Saturday, 5 May 2018

खाद्य पदार्थ अमानक तथा मिथ्याछाप पाये जाने पर
तीन प्रतिष्ठानों के विरूद्ध कार्यवाही
इंदौर, 05 मई 2018 
      इंदौर जिले में उपभोक्ताओं को उचित गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी सिलसिले में पिछले वर्ष आकस्मिक निरीक्षण में लिये गये विभिन्न खाद्य पदार्थो के परीक्षण में अमानक एवं मिथ्याछाप पाये जाने पर तीन प्रतिष्ठानों के विरूद्ध एक लाख 90 हजार रूपये का अर्थदण्ड किया गया है। यह कार्यवाही न्याय निर्णयन अधिकारी तथा अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े ने की है।
      श्री वानखेड़े ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है, उनमें स्कीम नंबर 54 बीसीएम हाईट स्थित संकल्प होटल के विरूद्ध 70 हजार रूपये, वैभव नगर कनाड़िया रोड स्थित श्रीनाथ डेरी व नमकीन के विरूद्ध 50 हजार रूपये तथा बैराठी कॉलोनी स्थित त्रिमूर्ति ट्रेडर्स के विरूद्ध 70 हजार रूपये का अर्थदण्ड किया गया है। संकल्प होटल के दही का सेम्पल तथा श्रीनाथ डेरी के मिल्क केक और घी का सेम्पल अमानक तथा त्रिमूर्ति ट्रेडर्स के मुन्नका मिथ्याछाप पाया गया था।
      श्री वानखेड़ने ने बताया कि जिले में पिछले 6 माह के दौरान जिले में अनेक प्रतिष्ठानों की आकस्मिक जांच की गई है, इनसे कुल 220 नमूने लिये गये थे। इनमें से 200 नमूनों की रिपोर्ट आ गई है। इनमें से 56 नमूने अमानक तथा मिथ्याछाप पाये गये है। जिन प्रतिष्ठानों के नमूने अमानक तथा मिथ्याछाप पाये गये है, उनके विरूद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की जा रही है। 20 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना शेष है।
महिपाल/विजय
सागर में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ एवं रामजी महाजन पुरस्कार समारोह
मुख्यमंत्री श्री चौहान करेंगे समारोह का शुभारंभ एवं राज्य पुरस्कारों का वितरण 
इंदौर, 05 मई 2018
       मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मई को सागर में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ और रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 वितरण समारोह का शुभारंभ करेंगे। पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव समारोह की अध्यक्षता करेंगी। समारोह में वित्त मंत्री श्री जयंत मलैयागृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंहपंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गवलोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुश्री कुसुम मेहदेले और राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता भाग लेंगे।
    आयुक्त पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री रमेश थेटे ने बताया कि समारोह में श्रीमती कान्ति पटेलश्रीमती आशा साहूश्रीमती माया विश्वकर्माश्री सूरज सिंह मारणडॉ जे.के. यादवश्रीमती अलका सैनीश्री नारायण सिंह डागोरश्रीमती बबिता परमारश्रीमती यमुना कछावाश्रीमती प्रीति सेनसुश्री कुसुम महदेले (जबलपुर)श्री राजेश दोडकेडॉ. भगवान भाई पाटीदारश्री काशीराम यादव और श्री महेन्द्र कटियार को रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। राज्य-स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्द्र से वर्ष 2017-18 में राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यस से डिप्टी कलेक्टर पद के लिये 19, पटवारी के लिये 16 और अन्य शासकीय पदों के लिये प्रशिक्षणार्थी चयनित हुए हैं। समारोह में इन चयनित उम्मीदवारों को भी सम्मानित किया जाएगा।
    ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्व-रोजगार योजना अंतर्गत वर्ष 2017-18 में 110 करोड़ 98 लाख रूपये व्यय कर युवाओं को अपना रोजगार स्थापित करने में सहायता दी गई है। कुम्भ में विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी। महाकुंभ में सागर संभाग के एक लाख से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है। समारोह में विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण संस्थाओं के प्रशिक्षणार्थी और विभिन्न योजनाओं के हितग्राही भी मौजूद रहेंगे।
क्रमांक /महिपाल/विजय
दो आरोपी जिला बदर
इंदौर 05 मई 2018
      अपर जिला दण्डाधिकारी श्री कैलाश वानखेड़े ने जिले में शांति एंव सुव्यवस्था बनाये रखने के लिए लम्बे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण दो आरोपी को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया हैं। आरोपी मोनू उर्फ विष्णु उर्फ चोच पिता विद्यासागर मौर्य निवासी 7/1 कुशवाह नगर इंदौर थाना बाणगंगा इंदौर, आरोपी रिजवान पिता मो. निजाम निवासी 11 नया बसेरा इंदौर थाना एमआईजी इंदौर को म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5- के तहत जिला बदर कर उज्जैनदेवासधारखरगोनखण्डवा और इंदौर जिलों की राजस्व सीमा से बाहर चले जाने का आदेश पारित किया हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया हैं।    
7 मई को होंगी विशेष ग्राम सभाएं
इंदौर 05 मई 2018
    असंगठित श्रमिकों के पंजीयन के लिए इंदौर जिले में गत अप्रैल माह में विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत चिन्हित श्रमिकों के पंजीयन के अनुमोदन के लिए 7 मई को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जायेगी।
    जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन ग्राम सभाओं के सुव्यवस्थित और प्रभावी आयोजन के लिए ग्राम पंचायतवार एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। इन कर्मचारियों को निर्देश दिये गये है कि वे ग्राम सभाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करें और अधिक से अधिक उपस्थिति ग्राम सभाओं में सुनिश्चित करें। साथ ही इस संबंध में जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि वे ग्राम सभाओं का आयोजन राज्य शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार ही करें।
क्रमांक /महिपाल/विजय
राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल आज इंदौर में
इंदौर 05 मई 2018
    मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल 6 मई को सायं 5.20 बजे इंदौर आएंगी। वे इंदौर में 7 मई को भी रहेंगी।
    राज्यपाल श्रीमती पटेल 7 मई को दोपहर 12 बजे रेसीडेन्सी से रवाना होकर दोपहर 12.20 बजे ग्राँड भगवती होटल पहुंचेंगी। यहां पर वे एक वैवाहिक समारोह में सम्मिलित होने के पश्चात दोपहर 1 बजे एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी। दोपहर 1.20 बजे इंदौर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगी।
रोजगार कार्यालय अब नियुक्त करेगा कैरियर काउंसलर
इंदौर 05 मई 2018
    जिला रोजगार कार्यालय में वर्ष 2018-19 हेतु मध्यप्रदेश शासन की कैरियर काउंसिलिंग योजनांतर्गत कैरियर मार्गदर्शन काउंसलर एवं मनोवैज्ञानिक के गेस्ट पैनल के नामांकन हेतु 08 मई 2018 तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। जिस हेतु निर्धारित योग्यता स्नातकोत्तर डिग्री मनोवैज्ञानिक विषय के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है या गाइडेन्स काउंसलर हेतु पी.जी. डिग्री या पी.जी. डिप्लोमा की प्रोफेशनल डिग्री आवश्यक हैं। कैरियर काउंसिलिंग के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले एवं कम्प्यूटर ज्ञान रखने वाले आवेदक और आवेदिकाओं को प्राथमिकता दी जायेगी। यह किसी प्रकार के जॉब के लिए आवेदन नहीं हैं। नामांकित आवेदकों को आवश्यकता अनुसार समय-समय पर कैरियर काउंसिलिंग हेतु निर्धारित मानदेय पर बुलाया जायेगा। आवेदल पत्र निर्धारित तिथि के पूर्व कार्यालय के ई-मेल आई. डी.deoindor@gmail.com पर संपूर्ण बायोडेटा के साथ आवेदन भेज सकते है या जिला रोजगार कार्यालय इंदौर से कार्यालयीन समय में प्रस्तुत किये जा सकते हैं।
क्रमांक/42/1087/सिंह/जी
कहानी सच्ची है
सरकारी खर्च पर इलाज से अनिरूद्ध अब सुनने में सक्षम
मुख्य मंत्री बाल हृदय उपचार योजना बनी डूबते को तिनके का सहारा
इंदौर 05 मई 2018
      लोक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा सच करते हुए राज्य शासन दुधमुहे बच्चों को विकलांगता के अभिशाप से मुक्त कराने का संकल्प लिया हैं। जिले में विशेष मुहिम चलाकर इनकी पहचान की गई तथा 400 से अधिक बच्चों का इलाज कराया गया। अब इस योजना के तहत शासकीय खर्च पर बच्चों का कॉक्लियर ट्रांसप्लान्ट भी किया जा रहा हैं। यह एक क्रांतिकारी कदम हैं1
      मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत अनिरूद्ध चौधरी उम्र 5 वर्ष पिता नीरज चौधरी ग्राम पलासिया, पोस्ट डकाचिया हितग्राही के पिता नीरज चौधरी मध्यप्रदेश पुलिस के इंदौर जिले के डायल 100 गाड़ी पर 9 हजार रूपये प्रतिमाह के मानदेय पर कार्य करते हैं। शादी के 3 साल बाद उनकी पत्नी को लड़का हुआ, जो कि जन्मजात श्रवण दोष से ग्रसित था। जब नीरज को इस बात की जानकारी हुई तो नीरज ने निजी कान-नाक-गला के विशेषज्ञ से अपने बेटे के उपचार के बारे में जानकारी ली तो चिकित्सकों के द्वारा उसे कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की सलाह दी, जिसका खर्च 2014 में 8 लाख रूपये बताया गया। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह अपने बच्चे का इलाज नहीं करा सका।
      किन्तु 2016 में नीरज को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मिली तो तत्काल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र में संपर्क किया। जहां बच्चे का पंजीयन कर समस्त आवश्यक जांचे नि:शुल्क कराई गई व विशेषज्ञ चिकित्सकों की राय लेकर बच्चे का कॉक्लियर इम्प्लांट चिन्हांकित अस्पताल अरविन्दों हॉस्पिटल इंदौर में कराया गया।
      ऑपरेशन के बाद अनिरूद्ध स्वस्थ हैं। वह बोलने व सुनने लगा है और ऑपरेशन के बाद से अनिरूद्ध चौधरी स्कूल भी जाता हैं। अनिरूद्ध के पिता श्री नीरज चौधरी के बेटे का मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत नि:शुल्क कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी होना किसी सपने के सच होने जैसा हैं। उन्होने राज्य शासन के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की हैं।
क्रमांक/41/1086/सिंह/जी  
कहानी सच्ची है
दो माह के तनिष्क को हृदय उपचार से मिला नया जीवन
इंदौर 05 मई 2018
    राज्य शासन की मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना बच्चों के डूबते को तिनके का सहारा साबित हो रही हैं। इस योजना के तहत स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरे जिले का सर्वे कर 400 से अधिक बच्चों का शासकीय खर्च पर निजी अस्पताल में इलाज कराया गया।
    मुख्य मंत्री बाल हृदय योजना के तहत हितग्राही तनिष्क राठौर उम्र दो माह पिता बालचंद्र राठौर निवासी 59 क्लर्क कालोनी एक्सटेंशन इंदौर को 25 मार्च 2018 को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित जिला त्वरित सेवा केन्द्र में बच्चे के उपचार हेतु संपर्क किया गया। चॅूंकि बच्चा उस समय सिर्फ 2 माह का था, जिस कारण इंदौर के चिन्हांकित अस्पतालों ने सर्जरी हेतु असमर्थता व्यक्त की। वे बच्चें को टरशरी लेवल के हॉस्पिटल में रेफर किया।
    अगले ही दिन बैंगलोर के नारायण सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के प्रबंधकों से फोन पर चर्चा हुई व इस प्रकरण में शीघ्र उपचार हेतु आग्रह किया गया। 27 मार्च 2018 को हितग्राही बैंगलोर के लिए रवना हुआ व 28 मार्च 2018 को सुबह हॉस्पिटल पहुंचने पर तत्काल बच्चें की आवश्यक जांचे हुई व सर्जरी का प्राक्कलन तत्काल ईमेल के माध्यम से भेजा गया, जिस पर तुरंत आवश्यक कार्यवाही करके बच्चे का ऑपरेशन मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत सरकारी खर्च से कराया गया।
    हितग्राही की सर्जरी उपरांत बच्चे का फॉलोअप किया गया, जिसमें ज्ञात हुआ कि बच्चा सर्जरी उपरांत पूर्णरूप से स्वस्थ हैं। हितग्राही का परिवार शासकीय मदद से प्रसन्न है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद बच्चे का उपचार निजी चिकित्सा में शासन के खर्च पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत शीघ्र हस्तक्षेप से 2 माह का बच्चा, जो कि हृदय रोग से गंभीर स्थिति में था, उसकी जान बचाई जा सकी व बच्चा व परिवार बहुत खुश हैं। बच्चे के माता-पिता के द्वारा राज्य शासन को कृतज्ञता ज्ञापित की गई।
/सिंह/जी
पैक्स फसल ऋण भुगतान तिथि में वृद्धि

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा खरीफ 2017 में वितरित अल्पकालीन फसल ऋण भुगतान की तिथि 25 मई तक बढ़ा दी गई है। पूर्व में यह तिथि 27 अप्रैल 2018 निश्चित की गई थी। प्रमुख सचिव सहकारिता ने इस आशय के आदेश जारी कर दिये हैं।
क्रमांक 38/1083/महिपाल/विजय
पैक्स फसल ऋण भुगतान तिथि में वृद्धि

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) द्वारा खरीफ 2017 में वितरित अल्पकालीन फसल ऋण भुगतान की तिथि 25 मई तक बढ़ा दी गई है। पूर्व में यह तिथि 27 अप्रैल 2018 निश्चित की गई थी। प्रमुख सचिव सहकारिता ने इस आशय के आदेश जारी कर दिये हैं।

/महिपाल/विजय
विकासखण्ड अधिकारी की सीमित विभागीय परीक्षा का
 संशोधित चयन परिणाम घोषित
                मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने पंचायत एवं ग्रमीण विकास विभाग के अंतर्गत विकासखण्ड अधिकारी की सीमित विभागीय परीक्षा का संशोधित चयन परिणाम घोषित कर दिया है। चयन परिणाम की विस्तृत सूची साप्ताहिक समाचार पत्र रोजगार और निर्माण के आगामी अंक में देखी जा सकती है।
         उल्लेखनीय है कि विकासखण्ड अधिकारी के 71 पद के लिए ऑनलाइन परीक्षा-2016 दिनांक 25 सितम्बर 2016 को आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा में अर्ह-आवेदकों के साक्षात्कार होने के उपरांत अंतिम चयन परिणाम नवम्बर 2017 को घोषित किया गया था। अपरिहार्य कारणों से अंतिम चयन परिणाम स्थगित किया गयाजो अंतिम रूप से मई 2018 को जारी किया गया है।
         चयन परिणाम में अनारक्षित वर्ग के 36, अनूसूचित जाति के 11, अनुसूचित जनजाति के 14 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 10 पद के कुल 71मुख्य सूची में और अनूपूरक सूची में 17 व्यक्तियों के नाम रखे गये है।
क्रमांक 37/1082/महिपाल/विजय
बाघ प्रदेश बन रहा है मध्यप्रदेश
पन्ना के बाद नौरादेही बना बाघ का नया ठिकाना 
            मध्यप्रदेश में निरंतर किये जा रहे प्रयासों से बाघों की संख्या बढ़ रही है। किशोर होते बाघों को वर्चस्व की लड़ाई और मानव द्वंद से बचाने के लिये वन विभाग ने अभिनव योजना अपनायी है। वन विभाग अनुकूल वातावरण का निर्माण कर बाघों को ऐसे अभयारण्यों में शिफ्ट कर रहा हैजहाँ वर्तमान में बाघ नहीं हैं। पन्ना में बाघ पुनर्स्थापना से विश्व में मिसाल कायम करने के बाद वन विभाग ने सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में भी बाघों का सफल स्थानांतरण किया है। बाघ शून्य हो चुके पन्ना में आज लगभग 30 बाघ हैं। अब नौरादेही अभयारण्य में बाघ पुनर्स्थापना का कार्य प्रगति पर है। मध्यप्रदेश केवल प्रदेश में ही नहीं देश में भी बाघों का कुनबा बढ़ा रहा है। जल्द ही प्रदेश उड़ीसा के सतकोसिया अभयारण्य को भी जोड़े बाघ देगा। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार स्वयं नौरादेही पहुँचकर ऑपरेशन का जायजा ले रहे हैं।
         जबलपुर से 140 किलोमीटर दूर दमोहसागर और नरसिंहपुर जिले में 1197 वर्ग किलोमीटर में फैले नौरादेही अभयारण्य में बहुत पहले कभी बाघ रहे होंगे। यह जंगल देश की दो बड़ी नदियों गंगा और नर्मदा का कछार होने के कारण यहाँ पानी की कमी नहीं है। वन विभाग ने पन्ना की तर्ज पर देश के सबसे बड़े इस अभयारण्य में बाघ आबाद करना शुरू कर दिया है। पिछले 18 अप्रैल को यहाँ कान्हा से ढ़ाई वर्षीय एक बाघिन और 29 अप्रैल को बाँधवगढ़ से लगभग पाँच वर्षीय बाघ का स्थानांतरण किया गया है। बाघिन तो नये वातावरण में रम गई हैपर बाघ को नये आवास का अभ्यस्त बनाने के लिये विभाग काफी मशक्कत कर रहा है। नौरादेही की टीम ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर मात्र तीन दिनों में दोनों के लिये विशेष रूप से अलग-अलग बाड़ा तैयार किया है। प्रबंधन ने इन्हें एन-और एन-का नाम दिया है। बाघ का जोड़ा आने से स्थानीय लोगों में काफी उत्साह और गर्व की भावना है। वे इन्हें राधा-किसन के नाम से पुकारने लगे हैं।
         वनमंडलाधिकारी श्री रमेशचन्द विश्वकर्मा ने बताया कि शुरू में एक-दो दिन असहज रहने के बाद बाघिन ने नये वातावरण के साथ सामंजस्य शुरू कर दिया है। वह शिकार भी कर रही है और एक हेक्टयेर में बने अपने बाड़े में स्वाभाविक रूप से दिनचर्या व्यतीत कर रही है। पास में स्थित मचान और एक वाहन के माध्यम से वन अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे बाघिन के स्वास्थ्य और सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं। बाघ ने स्वयं को बाड़े से आजाद कर दो-ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित नाले के किनारे प्राकृतिक रूप से बनी खोह में अपना ठिकाना बना रखा है। दो सौ किलोग्राम से अधिक वजन वाला यह बाघ काफी तन्दरूस्त और शक्तिशाली है। शुरूआती दिनों में असहज रहने के बाद वह भी नये माहौल में घुलने-मिलने लगा है। बाघ के रेस्क्यू के लिये बांधवगढ़ से हाथी की टीम के साथ दल आ गया है। वन विभाग बाघ पर सतत निगरानी रखे हुए हैं। कुछ दिनों के बाद बाघ की पसंद को देखते हुए निर्णय लिया जायेगा कि इसे वापस बाड़े में पहुँचायें या उन्मुक्त जंगल में विचरण करने दें।
अभयारण्य में बसे गाँव के लोग भी इस काम में मदद कर रहे हैं। अभयारण में 69 गाँव थेजिनमें से 10 गाँव का विस्थापन कर मुआवजा दिया जा चुका है। सात गाँव के विस्थापन की प्रक्रिया जारी है। इनमें सागर और नरसिंहपुर जिले के हैं। ग्रामीण भी खुश हैं कि अब उन्हें जंगल में होने वाली दिक्कतों से दो-चार नहीं होना पड़ रहा है। घर में बिजली हैकहीं आने-जाने के लिये सड़क और साधन हैं। तेंदुआसियार आदि जंगली जानवरों का भय भी नहीं रहा। रिक्त गाँवों में बड़ी मात्रा में घास विकसित की गई है। इससे शाकाहारी प्राणियों की संख्या बढ़ने से बाघों को भरपूर शिकार मिलेगा।
         विस्थापन से मानव हस्तक्षेप खत्म होने से जंगल अपने प्राकृतिक स्वरूप में आता जा रहा है। यहाँ के भारतीय भेड़िया के साथ भालूसांभरचीतलचिंकाराजंगली बिल्ली आदि की संख्या बढ़ी है। पेंच राष्ट्रीय उद्यान से भी सात खेप में यहाँ 125 चीतल आ चुके हैं।
क्रमांक 36/1081/महिपाल/विजय