Sunday, 5 February 2017

इंदौर-पटना रेल दुर्घटना के घायलों को दस-दस हजार रूपये सहायता स्वीकृत

इंदौर-पटना रेल दुर्घटना के घायलों को दस-दस हजार रूपये सहायता स्वीकृत
इंदौर, 05 फरवरी 2017
    जिला प्रशासन द्वारा इंदौर-पटना रेल दुर्घटना में घायलों को मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान से श्री महेश कुशवाह आत्मज श्री गंगाराम कुशवाह निवासी नसौड़िया इंदौर, सुश्री नेहा सिंह पत्नी श्री सत्येन्द्र सिंह निवासी इंदौर, श्री रजत सिंह आत्मज श्री तेजप्रताप सिंह निवासी इंदौर प्रत्येक के नाम से राशि दस-दस हजार रूपये स्वीकृत की गई है। स्वीकृत राशि प्राप्त करने हेतु संबंधित हितग्राही प्रशासनिक संकुल (कलेक्टोरेट) के कक्ष क्रमांक-219 में श्री जे.पी.  परिहार संयुक्त संचालक संभागीय योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय  में अपने आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक सहित सम्पर्क कर सकते हैं।
बी.एन. सिंह/श्रीकांत

सिंहस्थ-2016 में प्राकृतिक आपदा में घायलों को राशि स्वीकृत

सिंहस्थ-2016 में प्राकृतिक आपदा में घायलों को राशि स्वीकृत
इंदौर 5 फरवरी, 2017
    उज्जैन में सम्पन्न हुये सिंहस्थ-2016 में प्राकृतिक आपदा में घायलों को मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान से सहायता राशि स्वीकृत की गयी है।
    कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर जिले की श्रीमती बसंती पत्नी श्री जुगल निवासी महू, श्री सुरेश पिता श्री रणवीर सिंह निवासी इंदौर, श्री ओमप्रकाश पिता श्री मनोहरलाल निवासी  इंदौर को 50 -50 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गयी है।
     इसी तरह श्री सुरेश पिता श्री फकीरचंद निवासी इंदौर, श्रीमती करिश्मा पत्नी श्री जगदीश निवासी इंदौर,श्रीमती कमलाबाई पत्नी श्री मांगीलाल निवासी इंदौर श्री रामजी पिता विजयसिंह निवासी इंदौर को 25-25 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। स्वीकृत राशि प्राप्त करने हेतु हितग्राहियों से अपील की गयी है कि वे प्रशासनिक संकुल (कलेक्टोरेट) इंदौर के कक्ष क्रमांक 219 में उपस्थित होकर श्री जे.पी.परिहार संयुक्त संचालक, संभागीय योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय इंदौर से  उक्त राशि प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिये उन्हें अपना आधार कार्ड एवं बैंक पास बुक साथ लाना होगी।
बी.एन. सिंह/श्रीकांत

खनिज विभाग द्वारा 207 वाहन मालिकों के खिलाफ कार्यवाही

खनिज विभाग द्वारा 207 वाहन मालिकों के खिलाफ कार्यवाही
इंदौर 05 फरवरी 2017
    मध्यप्रदेश शासन खनिज साधन विभाग के निर्देशानुसार माह जनवरी 2017 से इन्दौर जिले में स्वीकृत गौण खनिज की खदानों - पत्थर, गिट्टी, मोरम तथा रेत की खदानों पर भरे जाने वाले खनिज वाहनों को अब ईटीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट पास) से परिवहन करना होगा। जिले में 138 पट्टेधारी, ठेकेदारों द्वारा ई-रजिस्ट्रेशन करवा लिया गया है, इनमें से 20 ठेकेदारों द्वारा माह जनवरी में 25 लाख रूपये जमा कराकर ईटीपी जारी की गई। इससे अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण होगा तथा रायल्टी चोरी की रोकथाम के साथ खनिज राजस्व भी बढ़ेगा। चालू वित्तीय वर्ष-2016-17 में माह जनवरी 2017 तक कुल 207 वाहन खनिज रायल्टी चोरी में पकड़े गये, जिनसे कुल 47 लाख 29 हजार 500 रूपये अर्थदण्ड वसूल किया गया।
बी.एन. सिंह/श्रीकांत

उच्च न्यायालय में लोक अदालत 11 फरवरी को

उच्च न्यायालय में लोक अदालत 11 फरवरी को
इंदौर, 05 फरवरी 2017
    प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री पी.के. जायसवाल के निर्देशन में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में 11 फरवरी को प्रात: 10.30 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में किया जा रहा है।
    आगामी 11 फरवरी 2017 को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक शमनीय प्रकरण, परकाम्य अधिनियम की धारा 138 के अन्तर्गत प्रकरण, बैंक रिकव्हरी संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरणा, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जल कर बिल संबंधी प्रकरण (चोरी के मामलों को छोड़कर, बिजली तथा जल चोरी के प्रकरण, जो कि विधि के अधीन समझौता योग्य है, रखे जा सकते हैं) सेवा मामले जो सेवानिवृत्ति संबंधी लाभों से संबंधित हैं, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकरण के राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया जायेगा।
    लोक अदालत में अधिक से अधिक मोटरयान दुर्घटना क्लेम प्रकरणों के निराकरण हेतु नेशनल इंश्युरेंस कंपनी, ओरिएंटल इंश्युरेंस कंपनी, आईसीआईसीआईलो इंश्युरेंस कंपनी, इफको टोकियो इंश्युरेंस कंपनी, रिलायंस जनरल इंश्युरेंस कंपनी, रॉयल सुन्दरम् इंश्युरेंस कंपनी, चोलामण्डलम् इंश्युरेंस कंपनी एवं फ्यूचर जनरल इंडिया इंश्युरेंस कंपनियों से चर्चा की गयी है।
    हाईकोर्ट के पिं्रसिपल रजिस्ट्रार श्री देवेन्द्र सिंह सोलंकी ने समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से अनुरोध किया है कि उपरोक्तानुसार उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत कराने हेतु मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में पिं्रसिपल रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार, संबंधित सेक्शन एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर से संपर्क कर सकते हैं और अपने प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखने हेतु आवेदन या सूचना दे सकते हैं।
बी.एन. सिंह/श्रीकांत

एक चिकित्सक और दो कर्मचारी निलम्बित

कमिश्नर श्री दुबे की बड़ी कार्रवाई
एक चिकित्सक और दो कर्मचारी निलम्बित
इंदौर, 05 फरवरी,2017/
    कमिश्नर श्री संजय दुबे ने कत्र्तव्य पर लापरवाही बरतने के कारण चिकित्सा अधिकारी डॉ.प्रशांत मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है।  जारी आदेशानुसार एम.वाय.अस्पताल का गत शुक्रवार 3 फरवरी को रात 9 से साढ़े 11 बजे तक डॉ.शरद थोरा डीन एम.जी.एम. मेडिकल कालेज तथा डॉ. वी.एस.पाल अधीक्षक एम.वाय.अस्पताल द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया।  इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी (केजुअल्टी) डॉ.प्रशांत मिश्रा ड¬ूटी पर अनुपस्थित पाये गये,  जिसके कारण अस्पताल में एम.वाय.अस्पताल में आने वाले मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिला तथा आमजन के मध्य अस्पताल प्रशासन की छवि धूमिल हुयी।  जिसके कारण कमिश्नर श्री दुबे द्वारा डॉ.प्रशांत मिश्रा, चिकित्सा अधिकारी (केजुअल्टी) को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम-1 (एक), (दो) व (तीन) तथा नियम 3 (2) के प्रतिकूल होने से उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत  तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर उनका मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय इंदौर नियत किया गया है।  डॉ.मिश्रा को निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
मेल स्टाफ नर्स निलम्बित
    अधीक्षक एम.वाय.अस्पताल डॉ.वी.एस.पाल ने श्री राहुल जादौन,मेल स्टाफ नर्स एम.वाय.चिकित्सालय स्वशासी संस्था इंदौर को 03 फरवरी,2017 को रात्रि में औचक निरीक्षण के दौरान अपने कर्तव्य स्थल से अनुपस्थित पाये जाने के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम-1 (एक), (दो) व (तीन) तथा नियम 3 (2) के प्रतिकूल होने से उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित कर दिया है। निलम्बन अवधि में श्री जादौन का मुख्यालय मानसिक चिकित्सालय इंदौर रहेगा।  निलंबन अवधि में श्री जादौन को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
वार्ड ब्वाय निलम्बित
अधीक्षक एम.वाय.अस्पताल डॉ.वी.एस.पाल ने श्री राजेश छोटेलाल वार्ड ब्वाय एम.वाय.चिकित्सालय स्वशासी संस्था इंदौर को 03 फरवरी,2017 को रात्रि में औचक निरीक्षण के दौरान अपने कर्तव्य स्थल से अनुपस्थित पाये जाने के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम-1 (एक), (दो) व (तीन) तथा नियम 3 (2) के प्रतिकूल होने से उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित कर दिया है। निलम्बन अवधि में श्री राजेश का मुख्यालय मानसिक चिकित्सालय इंदौर रहेगा।  निलंबन अवधि में श्री राजेश को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
बीएनसिंह/श्रीकांत