Wednesday, 22 March 2017

राजस्व प्रकरणों का होगा ऑनलाइन निराकरण
शहर में बनेंगे आठ नये तहसील कार्यालय
राजस्व अधिकारियों की बैठक सम्पन्न
इंदौर 22 मार्च, 2017
कलेक्टर श्री पी.नरहरि की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी। कलेक्टर श्री नरहरि ने बैठक में कहा कि राजस्व अधिकारीगण राजस्व वसूली तेज करें तथा नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के कोई भी अविवादित प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिये। जनशिकायत निवारण विभाग के सारे प्रकरण अब सीएम हेल्पलाइन में आ गये हैं। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का लेबल-एक और लेबल-दो तक निराकरण सुनिश्चित करें, अन्यथा राज्य शासन द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही होगी। अत: सीएम हेल्प लाइन के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये।
श्री नरहरि ने कहा कि आधुनिक युग डिजिटल टेक्नालॉजी का युग है। अत: राजस्व विभाग मेंे भी अब प्रकरणों का निराकरण ऑन लाइन किया जायेगा। यहां तक की नामांतरण बंटवारे के प्रकरण भी एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर पर जाकर आम आदमी को आवेदन करना होगा। पटवारी के माध्यम से अब नामांतरण बंटवारे के प्रकरण पर रोक लगा दी गयी है। राजस्व विभाग में प्रकरणों का निराकरण रेवेन्यु केस मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीएमएस) के जरिये निराकृत किया जायेगा। लोक सेवा गारंटी मद से सभी तहसील कार्यालयों को कम्प्युटर, पिं्रटर और स्केनर दे दिये गये हैं, जिन्हें नहीं मिले हैं, वे शीघ्रातिशीघ्र 31 मार्च से पूर्व कम्प्युटर, स्केनर और पिं्रटर कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी विशेष कर एसडीएम और तहसीलदार 31 मार्च तक राजस्व वसूली शत-प्रतिशत करें। उन्होंने कहा कि जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार करके जनता को यह बताया जाये कि अवैध कालोनियों के लिये बैंकों द्वारा ऋण नहीं दिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने सन 2022 तक सभी गरीबों को आवास देने का संकल्प लिया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवासहीनों को राजस्व विभाग द्वारा प्लाट आवंटित किये जायें तथा उसकी सूची संबंधित जनपद पंचायत को दे दी जाये। इसके अलावा मनरेगा के तहत बनने वाले शांतिधाम (मुक्तिधाम, मोक्षकेन्द्र, मोक्षधाम, शवदाह गृह), खेल मैदान आदि बनाने के लिये निस्तार पत्रक से जानकारी प्राप्त कर जमीन आवंटित की जाये। इस मामले में किसी प्रकार का विलंब या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जायेगी। 
उन्होंने कहा कि इंदौर शहर को आठ तहसीलों में बांटा गया है। इन तहसील कार्यालय भवन बनाने के लिये जमीन चिन्हित किया जाये, जिससे राज्य शासन से आवश्यक बजट प्राप्त कर तहसील कार्यालय भवन बनवाये जा सकें। बैठक में रबी गेंहू उपार्जन और लोक सेवा गारंटी केन्द्र के संबंध में भी चर्चा की गयी। कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा करते हुये श्री नरहरि ने कहा कि आगामी नवरात्रि मेले में मंदिरों में कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिये तहसीलदार, एसडीएम स्वयं मौजूद रहें तथा भीड़ नियंत्रण के उपाय करें। किसी भी प्रकार की अफवाह नहीं फैलना चाहिये तथा भगदड़ नहीं मचना चाहिये। किसी भी दुर्घटना के लिये संबंधित क्षेत्र के एसडीएम और तहसीलदार व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। बैठक में अपर कलेक्टर त्रय श्री शमीमउद्द्धीन, श्री अजय देव शर्मा एवं श्रीमती राखी सहाय, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अधीक्षक भू-अभिलेख मौजूद थे।


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