व्यवहार न्यायालय खेतिया बना बड़वानी जिले का पहला एवं
प्रदेश का दूसरा आई0एस0ओ0 प्रमाणित न्यायालय
इंदौर, 06 अप्रैल 2018
बड़वानी जिले के व्यवहार न्यायालय, खेतिया को आई.एस.ओ. ने प्रमाणित किया है। यह जिले का प्रथम एवं प्रदेश का दूसरा ऐसा न्यायालय है जिसे आई.एस.ओ. ने 9001ः2015 प्रमाणित मानते हुये प्रमाण पत्र प्रदान किया है।
न्यायालय परिसर खेतिया में गुरूवार की देर शाम को आयोजित गरिमामय समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे, कलेक्टर श्री तेजस्वी एस नायक, पुलिस अधीक्षक श्री विजय खत्री ने इस सफल प्रयास के शिल्पी न्यायाधीश श्री राहुल वर्मा को आई.एस.ओ. प्रमाण पत्र सौंपा। इसके पूर्व अतिथियो ने सम्पूर्ण न्यायालय परिसर का अवलोकन कर व्यवस्थित किये गये अभिलेखागार, आंचल कक्ष, नजारत अनुभाग,प्रतिलिपि अनुभाग, पक्षकारो के साथ-साथ पक्षियो के लिए भी की गई पानी की व्यवस्था आदि को देखा एवं की गई व्यवस्थाओ पर खुशी व्यक्त की।
समारोह के दौरान उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे ने बताया कि विगत दो वर्षो से इस न्यायालय परिसर को आई.एस.ओ. के मानको के अनुरूप बनाने हेतु विशेष प्रयास किये गये है। जिसमें इस न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश श्री राहुल वर्मा एवं अभिभाषक खेतिया के पदाधिकारियो का सराहनीय सहयोग रहा है।
इस दौरान कलेक्टर श्री तेजस्वी एस नायक ने कहा कि निश्चित ही न्यायालय खेतिया में की गई व्यवस्थाएं सिर्फ मेहनत से साकार नही हो सकती थी, इसमें शिल्पियों ने अपने मन की कल्पनाओं का भी भरपूर उपयोग किया है। जिसके कारण इस न्यायालय परिसर में मानव के साथ-साथ बेजुबान पक्षियो के लिए भी आदर्श व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो गई है।
समारोह में उपस्थित पुलिस अधीक्षक श्री विजय खत्री ने भी इस सफल प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले के आदिवासी अंचल के खेतिया न्यायालय को जो आई.एस.ओ. प्राप्त हुआ है, वह जिले के लिए गौरव की बात है।
न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश एवं इस शिल्पी के मुख्य शिल्पकार श्री राहुल वर्मा ने बताया कि खेतिया का न्यायालय वर्ष 1941 से स्थापित होकर हेरिटेज भवन में संचालित है जो पिछले कई वर्षों से अव्यवस्थाओं से घिरा हुआ था । बरसात में न्यायालय परिसर में दो-दो फिट तक पानी भर जाता था। वही पक्षकारो के लिए भी कोई सुविधा नही थी। किन्तु जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे की प्रेरणा एवं प्रोत्साहन, उनके अथक प्रयासो, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी व प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से न्यायालय परिसर में कई सराहनीय कार्य किये है।
श्री वर्मा ने बताया कि परिसर के पौन एकड जमीन पर एक उद्यान निर्मित किया गया है जिसमें फव्वारा भी लगाया गया है। महिलाओं को अपने छोटे बच्चो को दूध पिलाने के लिए ऑचल कक्ष भी बनाया गया है, जिसमें बच्चो के लिए खिलौने, झूले एवं अन्य सामान रखे गये है। वही पक्षकारो के बैठने के लिए व्यवस्थित बैंचेंस, पीने के पानी के लिए आरओ की व्यवस्था, दो पहिया एवं चार पहिया वाहनो के पार्किंग के लिए शेड, दिव्यांगजनों के लिए रेम्प एवं व्हील चेयर, पुरूषो-महिलाओं-दिव्यांगजनों के लिए साफ-सुथरे सुविधा घर की व्यवस्था की गई है। वही न्यायालय में फाईलो का रख-रखाव के लिए रैक की व्यवस्था की गई जिसके कारण न्यायालय कर्मियो को फाईल ढूंढने में सहजता हो गई है। इसके साथ ही न्यायालय परिसर में बनाए गए उपवन में वर्षभर फूल खिले, पक्षी कलवर करे इसकी भी माकूल व्यवस्था की गई है। आज इन व्यवस्थाओ के कारण पक्षकारो के साथ-साथ उपवन में आने वाले पक्षी भी सुकून महसूस करते है।
इस दौरान आई.एस.ओ. कंसल्टेंट श्री शिवांशु तिवारी ने बताया कि प्रदेश में सिविल कोर्ट खेतिया दूसरा न्यायालय है जिसे आई.एस.ओ संस्था ने प्रमाणित किया है। यहां पर हुए कार्य अत्यंत सराहनीय होकर आई.एस.ओ. संस्था के गुणवत्ता मानको की कसौटी पर खरे उतरे है जिससे यहां एक सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। जो पक्षकारो एवं न्यायालय में आने जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक शांति एवं सौहाद्रपूर्ण वातावरण प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश श्री राहुल वर्मा के माताजी एवं पिताजी भी उपस्थित थे जिनका भी अभिनंदन, अभिभाषक संघ द्वारा किया गया।
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