Sunday, 18 June 2017


स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह आज कोचिंग संस्थाओं के संचालकों की बैठक लेंगे
इंदौर 18 जून, 2017
          प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह आज 19 जून, 2017 को शाम साढ़े 5 बजे कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कोचिंग संस्थाओं के संचालकों की बैठक लेंगे। इस बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न कोचिंग संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
महिपाल/कपूर



मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना
बारहवीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर
उच्च शिक्षण संस्थान की फीस सरकार देगी
इंदौर 18 जून,2017
          अब प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों की 12वीं के बाद भी पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। 'मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजनाका लाभ माध्यमिक मण्डल द्वारा करवायी जाने वाली 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अथवा सी.बी.एस.ई./ आई.सी.एस.ई. की 12वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। विद्यार्थी के पालक की आय 6 लाख रुपये से कम होना चाहिए। विद्यार्थी का आधार नम्बर भी जरूरी है।
          इंजीनियरिंग-जे.ई.ई. मेन्स परीक्षा में 50 हजार तक की रैंक वाले विद्यार्थियों द्वारा किसी शासकीय अथवा अशासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेने पर उसे सहायता मिलेगी। शासकीय कॉलेज की पूरी फीस (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी छोड़कर) दी जायेगी। प्रायवेट कॉलेज की फीस में डेढ़ लाख रुपये या वास्तविक शुल्क ( शुल्क समिति द्वारा निगमितमेस शुल्क एवं कॉशन मनी छोड़कर) जो कम होशासन द्वारा दी जायेगी।
          मेडिकल-राष्ट्रीय पात्रता और प्रवेश परीक्षा (नीट) के माध्यम से केन्द्र या राज्य के किसी भी शासकीय मेडिकल कॉलेज अथवा मध्यप्रदेश के किसी प्रायवेट मेडिकल कॉलेज में एम.बी.बी.एस. के लिये प्रवेश लेने पर योजना का लाभ मिलेगा। शासकीय मेडिकल कॉलेज की पूरी फीस एवं प्रायवेट कॉलेज में देय शुल्क राज्य शासन द्वारा दिया जायेगा।
          शासकीय मेडिकल कॉलेज में शिक्षित डाक्टर 2 वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने को बाध्य होंगे। इन्हें 10 लाख रुपये का बांड भरना होगा। प्रायवेट कॉलेज के छात्रों के लिये यह अवधि 5 वर्ष तथा बांड की राशि 25 लाख रुपये होगी। लॉ- क्लेट के माध्यम से देश के किसी भी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में बारहवीं कक्षा के बाद के कोर्स की पूरी फीस शासन देगा।
राज्य शासन के सभी कॉलेज के बी.एस-सी.बी.ए.बी. काम.नर्सिंगपॉलीटेक्निक तथा स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों की पूरी फीस सरकार भरेगी। शासकीय संस्थाओं के विद्यार्थियों की पूरी फीस संस्था के खाते में दी जायेगी। प्रायवेट संस्थाओं में विद्यार्थियों को देय शुल्क विद्यार्थी के खाते में दिया जायेगा।
योजना का क्रियान्वयन संचालनालय तकनीकी शिक्षा द्वारा किया जायेगा। योजना शैक्षणिक सत्र 2017-18 से आरंभ की जायेगी। पोर्टल www.scholarshipportal.mp.nic.in के माध्यम से योजना का क्रियान्वयन किया जायेगा।
महिपाल/कपूर




उद्योग लगाने भूखण्ड के लिए करें ऑनलाइन आवेदन
इंदौर 18 जून,2017
          प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के आधिपत्य के औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक प्रयोजन के लिए उपलब्ध भूखण्डों का आवंटन ऑनलाईन पद्धति से होगा। राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम-2015 में निहित प्रावधान और प्रक्रियानुसार 'प्रथम आओ प्रथम पाओआधार पर भूखण्ड आवंटन होगा। उद्योग विभाग ने इच्छुक उद्यमियों से 19 जून से 23 जून तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवंटन के नियमप्रक्रिया उपलब्ध भूखण्ड की जानकारी विभागीय वेबसाईट www.mpmsme.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।
महिपाल/कपूर



उर्दू पाण्डुलिपि 30 जुलाई तक आमंत्रित
 इंदौर 18 जून,2017
         प्रदेश के साहित्यकार एवं शायर से पाण्डुलिपि 30 जुलाई तक मंगवाई गई हैं। मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी उर्दू की पाण्डुलिपियों के प्रकाशन के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवायेगा। ऐसे साहित्यकारशायर अपनी पुस्तक प्रकाशित अथवा आर्थिक सहायता दिए 10 वर्ष या उससे अधिक वर्ष की होना चाहिए। आर्थिक सहायता के लिए गठित समिति का निर्णय अंतिम होगा।
महिपाल/कपूर

ग्रामीण महिलाओं के लिये महिला आयोग करेगा शक्ति समिति का गठन
चार अन्य समितियों के गठन की प्रक्रिया भी जारी
इंदौर 18 जून,2017
         राज्य महिला आयोग ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये शक्ति समिति का गठन करेगा। आयोग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को जारी पत्र में पंचायत स्तर पर चार सदस्यीय समिति गठित करने के लिये कहा गया है। समिति में एक आँगनबाड़ी कार्यकर्तामहिला पंच/ सरपंचआशा कार्यकर्ता और एक स्थानीय छात्रा होगी। समिति ग्रामीण महिलाओं की स्थिति का आकलन कर उनके प्रतिदुर्व्यवहारअपराध और शोषण की जानकारी समय-समय पर आयोग को देती रहेगी। समिति महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति भी जागरूक करेगी।
          महिलाओं के सर्वांगीण विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये आयोग के अधिनियम 1995 और महिला आयोग प्रक्रिया विनियम 1998 के तहत 4 अन्य समितियों के गठन की प्रक्रिया भी जारी है। ये समितियाँ हैं- आयोग सखीदिव्या समितिकरूणा समिति और मुक्ति समिति। समिति के सदस्यों को किसी भी प्रकार का वेतन या मानदेय नहीं दिया जायेगा। यह कार्य पूर्णत: स्वैच्छिक होगा।
          गठन होने के बाद सखी समिति अपने क्षेत्र में महिला अत्याचार और प्रताड़ना की शिकायतकर्ता को मार्गदर्शन देने के साथ आयोग में त्वरित शिकायत भेजेगी। साथ हीआयोग की कार्यशालाशिविर और बैठकों में अपना सुझाव भी देंगी। दिव्या समिति आयोग अधिनियम की मंशानुसार विशेष प्रकरणों में अन्वेषण एवं पर्यवेक्षण कार्य कर अपने अभिमत से आयोग को अवगत करवायेंगी।
          करूणा समिति प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चियों के लापता होनेअपहरणउनकी खरीदी-बिक्री जैसी गंभीर समस्याओं में अध्ययन एवं शोध का कार्य करेंगी। साथ ही ऐसे परिवार जो स्वयं के बच्चों की खरीदी-बिक्री के लिये सहमत होते हैंउनकी आर्थिकसामाजिकपारिवारिक पृष्ठभूमि और परम्परागत कारणों की समीक्षा करेगी। इन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये शोध कार्यों को शासन को भेजा जायेगा।
          मुक्ति समिति बेड़िया-बाछड़ा जैसी जातियों में फैली सामाजिक कुप्रथाओं जैसे नातराझगड़ा आदि से महिलाओं के साथ हो रहे आर्थिकशारीरिक शोषण से तुरंत अवगत करवायेंगी। समिति ऐसी सभी समस्याओं के निदान के लिये कार्य करते हुए समाज का विश्लेषण एवं महिलाओं की स्थिति का अध्ययन कर आयोग को सुझाव देगी। समिति अपने क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करने का भी कार्य करेगी।
          सलाहकार समिति आयोग के अध्यक्ष और सदस्यगण को विभिन्न वैचारिक नीतिगत मुद्दोंविधिकनवीन योजना निर्माणसामयिक विषयोंसमस्याओं एवं प्रकरणों के निराकरण में भी अपने सुझाव देगी। समिति आयोग की बैठकों में भी भाग लेगी।
 महिपाल/कपूर


दस्तक अभियान 15 जुलाई तक
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इंदौर 18 जून,2017
         प्रदेश में शिशु मृत्यु दर कम करने के लिये लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और महिला-बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से 15 जुलाई 2017 तक प्रदेश में दस्तक अभियान चलायेंगे। अभियान में 0 से 5 वर्ष तक के प्रदेश में लगभग एक करोड़ बच्चों की सघन जाँच एवं उपचार किया जायेगा।
          दस्तक अभियान में जन्म से पाँच वर्ष के सभी बच्चों में खून की कमी की जाँचछ: माह से पाँच वर्ष तक के गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान 9 से पॉंच वर्ष के बच्चों को विटामिन 'का घोलदस्त रोगनिमोनिया और जन्म जात बीमारियों से ग्रसित बच्चों की पहचान कर नि:शुल्क जाँच-उपचार और परिवहन सेवा दी जायेगी। दस्त रोग नियंत्रण के लिये पाँच वर्ष तक के बच्चों में ओ आर एस के पैकेट्स तथा जिंक की गोलियों का वितरण किया जायेगा। इसके साथ स्वच्छता अभियानमाँ के दूध की उपयोगिता और आयोडीन नमक के सेवन के महत्व के बारे में भी परिवारों को बताया जायेगा।
 महिपाल/कपूर