स्तन कैंसर की स्व पहचान करने की जानकारी देने के लिये
दो दिवसीय शिविर 17 फरवरी से
इंदौर 14 फरवरी, 2017
स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला प्रमुख कैंसर है। इस कैंसर की अगर समय पर पहचान हो जाये तो इसके दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। स्तन कैंसर की पहचान महिलायें स्वयं भी कर सकती हैं। स्तन कैंसर की पहचान स्वयं कैसे करें ? इसकी जानकारी देने के लिये राबर्ट नर्सिंग होम में 17 और 18 फरवरी को दो दिवसीय शिविर आयोजित किया गया है।
राबर्ट नर्सिंग होम के अधीक्षक और प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.विजयसेन यशलहा ने बताया कि इस शिविर में महिलाओं को स्तन कैंसर की स्व पहचान के तरीके बताये जायेंगे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही ग्रीवा कैंसर की जांच भी नि:शुल्क की जायेगी। उन्होंने बताया कि कैंसर शब्द दिमाग में आते ही एक ही छबि उभरती है,कष्टदायक मृत्यु । कैंसर होने के सूचना मात्र से ही रोगी में निराशाभाव आ जाता है। डॉ.यशलहा ने बताया कि स्तन कैंसर के क्षेत्र में यह एक अच्छी बात है कि इसके ठीक होने की संभवना ज्यादा होती है। स्तर कैंसर का पता पहले या दूसरे चरण में चल जाता है तो उसके शरीर के अन्य अंगों में फैलने से रोका जा सकता है। स्तन कैंसर से बचने का सबसे पहला कदम जागरूकता है। जागरूकता से ही कष्टदायक स्तन कैंसर से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर के साधारण लक्षण स्तन या बांह के नीचे गाठ होना, स्तन से तरल पदार्थ निकलना, निप्पल अंदर घुस जाना, स्तन में सूजन, स्तन के आकार में बदलाव, स्तन को दबाने पर दर्द न होना आदि है। डॉ.यशलहा ने बताया कि स्तन कैंसर के संबंध में जनजागरूकता लाने के लिये लगातार प्रयासरत हैं। इसी सिलसिले में यह दो दिवसीय जागरूकता शिविर और ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिये लगाया जा रहा है।
महिपाल/कपूर
दो दिवसीय शिविर 17 फरवरी से
इंदौर 14 फरवरी, 2017
स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला प्रमुख कैंसर है। इस कैंसर की अगर समय पर पहचान हो जाये तो इसके दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। स्तन कैंसर की पहचान महिलायें स्वयं भी कर सकती हैं। स्तन कैंसर की पहचान स्वयं कैसे करें ? इसकी जानकारी देने के लिये राबर्ट नर्सिंग होम में 17 और 18 फरवरी को दो दिवसीय शिविर आयोजित किया गया है।
राबर्ट नर्सिंग होम के अधीक्षक और प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.विजयसेन यशलहा ने बताया कि इस शिविर में महिलाओं को स्तन कैंसर की स्व पहचान के तरीके बताये जायेंगे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही ग्रीवा कैंसर की जांच भी नि:शुल्क की जायेगी। उन्होंने बताया कि कैंसर शब्द दिमाग में आते ही एक ही छबि उभरती है,कष्टदायक मृत्यु । कैंसर होने के सूचना मात्र से ही रोगी में निराशाभाव आ जाता है। डॉ.यशलहा ने बताया कि स्तन कैंसर के क्षेत्र में यह एक अच्छी बात है कि इसके ठीक होने की संभवना ज्यादा होती है। स्तर कैंसर का पता पहले या दूसरे चरण में चल जाता है तो उसके शरीर के अन्य अंगों में फैलने से रोका जा सकता है। स्तन कैंसर से बचने का सबसे पहला कदम जागरूकता है। जागरूकता से ही कष्टदायक स्तन कैंसर से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर के साधारण लक्षण स्तन या बांह के नीचे गाठ होना, स्तन से तरल पदार्थ निकलना, निप्पल अंदर घुस जाना, स्तन में सूजन, स्तन के आकार में बदलाव, स्तन को दबाने पर दर्द न होना आदि है। डॉ.यशलहा ने बताया कि स्तन कैंसर के संबंध में जनजागरूकता लाने के लिये लगातार प्रयासरत हैं। इसी सिलसिले में यह दो दिवसीय जागरूकता शिविर और ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिये लगाया जा रहा है।
महिपाल/कपूर
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