Saturday, 7 January 2017

आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण


इंदौर 7 जनवरी, 2017
आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों तथा महिलाओं के लिये उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये आंगनवाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण का सिलसिला जारी है। इसी तारतम्य में आज जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सी.एल.पासी ने जिले की विभिन्न आंगनवाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाये जाने पर ग्राम बीसाखेड़ी आंगनवाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता एवं सहायिका को पद से पृथक करने के निर्देश दिये गये। साथ ही कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित पर्यवेक्षक श्रीमती शैला पागनीस एवं श्रीमती प्रतिभा गर्ग को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया।
महिपाल/कपूर

प्रदूषित तथा सीवेज के जल से सब्जियों के उत्पादन पर लगा प्रतिबंध


धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
इंदौर 7 जनवरी, 2017
इंदौर जिले में जनसामान्य के स्वास्थ्य के मद्देनजर तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिये कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री पी.नरहरि ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर प्रदूषित तथा सीवेज के जल से सब्जियों के उत्पादन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इस संबंध में जारी आदेशानुसार यदि कहीं प्रदूषित जल तथा सीवेज के पानी का उपयोग सब्जियों के उत्पादन के लिये पाया जाता है तो जिला प्रशासन, नगर निगम, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के दल द्वारा उत्पादन स्थल पर तत्काल विनिष्टीकरण की कार्यवाही की जायेगी। इस कार्य के लिये आयुक्त नगर निगम नोडल अधिकारी रहेंगे। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 7 जनवरी से लागू हो आगामी 4 मार्च, 2017 तक लागू रहेगा।

जिला प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक सम्पन्न

जिला प्रशासन तथा पुलिस के अधिकारी पूर्ण समन्वय से कार्य करें
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अपराधों और अवैध उत्खनन की रोकथाम, सड़क दुर्घटना में कमी लाने
तथा कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिये समन्वित रूप से प्रभावी प्रयास करें
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कलेक्टर श्री पी.नरहरि की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न
इंदौर 7 जनवरी, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि की अध्यक्षता में आज यहां पुलिस कन्ट्रोल रूम सभाकक्ष में जिला प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में डीआईजी श्री हरिनारायण चारी मिश्रा विशेष रूप से मौजूद थे। बैठक में जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गयी। अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिये हरसंभव प्रयास करें। सभी अधिकारी आपस में पूर्ण समन्वय रखें। वे समन्वित प्रयास कर अपराधों और अवैध उत्खनन की रोकथाम, सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिये प्रभावी परिणाम लायें। सभी अधिकारी जेलों का संयुक्त निरीक्षण भी नियमित रूप से करते रहें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री मोहम्मद युसूफ कुरैशी, पुलिस अधीक्षक पूर्व श्री अवधेश कुमार गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक पश्चिम श्री मनीष कुमार अग्रवाल तथा एडीएम द्वय श्री अजयदेव शर्मा तथा श्री   सहित सभी एसडीएम, सीएसपी, यातायात पुलिस के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में जिले में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गयी। अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने कार्यों के साथ-साथ यातायात सुधार पर भी ध्यान दें। सड़क दुर्घटना में कमी लाने के प्रयास करें। वे सड़क तथा उसके आस-पास की जरूरत के मान से संबंधित विभागों से समन्वय कर यातायात सुधार के लिये आवश्यक कार्य करवायें। कलेक्टर श्री नरहरि ने सभी एसडीएम को निर्देश दिये कि वे सड़क दुर्घटना में मृत होने वाले व्यक्तियों के परिजनों को 25 हजार रूपये की अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध करायें साथ ही सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के इलाज के लिये 10 हजार रूपये की अनुग्रह राशि तत्काल उपलब्ध करायें। यह राशि स्वीकृत करने के लिये मात्र एफआईआर की आवश्यकता होती है। श्री नरहरि ने निर्देश दिये कि दोनों एडीएम, पुलिस अधीक्षकों के साथ तथा एसडीएम संबंधित क्षेत्र के सीएसपी को साथ लेकर जेलों का निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित करें कि निरीक्षण का कार्य नियमित होता रहे। किसी भी तरह की घटना-दुर्घटना जेलों में नहीं होने पाये। बैठक में निर्देश दिये गये कि जिले में बनाई गई आपदा प्रबंधन कार्ययोजना का नियमित रूप से अपडेशन करते रहें। बड़े-बड़े भवनों तथा संस्थानों में समय-समय पर मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) अनिवार्य रूप से किया जाये। औद्योगिक क्षेत्रों में भी नियमित रूप से मॉकड्रिल करते रहें। जिले में फसलों के अवशेष (नरवाई) जलाने पर प्रतिबंध लगाया जायेगा। डीआईजी श्री हरिनारायणचारी मिश्रा निर्देश दिये कि पुलिस अधिकारी अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद रहें। कलेक्टर श्री नरहरि ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की सूचना अतिक्रमकों को पूर्व से दे दी जाये। आवश्यकता होने पर अतिक्रमकों के लिये वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाये। बताया गया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिये किये जा रहे कार्यों की अब प्रति सप्ताह समीक्षा की जायेगी। इसके लिये आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासन, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
महिपाल/कपूर

गणतंत्र दिवस की तैयारियों के संबंध में बैठक


इंदौर 7 जनवरी, 2017
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी, 2017 के आयोजन की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में 9 जनवरी, 2017 (सोमवार) को दोपहर 12 बजे बैठक आयोजित की गयी है।
कलेक्टर श्री पी.नरहरि द्वारा संबंधित अधिकारियों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिये कहा गया है।
श्व्
महिपाल/कपूर

जिला अस्पताल में लाडली हेल्प डेस्क होगी स्थापित


इंदौर 7 जनवरी, 2017
लाडली लक्ष्मी योजना में बालिका के जन्म से एक वर्ष के अंदर बालिका को पंजीकृत किया जा कर योजना का लाभ दिया जा रहा है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत बालिका के आवेदन प्राप्ति के 30 दिवस के अंदर बालिका को योजना का लाभ दिये जाने के निर्देश है। योजना के नवीन स्वरूप अनुसार पात्र बालिका को लाभ दिये जाने के लिये आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर निर्भरता आवश्यक नहीं है। हितग्राही स्वयं सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकता है या लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
25 अक्टूबर,2016 से परिवार में जन्म लेने वाली प्रथम बालिका हितग्राही का जन्म संबंधित परियोजना की संस्था (चिकित्सालय) में होने की स्थिति में चिकित्सालय छोड़ने के पूर्व ही हितग्राही को ई-लाडली प्रमाण-पत्र प्रदाय करने के निर्देश राज्य शासन द्वारा प्रसारित किये गये हैं। बालिका के जन्म पर ही शासकीय चिकित्सालय में ही हितग्राही बालिका से संबंधित पूर्ण जानकारी संकलित करवाते हुए बालिका का योजना में पंजीकरण किया जाना आवश्यक है, ताकि संस्थागत प्रसव की स्थिति में पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे।
संभागीय संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री राजेश मेहरा ने बताया कि प्रथम चरण अंतर्गत संभाग स्तरीय जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से ""लाड़ली हेल्प डेस्क'' की स्थापना के लिये जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी इंदौर को निर्देशित किया गया है।
प्रतिभायें प्राय: महलों से नहीं झोपड़ियों से निकलती हैं
                        -- नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री श्री आर्य
इंदौर संभाग का राज्य स्तरीय ज्ञानोदय विद्यालय प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
राज्य स्तरीय ज्ञानोदय विद्यालय पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न
इंदौर 7 जनवरी, 2017
नर्मदा घाटी विकास (स्वतंत्र प्रभार), सामान्य प्रशासन एवं विमानन राज्य मंत्री श्री लालसिंह आर्य ने कहा कि प्रतिभायें प्राय: महलों से नहीं झोपड़ियों से निकलती हैं। कोई भी सफलता दूरदृष्टि, पक्का इरादा और कठोर परिश्रम से प्राप्त होती है। दीपक भी स्वयं को जलाकर धरती को प्रकाशमय बनाता है। श्री आर्य आज राज्य स्तरीय ज्ञानोदय विद्यालय पुरस्कार समारोह को इंदौर में मोरोद ग्राम स्थित ज्ञानोदय विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये यह बात कही।
श्री आर्य ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि बोर्ड की परीक्षाओं, खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में स्वस्थ्य और रचनात्मक प्रतियोगिता होती है। सफलता, प्रयास और परिश्रम का परिणाम है। एकलव्य ने भी प्रयास और परिश्रम से श्रेष्ठ धनुर्धर के रूप में ख्याति अर्जित की थी। उसने मिट्टी को गुरू को प्रतीक मानकर धनुर्विद्या सीखी। ज्ञानोदय विद्यालय प्रदेश में अध्ययन-अध्यापन का कार्य अच्छे ढंग से चल रहा है। विद्यार्थियों की प्रतिभा देखकर ऐसा लग रहा है कि इसमें से कई  आईएएस, आईपीएस और राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनेंगे। राजस्थान के आदिवासी लिम्बाराम और दोरोजी ने तीरंदाजी के क्षेत्र में राष्ट्र्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया था। हमारे विद्यार्थी यदि उन्हें सुविधायें मिले तो वे ओलम्पिक, एशियाड और राष्ट्रमण्डल खेलों में और अधिक पदक जीत सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को यदि मूलभूत सुविधायें मिले तो वे शिक्षा और खेलकूद के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। ज्ञानोदय विद्यालय में उन्हें हर तरह की मूलभूत सुविधायें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से कबड्डी ग्रामीण स्तर का खूलकूद माना जाता था, मगर उसे प्रयोजक मिल जाने के बाद ""प्रो कबड्डी प्रतियोगिता'' के कारण उसे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिल चुकी है। इतिहास में उसी का नाम दर्ज होता है जो सफल होता है। राज्य सरकार अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के बच्चों के लिये हर संभव सहायता मुहैया करा रही है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को विदेश में भी अध्ययन के लिये राज्य शासन द्वारा खर्च उठाया जाता है।
इस अवसर पर संभागायुक्त श्री संजय दुबे कहा कि परिश्रम और पुरुषार्थ से सफलता हासिल होती है। विद्यार्थीगण परिश्रम करके पढ़ाई, खेलकूद, व्यवसाय, खेती या अन्य किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं। प्रदेश में राज्य शासन अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिये सभी मूलभूत सुविधायें उपलब्ध करा रहा है। विद्यार्थी जागरूकता, परिश्रम और एकता के माध्यम से प्रगति कर सकते हैं और परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
इस अवसर पर आयुक्त अनुसूचित जाति विकास भोपाल श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने कहा कि राज्य शासन अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास के लिये कृतसंकल्पित है। राज्य शासन ने सिर्फ अनुसूचित जाति वर्ग के लिये लगभग 60 योजनायें शुरू की है, उनका लाभ उठाकर अनुसूचित जाति के लिये अपना जीवन स्तर सुधार सकते हैं और राष्ट्र की मुख्य धारा से जुड़े सकते हैं। राज्य शासन ने इसी बात को ध्यान में रखते हुये प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर ज्ञानोदय आवासी विद्यालय खोला है। इंदौर का आवासीय ज्ञानोदय विद्यालय सर्वश्रेष्ठ है। राज्य शासन ने अनुसूचित जाति विभाग के बजट में पिछले 5 वर्षों में कई गुना वृद्धि की है। राज्य शासन ने अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिये प्रदेश में सैकड़ों स्कूल, कॉलेज और छात्रावास खोलें हैं। अकेले भोपाल में लगभग 40 छात्रावास अनुसूचित जाति वर्ग के लिये संचालित हैं।
कार्यक्रम में उपायुक्त आदिवासी विकास श्री बी.जी.मेहता ने बताया कि प्रदेश में सभी 10 संभागीय मुख्यालयों पर राज्य शासन द्वारा ज्ञानोदय आवासीय विद्यालय संचालित हैं,जिनमें 75 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 15 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति और 10 प्रतिशत सामान्य बीपीएल वर्ग के विद्यार्थियों के लिये सीटें आरक्षित हैं। समस्त ज्ञानोदय विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2018-19 के लिये राज्य शासन द्वारा 280 से बढ़ाकर 640 सीटें कर दी हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों के पद भी बढ़ाये गये हैं। ज्ञानोदय विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य गरीब विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना है। इन विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवास,भोजन, गणवेश, शिक्षा, पुस्तकें, स्टेशनरी और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुयें प्रदान की जाती हैं। इन विद्यालयों में 50 प्रतिशत छात्राओं के लिये आरक्षण हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 6ठीं से 12वीं तक की पढाई होती है। इन विद्यालयों में भौतिक रसायन, जीव विज्ञान, कम्प्युटर एवं वर्चुअल कक्षा उपलब्ध हैं। इन विद्यालयों में वाचनालय, स्काउट गाइड, एनसीसी, विज्ञान क्लब, सांस्कृतिक, साहित्यक, योग, विशेष कोचिंग और काउंसिंलिंग कार्यक्रम चलाये जाते हैं। भोपाल,इंदौर और सागर ज्ञानोदय विद्यालय को आईएसओ अवार्ड प्राप्त है।
राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में सीनियर वर्ग क्विीज प्रतियोगिता के लिये इंदौर को प्रथम, जूनियर वर्ग में उज्जैन को प्रथम, 100 मीटर बालक दौड  में शहडोल को प्रथम, 100 मीटर बालिका दौड़ में मुरैना को प्रथम, 200 मीटर बालक दौड़ में उज्जैन को प्रथम, 200 मीटर बालिका दौड़ में मुरैना को प्रथम, खो-खो बालक जूनियर वर्ग में भोपाल को प्रथम, खो-खो बालिका जूनीयर वर्ग में उज्जैन को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार  कबड्डी प्रतियोगिता बालक वर्ग में इंदौर और बालिका वर्ग में उज्जैन का प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। बॉलीबॉल प्रतियोतिगता में बालक वर्ग में रीवा को प्रथम और बालिका वर्ग में इंदौर को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार बास्केटबॉल प्रतियोगिता में बालक वर्ग में सागर को प्रथम और बालिका वर्ग में होशंगाबाद को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।  शैक्षणिक उपलब्धियों में उज्जैन संभाग प्रथम, सागर संभाग द्वितीय और इंदौर संभाग तृतीय स्थान पर रहा।  दो दिवसीय ज्ञानोदय दिवस समारोह में तवा फेंक, भाला फेंक, गोला फेंक, एकल नृत्य, समूह नृत्य, एकल गीत, समूह गीत और नाटक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये इंदौर संभाग को चलित शील्ड प्रदान की गयी। जिसे प्राचार्य ज्ञानोदय विद्यालय इंदौर श्री बी.के.शुक्ल ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र श्रीमती अलका भार्गव ने किया। कार्यक्रम में श्री सूरज कैरो और श्री प्रताप करोसिया और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती मोहनी श्रीवास्तव तथा बड़ी संख्या में प्रदेश के सभी 10 ज्ञानोदय विद्यालयों के विद्यार्थी भी मौजूद थे।
श्व्
/सिंह/कपूर










राज्य स्तरीय ज्ञानोदय विद्यालय पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित करते हुए सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य।