शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय कौशल विकास
राज्य मंत्री श्री राजीव प्रताप रूडी ने की
इंदौर, 25 जनवरी 2017/ इंदौर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने मध्यप्रदेश पुलिस, विशेष सशस्त्र बल के लिये प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पाँच कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों का उदघाटन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजीव प्रताप रूडी ने की। इस अवसर पर प्रदेश के कौशल विकास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री दीपक जोशी, महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक एसएएफ श्री पवन श्रीवास्तव, भास्कर समूह के चेयरमेन श्री रमेशचन्द्र अग्रवाल, विधायकद्वय श्री सुदर्शन गुप्ता तथा सुश्री उषा ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे।
इन कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस विशेष सशस्त्र बल, मध्यप्रदेश पुलिस के कर्मचारियों-अधिकारियों के परिजनों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह प्रशिक्षण केन्द्र प्रदेश के पाँच एसएएफ में स्थापित होंगे। इन केन्द्रों के माध्यम से प्रशिक्षित परिजनों को रोजगार देने की व्यवस्था भी की जायेगी। इसके लिये मोसेक नेटवर्क पावर लिमिटेड से समझौता पत्र एमओयू का निष्पादन भी समारोह में किया गया। बताया गया कि इस संस्था द्वारा इन केन्द्रों के माध्यम से प्रशिक्षित दस हजार युवाओं को अगले तीन वर्षों में रोजगार देने की व्यवस्था की जायेगी।
समारोह को सम्बोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि वर्तमान में कुशल मानव संसाधन बड़ी जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिये इस तरह के केन्द्र बड़े मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि आज का समय है जब युवाओं को शिक्षा के साथ कुशलता एवं विशेषज्ञता की जरूरत भी रहती है, जिससे कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता का मुकाम स्थापित कर पायें और अपनी अलग पहचान बना सकें। उन्होंने शिक्षा के साथ कौशल विकास के प्रशिक्षण देने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि दिन-प्रतिदिन के कार्यों में लगे लोगों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाना भी अत्यन्त जरूरी है।
समारोह को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के बीच तारतम्य लाना होगा। इससे कुशल मानव संसाधन प्राप्त होगा। आज देश में कुशल मानव संसाधन की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर देश में पहली बार कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया गया है। इस मंत्रालय द्वारा कौशल विकास का राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में कौशल विकास के क्षेत्र में अपना भारत देश दुनिया का सबसे बड़ा केन्द्र होगा। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई इस पहल की सराहना की और कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली एवं अनूठी पहल है।
प्रदेश के कौशल विकास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री दीपक जोशी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशानुसार मध्यप्रदेश में भी कौशल उन्नयन का महत्वकांक्षी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत कौशल उन्नयन के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। बालिकाओं, दिव्यांगों के कौशल उन्नयन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सैकड़ों दिव्यांगों को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि कौशल उन्नयन तथा तकनीकी शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए मध्यप्रदेश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) में 10वी के उपरान्त प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को 12वी उत्तीर्ण परीक्षा का दर्जा दिया जा रहा है, जिससे कि वे भविष्य में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भास्कर समूह के चेयरमेन श्री रमेशचन्द्र अग्रवाल ने कहा कि सफलता के लिये कुशलता एवं दक्षता होना अत्यन्त जरूरी है। दक्षता से आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही प्रयास जारी रहे तो भारत अपने ज्ञान एवं कुशलता के कारण पुन: विश्वगुरू बनेगा। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने कहा कि कौशल विकास अभियान से रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। कौशल विकास का अभियान समय की माँग है। कार्यक्रम के प्रारंभ में पुलिस महानिरीक्षक एसएएफ श्री पवन श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया।
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