Wednesday, 22 March 2017

एड्स नियंत्रण कार्यशाला 28 मार्च को
इंदौर 23 मार्च, 2017/
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के निर्देशानुसार जिले में एचआईवी/एड्स नियंत्रण, बचाव तथा भेदभाव दूर करने हेतु मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति भोपाल द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 28 मार्च, 2017 को प्रात: साढ़े 10 बजे क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केन्द्र इंदौर में आयोजित की जायेगी।
सिंह/कपूर
राजस्व प्रकरणों का होगा ऑनलाइन निराकरण
शहर में बनेंगे आठ नये तहसील कार्यालय
राजस्व अधिकारियों की बैठक सम्पन्न
इंदौर 22 मार्च, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी। कलेक्टर श्री नरहरि ने बैठक में कहा कि राजस्व अधिकारीगण राजस्व वसूली तेज करें तथा नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के कोई भी अविवादित प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिये। जनशिकायत निवारण विभाग के सारे प्रकरण अब सीएम हेल्पलाइन में आ गये हैं। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का लेबल-एक और लेबल-दो तक निराकरण सुनिश्चित करें, अन्यथा राज्य शासन द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी। अत: सीएम हेल्प लाइन के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये।
श्री नरहरि ने कहा कि आधुनिक युग डिजिटल टेक्नालॉजी का युग है। अत: राजस्व विभाग मेंे भी अब प्रकरणों का निराकरण ऑन लाइन किया जायेगा। यहां तक की नामांतरण बंटवारे के प्रकरण भी एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर पर जाकर आम आदमी को आवेदन करना होगा। पटवारी के माध्यम से अब नामांतरण बंटवारे के प्रकरण पर रोक लगा दी गयी है। राजस्व विभाग में प्रकरणों का निराकरण रेवेन्यु केस मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीएमएस) के जरिये निराकृत किया जायेगा। लोक सेवा गारंटी मद से सभी तहसील कार्यालयों को कम्प्युटर, पिं्रटर और स्केनर दे दिये गये हैं, जिन्हें नहीं मिले हैं, वे शीघ्रातिशीघ्र 31 मार्च से पूर्व कम्प्युटर, स्केनर और पिं्रटर कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी विशेष कर एसडीएम और तहसीलदार 31 मार्च तक राजस्व वसूली शत-प्रतिशत करें। उन्होंने कहा कि जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार करके जनता को यह बताया जाये कि अवैध कालोनियों के लिये बैंकों द्वारा ऋण नहीं दिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने सन 2022 तक सभी गरीबों को आवास देने का संकल्प लिया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासहीनों को राजस्व विभाग द्वारा प्लाट आवंटित किये जायें तथा उसकी सूची संबंधित जनपद पंचायत को दे दी जाये। इसके अलावा मनरेगा के तहत बनने वाले शांतिधाम (मुक्तिधाम, मोक्षकेन्द्र, मोक्षधाम, शवदाह गृह), खेल मैदान आदि बनाने के लिये निस्तार पत्रक से जानकारी प्राप्त कर जमीन आवंटित की जाये। इस मामले में किसी प्रकार का विलंब या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जायेगी। 
उन्होंने कहा कि इंदौर शहर को आठ तहसीलों में बांटा गया है। इन तहसील कार्यालय भवन बनाने के लिये जमीन चिन्हित किया जाये, जिससे राज्य शासन से आवश्यक बजट प्राप्त कर तहसील कार्यालय भवन बनवाये जा सकें। बैठक में रबी गेंहू उपार्जन और लोक सेवा गारंटी केन्द्र के संबंध में भी चर्चा की गयी। कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा करते हुये श्री नरहरि ने कहा कि आगामी नवरात्रि मेले में मंदिरों में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिये तहसीलदार, एसडीएम स्वयं मौजूद रहें तथा भीड़ नियंत्रण के उपाय करें। किसी भी प्रकार की अफवाह नहीं फैलना चाहिये तथा भगदड़ नहीं मचना चाहिये। किसी भी दुर्घटना के लिये संबंधित क्षेत्र के एसडीएम और तहसीलदार व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बैठक में अपर कलेक्टर त्रय श्री शमीमउद्द्धीन, श्री अजय देव शर्मा एवं श्रीमती राखी सहाय, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अधीक्षक भू-अभिलेख मौजूद थे।


कमिश्नर व कलेक्टर ने सांवेर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों का किया दौरा
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अस्पताल, आंगनवाड़ी व पोषण पुनर्वास केन्द्र का किया आकस्मिक निरीक्षण
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सांवेर में पदस्थ डाक्टरों को मुख्यालय पर नहीं रहने पर जारी होंगे नोटिस
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रात्रिकालीन ड¬ुटी के लिये रोस्टर बनाने और बारी-बारी से 
डॉक्टरों की ड¬ूटी लगाने के निर्देश
इंदौर 22 मार्च,2017
कमिश्नर श्री संजय दुबे तथा कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने बुधवार को सांवेर विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विकासखंड मुख्यालय सांवेर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अलावा डकाच्या व क्षिप्रा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, डकाच्या व पीरकराड़िया में आंगनवाड़ी केन्द्रों को चेक किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती कीर्ति खुरासिया, एसडीएम सांवेर श्री रवीश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें डॉ.एस.पोरवाल, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री राजेश मेहरा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.एन.नायक, जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवाएं डॉ.सी.एल.पासी, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा श्री एस.के.सोलंकी के अलावा अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
कमिश्नर श्री संजय दुबे ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सांवेर में डॉक्टरों की बैठक ली तथा मुख्यालय पर निवास न करने वाले सभी डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिये। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन ड¬ूटी की व्यवस्थाओं में सुधार के लिये डॉक्टर्स ड¬ूटी का रोस्टर तैयार किया जाये तथा बारी-बारी से डॉक्टरों की ड¬ूटी लगायी जाये। उन्होंने कहा कि रात्रिकालीन ड¬ूटी का संबंधित डॉक्टर पूर्ण संजीदगी के साथ पालन करेंगे तथा आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर अन्य स्थिति में अवकाश पर नहीं जायेंगे और न ही अनुपस्थित रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी कि अनुपस्थिति की दशा में संबंधित डॉक्टर के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्री संजय दुबे ने पोषण पुनर्वास केन्द्र तथा ऑपरेशन थियेटर कक्ष का भी अवलोकन किया । पोषण पुनर्वास केन्द्र व ऑपरेशन थियेटर का संचालन सही तरीके से नहीं होने के कारण नाराजगी प्रकट करते हुये संबंधित प्रभारी डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने हेतु भी निर्देशित किया। उन्होंने डॉक्टरों द्वारा प्रतिदिन की जाने वाली ओपीडी की प्रगति के संबंध में व्यक्तिगत रूप से संधारित किये जाने वाले रजिस्टरों का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय के रेकार्ड व फर्नीचर को भी सात दिन के भीतर व्यवस्थित कराने के निर्देश सीबीएमओ सांवेर को दिये। कमिश्नर श्री संजय दुबे व कलेक्टर श्री पी.नरहरि ने डकाच्या व क्षिप्रा में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का अवलोकन किया। यहां उन्होंने संस्थागत प्रसव की स्थिति, संस्था में प्रतिमाह होने वाली डिलेवरी, डॉक्टर्स व स्टॉफ की स्थिति, ओपीडी की स्थिति,टीकाकरण की प्रगति, जननी सुरक्षा का भुगतान, नि:शुल्क औषधि वितरण केन्द्रों का निरीक्षण किया। डकाच्या में नि:शुल्क औषधि वितरण केन्द्र में एक्सपायरी डेट की दवाइयां पाये जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा मौके पर उपस्थित एसडीएम सांवेर को अधिनस्थ कर्मचारियों को लगाकर स्टाक की बारीकी से जांच कराने के निर्देश दिये।
कमिश्नर श्री संजय दुबे ने डकाच्या व पीरकराड़िया में आंगनवाड़ी केन्द्रों का भी मुआयना किया। डकाच्या में आंगनवाड़ी केन्द्र निजी मकान में लगने तथा आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत होने के बावजूद कार्य चालू न होने के कारणों के संबंध में पूछताछ की तथा एसडीएम व महिला बाल विकास को निर्देशित किया कि वे जमीन संबंधी विवाद को यथाशीघ्र निपटायें और यदि चिन्हांकित जमीन पर माननीय न्यायालय का स्टे न हो तो भवन निर्माण कार्य शुरू करायें। आंगनवाड़ी केन्द्र डकाच्या में व्यवस्थायें ठीक न होने पर नाराजगी प्रकट की। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि उनके द्वारा हाल ही में केन्द्र का निरीक्षण किया गया था तथा केन्द्र संचालन में कमिया पाये जाने पर सुपर वाईजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस भी जारी किये गये हैं। निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्र पीर कराड़िया में व्यवस्थायें बेहतर पायी गयीं तथा बच्चे दोपहर का भोजन करते हुये पाये गये। 
कमिश्नर श्री दुबे ने डकाच्या में निर्माणाधीन ग्राम पंचायत भवन तथा ग्राम पीरकराड़िया में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत व निर्माणाधीन भवन का भी मौके पर जाकर अवलोकन किया। ग्राम पंचायत भवन डकाच्या का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा कराया जा रहा है। कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्देशित किया कि वे उप यंत्री को भवन निर्माण के दौरान समय-समय पर ग्राम पंचायत को तकनीकी मार्गदर्शन देने हेतु निर्देशित करें।