Monday, 30 April 2018

(पत्रकार वार्ता आमन्त्रण)

       इंदौर में आयोजित होने वाले आई.पी.एल. के मैचेस में थ्री के क्रियान्वयन के संबंध में पत्रकारों से चर्चा मई को दोपहर एक बजे कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष क्रमांक 210 में रखी गई है । यह पत्रकार वार्ता जिला प्रशासनइंदौर नगर निगम मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और किंग्स इलेवन पंजाब के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की जा रही है । 
     इस पत्रकार वार्ता में आप सादर आमंत्रित हैं।
स्‍थान- कलेक्टर कार्यालय इंदौर
दिनांक- 01 मई 2018
समय- दोपहर एक बजे

                                 संभागीय जनसंपर्क कार्यालय,
                                        इंदौर(म.प्र.)


पीएससी परीक्षा का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण 21 मई से
इंदौर 30 अप्रैल 2018     
      मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2019 का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण 21 मई 2018 से शासकीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र में शुरू होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुसूचित जाति/जनजाति के युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा‍।
      परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र के प्राचार्य श्रीमती अलका भार्गव ने बताया कि इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 मई 2018 हैं। आगामी 18 मई 2018 को प्रशिक्षण के लिए चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की जायेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे आवेदक जिन्होने स्नातक परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हो और उनके परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रूपये से अधिक न हो आवेदन कर सकते हैं। 
पैरालीगल वालेन्टियर्स की होगी भर्ती- ..आवेदन की अंतिम तिथि 12 मई
इंदौर, 30 अप्रैल 2018
      न्याय सबके लिए की अवधारणा को मजबूत करने एवं यह सुनिश्चित करने के लिए कि विधिक सहायता सभी वर्ग के व्यक्तियों को मिल सके। इस हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला इंदौर तथा तहसील डॉ. अम्बेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर और हातोद के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पैरा लीगल वालेन्टियर्स की नियुक्तियां की जा रही हैं। पैरा लीगल वालेन्टियर्स को विधि एवं विधि व्यवस्था के संबंध में आमजन को जागरूक करना होगा तथा उन्हें कार्यालय के दिशानिर्देश अनुसार अपना कार्य संपादित करना होगा।
पैरा लीगल वालेन्टियर्स को कार्यालय द्वारा इस हेतु प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। इस कार्य को संपादित करने के लिए पैरा लीगल वालेन्टियर्स को कोई वेतन देय नहीं होगा बल्कि उनके कार्य के आंकलन के आधार पर उन्हें नियमानुसार मानदेय का भुगतान किया जावेगा।
      पैरा लीगल वालेन्टियर्स के रूप में कार्य करने के इच्छुक व्यक्ति, जो कि सामाजिक कार्यकर्ता, वरिष्ठ नागरिेक, रिटायर्ड शासकीय सेवक, शिक्षक, आगंनवाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका, छात्र, विधि छात्र एवं अन्य कोई व्यक्ति, जो कम से कम मैट्रिक उत्तीर्ण हो, वे कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। कार्यालय में आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 12 मई 2018 हैं। इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय परिसर में संपर्क कर सकते हैं।
जल संरक्षण और संवर्धन से ही प्राणी मात्र की रक्षा हो सकती है
ग्राम उज्जैनी में जय जयवन्ती नदी को
पुनर्जीवित करने के लिए ग्रामीणों ने लिया संकल्प
इंदौर, 30 अप्रैल 2018
      जन अभियान परिषद द्वारा प्रदेश के साथ-साथ आज जिले में भी जन चेतना और जल संरक्षण तथा जल संवर्घन के लिए ग्राम उज्जैनी, यशवंत नगर, कटक्या और बनेड़िया में जल संसद का आयोजन किया गया, जिसमें बडी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वे पुरानी नदियों को पुनर्जीवित करेंगे, उनकी साफ-सफाई करेंगे तथा दोनों किनारों पर वृक्षारोपण करेंगे। जिससे ये नदियां बरसाती पानी को खींच कर बड़ी नदियों तक पहुंचायेंगी, जिससे शिप्रा जैसी प्राचीन नदी बारह मास प्रवाहमान रहेगी। सांवेर तहसील में कटक्या नदी, देपालपुर में देवपाल नदी और महू में तारन नदी को पुनर्जीवित करने का संकल्प ग्रामीणों ने लिया।
      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम श्री राकेश शर्मा ने कहा कि स्टापडैम, तालाब और बलराम ताल के माध्यम से हमें किसानों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना होगा। हम वर्षा का सिर्फ 3 प्रतिशत पानी रोक पाते है, जबकि हमें 25 से 50 प्रतिशत पानी हमें धरती पर रोकना चाहिये अथवा धरती में उतारना चाहिये। इजरायल में मात्र 12 इंच वार्षिक वर्षा होती है, मगर पानी के मामले में वह हमसे ज्यादा समृद्ध है। भारत में औसतन हर साल 40 इंच बारिस होती है। हर साल जल संरक्षण अभियान चलाया जाता है, नये-नये तालाब बनाये जाते है और पुराने तालाबों का गहरीकरण किया जाता है, जिससे अधिकाधिक जल हम संरक्षित कर सकें। बढ़ती आबादी को देखते हुए ऐसा करना बहुत जरूरी है।
      इस अवसर जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री व्ही.के. रत्नाकर ने कहा कि उज्जैनी ग्राम के काकरी बरड़ी पहाड़ी से शिप्रा नदी निकलती है। यहीं से जय जयवन्ती नदी भी निकलती है। यह नदी पूरी तरह विलुप्तप्राय हो चुकी है। इसे पुर्नजीवित करने की आवश्यकता है। राज्य शासन की मंशा है कि पूरे प्रदेश में विलुप्तप्राय नदियों को पुर्नजीवित किया जाये। यह काम ग्राम पंचायत और ग्रामीणजन बेहतर तरीके से कर सकते हैं। जन अभियान परिषद की नवांकुर और प्रस्फुटन समितियां इस दिश में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
      उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए जन सहयोग जरूरी है। बिना जन सहयोग के कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। जन जागरूकता के लिए आज पूरे प्रदेश में जल संसद का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश का जब तक प्रत्येक नागरिक जल संरक्षण व जल संवर्धन के प्रति जागरूक नहीं होगा तब तक जल संवर्धन नहीं किया जा सकता है। जल संरक्षण के लिए बड़ी-बड़ी नदियों पर बड़े-बड़े बांध बनाये गये है और उनसे नहरें भी निकाली गई है तथा बिजली भी पैदा की जा रही है। इन बांधों से भू-जल स्तर भी बढ़ा है। इमें छोटो-छोटे नालों पर स्टॉपडैम और चेकडैम बनाना चाहिये। पहाड़ों पर गड्ढे खोद कर जल संरक्षित करना चाहिये।
      कार्यक्रम को डॉ0 विकास अवस्थी और श्री आनंद ठाकुर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर श्री विकास चौधरी, श्री श्याम चौधरी, श्रीमती साधना, श्री अजय शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद थे।