Saturday, 8 July 2017

हाई कोर्ट की इंदौर खण्डपीठ में नेशनल लोक अदालत सम्पन्न
372 प्रकरणों का निराकरण- एक करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक के अवार्ड पारित
इंदौर 8 जुलाई, 2017
लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिये आज मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खण्डपीठ में नेशनल लोक अदालत आयोजित की गयी। इस लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते द्वारा 372 प्रकरणों का निराकरण किया गया। निराकृत प्रकरणों में एक करोड़ 10 लाख 59 हजार 274 रुपये मे अवार्ड पारित किये गये।
यह लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नईदिल्ली के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति के आदेशानुसार इंदौर हाई कोर्ट खण्डपीठ के प्रशासनिक न्यायमूर्ति श्री पी.के.जायसवाल के मार्गदर्शन में आयोजित की गयी। उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के सचिव तथा पिं्रसिपल रजिस्ट्रार श्री देवेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि इस लोक अदालत में निराकरण के लिये प्रथम अपील, द्वितीय अपील, अवमानना प्रकरण, एमसीसी, क्रिमिनल रिविजन, क्रिमिनल अपील, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति, रिट याचिकाएं, कवर्ड मेटर, वैवाहिक विवाद, सर्विस मेटर आदि के 1376 प्रकरणों को सुनवाई के लिये रखा गया था। प्रकरणों के निराकरण के लिये 8 खण्डपीठें गठित की गयी थीं। इन खण्डपीठों द्वारा 372 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें से मोटर दुर्घटना क्लेम के 139 प्रकरण निराकृत हुये। निराकृत प्रकरणों में एक करोड़ 10 लाख 59 हजार 274 रुपये के अवार्ड पारित किये गये।
प्रकरणों के निराकरण के लिये  न्यायमूर्ति श्री पी.के.जायसवाल तथा अधिवक्ता श्री अविनाश सिरपुरकर, न्यायमूर्ति श्री एस.सी.शर्मा तथा अधिवक्ता श्री विवेक शरण, न्यायमूर्ति श्री प्रकाश श्रीवास्तव तथा अधिवक्ता श्री राघवेन्द्र सिंह बैस, न्यायमूर्ति श्री आलोक वर्मा तथा अधिवक्ता श्री लोकेश भटनागर, न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया तथा अधिवक्ता श्री दीपक रावल, न्यायमूर्ति श्री वैदप्रकाश शर्मा तथा अधिवक्ता श्री मिलिंद फड़के, न्यायमूर्ति श्री राजीव कुमार दुबे तथा अधिवक्ता श्रीमती रश्मि पंडित और न्यायमूर्ति श्री विरेन्दर सिंह तथा अधिवक्ता श्रीमती स्वाति उखले की खण्डपीठों का गठन किया गया था।
महिपाल/कपूर

राज्य सूचना आयुक्त श्री हीरालाल त्रिवेदी 10 एवं 11 जुलाई को 
इंदौर में सूचना के अधिकार के प्रकरणों का निराकरण करेंगे
इंदौर 8 जुलाई, 2017
राज्य सूचना आयोग में लंबित द्वितीय अपील एवं शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई एवं निराकरण करने के लिये राज्य सूचना आयुक्त श्री हीरालाल त्रिवेदी इंदौर आ रहे हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री त्रिवेदी 9 जुलाई को रात्रि 9 बजे इंदौर आ जायेंगे। वे 10 एवं 11 जुलाई को इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में उपस्थित रह कर सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त द्वितीय अपील एवं शिकायत की सुनवाई तथा उनका निराकरण करेंगे। श्री त्रिवेदी इसके पश्चात 11 जुलाई को शाम 5 बजे भोपाल के लिये प्रस्थान करेंगे।
 महिपाल/कपूर


स्वास्थ्य नवाचारों पर आधारित तीन दिनी राष्ट्रीय समिट सम्पन्न
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अंतिम दिन भी विभिन्न राज्यों ने प्रस्तुत किये अपने नवाचार
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मध्यप्रदेश के जिलों को किया गया पुरस्कृत
इंदौर 8 जुलाई, 2017
इंदौर के ब्रिालियेंट कन्वेंशन सेंटर में गत 6 जुलाई से आयोजित हो रही तीन दिनी चतुर्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य नवाचार समिट आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। समिट के अंतिम दिन भी आज विभिन्न प्रदेशों के नवाचार प्रस्तुत किये गये। समिट में आज जिन प्रदेशों ने प्रमुख रूप से अपने नवाचार प्रस्तुत किये उनमें छत्तीसगढ़, केरल, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश तथा मेघालय शामिल हैं। समापन अवसर पर आज प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले मध्यप्रदेश के जिलों को पुरस्कृत किया गया।
समिट में आज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने टी.बी. के मरीजों को डॉट्स पद्धति का उपचार सुनिश्चित करने के लिये निजी दवा विक्रेताओं से टी.बी. की दवा खरीदने वालों की जानकारी एकत्र करने की व्यवस्था वाले नवाचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत निजी दवा विक्रेताओं से टी.बी. की दवा खरीदने वालों की जानकारी एकत्र की जाती है तथा उन मरीजों तक पहुंचकर उन्हें डॉट्स  उपलब्ध कराया जाता है। छत्तीसगढ़ में टी.बी.मरीजों में कुपोषण की समस्या को हल करने के लिये मुख्यमंत्री क्षय पोषण योजना भी आरंभ की गयी है। इसके अंतर्गत कुपोषित क्षय रोगियों का पोषण स्तर सुधारने हेतु शासकीय सहायता दी जाती है।
राजस्थान राज्य के प्रतिनिधियों ने कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिये किये जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रसव पूर्व लिंग चयन तथा परीक्षण तकनीकों के माध्यम से गर्भस्थ शिशु का लिंग पता करने एवं बेटी होने की दशा में भ्रूण हत्या करवाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से राजस्थान में मुखबिर योजना आरंभ की गयी है। योजना के अंतर्गत निजी चिकित्सा संस्थाओं में भ्रूण लिंग परीक्षण की सही सूचना देने वालों को पुरस्कृत किया जाता है।
इसी तरह समिट में यह बताया गया कि यौन अत्याचारों से पीड़ित महिलाओं के चिकित्सकीय परीक्षण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिये केरल शासन द्वारा नियमों में आवश्यक सुधार किया गया है। इस हेतु मेडिको लीगल कोर्ट बनाया गया है तथा परीक्षण हेतु सहमति तथा प्राथमिक उपचार के मापदंड तैयार किये गये हैं।
बताया गया कि आंध्रप्रदेश शासन ने स्वास्थ्य विद्या वाहिनी आरंभ की है, जिसके अंतर्गत मेडिकल कॉलेज के एम.बी.बी.एस. के छात्र गांव में जाकर आंगनवाड़ी केन्द्रों, स्कूलों तथा गृह भेंट के माध्यम से स्वस्थ्य जीवनशैली, स्वच्छता एवं पोषण आदि की जानकारी नागरिकों को देते हैं। आंध्रप्रदेश में सरकारी अस्पतालों की साफ-सफाई की गुणवत्ता की निगरानी के लिये भी एक व्यवस्था स्थापित की गयी है, इसमें प्रत्येक सरकारी अस्पताल की साफ-सफाई की रिपोर्ट दिन में 3 बार दी जाती है। पर्यवेक्षक द्वारा साफ-सफाई को श्रेष्ठ, सामान्य एवं असंतोषजनक श्रेणी में प्रतिवेदित किया जाता है, इस रिपोर्ट के आधार पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही की जाती है। स्वास्थ्य संस्थाओं की स्वच्छता को मुख्यमंत्री द्वारा भी मॉनिटर किया जाता है।
उत्तरप्रदेश में एक्स-रे जैसे उपयोगी चिकित्सकीय उपकरणों से होने वाले विकरणों से सुरक्षा के लिये किये जा रहे आवश्यक प्रयासों पर आधारित प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
मेघालय के दल द्वारा अस्पतालों से प्रतिदिन निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन के विषय में प्रस्तुतीकरण किया गया। अस्पतालों से निकलने वाले द्रव्य अपशिष्ट पदार्थों के सुरक्षित प्रबंधन के लिये मेघालय में विशेष नवाचार अपनाया गया है।
प्रदेश के जिले पुरस्कृत
इंदौर में आयोजित हो रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य नवाचार समिट के अंतिम दिन प्रदेश में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिये विभिन्न जिलों तथा निजी चिकित्सकों की संस्थाओं को उनके योगदान के लिये पुरस्कृत किया गया। उक्त पुरस्कार एवं सम्मान भारत शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री मनोज झालानी तथा प्रमुख सचिव स्वास्थ्य मध्यप्रदेश श्रीमती गौरीसिंह द्वारा प्रदान किये गये।
उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन में जिला अनूपपुर को प्रथम, रायसेन को द्वितीय तथा डिण्डोरी एवं मण्डला को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसी तरह सामान्य जिलों की श्रेणी में मंदसौर को प्रथम, जबलपुर को द्वितीय तथा सीहोर को तृतीय स्थान दिया गया।
अभियान में सक्रिय सहयोग के लिये निजी चिकित्सकों की संस्थाओं-ए, एम.पी.डॉ.माधुरी चन्द्रा, ओ.जी.एस. डॉ. वंदना कुन्दरगी, आई.एम.ए. डॉ.आजाद एवं आई.आर.आई.ए. के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। वही निजी स्तर पर अभियान में योगदान देने के लिये उच्च प्राथमिकता वाले जिलों की श्रेणी में मण्डला जिला की डॉ. वर्षा आर्य, छतरपुर की डॉ.रेखा अग्रवाल तथा डॉ. रामबरन बुद्धा को सम्मानित किया गया। सामान्य जिलों की श्रेणी में भोपाल की डॉ. मीता अग्रवाल, डॉ. मोनिका जिंदल सिंह तथा बालाघाट की डॉ. अर्चना शुक्ला को सम्मानित किया गया। 
 महिपाल/कपूर