Thursday, 3 May 2018

पाँच मई को सभी विकासखंडों में होंगे स्व-सहायता समूह सम्मेलन
भोपाल सम्मेलन में शामिल होंगे राज्य मंत्री श्री सारंग 
इंदौर 03 मई 2018
            ग्राम स्वराज अभियान के अन्तर्गत मई को सभी विकासखंडों में आजीविका एवं कौशल विकास दिवस के अवसर पर स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे। सम्मेलन में विकासखंडों में कार्यरत स्व-सहायता समूह के सदस्यबैंकों के प्रतिनिधिग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभारी और स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य भाग लेंगे। सम्मेलन में आजीविका मिशन और कौशल विकास कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत और सम्मानित किया जायेगा।
       भोपाल में स्व-सहायता समूह सम्मेलन मई को एपेक्स बैंक के समन्वय सभागार में आयोजित किया जायेगा। पंचायतग्रामीण विकास एवं सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग सम्मेलन में मुख्य अतिथि होंगे। सम्मेलन सुबह 11 बजे शुरू होगा।
       ज्ञातव्य है कि प्रदेश में विगत 14 अप्रैल से आगामी मई 2018 तक ग्राम स्वराज अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का संचालन भारत सरकार के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कर रहे हैं।
क्रमांक 27/1072/महिपाल/विजय
खुशी के लिये नहींखुश होकर काम करने से मिलेगी खुशी - स्वामी सुखबोधानन्द
सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं - मुख्यमंत्री श्री चौहान 
इंदौर 03 मई 2018
            वेद मर्मज्ञ एवं प्रखर आध्यात्मिक गुरू स्वामी सुखबोधानन्द ने कहा है कि खुशी के लिये काम करने से खुशी नहीं मिलेगीबल्कि खुश होकर काम करने से खुशी मिलेगी। यंत्रवत जीवन और प्रतिक्रिया करने की प्रवृत्ति से मुक्ति पाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परेशानियों और समस्याओं को सकारात्मक दृष्टि से देखने पर वे भी गुरू बन जाती हैं। स्वामी सुखबोधानन्द ने आज भेपाल में प्रशासन अकादमी में आनन्द विभाग के अंतर्गत राज्य आनन्द संस्थान द्वारा आयोजित 'आनन्द व्याख्यानमें यह विचार व्यक्त किये।
मन की भीतर की स्थिति है आनन्द
       मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार का दर्शन आनन्द को प्राप्त करने का मार्ग बताता है। साम्यवाद और पूंजीवाद ने भी आनन्द प्राप्ति का रास्ता दिखाया थालेकिन कालांतर में सही साबित नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनन्द और सुख में भेद नहीं समझने के कारण ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि आनन्द मन की भीतर की स्थिति हैजबकि सुख बाहरी परिस्थितियों से निर्मित होता है। श्री चौहान ने कहा कि केवल अधोसंरचनाएं खड़ी करने से आनन्द नहीं मिलता। अर्थपूर्ण जीवन जीना महत्वपूर्ण है। समृद्ध लोग भी दुखी रहते हैं और अभाव में रहने वाले भी खुश रहते हैं। इसलिये मनोदशा को सकारात्मक बनाने की कला सीखना होगा।
प्रत्येक क्षण में है आनन्द
       स्वामी सुखबोधानंद ने आनन्द की चारित्रिक विशेषताओं और जीवन में उसकी उपस्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आनन्द को भविष्य में देखने की प्रवृत्ति और आदत बना लेने से निराशा और दुख ही हाथ आयेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान ही सब कुछ हैइसलिए आनन्द भी वर्तमान में ही उपस्थित है। यह मन के भीतर है। उन्होंने कहा कि जब सब दरवाजे बंद हो जाते हैंतब ईश्वर नया द्वार खोल देता है। इसलिए प्रत्येक क्षण में आनन्द है। प्रत्येक पल में जीवन है। प्रत्येक पल ऊर्जावान है।
वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें
       स्वामीजी ने कहा कि राग और द्वेष का रूपांतरण प्रेम में करने के लिए भक्ति की जरूरत पड़ती है। इसलिए भक्ति प्रमुख तत्व है। स्वामी ने कहा कि भविष्य माया है। सिर्फ वर्तमान ही सच है और वर्तमान में ही आनन्द व्याप्त है। उसकी अनुभूति करने की आवश्यकता है। आश्चर्य तत्व की प्रधानता होना चाहिए। उन्होने कहा कि वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने देंइसके प्रति भी सचेत रहें। आनंद का दूसरा स्वरूप ऊर्जा है।
            आनन्द विभाग के मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान निरंतर नवाचार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। आनन्द विभाग की स्थापना इसका उदाहरण है। उन्होंने बताया कि बहुत कम समय में आनन्द विभाग की गतिविधियों का प्रदेशव्यापी विस्तार हुआ है। पूरे देश में इसकी सराहना हो रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द विभाग श्री इकबाल सिंह बैंस और आनन्द क्लबों के सदस्य उपस्थित थे।
क्रमांक 25/1070/महिपाल/विजय
खुशी के लिये नहीं, खुश होकर काम करने से मिलेगी खुशी - स्वामी सुखबोधानन्द

सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं - मुख्यमंत्री श्री चौहान

इंदौर 03 मई 2018

वेद मर्मज्ञ एवं प्रखर आध्यात्मिक गुरू स्वामी सुखबोधानन्द ने कहा है कि खुशी के लिये काम करने से खुशी नहीं मिलेगी, बल्कि खुश होकर काम करने से खुशी मिलेगी। यंत्रवत जीवन और प्रतिक्रिया करने की प्रवृत्ति से मुक्ति पाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परेशानियों और समस्याओं को सकारात्मक दृष्टि से देखने पर वे भी गुरू बन जाती हैं। स्वामी सुखबोधानन्द ने आज भेपाल में प्रशासन अकादमी में आनन्द विभाग के अंतर्गत राज्य आनन्द संस्थान द्वारा आयोजित 'आनन्द व्याख्यान' में यह विचार व्यक्त किये।

मन की भीतर की स्थिति है आनन्द

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार का दर्शन आनन्द को प्राप्त करने का मार्ग बताता है। साम्यवाद और पूंजीवाद ने भी आनन्द प्राप्ति का रास्ता दिखाया था, लेकिन कालांतर में सही साबित नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनन्द और सुख में भेद नहीं समझने के कारण ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि आनन्द मन की भीतर की स्थिति है, जबकि सुख बाहरी परिस्थितियों से निर्मित होता है। श्री चौहान ने कहा कि केवल अधोसंरचनाएं खड़ी करने से आनन्द नहीं मिलता। अर्थपूर्ण जीवन जीना महत्वपूर्ण है। समृद्ध लोग भी दुखी रहते हैं और अभाव में रहने वाले भी खुश रहते हैं। इसलिये मनोदशा को सकारात्मक बनाने की कला सीखना होगा।

प्रत्येक क्षण में है आनन्द

स्वामी सुखबोधानंद ने आनन्द की चारित्रिक विशेषताओं और जीवन में उसकी उपस्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आनन्द को भविष्य में देखने की प्रवृत्ति और आदत बना लेने से निराशा और दुख ही हाथ आयेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान ही सब कुछ है, इसलिए आनन्द भी वर्तमान में ही उपस्थित है। यह मन के भीतर है। उन्होंने कहा कि जब सब दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब ईश्वर नया द्वार खोल देता है। इसलिए प्रत्येक क्षण में आनन्द है। प्रत्येक पल में जीवन है। प्रत्येक पल ऊर्जावान है।

वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें

स्वामीजी ने कहा कि राग और द्वेष का रूपांतरण प्रेम में करने के लिए भक्ति की जरूरत पड़ती है। इसलिए भक्ति प्रमुख तत्व है। स्वामी ने कहा कि भविष्य माया है। सिर्फ वर्तमान ही सच है और वर्तमान में ही आनन्द व्याप्त है। उसकी अनुभूति करने की आवश्यकता है। आश्चर्य तत्व की प्रधानता होना चाहिए। उन्होने कहा कि वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें, इसके प्रति भी सचेत रहें। आनंद का दूसरा स्वरूप ऊर्जा है।

आनन्द विभाग के मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान निरंतर नवाचार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। आनन्द विभाग की स्थापना इसका उदाहरण है। उन्होंने बताया कि बहुत कम समय में आनन्द विभाग की गतिविधियों का प्रदेशव्यापी विस्तार हुआ है। पूरे देश में इसकी सराहना हो रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द विभाग श्री इकबाल सिंह बैंस और आनन्द क्लबों के सदस्य उपस्थित थे।

महिपाल/विजय
आरएपीटीसी में 595 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह आज
डीजीपी श्री शुक्ल रहेंगे मुख्य अतिथि
इंदौर, 03 मई 2018
    रूस्तमजी सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में आज 4 मई को प्रात: 8बजे 595 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री  ऋषि कुमार शुक्ला मुख्य अतिथि रहेंगे। दीक्षांत परेड का आयोजन संस्था प्रमुख श्री मिलिन्द कानस्कर(भापुसे), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में होने जा रहा है। पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश द्वारा परेड की सलामी ली जायेगी। परेड में श्री आर.के. गुप्ता (भापुसे), पुलिस महानिरीक्षक (विसबल) पश्चिम रेंज इंदौर के द्वारा नव आरक्षकों को शपथ ग्रहण कराई जायेगी।
क्रमांक 26/1071/महिपाल/विजय
स्मार्ट प्रशिक्षण प्रक्रिया से जुड़ेंगी एक लाख आँगनवाड़ी कार्यकर्ता
जर्मनी के सहयोग से विकसित हो रहा है ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 
इंदौर 03 मई 2018
            प्रदेश की एक लाख आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नवीनतम जानकारियों के साथ निरंतर प्रशिक्षण उपलब्घ करवाने के लिये जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय संस्था जी.आई.जेड़. के सहयोग से ऑनलाइनपाठ्यक्रम आरंभ किया जा रहा है। 'आँगनवाड़ी शिक्षाके नाम से तैयार वर्चुअल लर्निग प्लेटफार्म प्रदेश की सभी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों के लिए विकसित किया गया है।
       'आँगनवाड़ी शिक्षावास्तव में व्यक्तिगत सीखने का प्लेटफार्म है। इसमें सभी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक अपने-अपने कार्य-स्थल पर एकसाथ एक समान रूप से सरलता से प्रशिक्षण ले सकेंगी। इसे बहुत ही सरलमनोरंजक और प्रभावी बनाया गया है। खेल-खेल में सीखनेफिल्मक्विज तकनीक को भी सीखने की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। यह कोर्स सात माड्यूल और 45 पाठों में विभाजित है। सिखाये गये विषयों पर कार्यकर्ता की समझ की जाँच के लिये रूचिकर गतिविधियाँ बनाई गई हैं। कोर्स पूरा करने में लगभग 45घंटे लगेंगे। पाठ्यक्रम पूर्ण होने पर आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों को ऑनलाइन सर्टिफिकेट दिया जायेगा।
       विश्व में सबसे अधिक उपयोग होने वाले सशक्तसरल और सुरक्षित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम मॉड्यूल फ्रेमवर्क पर ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को तैयार किया गया है। भविष्य में इसे मोबाइल एप के रूप में विकसित किया जायेगाजिसका उपयोग कहीं भी किया जा सकेगा। ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम से आँगनवाड़ी सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
बच्चों को सप्ताह में एक स्थान का भ्रमण अवश्य करवायें
राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने की अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा 
इंदौर 03 मई 2018
       अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा है कि छात्रावासों के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक स्थान का भ्रमण अवश्य करवायें। उन्होंने कहा कि बच्चों को पास के औद्योगिक क्षेत्रमेडिकल अथवा इंजीनियरिंग कॉलेज का भ्रमण अवश्य करवाया जाये। राज्य मंत्री श्री आर्य आज अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग की भोपाल में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव श्री संजय बन्दोपाध्याय और आयुक्त श्री आनंद शर्मा उपस्थित थे।
       श्री आर्य ने कहा कि छात्रावासों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। पर्याप्त डस्टबिन का उपयोग किया जाये। पेयजल उपलब्धता की स्थिति से कलेक्टरपीएचई अधिकारी अथवा विभाग प्रमुख को अवगत करायें। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा स्वयं कर कलेक्टर को वस्तु-स्थिति से अवगत करवायें। जिन छात्रावासों में सी.सी. टी.व्ही. कैमरे लगे हैंउन्हें चालू हालत में रखा जाये। सभी छात्रावासों में टी.व्ही. की उपलब्धता को जल्द पूरा किया जाये। उन्होंने संभागीय अधिकारियों को समय-समय पर जिला अधिकारियों की बैठक लेने को कहा। उन्होंने कहा कि बैठक के जरिये समस्या और सुझाव सामने आते हैं।
       राज्य मंत्री श्री आर्य ने निर्देश दिये कि छात्रावासों के लिये सामग्री का क्रय करने के बाद उसका उपयोग भी करें। बच्चों की संख्या और सामग्री की जानकारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहे। आवश्यकता अनुसार गुणवत्तायुक्त सामग्री ली जाये और अग्रिम सामग्री का क्रय नहीं किया जाये। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह निर्माण एजेंसियों की बैठक की जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा कर विकास यात्रा के दौरान उनके शिलान्यास एवं लोकार्पण की तैयारी करें। साथ हीनिर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी 7दिन के अंदर उपलब्ध करवायें।
    श्री आर्य ने कहा कि सभी तरह के विभागीय टेण्डर मई माह में करवा लिये जायें। दी गई राशि को प्लान कर उपयोग करें। उपयोग नहीं होने पर राशि वापस देंताकि दूसरे जिले की आवश्यकता पूरी की जा सके और बजट लेप्स नहीं हो। उन्होंने छात्रावासों में प्रवेशोत्सव मनाने की तारीख तय करने के निर्देश भी दिये। साथ ही कहा कि इसके लिये प्रवेश समिति की बैठक कर ली जाये। पालकों को बुलवाकर मंत्रियों की उपस्थिति में प्रवेशोत्सव मनाया जायेगा।
उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारी सम्मानित
    राज्यमंत्री श्री आर्य ने समग्र रूप से अच्छे काम करने वाले 5 विभागीय अधिकारियों को सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य के लिये इंदौर की श्रीमती मोहिनी श्रीवास्तव, छिन्दवाड़ा की श्रीमती शिल्पा जैन, दमोह की सुश्री शिखा सोनी, सतना के श्री अभिषेक सिंह और सीहोर के श्री हरजीत सिंह को प्रशस्ति-पत्र दिये।
ज्ञानोदय के 23 विद्यार्थी जेईई में चयनित
    शासकीय ज्ञानोदय विद्यालयों में अध्ययनरत 58 में से 23 अनुसूचित-जाति के विद्यार्थियों का जेईई मेन्स में चयन हुआ है। इसमें भोपाल के 6, ग्वालियर, उज्जैन और शहडोल के 3-3, होशंगाबाद, सागर और मुरैना के 2-2 तथा इंदौर और जबलपुर से एक-एक विद्यार्थी का चयन हुआ है।
       श्री आर्य ने कहा कि रिजल्ट के बाद दसवीं और बारहवीं कक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक से उत्तीर्ण अनुसूचित-जाति और अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की सूची बनाकर भेजी जाये। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनके लिये एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
इंदौर जिले में आगामी वित्तीय वर्ष 2019-20
के लिए बनेगी विकेन्द्रीकृत जिला योजना की तैयारी प्रारंभ
इंदौर 03 मई 2018
      राज्य शासन से प्राप्त निर्देशानुसार इंदौर जिले के विकेन्द्रीकृत एवं एकीकृत जिला योजना वर्ष 2019-20 तैयार की जायेगी। विकेन्द्रीकृत नियोजन प्रणाली का उद्देश्य नियोजन प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, दिव्यांगों की भागीदारी सुनिश्चित कर उनकी आवश्यकताओं का आंकलन कर योजना का निर्माण करना हैं।
      इसके लिए कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए गए है कि जिला स्तर पर आपके विभाग अंतर्गत योजना निर्माण प्रक्रिया हेतु गतवर्ष की भांति ही एक '' नोडल अधिकारी'' नियुक्त किया जाये। नोडल अधिकारी समय-समय पर आयोजित प्रशिक्षणों में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं/कार्यक्रमों इत्यादि की जानकारी उपलब्ध कराना, विभाग के तकनीकी सहायता दल में सम्मिलित सदस्यों को प्रस्तावित कैलेण्डर अनुसार योजना निर्माण हेतु उपस्थिति तथा फेसिलिटेशन हेतु निर्देशित कराना, विभागीय सामुदायिक गतिविधियों की कैनवासिंग सुनिश्चित कराना, प्राप्त गतिविधियों पर विभाग द्वारा उचित रिस्पोंस सुनिश्चित करना तथा स्वीकृत गतिविधियों का क्रियांवयन सुनिश्चित कराना आदि हेतु उत्तरदायी होगा।
      जिला योजना समिति सदस्यों, जिला पंचायत, जनपद पंचायत, शहरीस्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों के निवार्चित प्रतिनिधियों/सदस्यों के लिए उन्मुखीकरण सत्र, जिलास्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण एवं मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण के संबंध में पृथक से सूचना दी जायेगी।
      उपरोक्त निर्धारित प्रक्रिया समयावधि में पूर्ण कर विभाग की जिला योजना का प्रस्ताव प्रशिक्षण ग्राम नियोजन दल द्वारा प्राप्त गतिविधियों पर विभागीय रिस्पोंस करते हुए निर्धारित समय-सारिणी अनुसार तैयार कर जिला योजना अधिकारी, संभागीय योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय इंदौर को संबंधित कर्मचारी के हस्ते हार्ड एवं साफट कॉपी में भिजवाना सुनिश्चित करें।
क्रमांक 21/1066/महिपाल/जी
नगर निगम क्षेत्र में अपर कलेक्टर की अनुमति से ट्यूबवेल खनन
इंदौर 03 मई 2018
      अपर कलेक्टर सुश्री निधि निवेदिता (आईएएस) द्वारा जारी आदेश अनुसार नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत नवीन बोरिंग कराने/बोरिंग के गहरीकरण कराने के आवेदन प्रशासनिक संकुल के कक्ष क्रमांक जी-8 कार्यालय कलेक्टोरेट हेल्पलाइन इंदौर में जमा किये जायेगें। आवेदन में वार्ड क्रमांक व नगर निगम के झोन नंबर का उल्लेखित किया जाना जरूरी हैं। आवेदन के साथ 100 रूपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र नोटराइज्ड़ किया हुआ, चालू वित्तीय वर्ष की सम्पत्ति कर की नलकूप खनन स्थल की भरी हुई रसीद की छाया प्रति और आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड या पैन कार्ड की छायाप्रति लगाना जरूरी हैं।
इंदौर जिले में समर्पण अभियान का प्रभावी क्रियांवयन
एक हजार 197 बच्चों का होगा नि:शुल्क उपचार के लिए चयनित
इंदौर 03 मई 2018
      इंदौर जिले में समर्पण अभियान का प्रभावी क्रियांवयन किया जा रहा हैं। इसमें एक हजार 197 बच्चों का नि:शुल्क उपचार किया जायेगा। कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में समर्पण प्रोजेक्ट का आयोजन जिले में किया जा रहा हैं। इसके अंतर्गत 31 मार्च, 2018 से 25 अप्रैल, 2018 तक स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन किया गया। यह शिविर मल्हारगंज पॉलिक्लिनिक, हुकुमचंद, पीसी सेठी अस्पताल, राजेन्द्र नगर, अरण्य, बड़ी ग्वालटोली, मांगीलाल चुरिया अस्पताल, वृंदावन कॉलोनी, अरविंदों अस्पताल, चोइथराम अस्पताल, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, मध्य भारत अस्पताल आदि स्थानों पर आयोजित किये गये। इसमें 1724 बच्चे पंजीकत हुए, जिसमें से 1197 बच्चे उपचार के लिए चिन्हित किये गये। इसमें बच्चों का विभिन्न श्रेणियों में इलाज किया जायेगा एवं इसी तरह और बच्चे अन्य श्रेणीयों में चिन्हित किये गये, जिनकी मनोवैज्ञानिक तथा श्रवण बाधित समस्याएं थी। इनका उपचार नि:शुल्क जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र में किया जायेगा। इसके माध्यम से हम बच्चों को उपचार प्रदान कर स्वस्थ समाज के निर्माण की ओर अग्रसर होगें।
जनपद/ब्लॉक स्तरीय ग्रामीण नियोजन दल गठित
सीईओ जनपद को बनाया गया है सदस्य सचिव
इंदौर 03 मई 2018
      राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने ब्लॉक स्तरीय ग्रामीण नियोजन दल का गठन किया हैं। इस दल में पुलिस, राजस्व विभाग, राज्य शिक्षा केन्द्र, जन अभियान परिषद, नगर पंचायत, वन, सामाजिक न्याय, उर्जा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, योजना विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, उद्योग विभाग, आदिमजाति कल्याण विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, जल संसाधरण विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड विभाग, रेशम, श्रम विभाग आदि के ब्लॉक स्तरीय कार्यालय प्रमुखों को सदस्य मनोनीत किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकरी जनपद पंचायत को इस दल को सदस्य सचिव मनोनीत किया गया हैं।
उपरोक्त गठित जनपद स्तरीय नियोजन दल ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विभिन्न सेवाओं और अधोसंरचनात्मक कार्यों के संचालन करने वाले विभागीय अधिकारियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मिलित करके दल का गठन करेंगें तथा नगरीय क्षेत्रों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करायेगें एवं निकायों/ग्राम पंचायतों/ग्राम की योजनाओं समेकित कर जनपद पंचायत स्तरीय समिति को प्रेषित करने के निर्देश दिये गये है।
जिला स्तरीय ग्रामीण नियोजन दल गठित
सीईओ जिला पंचायत होगें सदस्य सचिव
इंदौर 03 मई 2018
      राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने जिला स्तरीय ग्रामीण नियोजन दल का गठन किया हैं। इस दल में पुलिस, नगर निगम, वन, सामाजिक न्याय, उर्जा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, योजना विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, उद्योग विभाग, आदिमजाति कल्याण विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड, रेशम, श्रम विभाग आदि विभागों के कार्यालय प्रमुखों को सदस्य मनोनीत किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकरी जिला पंचायत को इस दल को सदस्य सचिव मनोनीत किया गया हैं।
उपरोक्त गठित नियोजन दल ग्रामीण क्षेत्र में नियोजन की प्रक्रिया अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का विकेन्द्रीकत जिला योजना बनाने के लिए उपलब्ध संसाधनों के मध्य समन्वय करेगें। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, जिले के ग्रामीण क्षेत्र की येजना बनाने के कार्य को उचित सहयोग प्रदान करेगें। जिला स्तरीय नियोजन दल, जनपद स्तरीय नियोजन दल को आवश्यक तकनीकि मार्गदर्शन उपलब्ध करायेगा तथा जनपद स्तरीय योजनाओं को समेकित करने एवं जिला पंचायत के अनुमोदन उनरांत जिला योजना समिति को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेगें।
जिला स्तरीय शहरी नियोजन दल गठित
परियोजना अधिकारी शहरी विकास होगें सदस्य सचिव
इंदौर 03 मई 2018
      राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने जिला स्तरीय शहरी नियोजन दल का गठन किया हैं। इस दल में पुलिस, नगर निगम, वन, सामाजिक न्याय, उर्जा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, योजना विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, उद्योग विभाग, आदिमजाति कल्याण विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड, रेशम, श्रम विभाग आदि के कार्यालय प्रमुखों को सदस्य मनोनीत किया गया है। परियोजना अधिकारी शहरी विकास को इस दल को सदस्य सचिव मनोनित किया गया हैं।
निकाय स्तरीय शहरी नियोजन दल को नगरीय क्षेत्र में संचालित विभिन्न सेवाओं और अधोसंरचनात्मक कार्यों के संचालन करने वाले विभागीय अधिकारियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मिलित करके दल का गठन करेंगें तथा नगरीय क्षेत्रों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करायेगें एवं निकायों की योजनाओं समेकित कर नगर परिषद को प्रेषित करना सुनिश्चित करेगें।
जेईई मेंस में इस वर्ष अजा/जजा/ पिछड़ा वर्ग के 299 विद्यार्थी चयनित
इंदौर 03 मई 2018
      इंदौर संभाग अंतर्गत जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थाओं के अनुसूचित जाति एवं जनजाति, पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों द्वारा जेईई मेंस वर्ष 2018 में जिला धार-62, झाबुआ-61, अलीराजपुर-51, बडवानी-37, खरगोन-70, बुरहानपुर-08, खण्डवा-08 एवं इंदौर- 02, संभाग से कुल 299 विद्यार्थियों द्वारा सफलता अर्जित की हैं। श्री गणेश भावर संभागीय उपायुक्त, जनजातीय कार्य विभाग इंदौर द्वारा विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी को बधाई दी।
क्रमांक 15/1060/सिंह/जी
गर्मी के मौसम में लू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
लू से बचाव के लिए उपाय अपनाने की दी गई सलाह
इंदौर 03 मई 2018
    स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गर्मी के मौसम में बढ़ते हुए तापमान तथा लू से स्वास्थ्य को हानि हो सकती है। लू से बचने के लिए विभिन्न उपाय नागरिकों को अपनाना चाहिए। लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए विभिन्न उपाय अपनाने के लिए सलाह दी हैं।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान से उल्टी-दस्त, सिर दर्द, शरीर में पानी की कमी होने, बुखार आने, अत्याधिक पसीना होने, बेहोशी, कमजोरी होने, शरीर में ऐठन, नब्ज असामान्य होने आदि लू के लक्षण पाये जाते हैं। सावधानी बरत कर लू से बचा जा सकता है।
    लू से बचाव के लिए जरूरी है कि घर से निकलने के पहले भरपेट पानी अवश्य पीये। सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहने। धूप में निकलते समय अपना सिर ढककर रखे इसके लिए टोपी, अंगोछा या छतरी का उपयोग करें। पानी, छांछ, ओआरएस का घोल या घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नींबू पानी, आम का पना आदि का सेवन करें। भरपेट ताजा भोजन करके ही घर से निकलें और धूप में अधिक न निकलें।
    साथ ही धूप में खाली पेट न निकले। पानी हमेशा साथ में रखे। शरीर में पानी की कमी न होने दें। मिर्च मसाले युक्त एवं बासी भोजन न करें। बुखार आने पर ठण्डे पानी की पट्टियां रखे। लू लगने पर कूलर या एयर कंडीशन से धूप में एकदम न निकलें। व्यक्ति को छायादार जगह पर लेटायें। व्यक्ति के कपड़े ‍गीले रें। उसे पेय पदार्थ कच्चे आम का पना आदि पिलायें। तापमान घटाने के लिए ठण्डे पानी की पट्टियाँ खें। प्रभावित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें
क्रमांक 14/1059/सिंह/जी