Monday, 23 April 2018

सफलता की कहानी
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर इंदौर जिले को मिला गौरव
प्रधानमंत्री श्री मोदी देंगे आज जिले की कोदरिया पंचायत को
राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड
इंदौर 23 अप्रैल 2018
    इंदौर जिले में ग्राम पंचायतों द्वारा ग्रामीण विकास संबंधी विभिन्न नवाचार किये जा रहे है। जिले में ग्रामीण विकास को नई दिशा दी जा रही है। जिले की पंचायतों ने मिलकर इंदौर को देश के सबसे स्वच्छ  जिलों की गिनती में भी अव्वल बनाया है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए इंदौर जिले की कोदरिया पंचायत ने भी जिले का नाम देश में रोशन किया है। इस पंचायत को राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड के लिए चुना गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 24 अप्रैल को प्रदेश के मंडला जिले के रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में इस पंचायत को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजेंगे।
    यह पुरस्कार प्राप्त करने के लिए कोदरिया ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अनुराधा जोशी मंडला के लिए रवाना हो चुकी है। श्रीमती जोशी ने बताया कि यह पुरस्कार उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किया जायेगा। यह हमारे लिए ही नहीं बल्कि इंदौर जिले और प्रदेश के लिए भी गौरव का क्षण है। श्रीमती जोशी बताती है कि ग्राम पंचायत कोदरिया में नित नये नवाचार किये जा रहे है। इन नवाचारों से ग्राम पंचायत वासियों में तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है। ग्राम पंचायत में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है। स्वच्छ पेयजल के लिए एटीएम लगाया गया है। वाहन के माध्यम से घर-घर में स्वच्छ शीतल पेयजल नाममात्र के शुल्क पर ग्रामवासियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं के पानी पीने के लिए भी व्यवस्था की गई है। महिलाओं के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें कम कीमत पर सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने के प्रयास भी शुरू किये गये है। गांव में ही सेनेटरी पैड बनाने की व्यवस्था शुरू की गई है। महिलाओं में सेनेटरी पैड के उपयोग के लिए जागरूकता लायी जा रही है। गांव की महिलाओं से सेनेटरी पैड बनवाये जा रहे है। इससे उन्हें रोजगार भी मिल रहा है। ग्राम पंचायत पूर्ण स्वच्छ ग्राम पंचायत भी हो गई है। यहां के हर घर में शौचालय है। ग्रामवासी इसका उपयोग भी कर रहे है। सफाई की व्यवस्था के लिए पर्याप्त कर्मचारी और वाहन की व्यवस्था भी की गई है। गांव को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के प्रयास भी किये जा रहे है। ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है।
    उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले की कोदरिया पंचायत के साथ ही प्रदेश की 11 पंचायतों को भी राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड के लिए चुना गया है।

सफलता की कहानी

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर इंदौर जिले को मिला गौरव
प्रधानमंत्री श्री मोदी देंगे आज जिले की कोदरिया पंचायत को
राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड


इंदौर 23 अप्रैल 2018

इंदौर जिले में ग्राम पंचायतों द्वारा ग्रामीण विकास संबंधी विभिन्न नवाचार किये जा रहे है। जिले में ग्रामीण विकास को नई दिशा दी जा रही है। जिले की पंचायतों ने मिलकर इंदौर को देश के सबसे स्वच्छ जिलों की गिनती में भी अव्वल बनाया है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए इंदौर जिले की कोदरिया पंचायत ने भी जिले का नाम देश में रोशन किया है। इस पंचायत को राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड के लिए चुना गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 24 अप्रैल को प्रदेश के मंडला जिले के रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में इस पंचायत को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजेंगे।

यह पुरस्कार प्राप्त करने के लिए कोदरिया ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अनुराधा जोशी मंडला के लिए रवाना हो चुकी है। श्रीमती जोशी ने बताया कि यह पुरस्कार उन्हें प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किया जायेगा। यह हमारे लिए ही नहीं बल्कि इंदौर जिले और प्रदेश के लिए भी गौरव का क्षण है। श्रीमती जोशी बताती है कि ग्राम पंचायत कोदरिया में नित नये नवाचार किये जा रहे है। इन नवाचारों से ग्राम पंचायत वासियों में तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है। ग्राम पंचायत में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है। स्वच्छ पेयजल के लिए एटीएम लगाया गया है। वाहन के माध्यम से घर-घर में स्वच्छ शीतल पेयजल नाममात्र के शुल्क पर ग्रामवासियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं के पानी पीने के लिए भी व्यवस्था की गई है। महिलाओं के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें कम कीमत पर सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने के प्रयास भी शुरू किये गये है। गांव में ही सेनेटरी पैड बनाने की व्यवस्था शुरू की गई है। महिलाओं में सेनेटरी पैड के उपयोग के लिए जागरूकता लायी जा रही है। गांव की महिलाओं से सेनेटरी पैड बनवाये जा रहे है। इससे उन्हें रोजगार भी मिल रहा है। ग्राम पंचायत पूर्ण स्वच्छ ग्राम पंचायत भी हो गई है। यहां के हर घर में शौचालय है। ग्रामवासी इसका उपयोग भी कर रहे है। सफाई की व्यवस्था के लिए पर्याप्त कर्मचारी और वाहन की व्यवस्था भी की गई है। गांव को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के प्रयास भी किये जा रहे है। ग्राम पंचायत की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है।

उल्लेखनीय है कि इंदौर जिले की कोदरिया पंचायत के साथ ही प्रदेश की 11 पंचायतों को भी राष्ट्रीय पंचायत अवार्ड के लिए चुना गया है।

प्रदेश के मुख्य जिला मार्गों के उन्नयन के लिए 3250 करोड़ मंजूर
स्व सहायता समूहों को 3 लाख तक बैंक ॠण पर मिलेगा 3 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान
ग्राम पंचायत सचिवों को 2 वर्ष संतोषजनक सेवा देने पर मिलेगा नियमित वेतनमान
मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय
इंदौर 23 अप्रैल 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में मुख्य जिला मार्गों के निर्माण/उन्नयन के लिए 3250 करोड़ रूपये (500 मिलियन अमेरिकी डालर) की मंजूरी दी गई। इससे 2143 किलो मीटर लम्बाई के 87 मार्गो का निर्माण/उन्नयन होगा। इसमें 70 प्रतिशत न्यू डेव्हलपमेंट बैंक का ऋण 2275 करोड़ रूपये (350 मिलियन अमेरिकी डालर) तथा 30 प्रतिशत राज्य शासन का हिस्सा 975 करोड़ रूपये (150 मिलियन अमेरिकी डालर) शामिल है।
इसी के साथ मंत्रि-परिषद ने न्यू डेव्हलपमेंट बैंक के वित्त पोषण से परियोजना'एम.पी. मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट' में लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत 11.41 किलो मीटर लम्बाई के अहमदपुर-भोजपुर मार्ग के स्थान पर 27.99 किलो मीटर लम्बाई के दोराहा-अहमदपुर-भोजपुर मार्ग को चौड़ा करने एवं उन्नयन की मंजूरी दी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास : स्व-सहायता समूहों को 3 लाख रुपये तक के बैंक ॠण पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान राज्य शासन द्वारा वहन करने के प्रस्ताव को भी मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति प्रदान की। वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में अनुमानित बैंक ॠण 1600 करोड़ रूपये होगा, जिस पर अनुमानित ब्याज अनुदान की राशि 48 करोड़ रूपये होगी। इसी क्रम में मंत्रि-परिषद ने स्व-सहायता समूह संवर्धन नीति 2007 में संशोधन को भी अनुमोदन प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि अब तक स्व-सहायता समूह अथवा परिसंघों को व्यापार के विस्तार के लिए अधिकतम 25 लाख रूपये की सहायता उपलब्ध करायी जाती थी। इसे बढ़ाकर 50 लाख रूपये करने का निर्णय मत्रि-परिषद द्वारा लिया गया है।
मंत्रि-परिषद द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों के वेतनमान के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। अब एक जनवरी 2018 के बाद नियुक्त पंचायत सचिवों को 2 वर्ष तक 10 हजार रूपये प्रति माह निश्चित मानदेय दिया जाएगा। दो वर्ष संतोषजनक सेवा पूर्ण करने पर 5,200-20,200+ग्रेड पे 1900 का नियमित वेतनमान दिया जाएगा। इसी प्रकार एक अप्रैल 2018 को 10 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर चुके ग्राम पंचायत सचिवों को 5,200-20,200+ग्रेड पे 2400 का वेतनमान स्वीकृत किया जाएगा। इस निर्णय से 21 हजार 151 पंचायत सचिव लाभान्वित होंगे।
मंत्रि-परिषद ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत म.प्र राज्य तिलहन संघ के 97 सेवायुक्तों को प्रतिनियुक्ति अवधि तक के लिए पांचवें और छठवें वेतनमान का लाभ दिया जाना स्वीकृत किया है।
उच्च शिक्षा : मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश शैक्षणिक सेवा (महाविद्यालयीन शाखा) भर्ती नियम-1990 के तहत सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी एवं डॉ.बी.आर अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में सहायक प्राध्यापकों के पदों की भर्ती के लिए वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती केवल लिखित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से करने की मंजूरी दी। साथ ही, भर्ती नियमों में साक्षात्कार लेने के प्रावधान में केवल एक बार के लिए छूट दी गई है। अन्य सभी नियम-अतिरिक्त अंक, आरक्षण, आयु सीमा आदि के प्रावधान पूर्वानुसार ही रहेंगे।
तकनीकी शिक्षा : मंत्रि-परिषद ने माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं की परीक्षा में शैक्षणिक सत्र 2018-19 से 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को योजना का लाभ देने, योजना में जेईई(JEE) मेन्स परीक्षा में कॉमन रैंक 50 हजार के स्थान पर डेढ़ लाख करने, कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) अथवा स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLU) एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में 12वीं कक्षा के बाद एडमिशन वाले कोर्स के विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
मंत्रि-परिषद की बैठक में भारत सरकार द्वारा सभी विश्वविद्यालयों/ संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम, इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं ड्यूल डिग्री कोर्स के विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन करने तथा राज्य शासन के सभी शासकीय अनुदान प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों को योजना में शामिल करने की मंजूरी दी।
जनजातीय कार्य : मंत्रि-परिषद ने जनजातीय कार्य विभाग की आकांक्षा योजना को वर्ष 2018-19 से 2019-20 तक निरंतर संचालन के लिए 35 करोड़ 20 लाख रूपये की मंजूरी दी। योजना में 4 संभागीय मुख्यालयों इन्दौर, जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में प्रति वर्ष 1600 आदिवासी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के इंजीनियरिंग, मेडिकल तथा लॉ कॉलेजों में प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से निशुल्क कोचिंग दी जाती है।
उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन : मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में चयनित स्थलों पर 14 औद्योगिक अधोसंरचना विकास कार्य परियोजना के लिए 530 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में 8 नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 40 प्रतिशत शासन से अनुदान, 50 प्रतिशत शासन गारंटी के तहत ऋण तथा 10 प्रतिशत क्रियान्वयन संस्था का अंश होने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इन 8 नये औद्योगिक क्षेत्रों में नवीन एकीकृत औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर जिला धार, नवीन औद्योगिक क्षेत्र रेहटा-खाडकोद जिला बुरहानपुर, नवीन बहु-उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र सह जेम्स एवं ज्वैलरी तथा आईटी पार्क जिला इंदौर, नवीन एकीकृत टेक्सटाईल पार्क अचारपुरा जिला भोपाल, नवीन औद्योगिक क्षेत्र लहगडुआ जिला छिन्दवाडा़, नवीन औद्योगिक क्षेत्र खैरीयतागांव (बोरगांव) जिला छिन्दवाड़ा, नवीन औद्योगिक क्षेत्र गुड़ जिला रीवा और नवीन औद्योगिक क्षेत्र उद्योगद्वीप बैढ़न जिला सिंगरौली शामिल हैं।
इसी तरह छ: विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन कार्य के लिए 75 प्रतिशत शासन से अनुदान और 25 प्रतिशत क्रियान्वयन संस्था के अंश के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इन 6 विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र मेघनगर जिला झाबुआ, मालनपुर-घिरौंगी जिला भिण्ड, आईआईडी प्रतापपुरा जिला टीकमगढ़, उद्योगद्वीप बैढ़न जिला सिंगरौली, उद्योगविहार चुरहट जिला रीवा और आईआईडीसी नादनटोला जिला सतना शामिल हैं।
मंत्रि-परिषद ने स्मार्ट इण्डस्ट्रियल पार्क पीथमपुर की कुल 469.97 हेक्टेयर भूमि में से 72.77 हेक्टेयर भूमि को जापानी, दक्षिण-पूर्व एवं सुदूर-पूर्व देशों ( दक्षिण कोरिया,चीन,ताइवान इत्यादि) के निवेशकों के लिए आरक्षित करते हुऐ शेष 397.20 हेक्टेयर औ़द्योगिक भूमि प्रदेश/देश के निवेशकों के लिए बहु-उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र के रूप में अनारक्षित कर प्रचलित नियमानुसार आवंटित करने का निर्णय लिया।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास : मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में कृषि महोत्सव क्रियान्वयन की कार्य योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर रखने के लिए 22 करोड़ रूपये राज्यांश के रूप में उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के उददे्श्य से आयोजित किए जाने वाले कृषि महोत्सव के अंतर्गत कृषि और कृषि से संबंधित विषयों जैसे पशुपालन, उद्यानिकी, रेशम-पालन, मछली-पालन आदि पर किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क स्थापित करने के उददे्श्य से कृषि विज्ञान मेला, किसान सम्मेलन, कृषक संगोष्ठियां तथा नवीनतम कृषि तकनीकों का प्रदर्शन एवं व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार राज्य से ग्राम स्तर तक किया जाएगा।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण : मंत्रि-परिषद ने रोगी कल्याण समिति दिशा-निर्देश 2018 को भी अनुमोदन प्रदान किया। इसके अंतर्गत प्रदेश के चिकित्सालयों में सभी श्रेणी के मरीजों को नि:शुल्क चिकित्सा जांच, उपचार और आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा। इसी के साथ प्रदेश की 101 शालाओं में विद्यालय भवन निर्माण के लिए 15.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

प्रदेश के मुख्य जिला मार्गों के उन्नयन के लिए 3250 करोड़ मंजूर


स्व सहायता समूहों को 3 लाख तक बैंक ॠण पर मिलेगा 3 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान
ग्राम पंचायत सचिवों को 2 वर्ष संतोषजनक सेवा देने पर मिलेगा नियमित वेतनमान
मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

इंदौर 23 अप्रैल 2018

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में मुख्य जिला मार्गों के निर्माण/उन्नयन के लिए 3250 करोड़ रूपये (500 मिलियन अमेरिकी डालर) की मंजूरी दी गई। इससे 2143 किलो मीटर लम्बाई के 87 मार्गो का निर्माण/उन्नयन होगा। इसमें 70 प्रतिशत न्यू डेव्हलपमेंट बैंक का ऋण 2275 करोड़ रूपये (350 मिलियन अमेरिकी डालर) तथा 30 प्रतिशत राज्य शासन का हिस्सा 975 करोड़ रूपये (150 मिलियन अमेरिकी डालर) शामिल है।

इसी के साथ मंत्रि-परिषद ने न्यू डेव्हलपमेंट बैंक के वित्त पोषण से परियोजना'एम.पी. मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट' में लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत 11.41 किलो मीटर लम्बाई के अहमदपुर-भोजपुर मार्ग के स्थान पर 27.99 किलो मीटर लम्बाई के दोराहा-अहमदपुर-भोजपुर मार्ग को चौड़ा करने एवं उन्नयन की मंजूरी दी।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास : स्व-सहायता समूहों को 3 लाख रुपये तक के बैंक ॠण पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान राज्य शासन द्वारा वहन करने के प्रस्ताव को भी मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति प्रदान की। वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में अनुमानित बैंक ॠण 1600 करोड़ रूपये होगा, जिस पर अनुमानित ब्याज अनुदान की राशि 48 करोड़ रूपये होगी। इसी क्रम में मंत्रि-परिषद ने स्व-सहायता समूह संवर्धन नीति 2007 में संशोधन को भी अनुमोदन प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि अब तक स्व-सहायता समूह अथवा परिसंघों को व्यापार के विस्तार के लिए अधिकतम 25 लाख रूपये की सहायता उपलब्ध करायी जाती थी। इसे बढ़ाकर 50 लाख रूपये करने का निर्णय मत्रि-परिषद द्वारा लिया गया है।

मंत्रि-परिषद द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों के वेतनमान के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं। अब एक जनवरी 2018 के बाद नियुक्त पंचायत सचिवों को 2 वर्ष तक 10 हजार रूपये प्रति माह निश्चित मानदेय दिया जाएगा। दो वर्ष संतोषजनक सेवा पूर्ण करने पर 5,200-20,200+ग्रेड पे 1900 का नियमित वेतनमान दिया जाएगा। इसी प्रकार एक अप्रैल 2018 को 10 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण कर चुके ग्राम पंचायत सचिवों को 5,200-20,200+ग्रेड पे 2400 का वेतनमान स्वीकृत किया जाएगा। इस निर्णय से 21 हजार 151 पंचायत सचिव लाभान्वित होंगे।

मंत्रि-परिषद ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत म.प्र राज्य तिलहन संघ के 97 सेवायुक्तों को प्रतिनियुक्ति अवधि तक के लिए पांचवें और छठवें वेतनमान का लाभ दिया जाना स्वीकृत किया है।

उच्च शिक्षा : मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश शैक्षणिक सेवा (महाविद्यालयीन शाखा) भर्ती नियम-1990 के तहत सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी एवं डॉ.बी.आर अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू में सहायक प्राध्यापकों के पदों की भर्ती के लिए वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती केवल लिखित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से करने की मंजूरी दी। साथ ही, भर्ती नियमों में साक्षात्कार लेने के प्रावधान में केवल एक बार के लिए छूट दी गई है। अन्य सभी नियम-अतिरिक्त अंक, आरक्षण, आयु सीमा आदि के प्रावधान पूर्वानुसार ही रहेंगे।

तकनीकी शिक्षा : मंत्रि-परिषद ने माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं की परीक्षा में शैक्षणिक सत्र 2018-19 से 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को योजना का लाभ देने, योजना में जेईई(JEE) मेन्स परीक्षा में कॉमन रैंक 50 हजार के स्थान पर डेढ़ लाख करने, कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) अथवा स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLU) एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में 12वीं कक्षा के बाद एडमिशन वाले कोर्स के विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

मंत्रि-परिषद की बैठक में भारत सरकार द्वारा सभी विश्वविद्यालयों/ संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम, इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं ड्यूल डिग्री कोर्स के विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन करने तथा राज्य शासन के सभी शासकीय अनुदान प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों को योजना में शामिल करने की मंजूरी दी।

जनजातीय कार्य : मंत्रि-परिषद ने जनजातीय कार्य विभाग की आकांक्षा योजना को वर्ष 2018-19 से 2019-20 तक निरंतर संचालन के लिए 35 करोड़ 20 लाख रूपये की मंजूरी दी। योजना में 4 संभागीय मुख्यालयों इन्दौर, जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में प्रति वर्ष 1600 आदिवासी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के इंजीनियरिंग, मेडिकल तथा लॉ कॉलेजों में प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से निशुल्क कोचिंग दी जाती है।

उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन : मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में चयनित स्थलों पर 14 औद्योगिक अधोसंरचना विकास कार्य परियोजना के लिए 530 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में 8 नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 40 प्रतिशत शासन से अनुदान, 50 प्रतिशत शासन गारंटी के तहत ऋण तथा 10 प्रतिशत क्रियान्वयन संस्था का अंश होने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इन 8 नये औद्योगिक क्षेत्रों में नवीन एकीकृत औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर जिला धार, नवीन औद्योगिक क्षेत्र रेहटा-खाडकोद जिला बुरहानपुर, नवीन बहु-उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र सह जेम्स एवं ज्वैलरी तथा आईटी पार्क जिला इंदौर, नवीन एकीकृत टेक्सटाईल पार्क अचारपुरा जिला भोपाल, नवीन औद्योगिक क्षेत्र लहगडुआ जिला छिन्दवाडा़, नवीन औद्योगिक क्षेत्र खैरीयतागांव (बोरगांव) जिला छिन्दवाड़ा, नवीन औद्योगिक क्षेत्र गुड़ जिला रीवा और नवीन औद्योगिक क्षेत्र उद्योगद्वीप बैढ़न जिला सिंगरौली शामिल हैं।

इसी तरह छ: विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन कार्य के लिए 75 प्रतिशत शासन से अनुदान और 25 प्रतिशत क्रियान्वयन संस्था के अंश के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इन 6 विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र मेघनगर जिला झाबुआ, मालनपुर-घिरौंगी जिला भिण्ड, आईआईडी प्रतापपुरा जिला टीकमगढ़, उद्योगद्वीप बैढ़न जिला सिंगरौली, उद्योगविहार चुरहट जिला रीवा और आईआईडीसी नादनटोला जिला सतना शामिल हैं।

मंत्रि-परिषद ने स्मार्ट इण्डस्ट्रियल पार्क पीथमपुर की कुल 469.97 हेक्टेयर भूमि में से 72.77 हेक्टेयर भूमि को जापानी, दक्षिण-पूर्व एवं सुदूर-पूर्व देशों ( दक्षिण कोरिया,चीन,ताइवान इत्यादि) के निवेशकों के लिए आरक्षित करते हुऐ शेष 397.20 हेक्टेयर औ़द्योगिक भूमि प्रदेश/देश के निवेशकों के लिए बहु-उत्पाद औद्योगिक क्षेत्र के रूप में अनारक्षित कर प्रचलित नियमानुसार आवंटित करने का निर्णय लिया।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास : मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में कृषि महोत्सव क्रियान्वयन की कार्य योजना को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर रखने के लिए 22 करोड़ रूपये राज्यांश के रूप में उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के उददे्श्य से आयोजित किए जाने वाले कृषि महोत्सव के अंतर्गत कृषि और कृषि से संबंधित विषयों जैसे पशुपालन, उद्यानिकी, रेशम-पालन, मछली-पालन आदि पर किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के मध्य सीधा संपर्क स्थापित करने के उददे्श्य से कृषि विज्ञान मेला, किसान सम्मेलन, कृषक संगोष्ठियां तथा नवीनतम कृषि तकनीकों का प्रदर्शन एवं व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार राज्य से ग्राम स्तर तक किया जाएगा।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण : मंत्रि-परिषद ने रोगी कल्याण समिति दिशा-निर्देश 2018 को भी अनुमोदन प्रदान किया। इसके अंतर्गत प्रदेश के चिकित्सालयों में सभी श्रेणी के मरीजों को नि:शुल्क चिकित्सा जांच, उपचार और आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा। इसी के साथ प्रदेश की 101 शालाओं में विद्यालय भवन निर्माण के लिए 15.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर
मतदाता सूची अद्यतन करने के सख्त निर्देश
विशेष मुहिम चला कर पात्र हितग्राहियों को आवास पट्टा देने के निर्देश
न्यायालयीन प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें- कलेक्टर श्री वरवड़े
इंदौर 23 अप्रैल 2018
    कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर कलेक्टर श्री वरवड़े ने राजस्व अधिकारियों से कहा कि आगामी विधानसभा के मद्देनजर मतदाता सूची अद्यतन करें तथा बाहर चले जाने वालों और मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटाएं तथा एक जनवरी 2018 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवक-युवतियों के नाम भी मतदाता सूची में जोड़ा जाये। जिले में कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नाम दर्ज हाने से वंचित नहीं होना चाहिये। इस अभियान में पटवारियों, नायब तहसीलदारों का सहयोग लिया जाये। इसके अलावा हर तहसील में कलेक्टर रेट पर डाटा इन्ट्री ऑपरेटर की शीघ्र ही नियुक्ति की जायेगी। इस काम में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दास्त नहीं की जायेगी। राजस्व अधिकारीगण चुनाव संबंधी दायित्व का गंभीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार फील्ड में जाकर मतदान केन्दों का युक्तियुक्तिकरण करें। यह काम बहुत जरूरी है।
    इस अवसर पर कलेक्टर श्री वरवड़े ने राजस्व अधिकारियों से यह भी कहा कि जिले में विशेष मुहिम चलाकर पात्र हितग्राहियों को आवास पट्टा वितरित करें। यह काम समय-सीमा में पूर्ण किया जाये। यह कार्य राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है। 10 मई, 2018 के पूर्व सभी पात्र हितग्राहियों को पट्टा मिल जाना चाहिये। अगले 7 दिन में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण जरूरी है। इस अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीनों को आवास बनाने हेतु भू-अधिकार पत्र दिये जाएंगे। हितग्राही इस भू-अधिकार पत्र के आधार पर मकान बनाने के लिए किसी भी बैंक से लोन भी ले सकते हैं।
    कलेक्टर श्री वरवड़े ने कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायिक प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। किसी भी प्रकरण में शीघ्रातिशीघ्र प्रभारी अधिकारी की नियुक्ति कराये। समय सीमा में न्यायालय में जवाब प्रस्तुत करें। न्यायालय की अवमानना के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
    बैठक में अपर कलेक्टर त्रय सुश्री निधि निवेदिता, श्री अजयदेव शर्मा, श्री कैलाश वानखेड़े, एसडीएम सुश्री आदिति गर्ग, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भे-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख आदि उपस्थित थे।

दुराचारियों को फाँसी देने के कानून का व्यापक प्रचार करे मीडिया - मंत्री श्रीमती Archana Chitnis

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने मीडिया से अपील की है कि वे दुराचारियों को सख्त दण्ड देने के केन्द्र सरकार द्वारा तैयार अध्यादेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। बुरहानपुर में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के आत्म-विश्वास में वृद्धि होगी और अपराधियों में दुराचार के अपराध के प्रति भय व्याप्त होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस तरह का कानून बनाने का प्रस्ताव तैयार कर चुकी हैं। यह प्रस्ताव विधानसभा से पारित कर राष्ट्रपति की ओर भेजा जा
चुका है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि कठोर कानून लागू करने के पीछे सरकार की मंशा अपराधी को दण्ड देने के साथ-साथ अन्य अपराधियों में अपराध के प्रति भय पैदा करने की भी होती हैं। नया कानून पारित हो जाने पर दो माह में बलात्कार के प्रकरण की सुनवाई न्यायालय को पूर्ण करनी होगी। अपराधी को अग्रिम जमानत देने का प्रावधान इस कानून के तहत समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने इस अध्यादेश को प्रभावशील करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दृढ़ इच्छा शक्ति की सराहना की है।
बुरहानपुर में गत दिनों असामाजिक तत्वों द्वारा कुछ समय के लिए उत्पन्न किये गये साम्प्रादायिक तनाव को लेकर मंत्री श्रीमती चिटनिस ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस घटना के जिम्मेदार अपराधियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर का इतिहास आपसी सद्भाव एवं समरसता का रहा है। हम सभी को मिलकर इस परम्परा को कायम रखना है।
श्रमिकों के बच्चों को दिया जायेगा आवासीय विद्यालय में नि:शुल्क प्रवेश
प्रवेश परीक्षा 29 अप्रैल को
इंदौर 23 अप्रैल 2018
    श्रमिक वर्ग के बच्चों को श्रमोदय आवासीय विद्यालय में नि:शुल्क प्रवेश दिया जायेगा। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए श्रमोदय विद्यालय का संचालन किया जा रहा हैं। वर्ष 2018-19 के सत्र में नि:शुल्क श्रमोदय आवासीय विद्यालय इंदौर में प्रवेश दिला सकते हैं।
    सहायक श्रमायुक्त इंदौर संभाग इंदौर श्री वी.पीसिंह ने बताया कि दीनदयाल श्रमोदय आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र जुलाई 2018 में प्रारंभ किये जाने तथा प्रवेश प्रक्रिया हेतु बालक-बालिकाओं के चयन हेतु प्रवेश परीक्षा 29 अप्रैल 2018 को आयोजित की जायेगी। उक्त विद्यालय की प्रवेश पत्र श्रम विभाग, मध्यप्रदेश की विभागीय वेबसाइट http://www.labour.mp.gov.in/MPBOCWWB पर डाउनलोड किये जा सकेगें।
मस्कॉट प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टियॉं 30 अप्रैल तक आमंत्रित
इंदौर 23 अप्रैल 2018
       संचालनालय एकीकृत बाल विकास सेवा द्वारा पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) के अन्तर्गत पोषण अभियान गान लेखन प्रतियोगिता एवं पोषण अभियान पर मस्कॉट (शुभंकर प्रतीक चिन्ह) डिजाईन प्रतियोगिता आयोजित की गई है। इस प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टियॉं वेबसाइट http://mp.my.gov.in के माध्यम से 30 अप्रैल तक जमा की जा सकती हैं। प्रतियोगिता के विजेताओं को पांच हजार रुपये का पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दिया जावेगा। विस्तृत जानकारी http://mp.my.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।
मराठी साहित्यकारों से पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित
इंदौर 23 अप्रैल 2018
        मराठी साहित्य अकादमी ने 'राजकवि भास्कर रामचन्द्र ताम्बेके नाम से मराठी कविता अथवा नाट्य लेखन और मराठी कहानी अथवा कादम्बरी (उपन्यास) के लिए दिये जाने पुरस्कार हेतु साहित्यकारों से 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किये हैं। साहित्यकारों को आवेदन के साथ इन विषयों पर 1जनवरी से 31 दिसम्बर 2016 के बीच मराठी मुद्रित/प्रकाशित पुस्तके हुई होंकी तीन-तीन प्रति अकादमी में जमा करना होंगी। चयनित साहित्यकारों को पुरस्कार के रूप में 51-51 हजार रूपये और प्रशस्ति-पत्र दिये जायेंगे।
    अकादमी के निदेशक श्री अश्विनी खरे ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि पुरस्कार के लिए राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों से भी आमंत्रित किये गये हैं। अन्य भाषाओं से मराठी में अनुदित कहानियां भी जमा कराई जा सकती है। पुरस्कार से संबंधित अन्य विवरण अकादमी की वेबसाईट www.marthiacademymp.in पर देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज मंत्रालय में नर्मदा नियंत्रण मंडल की 61वीं बैठक में शामिल हुए और 5,993 करोड़ रुपए लागत की सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। स्वीकृत सिंचाई परियोजनाओं में रु. 3,019 करोड़ की नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना और रु. 2,974 करोड़ की नर्मदा कालीसिंध लिंक परियोजना शामिल हैं। बैठक में उन निर्णयों पर हुई कार्यवाही की भी समीक्षा की, जो 60वीं बैठक में लिए गए थे। नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना के प्रथम और द्वितीय चरण में सीहोर जिले के 187 गांव के किसान लाभान्वित होंगे। तहसील आष्टा, शाजापुर और इछावर की कुल एक लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसी तरह नर्मदा कालीसिंध लिंक परियोजना में सीहोर जिले के 13, शाजापुर जिले के 10 और देवास जिले के 168 गांवों सहित तीनों जिलों के कुल 191 गांवों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। इन सूक्ष्म उद्वहन परियोजनाओं में समस्त जलापूर्ति पाइप लाइन के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक ढाई चक पर किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा, जिसका प्रेशर हैड 20 मीटर होने के कारण किसान आसानी से स्प्रिंकलर से सिंचाई कर सकेंगे।
सांसद निधि से 2 निर्माण कार्यो के लिए स्वीकृ‍ति
इंदौर 23 अप्रैल 2018     
    कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने सांसद क्षेत्र विकास योजना के तहत वर्ष 2017-18 में सांसद श्री विवेक तन्खा की अनुशंसा पर 2 निर्माण कार्यो के लिए कुल 5 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है।
    जारी ओदशानुसार सीसी रोड कार्य अंतर सिंह के मकान से मेहरवान के मकान तक ग्राम पंचायत काई हेतु 2 लाख 50 हजार रूपये और सीसी रोड निर्माण कार्य हनुमान चौक से भुवान सिंह के मकान तक ग्राम पंचायत काई 2 लाख 50 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति कर ग्राम पंचायत काई को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। निर्माण कार्य सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण कार्य शासकीय भूमि पर ही करवाना हैं। निर्माण कार्य पूर्णत: नवीन हो तथा किसी अन्य योजना से स्वीकृत नहीं किया गया हो।
पीएससी परीक्षा का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण 21 मई से
इंदौर 23 अप्रैल 2018     
      मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2019 का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण 21 मई 2018 से शासकीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र में शुरू होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुसूचित जाति/जनजाति के युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा‍।
      परीक्ष पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र के प्राचार्य श्रीमती अलका भागर्व ने बताया कि इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 मई 2018 हैं। आगामी 18 मई 2018 को प्रशिक्षण के लिए चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की जायेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे आवेदक जिन्होने स्नातक परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हो और उनके परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रूपये से अधिक न हो आवेदन कर सकते हैं।  
नवागत अपर कलेक्टर सुश्री निधि निवेदिता को
 सौंपे गये विभिन्न शाखाओं के प्रभार
इंदौर 23 अप्रैल 2018     
कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने प्रशासकीय कार्य सेवा की दृष्टि से अपर कलेक्टर सुश्री निधि निवेदिता को विभिन्न शाखाओं का प्रभार सौंपा हैं।
    इस संबंध में जारी आदेशानुसार सुश्री निवेदिता को पेयजल राहत तथा नलकूप खनन समिति के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया हैं। इसी तरह उन्हें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश परिपालन में इंदौर शहर की नदियों के संरक्षण हेतु गठित समिति के अंतर्गत कार्यवाही संपादित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सेंट्रल कोतवाली श्री शाश्वत शर्मा प्रभारी अधिकारी नियुक्त किये गये हैं।
सड़क, हॉस्टल, आगंनवाड़ी भवन, कोल्ड स्टोरेज आदि आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए नाबार्ड से मिलेगी आर्थिक मदद
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कलेक्टर श्री वरवड़े की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न
इंदौर 23 अप्रैल 2018
      इंदौर जिले में सड़क, हॉस्टल, आगंनवाड़ी भवन, कोल्ड स्टोरेज आदि आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए नाबार्ड द्वारा आर्थिक मदद दी जायेगी। कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने जिले के अधिकारियों को इस संबंध में विभागवार कार्य योजना बनाकर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नाबार्ड द्वारा जिले में उक्त कार्यों के लिए लगभग 200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया हैं।
      यह जानकारी आज यहां कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े की अध्यक्षता में संपन्न हुई अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में दी गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सुश्री निधि निवेदिता, श्री कैलाश वानखेड़े तथा श्री अजयदेव शर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती कीर्ति खुरासिया सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर श्री वरवड़े ने सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई सहित जनसमस्याओं के निराकरण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियांवयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन तथा जनसुनवाई में आने वाले प्रकरणों का सहानुभूतिपूवर्क सकारात्मक निराकरण सुनिश्चित किया जाये। समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाये। जिले में सीएम हेल्पलाइन के तहत 300 दिन से अधिक लंबित प्रकरणों का शत्-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाये। जिन प्रकरणों में जिला स्तर से निराकरण संभव नहीं हैं, उसके लिए वरिष्ठ अधिकारी का पत्र लिखा जाये। किसी भी स्तर पर निराकरण संभव नहीं होने पर ऐसे प्रकरणों को उचित कारण सहित बंद किया जाये। उन्होने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी नागरिकों से सीधा संवाद रखे, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने तथा सहानुभूतिपूवर्क उसका निराकरण करें। जरूरत दिखाई देने पर स्व-पहल करते हुए उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दें।
      बैठक में अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण बगैर उचित कारण के बंद नहीं किया जाये। कोशिश यह की जाये कि दर्ज प्रकरणों का सकारात्मक निराकरण ही हो। बैठक में नाबार्ड के सहायक महा प्रबंधक श्री घोरपड़े ने बताया कि नाबार्ड द्वारा जिले में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए वित्तीय मदद दी जायेगी। विभाग अपने स्तर पर कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करें। उन्‍होने बताया कि जिले में इसके लिए 200 करोड रूपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान हैं।