहरों  में पहुॅंचाया गया है। आज धार जिले सहित मालवांचल के खेत नर्मदा नदी के कारण हरे-भरे है। वे मंगलवार को धार जिले के बाकानेर में नर्मदा सेवा यात्रा के तहत आयोजित जनसंवाद में आमजन को सम्बोधित कर रहे थे। 
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान ने कहा कि जीवनदायनी नर्मदा मैया के बिना प्रदेश  का जीवन संभव नही है। प्रदेश  में बून्द-बून्द पानी नर्मदा से ही मिलता है और नर्मदा जल को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है। अकेले सरकार के प्रयासों से नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त नहीं किया जा सकता है, इसके लिए जनसहयोग अतिआव’यक है। 
नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने एवं हरियाली की चुनरी ओड़ाने के लिए आप सभी सहयोग करें। नर्मदा का पानी प्रदेश  के पूरे मालवा क्षेत्र में ले जाया जाएगा। नर्मदा के पानी से प्रदेश  की 30 प्रतिश त से अधिक जमीन को सिंचित किया जा सकेगा। नर्मदा मैया के पानी की वजह से ही प्रदेश  की कृषि विकास दर पिछले चार वर्षो से 20 प्रतिशत से अधिक है। आगे भी नर्मदा का जल इसी तरह किसानों को मिलता रहेगा, तो प्रदे’ा की कृषि विकास दर देश में सर्वाधिक हो सकेगी। प्रदेश सरकार द्वारा शहरी  क्षेत्रों में पाईप लाईन के माध्यम से नर्मदा जल से पेयजल की आपूर्ति किए जाने की सरकार की योजना है। 
नर्मदा की जलधारा अविरल बहती रहे, इसके लिए सभी मिलकर नर्मदा के किनारे पेड़ लगाए। नर्मदा के दोनों किनारों पर वन विभाग एवं राजस्व विभाग की जमीन पर सरकार द्वारा वृक्षारोपण किया जायेगा। जिन किसानों के खेत नर्मदा किनारे हैं  वे किसान भी नर्मदा नदी को बचाने में अपना सहयोग देने केे लिए अपने खेत पर फलदार पौधे लगाए। 
सरकार द्वारा किसानों को तीन साल तक 20 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जायेगा एवं उद्यानिकी विभाग से मिलने वाली 40 प्रतिशत सब्सिडी भी किसानों को सरकार द्वारा दी जायेगी। किसानों से कार्यकम में संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री चैहान ने वृक्षारोपण करने का संकल्प दिलाया।
मुख्यमंत्री श्री चैहान ने कहा कि नर्मदा में मलजल न मिले, इसके लिए नर्मदा किनारे ट्रीट्मेट प्लान्ट लगाए जायेंगे। ट्रीट्मेट प्लान्ट से निकलने वाला जल किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध करवाया जायेगा। नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए पूजन सामग्री नर्मदा नदी में न डाले। नर्मदा किनारे पूजन सामग्री विसर्जन के लिए कुण्ड बनाए जायेंगे। नर्मदा नदी के तटों पर दाह संस्कार से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए तटों पर मुक्तिधाम बनाए जायेंगे। महिलाओें के लिए स्नान घाटों पर कपड़े बदलने के लिए चेजिंग रूम बनाए जायेंगे। 
नर्मदा तटों के पाॅच किलोमीटर क्षेत्र से  शराब की दुकानें हटाई जायेंगी
मुख्यमंत्री श्री चैहान ने कहा कि आम नागरिकों को न’ो से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए नर्मदा तट के उत्तर व दक्षिण दोनोंं तरफ पाॅच किलोमीटर क्षेत्रफल में आने वाली शराब की दुकानों को 31 मार्च 2017 से बन्द कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चैहान ने कोख को कत्लगाह बनाने वालों से बेटी बचाओ की अपील करते हुए कहा कि बेटी नही बचाओंगे तों बहू कहाॅं से लाओंगे।
इस अवसर पर श्री श्री रवि’शंकर महाराजजी ने कहा कि आनंद मंत्रालय शुरु  करके मुख्यमंत्री जी ने वस्तुभोग ही नही, बल्कि मन की अवस्था को प्रसन्न रखने की भी पहल की है। आचार्य पुण्डरिक गोस्वामी ने कहा कि मथुरा में कृष्ण ने यमुना नदी को कालियानाग के जहर रूपी प्रदूषण से मुक्त कराया था, वैसे ही शिवराज  नर्मदा नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने का माध्यम बने हंै।
कार्यक्रम में उपस्थित गाॅधीवादी विचारक सुब्बाराव जी ने कहा कि स्वतंत्रता से आशय नागरिकों को ईमानदार एवं चरित्रवान होना चाहिए, वही हमारी सच्ची स्वतंत्रता है। आरएसएस के प्रांतीय प्रचारक श्री पराग अभ्यंकर ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वागत उद्बोधन क्षेत्रीय विधायक श्रीमती रंजना बघेल ने दिया। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी तथा प्रदेश  के प’ाुपालन मंत्री श्री अन्तर सिंह आर्य, क्षेत्रीय सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक बदनावर श्री भॅवरसिंह शेखावत  विधायक रतलाम ग्रामीण श्री मथुरालाल, अध्यक्ष जिला पंचायत धार श्रीमती मालती-मोहन पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. राज बर्फा के अलावा प्रदेश  उपाध्यक्ष श्री बी.डी. शर्मा , श्री प्रवेश  मेहरा के अलावा विभिन्न धार्मिक पंथों के गुरूजन, संत, महात्मा, समाजसेवी व जनप्रतिनिधिगण मंचासीन थे।  कार्यक्रम का संंचालन राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री शिव  चैबे ने किया। सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। 
मौर्य@कपूर
मुख्यमंत्री श्री चैहान सपत्निक शामिल  हुए नर्मदा सेवा यात्रा में
मुख्यमंत्री ने थामा ध्वज व पत्नी श्रीमती साधना सिंह ने धारण किया कल’ा
इंदौर 28 फरवरी 2017
मुख्यमंत्री श्री शिवराज  सिंह चैहान ने मंगलवार को धार जिले के बाकानेर में सपत्निक पहुॅंचकर नर्मदा सेवा यात्रा में भाग लिया। यहाॅं उन्होंने नर्मदा सेवा यात्रा के साथ चल रहे नर्मदा ध्वज का पुष्प अर्पित कर आत्मीय स्वागत किया तथा कल’ा की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री श्री  शिवराज  सिंह चैहान ने स्वयं नर्मदा ध्वज को थामा तथा पत्नी श्रीमती साधना सिंह ने कल’ा को धारण किया और यात्रा को आगे बढ़ाया।
इस दौरान यात्रा के आगे-आगे परम्परागत वे’ाभूषा में रंग-बिरंगे परिधान पहने आदिवासी समाज के नृतक दल चल रहे थे। वही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएंे व महिलाएं कलश  लेकर चल रही थीं। यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य व ऐतिहासिक स्वागत किया गया।
प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, कमि’नर व कलेक्टर ने की अगवानी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज  सिंह चैहान व श्री श्री रवि’ांकर महाराज के बाकानेर पहुॅंचने पर हेलीपेड स्थल पर प्रभारी मंत्री श्री अन्तर सिंह आर्य, सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक श्रीमती रंजना बघेल, कमि’नर श्री संजय दुबे, कलेक्टर श्री श्रीमन् शुक्ल , पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. राज बर्फा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। 
मौर्य@कपूर

नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा
सेमल्दा में मुख्यमंत्री श्री चैहान ने की माँ नर्मदा की आरती
इंदौर 28 फरवरी 2017
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती साधनासिंह के साथ मंगलवार को धार जिले के ग्राम सेमल्दा मेंे नर्मदा तट पर माँ नर्मदा की  आरती की। इस दौरान उनके साथ प्रसिद्ध संत श्री श्री रविशंकर भी थे । आरती पश्चात् मुख्यमंत्री श्री चैहान ने उपस्थित श्रद्धालुआंे के साथ माँ नर्मदा का जयघोष भी किया ।
मुख्यमंत्री श्री चैहान ने आरती के पूर्व इस स्थल पर बने माॅ नर्मदा मंदिर में सपत्निक पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। साथ ही मंदिर परिसर में प्रतिकात्मक रूप से पौधों का रोपण भी किया । इस दौरान उनके साथ संत श्री श्री रविशंकर, पूर्व मंत्री एवं मनावर विधायक श्रीमती रंजना बघेल, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय, पूर्व सांसद श्री छतरसिंह दरबार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 











सहकारी समितियाँ भी करेंगी साँची दुग्ध उत्पाद विक्रय
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दुग्ध संघ अ©र सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ के बीच ह¨गा अनुबंध
इंदौर 28 फरवरी, 2017
प्रदेश के अधिक ल¨ग¨ं क¨ साँची दुग्ध उत्पाद सुगमता से उपलब्ध करवाने के लिये स्टेट को ¨-आॅपरेटिव डेयरी फेडरेशन ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों ,  उपभोक्ता  भण्डारो  और   विपणन समितियों के माध्यम से भी दुग्ध उत्पाद और  सुदाना विक्रय का निर्णय लिया है। इसके लिये एमपीसीडीएफ, सहकारिता विभाग एवं पंजीयक सहकारी संस्थायों  के बीच अनुबंध ह¨गा। अब तक साँची ब्राॅण्ड के दूध एवं दूध उत्पादो  का विक्रय पूरे प्रदेश में लगभग 6,500 विक्रय-केन्द्र द्वारा किया जाता था। 
साँची के दुग्ध उत्पाद जैसे- घी, दूध, साॅंंची पेडा, लस्सी, रबडी, दुग्ध चूर्ण, मीठा सुगंधित दूध, मिल्क केक, रसगुल्ला, गुलाब जामुन के साथ अब डेयरी फेडरेशन द्वारा निर्मित सुदाना ब्राॅण्ड का पशु आहार भी कृषि साख सहकारी समिति, उपभ¨क्ता भण्डार और  विपणन समितियों द्वारा विक्रय किया जायेगा।
प्रदेश में भ¨पाल, इंद©र, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर एवं सागर दुग्ध संघ द्वारा दुग्ध समितियों के 2 लाख 30 हजार सदस्यों  से प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध का संकलन किया जाता है। संकलित दूध में से 7 लाख 60 हजार लीटर दूध साँची ब्राॅण्ड में पैक कर शहरी एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं  को  उचित दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।

दिल्ली पब्लिक स्कूल में राज्य शासन के खर्च पर
दिलाया जायेगा अजा/जजा के बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश
इंदौर 28 फरवरी, 2017
राज्य शासन के आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों को इंदौर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जायेगा। प्रवेशित बच्चों को सभी खर्च राज्य शासन वाहन करेगा। यह प्रवेश इस स्कूल की कक्षा 4थी, 5वीं एवं 6टी में दिलाया जायेगा।
आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त श्रीमती मोहनी श्रीवास्तव ने बताया कि अजा-जजा के बच्चों को इस स्कूल में यह प्रवेश विभाग द्वारा संचालित योजना के अंतर्गत दिलाया जा रहा है। यह प्रवेश शिक्षण सत्र 2017 के लिये होगा। उन्होंने बताया कि इस स्कूल की कक्षा 4थी, 5वीं और 6टी में चार-चार स्थानों पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और विमुक्त एवं अद्र्ध घुमक्कड जाति के बच्चों को प्रवेश दिलाया जायेगा। प्रवेश के लिये इच्छुक विद्यार्थियों से आवेदन-पत्र बुलाये गये हैं। इसके बाद प्राप्त आवेदनों का परीक्षण किया जायेगा। परीक्षण में पात्र पाये गये बच्चों की दो चरणों में परीक्षा ली जायेगी। परीक्षा की तिथि, समय व स्थान की सूचना पृथक से जारी की जायेगी। इच्छुक विद्यार्थी और पालक निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन-पत्र शासकीय श्री अटल बिहारी बाजपेई कला एवं वाणिज्यि महाविद्यालय के पीछे स्थित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र में 8 मार्च तक जमा कर सकते हैं। आवेदन के लिये इच्छुक बच्चे के अभिभावकों की वार्षिक आय 3 लाख रूपये से अधिक नहीं होना चाहिये एवं बच्चों की गत परीक्षा में ए ग्रेड प्राप्त की जाना जरूरी होगा।
 /सिंह/कपूर

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा 180 दिन का मातृत्व अवकाश
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दो बच्चों तक ही होगी अवकाश की पात्रता
इंदौर 28 फरवरी, 2017
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को उनकी आवश्यकता के अनुरूप मातृत्व अवकाश मिलेगा। संभागीय संयुक्त संचालक श्री राजेश मेहरा ने बताया कि प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को पूरे सेवाकाल में दो बार मातृत्व अवकाश देय है, जिसकी अवधि 180 दिन है। यह अवकाश गर्भावस्था के 8वें माह अथवा उसके उपरांत कभी भी 180 दिवस का लिया जा सकता है। यह अवकाश केवल दो जीवित बच्चों तक ही मान्य है।
इसी प्रकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को पूरे सेवाकाल में केवल एक बार गर्भपात की अवधि में 45 दिन के अवकाश की पात्रता होगी, किंतु इसके लिये उन्हें चिकित्सक का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। उक्त अवकाशों के अतिरिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को एक वर्ष में 20 दिवस के अवकाश की पात्रता है, किंतु  एक बार में उन्हें 10 दिवस से अधिक का अवकाश नहीं दिया जायेगा।
संभागीय संयुक्त संचालक ने संभाग के अधीनस्थ महिला एवं बाल विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के मातृत्व अवकाश की अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अस्थाई रूप से कार्यकर्ता व सहायिका की नियुक्ति की जा सकती है, जो कि मूल कार्यकर्ता या सहायिका के कत्र्तव्य पर उपस्थित होने से नियुक्ति स्वत: समाप्त हो जायेगी। उल्लेखनीय है कि उक्त समस्त प्रकार के अवकाश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को नियमित रूप से मानदेय प्राप्त होगा।
सिंह/कपूर