Thursday, 29 June 2017

राजस्व मंत्री श्री गुप्ता आज इंदौर में
इंदौर 29 जून, 2017
प्रदेश के राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता आज 30 जून, 2017 को रात्रि 8 बजे इंदौर आयेंगे और स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। रात्रि साढ़े 9 बजे श्री गुप्ता कार द्वारा इंदौर से भोपाल के लिये प्रस्थान करेंगे।
 सिंह/कपूर




कृषि स्थायी समिति की बैठक आज
इंदौर 29 जून, 2017
उप संचालक कृषि ने जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति की बैठक आज 30 जून, 2017 को जिला पंचायत सभाकक्ष में दोपहर 2 बजे आहूत की है। बैठक की अध्यक्षता कृषि समिति के अध्यक्ष श्री श्रवणसिंह चावड़ा करेंगे।
सिंह/कपूर
बाल निकेतन संघ द्वारा संचालित आगंनवाड़ी केन्द्रों का
 संचालन असंतोषजनक प्राप्त
इंदौर 29 जून, 2017
संभागीय संयुक्त संचालक एकीकृत बाल विकास सेवा इंदौर संभाग राजेश मेहरा द्वारा अशासकीय संस्था बाल निकेतन संघ द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। शिवाजी नगर सामुदायिक भवन में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र में दर्ज 50 बच्चों में से मात्र 07 बच्चे केन्द्र में उपस्थित पाये गये। कुपोषित बालक गणेश और रणवीर लगभग 03 वर्ष से कुपोषण की श्रेणी में पाये गये तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मंगला पुजारी द्वारा कुपोषण कम करने हेतु कोई प्रयास नहीं करना पाया गया। आंगनवाड़ी केन्द्र शिवाजी नगर क्रमांक 03 में बच्चों की उपस्थिति शून्य पायी गयी, जबकि केन्द्र में दर्ज बच्चों की संख्या 50 है। वार्ड क्रमांक 56 में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र में मात्र 01 बच्चा ही केन्द्र में उपस्थित पाया गया, जबकि दर्ज बच्चों की संख्या 50 हैं। आंगनवाड़ी केन्द्र जीवन की फेल में मात्र 05 बच्चे ही उपस्थित पाये गये। आंगनवाड़ी केन्द्र फिरोज गांधी नगर में 45 बच्चों में से मात्र 05 बच्चे ही आंगनवाड़ी केन्द्र में उपस्थित पाये गये। केन्द्र में बच्चों का जन्मदिवस और किशोर बालिक दिवस मनाना नहीं पाया गया। अन्नप्राशन की राशि का उपयोग करना भी नहीं पाया गया।
बाल निकेतन संघ द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में कुपोषण में कमी लाने हेतु कोई प्रयास किया जाना नहीं पाया गया हैं। इसी प्रकार शालापूर्व शिक्षा का क्रियान्वयन भी अपेक्षित स्तर का नहीं पाया गया हैं।
संभागीय संयुक्त संचालक ने बताया कि लापरवाह कर्मचारी एंव अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी, इंदौर को निर्देशित किया गया हैं तथा भविष्य में स्थिति में सुधार नहीं पाये जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
सिंह /गरिमा
बाल कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु
व्यक्तियों को राजीव गांधी मानव सेवा पुरस्कार 
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पुरस्कार के लिये 15 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित
इंदौर 29 जून, 2017
बच्चों की सेवा, बाल संरक्षण और बाल कल्याण के क्षेत्र में असाधारण कार्य करने वाले व्यक्तियों को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राजीव गांधी मानव सेवा पुरस्कार दिया जायेगा। इस पुरस्कार के लिये इंदौर जिले के व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं। चयनित व्यक्तियों को उपरोक्त तीनों श्रेणियों में अलग-अलग पुरस्कार दिये जायेंगे।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री के.सी.पाण्डे ने बताया कि इस पुरस्कार के इच्छुक व्यक्ति 15 जुलाई, 2017 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। यह आवेदन इंदौर के प्रभु नगर स्थित महिला सशक्तिकरण कार्यालय में जमा किये जा सकते हैं। पुरस्कार के संबंध में विस्तृत जानकारी उक्त कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0731-2792100 से भी प्राप्त की जा सकती है। बताया गया कि पुरस्कारों के लिये चयनित व्यक्तियों को उक्त तीनों अलग-अलग श्रेणियों में प्रत्येक पुरस्कार प्राप्तकर्ता को एक-एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार, रजत पट्टिका और प्रशस्ति-पत्र दिया जायेगा।
सिंह/गरिमा
खरीफ 2017 सोयाबीन कृषकों के लिए उपयोगी सलाह
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भूमि में पर्याप्त नमी होने की स्थिति में ही बोनी करें
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रोगों से बचाव हेतु बीजोपचार अवश्य करें
इंदौर 29 जून, 2017
सोयाबीन की खेती किये जाने वाले क्षेत्रों में मानसून का आगमन होने की सूचना प्राप्त हो चुकी हैं। सोयाबीन की बोवनी के लिए जून के तृतीय सप्ताह से जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तक अत्यंत उपयुक्त होता हैं। इस स्थिति में सोयाबीन कृषकों को निम्न सलाह दी जाती हैं - मानसून के आगमन के पश्चात भूमिमें पर्याप्त नमी होने की स्थिति में सोयाबीन की बोवनी करें। सोयाबीन के बीज का आकार एंव अंकुरण क्षमता (न्यूनतम 70)के अनुसार छोटे दाने वाली प्रजातियों का बीज दर 55-60 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर, मध्य आकार की किस्म के लिये 60-65 कि.ग्रा प्रति हेक्टेयर एवं बड़े दाने वाली किस्म के बीज का 70-75 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर रखें। बीज का अंकुरण 70 प्रतिशत से कम होने पर उसी अनुपात से बीज दर बढ़ाकर बोवनी करें। सोयाबीन बोवनी करते समय बीज की गहराई अधिकतम 3 से.मी. एवं कतार से कतार की दूरी 45 से.मी. का प्रयोग करें। 
विभिन्न रोगों से बचाव विशेषत: पीला मोजाइक बीमारी के लिए सुरक्षात्मक तरीके के रूप में बोवनी के समय सोयाबीन के बीज को अनुशंसित फफॅूद नाशक थायरम एवं कार्बेन्डाजिम 21 अनुपात में (3 ग्राम प्रति कि.ग्रा. बीज) उपचारित करने के तुरंत बाद अनुशंसित कीटनाशक थायोमिथाक्सम 30 एफ.एस (10 मि.ली प्रति कि.ग्रा. बीज) या इमीडाक्लोप्रिड 48 एफएस (1.25 मि.ली प्रति कि.ग्रा. बीज) से उपचारित करें। तत्पश्चात राइझोबियम पी.एस.एम कल्चर का प्रयोग करें। रासायनिक फफूंदनाशक (थायरम/कार्बेन्डिजम) के स्थान पर जैविक फफूंदनाशक ट्रायकोडर्मा विरीडी (8-10 ग्राम /कि.ग्रा बीज) का उपयोग किया जा सकता हैं लेकिन इसका उपयोग कीटनाशक से उपचारित करने के पश्चात राइजोबियम पी.एस.एम कल्चर के साथ में उपयोग किया जा सकता हैं।
वर्षा की अनिश्चितता एंव सूखे की समस्या के कारण सोयाबीन की फसल में होने वाली संभावित उत्पादन में कमी को देखते हुए बी.बी.एफ सीड ड्रील फब्र्स सीड ड्रील का उपयोग कर सोयाबीन की बोवनी करें। इन मशीनों की उपलब्धता न होने पर सुविधानुसार 6 से 9 कतारों के पश्चात् देशी हल चलाकर नमी संरक्षण नालियां बनाएं। सोयाबीन की फसल में पोषण प्रबंधन हेतु अनुशंसित पोषक तत्वों की मात्रा नत्रजन, स्फुर, पोटाश एंव गंघक बोवनी के समय ही सुनिश्चित करें। बोवनी के तुरंत बाद उनयोग में लाये जाने वाले अनुशंसित खरपतवार नाशक जैसे डायक्लोसूलम (26 ग्राम प्रति हेक्टेयर) या सल्फेन्ट्राजोन (750 मि.ली. प्रति हेक्टेयर) या पेन्डीमिथिलीन (3.25 ली. प्रति हेक्टेयर) की दर से किसी एक खरपतवार नाशक का चयन कर 500 लीटर पानी के साथ फ्लेड जेट या फ्लेड फेन नोझल (कट नोझल) का उपयोग कर समान रूप से खेत में छिडकाव करें। एकल पद्धति की तुलना में सोयाबीन की अंर्तवर्तीय खेती आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी एंव स्थिर होती हैं। सलाह है कि सोयाबीन/मक्का/ ज्वार/ अरहर/ कपास को 4:2 के अनुपात में 30 से.मी. कतारों की दूरी पर बोबनी करें। अंर्तवर्तीय फसल की स्थिति में केवल पेन्डीमिथलीन नामक बोवनी पूर्व खरपतवार नाशक का ही प्रयोग करें। 
संयुक्त संचालक कृषि ने बताया कि जिन किसानों ने बोबनी के तुरंत बाद उपयोगी अनुशंसित खरपतवार नाशक का प्रयोग नहीं किया हो, सोयाबीन की फसल 15 दिन की होने की पर खड़ी फसल में अनुशंसित खरपतवारनाशक जैसे क्लोरीम्यूरान इथाइल (36 ग्राम प्रति हेक्टेयर) या इमाझेथापायर (1.0 ली. प्रति हेक्टेयर) या क्विजालोफाप इथाइल (1.0 ली. प्रति हेक्टेयर) या क्विजालोफॉप-पी-टेफूरील (1.0 ली. प्रति हेक्टेयर) या फेनाक्सीफॉप-पी-ईथाइल (0.75 ली. प्रति हेक्टेयर) में से किसी एक का 500 लीटर पानी के साथ फ्लेड जेट या फ्लेड फेन नोझल (कट नोझल) का उपयोग कर समान रूप से खेत में छिड़काव करें।
सिंह/गरिमा


कलेक्टर द्वारा 2 जुलाई को होने वाले वृहद पौधरोपण की पुन: समीक्षा
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30 जून तक हर हालत में पूर्ण कर ली जायें सभी व्यवस्थाएं - कलेक्टर श्री वरबडे
इंदौर 29 जून 2017
कलेक्टर श्री निशांत वरबडे द्वारा नर्मदा बेसिन में 2 जुलाई को होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्य की प्रतिदिन के आधार पर समीक्षा की जा रहीं हैं। गुरूवार को भी कलेक्टर श्री वरबडे ने वृक्षारोपण से संबंधित व्यवस्थाओं की प्रगति की पुन: समीक्षा की। बैठक में ए.डी.एम श्री शमीमुद्दीन व श्री अजय देव शर्मा, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी गण उपस्थित थे। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 2 जुलाई को होने वाले वृहद पौधेरोपण से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं 30 जून तक हर हालत में संपन्न कर ली जायें।  कलेक्टर श्री वरबडे ने पौधेरोपण के लिए चयनित सभी स्थलों पर अधिकारियों की डयूटी लगाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री वरबडे ने वन विभाग, उद्यानिकी, कृषि, ग्रामीण विकास तथा जल ग्रहण मिशन को पौधेरोपण हेतु दिए गए लक्ष्य अनुसार पौधों की व्यवस्था,गडढों की तैयारी, पौधों को वृक्षारोपण स्थल पर पहुंचाने, वृक्षारोपण हेतु वालन्टीयर्स व मजदूरों की व्यवस्था होने की प्रगति की समीक्षा की। राज्य शासन द्वारा इंदौर जिले को नर्मदा बेसिन में 2 जुलाई को कुल 13 लाख 70 हजार पौधों के रोपने का लक्ष्य दिया गया हैं। इसमें से अकेले वन विभाग द्वारा नर्मदा बेसिन में 11.21 लाख पौधे रोपे जाएगें। वन विभाग इसके अलावा 5 लाख रूटशूट भी रोपेगा। 2 जुलाई को वन विभाग के अलावा कृषि, उद्यानिकी, ग्रामीण विकास विभाग तथा जल ग्रहण मिशन को भी वृक्षारोपण का लक्ष्य दिया गया हैं।   
कलेक्टर श्री वरबडे ने 2 जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूप देने के लिए  आम लोगों की बढ-चढकर भागीदारी हेतु हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग को स्कूली छात्र-छात्राओं के माध्यम से प्रभात फेरियां निकालने के लिए निर्देशित किया। वहीं कालेज के छात्र-छात्राओं को इस महाअभियान से जोडने हेतु निर्देश दिए। वृक्षारोपण के इस महाअभियान में हर स्तर पर जनप्रतिनिधियो, किसानों, स्वैच्छिक संगठनों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक एशोसिएशन, अधिकारियों-कर्मचारियों की भी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा। नगरीय क्षेत्र में भी 2 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में शहरी नागरिकों, संगठनों, समाजसेवियों, व्यापारिक संगठनों को जोडने हेतु निर्देशित किया। 
भदौरिया/गरिमा