Tuesday, 20 March 2018

डायवर्सन की बकाया राशि वसूली के लिए बड़ी कार्यवाही

 एक दिन में जमा कराये 26 लाख रूपये

इंदौर, 20 मार्च 2018

      इंदौर जिले में डायवर्सन सहित अन्य राजस्व मदों की बकाया राशि वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आज महू क्षेत्र में स्थित संपत्ति पर डायवर्सन की बकाया वसूली के लिए सपना संगीता रोड और लिम्बोदी स्थित 3 बिल्डर्स के ऑफिस सील किये गये। ऑफिस सील करने के पश्चात उक्त सभी बकायादारों ने अपनी 26 लाख रूपये की बकाया राशि आज ही जमा कर दी।  

कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े के निर्देशन में जिले में राजस्व बकाया वसूली के लिए विशेष्‍ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये है कि 31 मार्च तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शतप्रतिशत बकाया राशि वसूली की कार्यवाही करें।

महू क्षेत्र के एसडीएम श्री प्रतुल सिन्हा ने बताया कि यह कार्यवाही अपर कलेक्टर श्री कैलाश वानखेड़े के निर्देशन में की गई। उन्होंने बताया कि आज तहसीलदार श्री तपीश पाण्डे, नायब तहसीलदार श्री मनीष श्रीवास्तव और तहसीलदार डायवर्सन श्री पंकज यादव का दल बना कर सपना संगीता रोड स्थित वात्सल्य ग्रुप के ऑफीस भेजा गया। इन अधिकारियों ने यह ऑफीस सील किया। सील करने पश्चात इस बकायादार ने अपनी 17 लाख रूपये की बकाया राशि जमा कर दी। इसी तरह की कार्यवाही साई प्राइम सिटी आनंद टिगरिया के विरूद्ध भी की गई। इसने भी अपनी बकाया राशि 5 लाख रूपये जमा कर दिये। लिम्बोदी स्थित आनंद सागर रियलिटी के विरूद्ध भी इसी तरह की कार्यवाही करते हुए 4 लाख रूपये की राशि जमा कराई गई।

क्रमांक 190/413/महिपाल/विजय

नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिये 1366 करोड़ स्वीकृत

 इंदौर, 20 मार्च 2018

प्रदेश में 378 नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिये 1366 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है। स्वीकृत राशि में से 57 करोड़ रुपये नव-गठित नगरीय निकायों को दिये गये हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के द्वितीय चरण के तहत 378 नगरीय निकायों में सड़क स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, पार्किंग एवं यातायात सुधार कार्य, धरोहर संरक्षण, नगरीय सौंदर्यीकरण, पर्यटन विकास, खेल मैदान विकसित करने, आमोद-प्रमोद संरचनाएँ, हाट बाजार का विकास जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिये 1800 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसमें 360 करोड़ रुपये अनुदान एवं 1440 करोड़ ऋण के रूप में

फल व सब्जियों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता- संयुक्त संचालक श्री राजेश मेहरा

फल व सब्जियों के संरक्षण व प्रसंस्करण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

इंदौर, 20 मार्च 2018

      किसानों द्वारा मेहनल से उपजाये गये फल व सब्जियों का शतप्रतिशत उपयोग तभी हो सकता है जब समुदाय का प्रत्येक परिवार मौसमी फल व सब्जियों का सुरक्षित भण्डारण व उपयोग करें। आई सी डी एस के क्षेत्रीय अमलें को यह जानकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना होगी, तभी कुपोषण को सुपोषण में बदला जा सकेगा। यह विचार महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री राजेश मेहरा द्वारा व्यक्त किये गये।

      जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा ने बताया कि फल व सब्जियों के संरक्षण व प्रसंस्करण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन स्थानीय प्रेस क्लब सभागार में किया गया। पोषण विशेषज्ञ प्रोफेसर मुनीरा हुसैन ने फलों व सब्जियों के पोषण महत्व को विस्तार से समझाया। राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की वैज्ञानिक डॉ0 नेहा पाण्डे द्वारा सोयाबीन से बनने वाले पौष्टिक व्यंजनों की जानकारी गई। पोषण सलाहकार व परियोजना अधिकारी डॉ0 अनीता जोशी द्वारा फल और सब्जियों के संरक्षण से पोषण रक्षा के बारे में जानकारी देते हुए घरेलू स्तर पर विभिन्न खादद्य पदार्थो के संरक्षण के बारे में चर्चा की गई।

इस अवसर पर माँ एक वीरा स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा घरेलू स्तर पर संरक्षित किये गये भोज्य पदार्थ की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यशाला में इंदौर जिले के आई.सी.डी.एस. परियोजनाओं के परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षकगण एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महाविदद्ययालयीन छात्राएं आदि प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला में डॉ0 अनिता जोशी द्वारा लिखी गयी पुस्तिका “फल एवं सब्जियों के संरक्षण से सुपोषण” का विमोचन किया गया। अतिथियों का आभार श्रीमती जया रत्नाकर द्वारा व्यक्त किया गया।

क्रमांक/184/407/भदौरिया/विजय





उचित मूल्य दुकानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ाई गयी

इंदौर, 20 मार्च 2018

            इंदौर जिले में उचित मूल्य दुकानों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2018 तक के लिए बढ़ा दी गई है। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की 126 उचित मूल्य दुकानों के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। यह आवेदन पत्र खादद्य एवं नागरिक आपूति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की वेबसाइट www.food.mp.gov.in पर किये जा सकते है। रिक्त ग्राम पंचायतों एवं दुकान आवंटन की प्रक्रिया की जानकारी इसी वेबसाइट तथा संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। पूर्व में आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 मार्च 2018 थी।

क्रमांक/183/406/महिपाल/विजय

इंदौर जिले में समर्थन मूल्य पर 1367 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी
इंदौर, 20 मार्च 2018
            इंदौर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी है। जिले में 15 मार्च से लेकर आज तक कुल 1367 मैट्रिक टन गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। यह खरीदी 230 पंजीकृत किसानों से की गई है।
खाद्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई है। जिले में 48 खरीदी केन्द्र स्थापित किये गये है। इनमें से 8 खरीदी केन्द्र इंदौर तहसील में, 6 खरीदी केन्द्र महू तहसील में, 13 खरीदी केन्द्र सावेर तहसील में, 5 खरीदी केन्द्र हातोद तहसील में तथा 16 खरीदी केन्द्र देपालपुर तहसील में बनाये गये है। कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये है कि खरीदी केन्द्र पर गेहूं खरीदने के लिए पुख्ता इंतजाम रखे जाये। यह ध्यान रखा जाय कि केन्द्र पर आने वाले किसी भी किसान को समस्या नहीं हो। केन्द्र पर छाया, पेयजल आदि के समुचित इंतजाम रखे जाय। इंन्दौर और उज्जैन संभाग के जिलों में 15 मार्च से और भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के जिलों में आज से खरीदी शुरू हुई है। खाद्य आयुक्त श्री विवेक पोरवाल ने बताया कि चंबल, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी 26 मार्च से शुरू की जाएगी।
खाद्य आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी के कुल 2976 उपार्जन केन्द्र है। चंबल संभाग में 118, ग्वालियर संभाग में 249, उज्जैन संभाग में 286, इंदौर संभाग में 335, भोपाल संभाग में 561, नर्मदापुरम संभाग में 278, सागर संभाग में 407, जबलपुर संभाग में 453, रीवा संभाग में 213 और शहडोल संभाग में 76 उपार्जन केन्द्र है। उन्होंने बताया कि 15 लाख 30 हजार किसानों द्वारा उपार्जन केन्द्र पर पंजीयन करवाया गया है। खाद्य आयुक्त श्री विवेक पोरवाल ने बताया कि ऐसे किसान जिनको उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ लाने का एसएमएस नहीं मिला है, और वह उपार्जन केन्द्र पर पहुँचते हैं, तो उनके गेहूँ की खरीदी दोपहर 2 बजे के बाद की जाये। इस संबंध में सभी कलेक्टर को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। उपार्जन केन्द्रों पर खरीदी में उपयोग के लिये बारदाना सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएँ की गई हैं।
क्रमांक/182/405/महिपाल/विजय
रिप्पल्स एडवाइजरी कंपनी द्वारा ढाई लाख रूपये सैनिक कल्याण हेतु दान

राज्यपाल द्वारा एमडी श्रीमती राजपूत का सम्मान

इंदौर, 20 मार्च 2018

      प्रतिवर्ष सशस्त्र सेना झण्डा दिवस देश के शहीद एवं बहादुरी से देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों को सम्मान देने के लिये पूरे देश में मनाया जाता है। हर वर्ष प्रदेश में 7 दिसम्बर को सशस्त्र सेना झण्डा दिवस मनाया जाता है। देश के सभी नागरिकों ने अपने फर्ज को भलीभॉति निभाया, जिसमें रिप्पल्स एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड इंदौर की चेयरमैन एवं एम.डी. श्रीमती राखी राजपूत द्वारा स्वेच्छा से पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्यार्थ 2 लाख 51 हजार रूपये का सराहनीय योगदान देने के लिए राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा गत 15 मार्च 2018 को प्रशांसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस उल्लेखनीय कार्य के लिये रिप्पल्स एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड इंदौर के जनरल मैनेजर श्री अमित जायसवाल का भी सराहनीय योगदान रहा।

      सशस्त्र सेना झण्डा दिवस सभी देशवासियों को सच्चाई से सशस्त्र सेना घ्वज दिवस कोष में अनुदान करने का मौका देता है। टोकन घ्वज एवं कार घ्वज को जनता में बांटकर पूरे देश में अनुदान के रूप में राशि एकत्रित की जाती है। इसमें अनुदान की गई राशि पूर्ण रूप से आयकर अधिनियम की धारा 15 डी के तहत आयकर मुक्त होती है। अधीक्षक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कार्यालय इंदौर ने इंदौरवासियों से अनुरोध किया है कि उक्त पुण्य कार्य हेतु दिल खोलकर दान करें।

क्रमांक/181/404/सिंह/विजय

एम.जी.एम. कॉलेज द्वारा कैवियट दायर

इंदौर, 20 मार्च 2018

      शैक्षणिक सत्र 2018-19 में यू.जी./पी.जी. पाठ्यक्रम के लिये स्वाशासी/निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में एम.बी.बी.एस./बी.डी.एस. तथा एमडी.एमएस. स्नातकोत्तर पी.जी. पाठ्यक्रमों की सीटों पर प्रवेश हेतु राजपत्र में 9 मार्च 2018 में प्रकाशित प्रवेश नियमों एवं उसके अंतर्गत 15 मार्च 2018 से कराई जाने वाली कांउसिलिंग प्रक्रिया के विरूदध माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में किसी ीाी पक्ष द्वारा याचिका दायर की जा सकती है।

      अधिष्ठाता एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज इंदौर ने बताया कि अत: ऐसी स्थिति में किसी भी पक्ष द्वारा की जाने वाली याचिका में पारित होने वाले निर्णय के पूर्व माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर द्वारा मध्यप्रदेश शासन का भी पक्ष सुने जाने हेतु माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर के समक्ष केवियट प्रस्तुत की जा रही है।

क्रमांक/180/403/सिंह/विजय

हाईकोर्ट परिसर में लोक अदालत 14 अप्रैल को

इंदौर, 20 मार्च 2018,

      विभिन्न न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आगामी 14 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जायेगी। इसी तारतम्य में प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री पी.के. जायसवाल के निर्देशन में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में आगामी 14 अप्रैल,2018 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में किया जायेगा।

      राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक प्रकरणपरक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरणबैंक रिकवरी संबंधी मामलेंमोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरणवैवाहिक प्रकरणश्रम विवाद प्रकरणभूमि अधिग्रहण के प्रकरणविद्युत एवं जल कर/बिल संबंधी प्रकरण (अशमनीय मामलों को छोड़कर),सेवा मामलेजो सेवानिवृत्ति संबंधी लोगों से संबंधित हैराजस्व प्रकरणदीवानी मामले तथा अन्य समस्त प्रकार के राजीनामा योग्यप्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया किया जायेगा। समस्त पक्षकारों एवं अधिवक्तागण से अनुरोध किया गया है कि उच्च न्यायालय मे लंबित  प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकृत कराने हेतु मध्यप्रदेश  उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर  प्रिंसिपल रजिस्ट्रारडिप्टी रजिस्ट्रार,संबंधित सेक्शन एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर से संपर्क कर सकते हैं एवं अपने प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में रखने हेतु आवेदन या सूचना दे सकते हैं। लोक अदालत के द्वारा निराकृत किये गये प्रकरणों में पक्षकारों के द्वारा भुगतान की गयी कोर्ट फीस का शासन द्वारा वापिस किये जाने का प्रावधान है।

क्रमांक/179/402/सिंह/विजय

भावान्तर भुगतान योजना में लहसुन के पंजीयन कराने की

अंतिम तारीख 31 मार्च 2018 तक

 किसानों से पंजीयन कराकर योजना का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील

इंदौर, 20 मार्च 2018,

      कलेक्टर श्री निशान्त वरवड़े ने बताया कि राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णयानुसार रबी 2018 की प्रस्तावित भावान्तर भुगतान योजना में लहसुन को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि भावान्तर भुगतान योजना में लहसुन का पंजीयन 15 मार्च 2018 से 31 मार्च 2018 तक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और कृषि उपज मण्डी समितियों में किया जायेगा। लहसुन का पंजीयन 20 जिलों में किया जा रहा है। इनमें इन्दौर जिला भी शामिल है। योजनांतर्गत पंजीयन कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2018 निर्धारित है।

      कलेक्टर श्री वरवड़े ने जिले में भावान्तर भुगतान योजना में लहसुन का पंजीयन करने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश कृषि उपज मण्डी समितियों व संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिये गये हैं। कलेक्टर ने जिले के किसानों से भावांतर भुगतान योजना में लहसुन का पंजीयन कराकर योजना का अधिकाधित लाभ लेने की अपील की है।

क्रमांक/178/401/सिंह/विजय