Thursday, 12 April 2018

चनामसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करने का निर्णय
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिये 11,400 करोड़ की राशि मंत्रि-परिषद के निर्णय 
इंदौर 12 अप्रैल 2018
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बैठक में अधिक उत्पादन एवं बाजार भाव समर्थन मूल्य से कम होने के कारण कृषकों को उनके फेयर एवरेज क्वालिटी की उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय सुनिश्चित करने के लिये राज्य शासन ने भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम में शासकीय संस्थाओं के माध्यम से वर्ष 2017-18(मार्केटिंग सीजन 2018-19) में चनामसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करने का निर्णय लिया ।
       इसके लिये प्रदेश में 12 फरवरी से 31 मार्च 2018 तक कृषकों का पंजीयन किया गया है। पंजीकृत किसानों से पात्रता अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना,मसूर एवं सरसों की खरीदी का कार्य 10 अप्रैल से जून 2018 तक किया जायेगा।
       मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 के लिये केन्द्रांश 5700 करोड़ और राज्यांश 5700 करोड़ कुल 11 हजार 400करोड़ की राशि निरंतर रखने का निर्णय लिया।  
जनजातीय कार्य
       मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास एवं विदयुतीकरण योजना को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक निरंतर संचालन के लिये 520करोड़ रूपये स्वीकृत किये।
      मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जनजाति की विद्यार्थी कल्याण योजना के वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक निरंतर संचालन की मंजूरी दी।
उच्च शिक्षा
       मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय खोलने के लिये अनुदान योजना को आगामी वर्ष तक निरंतर रखने के लियेकरोड़ 48 लाख 25 हजार रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी ।
      मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविदयालयों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी को स्थाई कर्मी घोषित करने का निर्णय लिया ।
राजस्व विभाग
       मंत्रि-परिषद ने सहरियाबैगा एवं भारिया विशेष आदिम जनजातियों के उम्मीदवारों को पटवारी पद पर सीधी भरती के लिये विशेष प्रावधान करने का निर्णय लिया। इनके लिये पटवारी के 143 अतिरिक्त पद सृजित किये जाएंगे।
      मंत्रि-परिषद ने जिला मुरैना में तहसील बामौर का सृजन कर नई तहसील के लिये 16 पदों के सृजन की मंजूरी दी। इसमें तहसीलदारअतिरिक्त तहसीलदार,नायब तहसीलदारसहायक ग्रेड-1, जमादार/दफ्तरी/बस्तावरदारवाहन चालक का एक-एक पदसहायक ग्रेड-के दो पदसहायक ग्रेड-और भृत्य के चार-चार पद शामिल है।                                                                                           
खेल एवं युवा कल्याण विभाग
      मंत्रि-परिषद ने नरसिंहपुर खेल प्रशिक्षण अकादमी में खिलाड़ियों के भोजनआवासशिक्षणपरिवहन प्रतिभा चयन एवं प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिये आगामी वर्ष निरंतरता के लिये कुल करोड़ 11 लाख की राशि की मंजूरी दी है। इसमें वर्ष 2017-18 के लिये 25 लाख 59 हजार रूपयेवर्ष 2018-19 के लिये 40लाख 66 हजार और वर्ष 2019-20 के लिये 44 लाख 75 हजार रूपये की राशि शामिल है।
सूक्ष्म एवं लघु उद्योग
       मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना में संशोधन करने का निर्णय लिया। इसमें परियोजना लागत 50 हजार से करोड़ रूपये तक होगी। आयु पात्रता में 18 से 45 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है। पात्र परियोजनाओं में उद्योग (विनिर्माण)सेवा एवं व्यवसाय से संबंधित सभी प्रकार की परियोजनाएँकृषि आधारित परियोजनाएँ- एग्रो प्रोसेसिंगफूड प्रोसेसिंगकोल्ड स्टोरेजमिल्क प्रोसेसिंगकेटल फीडपोल्ट्री फीडफिश फीडकस्टम हायरिंग सेन्टरवेजीटेबल डीहाईड्रेशनटिश्यू कल्चरकैटल फीडदाल मिलराईस मिलआईल मिलफ्लोर मिल,बेकरीमसाला निर्माणसीड ग्रेडिंग/शॉर्टिंग और अन्य कृषि आधारित/ अनुषांगिक परियोजनाओं को प्राथमिकता है।
       इस योजना का क्रियान्वयन सूक्ष्मलघु और मध्यम उदयम विभागपंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागनगरीय विकास एवं आवास विभागकुटीर एवं ग्रामोद्योग विभागअनुसूचित जाति कल्याण विभागजनजातीय कार्य विभागपिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण विभागविमुक्त घुमक्कड़एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभागकिसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभागउद्यानिकी तथा खादय प्र-संस्करण विभागमछुआ कल्याण तथा मत्स्य पालन विभाग और पशुपालन विभाग द्वारा किया जायेगा।
सहकारिता विभाग
       मंत्रि-परिषद ने राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक एवं 38 जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों के शेष कर्मचारियों के संविलियन के लिये नयी संविलियन योजना को अनुमोदित किया । संविलियन योजना की अवधि 31 मार्च 2019 रखी गई है।
  मंत्रि-परिषद द्वारा पट्टा नवीनीकरण प्रक्रिया का अनुमोदन
इंदौर 12 अप्रैल 2018
    राज्य सरकार द्वारा स्थाई पट्टों के नवीनीकरण तथा शर्त उल्लघंन के प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया के संबंध में जारी निर्देशों को आज मंत्रि-परिषद ने अनुमोदन प्रदान किया। शासन का मानना है कि पट्टों का नवीनीकरण नहीं हो पाने तथा पट्टों की शर्तों के उल्लघंन के परिणामस्वरूप भू-भाटक के रूप में शासन को होने वाली निरंतर आय अवरूद्ध हो रही है। साथ ही जो पट्टेदार अपने पट्टे के भू-खण्ड को विक्रय,दान या अंतरित करना चाहते हैं वे अंतरण भी नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति के समाधान के लिये राजस्व विभाग ने नई व्यवस्था स्थापित की है।
    स्थाई पट्टे के नवीनीकरण तथा शर्त उल्लघंन के मामलों में जिला कलेक्टर या उनके द्वारा प्राधिकृत अपर कलेक्टर प्राधिकृत अधिकारी होंगें। पट्टा अवधि समाप्त हो जाने के बाद प्रस्तुत नवीनीकरण के आवेदन पर विलम्ब के लिये शमन राशि जमा कराना होगी। ऐसे मामलों में पट्टे की शर्तो के उल्लघंन या अपालन का परीक्षण करने के बाद ही प्रकरण नवीनीकरण के लिए आगे बढ़ाया जा सकेगा। स्थल निरीक्षण नजूल अधिकारी या तहसीलदार नजूल के माध्यम से कराया जाएगा। यह अधिकारी पट्टेदार द्वारा जमा भू भाटकबकाया राशिउल्लंघन या अपालन की स्थितिप्रचलित विकास योजना में नियत प्रयोजन के अनुसार उपयोग के संबंध में अपनी रिपोर्ट देंगे। जिसके आधार पर प्राधिकृत अधिकारी आगामी तीस वर्ष के लिये पट्टे का नवीनीकरण कर सकेंगे। नवीनीकरण से पूर्व वार्षिक भू- भाटक का पुनर्निर्धारण होजो अंतिम निर्धारित भू भाटक का छ: गुना होगा।
    स्थाई पट्टों की किन्हीं शर्तों के उल्लघंन या अपालन पर प्राधिकृत अधिकारी द्वारा पट्टेदार को समुचित अवसर देने के बाद ही प्रकरण का निराकरण किया जायेगा । प्राधिकृत अधिकारी शमन राशि लेकर पुर्नप्रवेश के अधिकार का त्यजन करते हुए शर्त उल्लंघन के मामलों का निराकरण कर सकेगा।
    पट्टे की वैधता अवधि में अथवा नवीनीकरण के बाद यदि पट्टेदार पट्टे का उपयोग व्यवसायिक उददेश्य के लिए परिवर्तित कराना चाहता है और यह उपयोग विकास योजना में स्वीकृत है तो प्राधिकृत अधिकारी प्रीमियम व भू-भाटक निर्धारित करते हुए राशि जमा होने के बाद उपयोग परिर्वतन स्वीकृत कर सकेगा।
    पट्टे की शर्त अनुसार भू-खण्ड में यदि अनुमति से अधिक क्षेत्रफल पर मूल प्रयोजन के लिए निर्माण किया गया है और इस संबंध में स्थानीय नगरीय निकाय की अनुमति प्राप्त की गई है अथवा शमन किया गया है तो पट्टे की ऐसी सुसंगत शर्त का उल्लंघन नहीं माना जायेगा। मूल पट्टेदार की मृत्यु अथवा पट्टेदार द्वारा भू-खण्ड के विक्रय,दान की स्थिति में पट्टे के अंतरण की कार्यवाही अनिवार्य होगी। अंतरण के बाद छ: माह की अवधि के भीतर पट्टे के नवीनीकरण की कार्यवाही करना अनिवार्य होगा।
300 से ज्यादा मार्ग सुविधा केन्द्र विकसित होंगे
मार्ग सुविधा केन्द्र नीति बनाने वाला मध्यप्रदेश देश में पहला प्रदेश 
इंदौर 12 अप्रैल 2018
       मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहाँ अपनी मार्ग सुविधा केन्द्र नीति है। प्रदेश में आने-जाने वाले पर्यटकों को पर्यटन-स्थलों तक सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 'मार्ग-सुविधा केन्द्र नीति- 2016'' लागू की गई है।
    पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा के अनुसार निजी निवेशकों के माध्यम से योजना बनाकर 300 से अधिक मार्ग सुविधाएँ विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को मार्ग-सुविधा केन्द्र नीति क्रियान्वयन का दायित्व सौंपा गया है।
मार्ग-सुविधा केन्द्र का क्रियान्वयन
    राज्य मंत्री श्री पटवा ने बताया कि प्रदेश में ब्राउन फील्ड मॉडल में 52 नए मार्ग सुविधा केन्द्र तैयार किए जाकर 31 निजी निवेशकों को आवंटित भी किये जा चुके हैं। निजी निवेशकों द्वारा 17 मार्ग-सुविधा केन्‍द्रों का संचालन भी शुरू दिया गया है। इस आवंटन से 11 करोड़ की राशि का प्रीमियम भी प्राप्त हुआ है। निजी निवेशकों द्वारा शुरू किए मार्ग-सुविधा केन्द्रों में 15 करोड़ की राशि निवेशित हुई है और 200 लोगों को रोजगार मिला है। श्री पटवा ने बताया कि 13 मार्ग सुविधा केन्द्र निजी निवेशकों को आवंटन प्रक्रियाधीन है। मार्च 2018 तक 8 मार्ग सुविधा केनद्र आवंटित करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 13 मार्ग फ्रेंचाइजी मॉडल पर चयनित किए जा रहे हैं। इनके आवंटन के लिये ऑनलाइन आवेदन लेने और पंजीयन की प्रकिया जारी है।
तीन दिवसीय बाबा साहब आम्बेडकर जयंती समारोह शुरू
श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला हुआ प्रारंभ
राज्य शासन द्वारा मेजवान बनकर मेहमानों की तरह
की जा रही है श्रदधालुओं की आवभगत
श्रद्धालुओं ने की व्यवस्थाओं की सराहना
इंदौर 12 अप्रैल 2018
      बाबा साहब आम्बेडकर की जयंती का तीन दिवसीय समारोह आज से शुरू हो गया है। इस समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से बाबा साहब के अनुयायिओं के आम्बेडकर नगर महू में आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। राज्य शासन द्वारा श्रद्धालुओं की आवभगत मेहमानों की तरह की जा रही है। उनके रहने, खाने आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को शीतल जल भी दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं द्वारा व्यवस्थाओं की सराहना की जा रही है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद भी आ रहे है।
      बाबा साहब आम्बेडकर के जन्मोत्सव में देश भर के करीब 2 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। जन्मोत्सव में आज विभिन्न क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं ने शासन-प्रशासन द्वारा की गयी व्यवस्थाओं की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के प्रति भी आभार प्रकट किया। बोधगया बिहार से आये भिक्षु श्री धम्मपाल भन्ते तथा श्री आनंद शाक्य ने बताया कि वे आज बाबा साहब आम्बेडकर की जन्मस्थली महू आये है। यह हमारे लिए बहुत ही खुशी का क्षण है। यहां श्रद्धालुओं के लिए बहुत ही अच्छी व्यवस्था की गयी है। इन व्यवस्थाओं के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के प्रति आभार जताया है। इसी तरह के कुछ विचार मुम्बई से आयी श्रीमती छाया बाई, रूकमणी बाई तथा रेश्मा बाई के भी है। उन्होंने बताया कि वे आज दोपहर को महू पहुंची है। हमारे लिए भोजन की बहुत ही अच्छी व्यवस्था की गई है। दिन भर हम महू घुमे तथा शाम को भरपेट भोजन किया। पीने को बोतल बंद ठंडा पानी मिला। व्यवस्था बहुत ही अच्छी है। ऐसी व्यवस्थाओं की अमरावती महाराष्ट्र से आये ओंकार मेश्राम, राजेन्द्र काडे, रामटेक से आये श्री घनश्याम तथा बसंत राम और नागपुर से सपरिवार पधारे चरणदास डोंगरे, माधुरी गायकवाड आदि ने भी खुले दिल से सराहना की।
      प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी बाबा साहब आम्बेडकर का जन्म दिवस उनकी जन्म स्थली महू में भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, खाने, शीतल जल, शौचालय आदि के पुख्ता इंतजाम किये गये है। बाबा साहब की जन्म स्थली पर बने भव्य स्मारक को भी विशेष विद्युत रोशनी से सजाया गया है।
राष्ट्रपतिजी के प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम की संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने उच्चस्तरीय बैठक में की समीक्षा
इंदौर, 12 अप्रैल 2018
      राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के 14 अप्रैल को प्रस्तावित इंदौर तथा आम्बेडर नगर महू में आगमन और विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों की संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने बिन्दूवार समीक्षा की। आम्बेडकर नगर महू में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  श्री अजय शर्मा, कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े , डीआईजी श्री हरिनायणचारी मिश्र, अपर कलेक्टर श्री बानखेड़े सहित प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने निर्देश दिये कि राष्ट्रपतिजी की गरिमा के अनुरूप सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाये। सभी अधिकारी उन्हें सौंपे गये कार्यो को पूरी गंभीरता के साथ करें। फाइनल रिहर्सल से पहले सभी अधिकारी अपने निर्धारित स्थल पर पहुंच कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर लेवे। इस दौरान जो भी कमी दिखाई दे उसे दूर कर लें।
      बैठक में कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने कहा कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जन्मोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। बैठक में उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
      बैठक में डीआईजी श्री हरिनारायण मिश्र ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि आम्बेडकर नगर महूं में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे है। अधिकारियों ने बैठक के पश्चात सभा स्थल, भोजनशाला, स्मारक आदि जगहों पर पहुंच कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उचित मूल्य दुकान विहीन पंचायतों के लिए आवेदन 
              25 अप्रैल तक
इंदौर 12 अप्रैल 2018
      राज्य शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विभाग की बेवसाइट http://www.food.mp.gov.in पर उचित मूल्य दुकान विहीन ग्राम पंचायतों की सूची दी गई हैं। उसी बेवसाइट पर दुकान विहीन आवंटन हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया भी बताई गई हैं। इसी तारतम्य में जिले में ग्रामीण क्षेत्र में 27 आवंटित शासकीय उचित मूल्य की दुकान, ग्राम पंचायत देवराखेडी, तलावली, पाडल्या, चिराखान, भिड़ोता, बेगंदा, हरनासा, सलमपुर, जलोदियापार, अहीरखेड़ी, बोरिया, कडोदा, उषापुरा, हसनाबाद, भाग्या, सिंदोड़ा, बाँक, हरनियाखेड़ी, कुवाली, दुर्जनपुरा, गांगलियाखेडी, आकवी, शिवनगर, नावदा, भैंसलाय, खुर्दा, राजपुरा को छोड़कर शेष 126 उचित मूल्य दुकानविहीन ग्राम पंचायतों में दुकान आवंटन के लिए पात्र संस्थाओं से ऑनलाइन आवेदन पत्र 31 मार्च 2018 तक आमंत्रित किये गये थे। ऑनलाइन आवेदन पत्र प्राप्त नहीं होने को दृष्टिगत रखते हुए उचित मूल्य दुकानविहीन ग्राम पंचायतों में दुकान आवंटन हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल 2018 तक बढ़ाई गई हैं। ग्राम पंचायतों की सूची बेवसाइट http://www.food.mp.gov.in पर उपलब्ध हैं। रिक्त ग्राम पंचायतों एवं दुकान आवंटन की प्रक्रिया के संबंध में क्षेत्रीय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय से आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
3 आर सम्मेलन के निष्कर्षों को अमलीजामा देना जरूरी- नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह
हवा, पानी और भूमि को प्रदूषण मुक्त करने के संकल्प के साथ 3आर सम्मेलन संपन्न
इंदौर 12 अप्रैल 2018
      ब्रिलियन्ट कंवेन्शन सेंटर में आज आठवें 3 आर फोरम इन एशिया एण्ड पैसिफिक का अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छता सम्मेलन संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि यह सम्मेलन कई मायनें में विशिष्ट और महत्वपूर्ण हैं। इस सम्मेलन में विभिन्न्‍ देशों के प्रतिनिधियों ने स्वच्छता मिशन के तहत चल रही गतिविधियों के संबंध में वैचारिक आदान-प्रदान कर कई नई बातें सीखी, जिसे वे अपने देश या क्षेत्र में निश्चित रूप से लागू करेगें।
      उन्होने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य विकसित और विकासशील देशों को एक मंच पर लाना था। इस सम्मेलन में स्वच्छता के संबंध में अनेक कार्ययोजना और रणनीति तैयार की गई हैं। हमारा उद्देश्य वर्तमान और भावी पीढ़ी को शुद्ध हवा, पानी और भूमि उपलब्ध कराना हैं। यह काम स्वच्छता से भी संभव हैं। स्वच्छता प्रबंधन से व्यय के अलावा आय भी बहुत होती हैं। हमारे लिए ई-वेस्ट, कैमिकल वेस्ट और प्लास्टिक वेस्ट नई चुनौती के रूप में उभरे हैं, जिनका हमें मुकाबला करना हैं। कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में इंदौर नगर पालिका निगम ने उल्लेखनीय कार्य किया हैं। इंदौर भारत में ही नहीं दुनिया में गिने-चुने साफ-सुथरे शहरों में से एक हैं। हम सब संयुक्त प्रयास से ही वातावण को शुद्ध कर सकते हैं।
      इस अवसर पर सचिव शहरी विकास मंत्री भारत सरकार श्री दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि स्वच्छ भारत समय की मांग हैं। स्वच्छ भारत मिशन बिना जन सहयोग के संभव नहीं हैं। हम जन जागरण के जरिए स्वच्छ भारत को सफल बना सकते हैं। साफ-सफाई से समृद्धि आती हैं। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 19 सत्र आयोजित किये गये। इंदौर नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया हैं। हम सबको इस स्वच्छता मिशन से सबक लेना चाहिए। इंदौर को स्वच्छ बनाने में अधिकारियों और कर्मचारियों के आलावा जनता का भी सहयोग रहा हैं।
      इस स्वच्छता सम्मेलन में साफ-सफाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए इंदौर, जबलपुर, फरीदाबाद, छिंदवाड़ा, अंबिकापुर, चंडीगढ़, शिवपुरी, बैतूल, पलघट (केरला), भोपाल, रीवा, सिंगरौली, गुवाहाटी, पीथमपुर के नगर निगम, नगर पालिका, स्वंय सेवी संगठनों और समाज सेवी संगठनों को शील्ड भेंट कर सम्मानित किया गया।
      इस अवसर पर सम्मेलन में प्रतिनिधियों ने "इंदौर घोषणा पत्र'' जारी किया हैं, जिसमें कहा है कि हम भावी पीढ़ी को शुद्ध हवा, पानी और भूमि उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छता मिशन पर जोर दें। हमें प्लास्टिक, ई-वेस्ट, रसायनिक तत्व और विषाक्त तत्व तथा खतरनाक तत्वों के शुद्धिकरण को नई चुनौती के रूप में लेना होगा। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण कचरी प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई हैं। हमें संपूर्ण कचरा प्रबंधन के लिए इंदौर नगर निगम से सबक सीखना चाहिए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जापान, चीन, फिलीपिंस, थाईलैंड पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बंगलादेश, भूटान, कम्‍बोडिया, रूस, सिंगापुर, श्रीलंका, इंडोनेशिया, मलेशिया, मॉरिशस्‍, मंगोलिया, नेपाल, न्यानमार, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, वियतनाम आदि देश के प्रतिनिधि मौजूद थे। भारत के विभिन्न शहरों के महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष आदि भी मौजूद थे। अगला 3 आर सम्मेलन थाईलैंड में आयोजित किया जायेगा।