Wednesday, 23 May 2018

निपाह वायरस क्या है?
सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है
इंदौर 23 मई 2018
      निपाह वायरस सबसे पहले मलेशिया में मस्तिष्क ज्वर फैलने पर सुअर पालाकें के मध्य पाया गया था। हाल ही में भारत में करेल राज्य में इसके प्रकरण देखने में आए हैं। यह एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को फैलता है। लेकिन सुअर पालकों और उसके मांस का सेवन करने वाले, चमगादड़ के संपक्र में आने वाले किसान ऐसे फल जिसको चमगादड़ ने काट लिया हो, का सेवन करने वाले व्यक्ति में इसके संक्रमण की संभावना सर्वाधिक होती है। इसके लक्षरण बुखार, सिर दर्द, मांस-पेशियों में दर्द, मतली और उल्टी, गर्दन की कठोरता और प्रकाश की असहनीयता होती है। अत्यधिक गंभीर अवस्था में मरीज कोमा में भी चला जाता है। इसका निदान अभी राष्ट्रीय बाइरोलॉजी लेब पुणे द्वारा किया जाता है।
      कुछ सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है। सुअर और सुअर पालकों के संपर्क में आने से बचा जाए। स्वच्छता का ध्यान रखें। बार-बार हाथ धोएं। पक्षियों के खाए फलों का प्रयोग न करें। साफ व घार का बना हुओ भोजन करें। यात्रा व सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें। आवश्यकता होने पर मास्क का प्रयोग करें। लक्षणों के प्रकट होते ही उपचार के लिए चिकित्सक से संपक्र करें।

/महिपाल/विजय
पक्षियों के लिए 75 सकोरे रखे गये
इंदौर 23 मई 2018
      गर्मी में पक्षियों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और छाया प्रदान करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के संभागीय कार्यालय में 75 सकोरे रखे गये है। संभागीय संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री राजेश मेहरा ने बताया कि बाल भवन में आने वाले बच्चों की उपस्थिति में ये सकोरे विभिन्न स्थानों पर रखे गये व पेड़ की डालियों पर टांगे गये। श्री मेहरा ने बताया कि सकोरों के लिये छाया की व्यवस्था भी की गई है। पक्षियों के लिये दानो की व्यवस्था भी की गई है।
      बाल भवन के बच्चों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाकर उन्हें सकोरे रखने का महत्व बताया गया। इससे बच्चे भी प्रकृति से प्रेम करना सीखेंगे और प्रकृति से संरक्षण में अपना योगदान देंगे।

/महिपाल/विजय
मत्स्य महासंघ में भी सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष होगीमिलेगा प्रतिशत महँगाई भत्ता
सभी मछुओं का होगा मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना में पंजीयन 
इंदौर 23 मई 2018
      मछली-पालन मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में भोपाल में हुई मत्स्य महासंघ की बैठक में मत्स्य महासंघ सेवाकर्मियों की अधिवार्षिकी आयु में वर्ष की वृद्धि और एक जनवरी, 2018 से प्रतिशत महँगाई भत्ता स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी आयु) संशोधन अध्यादेश-2018 के अनुसार प्रस्ताव आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ को भेजा जा रहा है। प्रबंध संचालक श्री महेन्द्र सिंह धाकड़ और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
    बैठक में सभी मछुओं का मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना में पंजीयन करवाने का भी निर्णय लिया गया। मत्स्य महासंघ द्वारा संचालित 80 : 20 नाव जाल अनुदान योजना के प्रावधानों में न्यूनतम कार्य दिवस की पात्रता को समानुपातिक रूप से कम करने पर भी निर्णय लिया गया। प्रदेश में राज्य-स्तरीय मछुआ सम्मेलन आयोजन के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई।
क्रमांक 251/1296/महिपाल/विजय(भोपाल)
नजूल पट्टे का बकाया शेष नहीं होने पर 30 वर्ष के लिए होगा नवीनीकरण
स्थायी पट्टों के लिये नई नीति निर्धारित : राजस्व मंत्री श्री गुप्ता 
इंदौर 23 मई 2018
         राज्य शासन ने नजूल के स्थायी पट्टों के नवीनीकरण की नयी नीति निर्धारित की है। नीति के माध्यम से स्थायी पट्टों की शर्तों के उल्लंघन/ अपालन के प्रकरणों का त्‍वरित निराकरण होने के साथ ही पट्टों का नवीनीकरण भी हो सकेगा। प्राधिकृत अधिकारी नवीनीकरण के पहले वार्षिक भू-भाटक निर्धारित करेगा। यह अंतिम निर्धारित भू-भाटक का 6 गुना होगा।
         राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने जानकारी दी है कि स्थायी पट्टे के नवीनीकरण और शर्त उल्लंघन के शमन के लिए जिला कलेक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत अपर कलेक्टर प्राधिकृत अधिकारी होंगे। स्थायी पट्टे की समाप्ति के एक वर्ष पहले की अवधि के दौरान कभी-भी नवीनीकरण के लिए आवेदन किया जा सकेगा। अवधि समाप्ति के बाद विलम्ब से प्राप्त आवेदनों पर शमन राशि अधिरोपित की जायेगी। यह आदेश 31 मार्च 2017 के पहले जारी किये गए स्थायी पट्टों के संबंध में प्रभावशील होंगे। ऐसे मामलेजिनमें स्थायी पट्टों की अवधि 31 मार्च 2017 के पहले समाप्त हो चुकी है तथा पट्टे की शर्त के उल्लंघन की स्थिति निर्मित हो रही हैमें इस परिपत्र के जारी होने के दिनांक मई2018 से एक वर्ष तक आवेदन किया जा सकेगा। प्राप्त आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जायेगा।
         प्राधिकृत अधिकारी पट्टे के नवीनीकरण के पहले नजूल अधिकारी/ तहसीलदार नजूल के माध्यम से निर्धारित बिन्दुओं पर रिपोर्ट लेगा। स्थायी पट्टों की किन्हीं शर्तों का उल्लंघन पाये जाने पर पट्टेदार को सुनवाई का अवसर देने के बाद प्राधिकृत अधिकारी द्वारा प्रकरण का निराकरण किया जायेगा।
         आवासीय भू-खंड में पट्टेदार द्वारा आवासीय उपयोग के साथ संरचना के 25 प्रतिशत से कम भाग का उपयोग स्वयं अथवा परिवार के किसी सदस्य द्वारा ट्यूशन,सिलाई-कढ़ाईपापड़-बड़ी जैसे कुटीर उद्योग के लिए किया जाता हैतो वह प्रयोजन परिवर्तन नहीं माना जायेगा। लेकिन कोचिंग क्लासेसबुटीक अथवा ब्यूटी पार्लर के लिए उपयोग करने पर इसे वाणिज्यिक प्रयोजन माना जायेगा। गेस्ट हाउस अथवा हॉस्टल चलाने को भी वाणिज्यिक प्रयोजन माना जायेगा। पट्टेदार निर्धारित प्रक्रियानुसार व्यावसायिक प्रयोजन के लिए परिवर्तन करवा सकता है।
         मूल पट्टेदार की मृत्यु होने पर उत्तराधिकारी को पट्टे का अंतरण करवाना होगा। इसके बाद नवीनीकरण होगा। भू-खंड के दान अथवा विक्रय पर भी अंतरण की कार्यवाही होगी। ऐसे मामलों में जिनमें पट्टावधि अवसान के बाद नवीनीकरण कराए बिना ही भू-खण्ड का अंतरण किया गया हैअंतरिती द्वारा नवीनीकरण चाहे जाने पर इस कंड़िका के अन्य प्रावधानों के अध्यधीन रहते हुए सर्वप्रथम मूल पट्टेदार के नाम कल्पित नवीनीकरण स्वीकार करते हुएतद्क्रम में अंतरण के आधार पर अंतरिती के नाम से नवीनीकरण किया जाएगा।
         ऐसे मामलों में जिनमें पट्टावधि के अवसान होने के बाद तीस वर्ष या उससे भी अधिक की अवधि बीत चुकी हैइस परिपत्र के अन्य प्रावधानों के अध्‍यधीन रहते हुए मूल पट्टा की अवसान तिथि को तीस वर्ष के लिये कल्पित नवीनीकरण मान्य करते हुए तद्क्रम में आगमी तीस वर्ष के लिये पट्टे का नवीनीकरण किया जाएगा। शर्त उल्लंधन के प्रकरणों में शमन राशि जमा किए जाने की सूचना देने के एक माह के अंदर शमन राशि जमा करना होगा एवं प्रकरण के निराकरण के बाद एक माह के अंदर नवीन पट्टा तैयार कर विधिवत पंजीयन कराना होगा। पट्टा नवीनीकरण के प्रकरणों के निराकरण के लिए माह की समय-सीमा का निर्धारण किया गया है।

/महिपाल/विजय(भोपाल)
सभी शासकीय जिला अस्पतालों मे उपलब्ध है डायलिसिस की सुविधा
इंदौर 23 मई 2018
प्रदेश के सभी शासकीय जिला चिकित्सालयों में किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों को मासिक उपचार से मुक्ति दिलाने के लिये आउटसोर्स के माध्यम से डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। देश में मध्यप्रदेश सभी जिलों में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने वाला पहला राज्य है।
डायलिसिस की सुविधा गरीब परिवार के मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। अन्य श्रेणी के मरीजों के लिये प्रति हीमोडायलिसिस सत्र 500 रूपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। वर्ष 2017-18 में डायलिसिस इकाईयों के माध्यम से किडनी की बीमारी से पीड़ित 1750 मरीजों को 53 हजार 566 हीमोडायलिसिस सत्रों के माध्यम से इस सुविधा का लाभ दिया गया। प्रदेश में किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि परिलक्षित होने के कारण यह व्यवस्था की गई है। जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा मुहैया करवाई गई है।
किडनी की बीमारी का समुचित उपचार बहुत जटिल होता है। पूर्व में प्रदेश के कुछ बड़े शहरों के निजी अस्पतालों में ही इसका उपचार उपलब्ध हो रहा था। मरीज को सामान्यत: सप्ताह में दो-तीन बार हीमोडायलिसिस करवाना पड़ता है। यह सुविधा मात्र कुछ शहरों तक सीमित होने के कारण मरीजों को उपचार के लिये अपने निवास स्थान से बड़े शहरों में बार-बार जाना पड़ता था। हीमोडायलिसिस के उपचार पर प्रति सत्र 1500 से 2000 रूपये तक का खर्च होता था। इसके अलावा मरीज को आने-जाने में और खर्च भी होते थे। इस तरह डायलिसिस के मरीज को माह में कम से कम 20 से 25 हजार रूपये तक खर्च करना पड़ता था। अब सभी चिकित्सालयों में यह सुविधा न्यूनतम खर्च में उपलब्ध हो जाने से किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों को राहत मिली है।


/महिपाल/जी
ग्रामीण हाट बाजार ढक्कन वाला कुंआ में 30 मई को लगेगा स्वरोजगार मेला
इंदौर 23 मई 2018
       इंदौर जिले में युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देने तथा उनके ऋण प्रकरण तैयार करने के लिए स्वरोजगार मेलों के आयोजन का सिलसिल शुरू किया गया हैं। इस सिलसिले में आगामी 30 मई 2018 इंदौर के ढ़क्कन वाला कुंआ स्थित ग्रामीण हाट बाजार मैदान में स्वरोजगार मेला आयोजित किया गया हैं। 
       इन मेलों का आयोजन कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े के निर्देशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा किया जा रहा हैं। बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 22 मई, 2018 को जनपद पंचायत महू तथा आज 23 मई 2018 को जनपद पंचायत सांवेर में मेला आयोजित हो चुका हैं। इसके अलावा  26 मई 2018 को जनपद पंचायत देपालपुर एवं 30 मई 2018 को ग्रामीण हाट बाजार मैदान इंदौर में स्वरोजगार मेले का आयोजन किया जायेगा।
       इस मेले में जिले के विभिन्न विभागों के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के तहत स्वरोजगार की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाती हैं। सम्मेलन में संबंधित विभागों के प्रतिनिधि, वित्तीय संस्थाएं व प्रशिक्षण, उद्यमिता संस्थाओं द्वारा सम्मेलन में उपस्थित हो कर योजनाओं के संबंध में जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जायेगा। इस स्वरोजगार सम्मेलन में योजनानुसार आवेदकों का चयन किया जाकर ऋण प्रकरण तैयार किये जायेगें।

/महिपाल/जी
श्री जायसवाल प्रेक्षक के लाइजनिंग ऑफिसर नियुक्त
इंदौर 23 मई 2018
      नगरीय निकायों एवं पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण वर्ष 2018 के पर्यवेक्षक हेतु नियुक्त प्रेक्षक श्री वीरेन्द्र कुमार बाथम, आईएएस (सेवानिवृत्त मोबाइल नं0 9406731500 28 मई 2018 तक इंदौर जिले के भ्रमण पर रहेंगें। प्रेक्षक श्री बाथम इंदौर जिले में भ्रमण के दौरान लाइजनिंग अधिकारी के रूप में श्री नरेश जायसवाल, सहायक यंत्री, नगर पालिका निगम, इंदौर जिला इंदौर (मोबाइल नं0 7440443356) को नियुक्त किया गया हैं। श्री जायसवाल प्रेक्षक श्री बाथम के इंदौर भमण के दौरान उनके साथ रहेगें तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगें।

/सिंह/जी
प्रकरण श्रम न्यायालय को सौंपने का आदेश जारी
इंदौर 23 मई 2018
            श्रमायुक्त ने सेवानियुक्त देवीसिंह कंसौटिया पिता राधेलाल और सेवानियोजक प्रबंधक जार्ज ओक्स लिमिटेड इंदौर, सेवानियुक्त शुभम भट्ट पिता सतीश भट्ट और सेवानियोजक स्मार्टचिप प्रायवेट लिमिटेड कंपनी 187 रोहित नगर, फेस सेकण्ड, बवारिया कालन, भोपाल और सेवानियुक्त विक्रम गुजराती पिता बाबूलाल गुजराती और सेवानियोजक प्रबंधक स्वस्तिक स्पिनटेक्स लिमिटेड ग्राम राजोदा, सांवेर रोड इंदौर के मध्य उत्पन्न विवाद को आद्यौगिक विवाद मानकर अधिनिर्णय हेतु श्रम न्यायलय इंदौर को सौंपने के आदेश जारी किये हैं।

/सिंह/जी
अजा/जजा वर्ग के महाविद्यालीन विद्यार्थियों को मिलेगी छात्रवृति
इंदौर 23 मई 2018
      राज्य शासन के निर्देशानुसार इंदौर में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति दी जायेगी। जारी निर्देशानुसार छात्रवृति पोर्टल 2.0 पर छात्रवृति आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 30 सिंतबर 2018 हैं। परीक्षण उपरान्त छात्रवृति वितरण 31 दिसंबर, 2018 से पूर्व कर दिया जायेगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मोहिनी श्रीवास्तव से अजा/जजा वर्ग के विद्यार्थियों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की हैं।
कहानी सच्ची है
आलू ने बनाया प्रगतिशील किसान रामप्रसाद को लखपति
इंदौर 23 मई 2018
      राज्य शासन खेती-किसानी की लाभ का धंधा बनाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। कृषि विभाग के अधिकारी द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक और उन्नत नस्ल के बीज इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही हैं, जिससे वे अधिक से अधिक उत्पादन कर सकें। ग्राम अजनोद तहसील सांवेर जिला इंदौर निवासी रामप्रसाद पिता सीताराम की मुलाकात हाट-बाजार में एक दिन उद्यान विस्तार अधिकारी से हुई। उद्यान विस्तार अधिकारी विकासखण्ड सांवेर ने उसे पंजाब के कुफरी ज्योति आलू की फसल बोने की सलाह दी। उसने बताया के उन्नत नस्ल के आलू की फसल बोने पर पैदावार दुगना होती हैं।
      चर्चा के दौरान प्रगतिशील किसान रामप्रसाद पिता सीताराम ने बताया कि उसने उद्यान विकास अधिकारी की सलाह पर एक हेक्टेयर में आलू की खेती करने कर निश्चय किया। इस वर्ष उसने पंजाब से कुफरी ज्योति प्रजाति के 20 क्विंटल आलू बीज मंगवाये और सीड ड्रिल से उसकी बुआई की और ड्रिप इरिगेशन के जरिए उसे समय-समय पर सिंचाई की। ड्रिप इरिगेशन में कम पानी में दुगुना उत्पादन होता हैं। लगभग 3 माह में आलू पककर तैयार हो गया। दिसंबर, 2017 में आलू की खुदाई कर कृषि मण्डी सांवेर में उसे 800 रूपये प्रति क्विंटल से बेच दिया। एक हेक्टेयर में कुल 300 क्विंटल आलू पैदा हुआ था। आलू से लगभग 2 लाख 40 हजार रूपये आय हुई, जिसमें से 70 हजार रूपये खर्च काटने पर 1 लाख 70 हजार रूपये का शुद्ध लाभ हुआ। आलू की मात्र एक फसल से किसान रामप्रसाद लखपति बन गया।
      उसने अन्य किसानों को भी सलाह दी हैं कि उन्नत नस्ल के आलू लगाकर उसे उचित समय पर खाद पानी देकर और जैविक खाद का इस्तेमाल करके अधिकाधिक लाभ कमा सकते हैं।

/सिंह/जी
भावांतर भुगतान योजना के तहत इंदौर संभाग में 50 प्रतिशत प्याज और चने की खरीदी संपन्न
बुरहानपुर, पंधाना और राजपुर में खुलेगें प्याज खरीदी केन्द्र
इंदौर 23 मई 2018
      कमिश्नर श्री राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज कमिश्नर कक्ष में भावांतर भुगतान योजना के तहत चना, प्याज और लहसुन की खरीदी की समीक्षा की गई। इस अवसर पर कमिश्नर श्री सिंह ने उद्यानिकी मण्डी, नागरिक आपूर्ति और कृषि विभाग क अधिकारियों का निर्देश दिये कि भावांतर भुगतान योजाना के तहत प्याज खरीदी में तेजी लाई जाये। बुरहानपुर, पंधाना और राजपुर (बड़वानी) में प्याज के नई खरीदी केन्द्र तत्काल खोले जाये। उन्होने कहा कि किसानों को खरीदी, भुगतान, परिवहन और भण्डारण में किसी तरह की परेशानी नहीं आना चाहिए। संभाग में प्याज और लहसुन की खरीदी निजी व्यापारियों के द्वारा की जा रही हैं। शासन द्वारा भावांतर भुगतान योजना के तहत चना के दाम 4500 रूपये प्रति क्विंटल और प्याज का दाम 800 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया हैं।
            उन्होने कहा कि इंदौर संभाग में सभी 42 मण्डियों में चने की खरीदी समर्थन मूल्य पर तेजी से की जाये। खरीदी का काम समय-सीमा में पूरा किया जाये। किसानों को खरीदी के विरूद्ध यथाशीघ्र भुगतान किया जाये। खरीदी, भुगतान, परिवहन और भण्डारण में किसी तरह का विलम्ब नहीं होना चाहिए। किसानों की समस्याओं का यथाशीघ्र मौके पर निराकरण किया जाना चाहिए।
      बैठक में बताया गया कि संभाग में कृषि उपज मण्डियों में निजी व्यापारियों द्वारा प्याज की खरीदी 2 से 7 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा रही हैं। इंदौर जिले में अभी तक 725 मैट्रिक टन प्याज की खरीदी की जा चुकी हैं। इसी प्रकार लहसुन की खरीदी 800 से 1600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही हैं।
      बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा बताया गया कि इंदौर संभाग के खण्डवा में 12805 मैट्रिक टन, इंदौर में 8730 मैट्रिक टन, झाबुआ में 884 मैट्रिक टन, धार में 5518 मैट्रिक टन, खरगोन में 5815 मैट्रिक टन, बड़वानी में 653 मैट्रिक टन, बुरहानपुर में 3209 मैट्रिक टन और अलीराजपुर में अभी तक 178 मैट्रिक टन चने की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा चुकी हैं। चने की खरीदी विपणन संघ और नागरिक आपूर्ति द्वारा की जा रही हैं। संभाग में किसानों से 50 प्रतिशत चने की खरीदी की जा चुकी हैं।
      बैठक में संयुक्त आयुक्त श्रीमती सपना शिवाले, संयुक्त संचालक श्री रेवा सिंह सिसोदिया के अलावा उद्यानिकी, नागरिक आपूर्ति और विपणन संघ के अधिकारी मौजूद थे। 


/सिंह/जी