Thursday, 22 June 2017


नर्मदा घाटी विकास मंत्री श्री आर्य आज इंदौर में
इंदौर 22 जून, 2017
नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री श्री लालसिंह आर्य आज 23 जून को शाम 4 बजे इंदौर आयेंगे तथा स्वर्गीय श्री प्रकाश सोनकर की पुण्यतिथि में आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं कवि सम्मेलन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। श्री आर्य रात्रि 9 बजे कार द्वारा इंदौर से भोपाल के लिये प्रस्थान करेंगे।

सिंह/कपूर
लगातार अनुपस्थित पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सेवा समाप्त 
इंदौर 22 जून, 2017
परियोजना सांवेर के आंगनवाड़ी केन्द्र जस्सा कुराडिया की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती अरूणा शर्मा लगभग एक वर्ष से बिना अनुमति व सूचना के अनुपस्थित थीं। सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती पूनम ठाकुर द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की अनुपस्थिति के बारे में संभागीय संयुक्त संचालक को बताया गया। पर्यवेक्षक द्वारा दिये गये प्रतिवेदन के आधार पर श्रीमती अरूणा शर्मा की सेवाएं संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा समाप्त कर दी गयी हैं।
संभागीय संयुक्त संचालक महिला बाल विकास विभाग श्री राजेश मेहरा ने बताया कि हितग्राहियों का हित सर्वोपरि है तथा कार्य में लापरवाही पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की गयी है और आगे भी की जाती रहेगी।
श्व्
सिंह/कपूर





पुनर्वास स्थल पर मुहैया करायी जायेंगी सभी मूलभूत सुविधायें -- कमिश्नर श्री दुबे
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पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने के निर्देश
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पुनर्वास स्थल पर प्रति दो सौ परिवार पर होगा एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र
इंदौर 22 जून, 2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कमिश्नर श्री संजय दुबे ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों तथा स्वास्थ्य, वन, पशु पालन विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि 15 दिन के भीतर युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर पुनर्वास स्थल पर सभी मूलभूत सुविधायें मुहैया करायी जायें। नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध से प्रभावित लोगों को पेयजल के लिये पर्याप्त हैण्डपंप और नलजल योजना, पशुओं के लिये शेड, चारा और भूसा, आने-जाने के लिये सम्पर्क मार्ग, निस्तार के लिये नाली, स्ट्रीट लाइट आदि की सुविधा मुहैया करायी जाये। किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। आगामी 31 जुलाई, 2017 तक डूब क्षेत्र में आने वाली आबादी को पुनर्वास स्थल पर जाना ही होगा। डूब क्षेत्र में एक अगस्त, 2017 से पेयजल और विद्युत सप्लाई बंद कर दी जायेगी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 31 जुलाई तक सभी डूब प्रभावितों को डूब क्षेत्र से हटना अनिवार्य है। 
श्री दुबे ने कहा कि राज्य शासन द्वारा डूब प्रभावितों को अनेक सुविधायें दी जा रही हैं, उन्हें इसका लाभ उठाया चाहिये। डूब प्रभावितों को नई बस्ती में पानी, बिजली, सड़क के अलावा आंगनवाड़ी केन्द्र, स्कूल और स्वास्थ्य केन्द्र की सुविधा दी जा रही है। पुनर्वास का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। मेरे द्वारा समय-समय पर उसका निरीक्षण भी किया जा रहा है। पुनर्वास स्थल पर और राहत शिविर में पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस बल के लिये टेंट, जनरेटर, मोटरबोट, भोजन, वाहन, लाइफ जैकेट, टार्च आदि की भी सुविधा मुहैया करायी जा रही है। गृह विभाग द्वारा मोटरबोट चलाने के लिये प्रशिक्षित होमगार्ड के जवानों की ड¬ुटी लगायी जा रही है। सारे काम के लिये नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा पर्याप्त बजट कलेक्टरों को और संबंधित विभागों को मुहैया कराया गया है। राज्य शासन द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल सुविधा मुहैया कराने का दायित्व सौंपा गया है। निर्माण कार्यों का दायित्व ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है। सभी विभागों के टेण्डर हो गये हैं और काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। डूब प्रभावित जिले बड़वानी, खरगोन, धार और अलीराजपुर के कलेक्टरों को पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिये गये हैं। सड़क निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। आवास के लिये शेड बनाने का काम जारी है। कल से निस्तार के लिये पक्की नाली और पशु शेड बनाने का काम शुरू होगा। बैठक को आयुक्त नर्मदा घाटी विकास श्रीमती रेणु पंत ने भी सम्बोधित किया। 
कमिश्नर श्री संजय दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक दो सौ परिवार पर  एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना की जा रही है। नये निसरपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित किया जा रहा है। ग्राम गणपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित है। इन स्वास्थ्य केन्द्रों पर पैरामेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गयी है। पैरामेडिकल स्टाफ को सांप काटने, डूबने और कालरा से पीड़ित रोगियों के इलाज का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। शासकीय अधिकारियों के प्रत्येक वाहन में फस्ट एड किट रखी जा रही है। पुनर्वास स्थल पर फायर ब्रिागेड की भी व्यवस्था की जा रही है। संकट के समय होमगार्ड के लोग नर्मदा नदी में मोटरबोट भी चलायेंगे।
श्री दुबे ने बताया कि वन विभाग को पुनर्वास स्थल पर बांस,बल्ली मुहैया कराने और डूब क्षेत्र में आने वाले पेड़ों को काटने के निर्देश दिये गये हैं। डूब क्षेत्र में आने वाले धार्मिक स्थलों को भी हटाने के निर्देश दिये गये हैं। 
  इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अजय शर्मा ने डूब प्रभावित चारों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सम्बोधित करते हुये कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सतर्क रहें और कानून और व्यवस्था बनाये रखने में जिला प्रशासन की मदद करें। पुलिस बल को मूलभूत सुविधायें टेंट, भोजन, वाहन, लाइफ जैकेट,टार्च आदि की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर पुलिस बल में आवश्यक वृद्धि की जायेगी। महिला पुलिस बल की भी तैनाती की जा रही है।
बैठक में वन, पुलिस, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, स्वास्थ्य, नर्मदा घाटी विकास, ग्रामीण विकास आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
सिंह/कपूर





 





इन्दौर संभाग में नमामि देवी नर्मदे अभियान के अन्तर्गत 
दो जुलाई को एक साथ रोपे जाएंगे एक करोड़ से अधिक पौधे 
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संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने पौधरोपण कार्य की तैयारियों और संभाग में अतिवृष्टि तथा 
बाढ़ की स्थिति से निपटने के एहतियाती प्रबंधों की समीक्षा की 
इंदौर, 22 जून 2017 
संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने आज संभागायुक्त कार्यालय में संपन्न कलेक्टर कान्फ्रेंस के पहले सत्र में नमामि देवी नर्मदे अभियान के अन्तर्गत 2 जुलाई को रोपे जाने वाले पौधों की तैयारियों और अतिवृष्टि तथा बाढ़ की स्थिति से निपटने के एहतियाती प्रबंधों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि संभाग में आगामी 2 जुलाई को व्यापक स्तर पर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण का कार्य किया जाये। पौधरोपण का यह कार्य गिनीज वल्र्ड बुक में रिकार्ड करने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधरोपण कार्य की समीक्षा गूगल मेप के माध्यम से की जायेगी। संभाग में 2 जुलाई को एक करोड़ से अधिक पौधों का रोपण नर्मदा बेसिन में होगा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अजय शर्मा सहित संभाग के जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वन विभाग, सिंचाई तथा नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में सबसे पहले संभागायुक्त श्री दुबे ने संभाग में जारी मानसून सत्र में अतिवृष्टि तथा बाढ़ से उत्पन्न होने वाली स्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि संभाग में ऐसे प्रबंध सुनिश्चित किये जाये, जिससे कि जानमाल की हानि नहीं हो। उन्होंने नर्मदा, ताप्ती सहित अन्य बड़ी नदियों में आने वाली बाढ़ तथा इन नदियों पर बने डेम के बेक वाटर से प्रभावित गाँवों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जब भी डेम के गेट बंद करें या पानी छोड़ा जाये, उसकी सूचना पूर्व से ही नागरिकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को दे दी जाये। सायरन बजाकर भी ग्रामीणों को सतर्क किया जाये। इसके लिये उन्होंने सक्रिय सूचना प्रणाली विकसित करने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी समन्वय से कार्य करें। ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली वर्षा के कारण भी नदियों में जल स्तर बढ़ जाता है। इसलिये यह ध्यान रखा जाये कि जब भी ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा हो तो सभी सतर्क रहें। सूचना के आदान-प्रदान के लिये सभी अधिकारी वाट्सअप ग्रुप बनाकर उससे जुड़ें। कंट्रोल रूम को प्रभावी बनायें। 
अतिरिक्त  पुलिस महानिदेशक श्री अजय शर्मा ने कहा कि वाहन चालकों विशेषकर लोक सेवा वाहनों के संचालकों को हिदायत दी जाये कि वे जब भी पुल या पुलिया पर पानी हो तो वाहन पार नहीं करें। इसके लिये पीडब्ल्यूडी द्वारा ड्राप गेट लगवाये जाये। साथ ही तत्संबंधी सूचना पटल भी लगाये जायें। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पहाड़ी नदियों के जल स्तर पर भी विशेष ध्यान दें। 
संभाग के नर्मदा बेसिन क्षेत्र में लाखों पौधे रोपे जायेंगे
बैठक में बताया गया कि आगामी 2 जुलाई को संभाग के इंदौर जिले में 15 लाख, बड़वानी जिले में 25 लाख, खरगोन जिले में 48 लाख, अलीराजपुर जिले में 25 लाख, धार जिले में 38 लाख खण्डवा जिले में 35 लाख पौधे नर्मदा बेसिन क्षेत्र में रोपे जायेंगे। इन पौधों के रोपण की तैयारियाँ लगभग पूरी कर ली गई है। गड्ढे खुदवा लिये गये हैं। संभागायुक्त श्री दुबे ने निर्देश दिये कि मतदान केन्द्रों की तरह ही पौधरोपण के लिये किये गये गड्ढों का भौतिक सत्यापन किया जाये। रोपण के लिये पौधों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये। यह ध्यान रखा जाये कि पौधे पूर्ण स्वस्थ ही हों। रोपे गये पौधों की सिंचाई और सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाये। बताया गया कि रोपे गये पौधों की मॉनीटरिंग गूगल मेप के माध्यम से की जायेगी। 



इन्दौर संभाग में नमामि देवी नर्मदे अभियान के अन्तर्गत 
दो जुलाई को एक साथ रोपे जाएंगे एक करोड़ से अधिक पौधे 
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संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने पौधरोपण कार्य की तैयारियों और संभाग में अतिवृष्टि तथा 
बाढ़ की स्थिति से निपटने के एहतियाती प्रबंधों की समीक्षा की 
इंदौर, 22 जून 2017 
संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने आज संभागायुक्त कार्यालय में संपन्न कलेक्टर कान्फ्रेंस के पहले सत्र में नमामि देवी नर्मदे अभियान के अन्तर्गत 2 जुलाई को रोपे जाने वाले पौधों की तैयारियों और अतिवृष्टि तथा बाढ़ की स्थिति से निपटने के एहतियाती प्रबंधों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि संभाग में आगामी 2 जुलाई को व्यापक स्तर पर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण का कार्य किया जाये। पौधरोपण का यह कार्य गिनीज वल्र्ड बुक में रिकार्ड करने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधरोपण कार्य की समीक्षा गूगल मेप के माध्यम से की जायेगी। संभाग में 2 जुलाई को एक करोड़ से अधिक पौधों का रोपण नर्मदा बेसिन में होगा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अजय शर्मा सहित संभाग के जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वन विभाग, सिंचाई तथा नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में सबसे पहले संभागायुक्त श्री दुबे ने संभाग में जारी मानसून सत्र में अतिवृष्टि तथा बाढ़ से उत्पन्न होने वाली स्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि संभाग में ऐसे प्रबंध सुनिश्चित किये जाये, जिससे कि जानमाल की हानि नहीं हो। उन्होंने नर्मदा, ताप्ती सहित अन्य बड़ी नदियों में आने वाली बाढ़ तथा इन नदियों पर बने डेम के बेक वाटर से प्रभावित गाँवों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जब भी डेम के गेट बंद करें या पानी छोड़ा जाये, उसकी सूचना पूर्व से ही नागरिकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को दे दी जाये। सायरन बजाकर भी ग्रामीणों को सतर्क किया जाये। इसके लिये उन्होंने सक्रिय सूचना प्रणाली विकसित करने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी समन्वय से कार्य करें। ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली वर्षा के कारण भी नदियों में जल स्तर बढ़ जाता है। इसलिये यह ध्यान रखा जाये कि जब भी ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा हो तो सभी सतर्क रहें। सूचना के आदान-प्रदान के लिये सभी अधिकारी वाट्सअप ग्रुप बनाकर उससे जुड़ें। कंट्रोल रूम को प्रभावी बनायें। 
अतिरिक्त  पुलिस महानिदेशक श्री अजय शर्मा ने कहा कि वाहन चालकों विशेषकर लोक सेवा वाहनों के संचालकों को हिदायत दी जाये कि वे जब भी पुल या पुलिया पर पानी हो तो वाहन पार नहीं करें। इसके लिये पीडब्ल्यूडी द्वारा ड्राप गेट लगवाये जाये। साथ ही तत्संबंधी सूचना पटल भी लगाये जायें। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पहाड़ी नदियों के जल स्तर पर भी विशेष ध्यान दें। 
संभाग के नर्मदा बेसिन क्षेत्र में लाखों पौधे रोपे जायेंगे
बैठक में बताया गया कि आगामी 2 जुलाई को संभाग के इंदौर जिले में 15 लाख, बड़वानी जिले में 25 लाख, खरगोन जिले में 48 लाख, अलीराजपुर जिले में 25 लाख, धार जिले में 38 लाख खण्डवा जिले में 35 लाख पौधे नर्मदा बेसिन क्षेत्र में रोपे जायेंगे। इन पौधों के रोपण की तैयारियाँ लगभग पूरी कर ली गई है। गड्ढे खुदवा लिये गये हैं। संभागायुक्त श्री दुबे ने निर्देश दिये कि मतदान केन्द्रों की तरह ही पौधरोपण के लिये किये गये गड्ढों का भौतिक सत्यापन किया जाये। रोपण के लिये पौधों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये। यह ध्यान रखा जाये कि पौधे पूर्ण स्वस्थ ही हों। रोपे गये पौधों की सिंचाई और सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाये। बताया गया कि रोपे गये पौधों की मॉनीटरिंग गूगल मेप के माध्यम से की जायेगी। 
महिपाल/वटके


इन्दौर संभाग में नमामि देवी नर्मदे अभियान के अन्तर्गत 
दो जुलाई को एक साथ रोपे जाएंगे एक करोड़ से अधिक पौधे 
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संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने पौधरोपण कार्य की तैयारियों और संभाग में अतिवृष्टि तथा 
बाढ़ की स्थिति से निपटने के एहतियाती प्रबंधों की समीक्षा की 
इंदौर, 22 जून 2017 
संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने आज संभागायुक्त कार्यालय में संपन्न कलेक्टर कान्फ्रेंस के पहले सत्र में नमामि देवी नर्मदे अभियान के अन्तर्गत 2 जुलाई को रोपे जाने वाले पौधों की तैयारियों और अतिवृष्टि तथा बाढ़ की स्थिति से निपटने के एहतियाती प्रबंधों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिये कि संभाग में आगामी 2 जुलाई को व्यापक स्तर पर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण का कार्य किया जाये। पौधरोपण का यह कार्य गिनीज वल्र्ड बुक में रिकार्ड करने के प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधरोपण कार्य की समीक्षा गूगल मेप के माध्यम से की जायेगी। संभाग में 2 जुलाई को एक करोड़ से अधिक पौधों का रोपण नर्मदा बेसिन में होगा।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अजय शर्मा सहित संभाग के जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वन विभाग, सिंचाई तथा नर्मदा घाटी विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में सबसे पहले संभागायुक्त श्री दुबे ने संभाग में जारी मानसून सत्र में अतिवृष्टि तथा बाढ़ से उत्पन्न होने वाली स्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि संभाग में ऐसे प्रबंध सुनिश्चित किये जाये, जिससे कि जानमाल की हानि नहीं हो। उन्होंने नर्मदा, ताप्ती सहित अन्य बड़ी नदियों में आने वाली बाढ़ तथा इन नदियों पर बने डेम के बेक वाटर से प्रभावित गाँवों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जब भी डेम के गेट बंद करें या पानी छोड़ा जाये, उसकी सूचना पूर्व से ही नागरिकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को दे दी जाये। सायरन बजाकर भी ग्रामीणों को सतर्क किया जाये। इसके लिये उन्होंने सक्रिय सूचना प्रणाली विकसित करने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी समन्वय से कार्य करें। ऊपरी क्षेत्रों में होने वाली वर्षा के कारण भी नदियों में जल स्तर बढ़ जाता है। इसलिये यह ध्यान रखा जाये कि जब भी ऊपरी क्षेत्रों में वर्षा हो तो सभी सतर्क रहें। सूचना के आदान-प्रदान के लिये सभी अधिकारी वाट्सअप ग्रुप बनाकर उससे जुड़ें। कंट्रोल रूम को प्रभावी बनायें। 
अतिरिक्त  पुलिस महानिदेशक श्री अजय शर्मा ने कहा कि वाहन चालकों विशेषकर लोक सेवा वाहनों के संचालकों को हिदायत दी जाये कि वे जब भी पुल या पुलिया पर पानी हो तो वाहन पार नहीं करें। इसके लिये पीडब्ल्यूडी द्वारा ड्राप गेट लगवाये जाये। साथ ही तत्संबंधी सूचना पटल भी लगाये जायें। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पहाड़ी नदियों के जल स्तर पर भी विशेष ध्यान दें। 
संभाग के नर्मदा बेसिन क्षेत्र में लाखों पौधे रोपे जायेंगे
बैठक में बताया गया कि आगामी 2 जुलाई को संभाग के इंदौर जिले में 15 लाख, बड़वानी जिले में 25 लाख, खरगोन जिले में 48 लाख, अलीराजपुर जिले में 25 लाख, धार जिले में 38 लाख खण्डवा जिले में 35 लाख पौधे नर्मदा बेसिन क्षेत्र में रोपे जायेंगे। इन पौधों के रोपण की तैयारियाँ लगभग पूरी कर ली गई है। गड्ढे खुदवा लिये गये हैं। संभागायुक्त श्री दुबे ने निर्देश दिये कि मतदान केन्द्रों की तरह ही पौधरोपण के लिये किये गये गड्ढों का भौतिक सत्यापन किया जाये। रोपण के लिये पौधों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये। यह ध्यान रखा जाये कि पौधे पूर्ण स्वस्थ ही हों। रोपे गये पौधों की सिंचाई और सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाये। बताया गया कि रोपे गये पौधों की मॉनीटरिंग गूगल मेप के माध्यम से की जायेगी। 
महिपाल/वटके