Friday, 9 June 2017

इंदौर जिले में नर्मदा बेसिन के डेढ़ सौ से अधिक गांवों में किया जायेगा सघन वृक्षारोपण
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आगामी 2 जुलाई को इन गांवों में रोपे जायेंगे एकसाथ 15 लाख से अधिक पौधे
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व्यापक तैयारियों जारी
इंदौर 9 जून, 2017
राज्य शासन द्वारा दिये गये निर्देशानुसार इंदौर जिले में भी नमामि देवि नर्मदे अभियान के अंतर्गत हरियाल महोत्सव आयोजित किया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत इंदौर जिले में नर्मदा बेसिन के डेढ़ सौ से अधिक गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में पर्यावरण तथा जल संरक्षण के लिये सघन वृक्षारोपण की गांववार कार्ययोजना तैयार की गयी है। इस कार्ययोजना के मुताबिक इंदौर जिले में नर्मदा बेसिन के डेढ़ सौ से अधिक गांवों में आगामी 2 जुलाई को एकसाथ 15 लाख से अधिक पौधे रोपे जायेंगे। 
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती कीर्ति खुरासिया ने बताया कि पौधरोपण के लिये व्यापक तैयारियां की गयी हैं। जिले में नमामि देवि नर्मदे अभियान के अंतर्गत हरियाली महोत्सव का प्रभावी क्रियान्वयन किया जायेगा। नर्मदा बेसिन में आने वाले डेढ़ सौ से अधिक गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में अभी वृक्षारोपण के प्रति जनजागरण के लिये रैलियां निकालने तथा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन का सिलसिला जारी है। बताया गया कि इन डेढ़ सौ से अधिक गांवों में वृक्षारोपण के लिये विभागवार लक्ष्य तय किये गये हैं। तद्नुसार वन विभाग, जनपद पंचायत द्वारा शासकीय और निजी भूमि पर साढ़े 11 लाख से अधिक पौधे रोपे जायेंगे। इसी तरह कृषि, उद्यानिकी एवं जलग्रहण प्रबंधन मिशन द्वारा एक-एक लाख, महिला एवं बाल विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग तथा जिला शिक्षा केन्द्र व स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10-10 हजार एवं जिला शिक्षा केन्द्र और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा 5-5 हजार पौधे रोपे जायेंगे। उक्त विभागों द्वारा रोपे गये पौधों की सुरक्षा भी पौधों के बड़े होने तक की जायेगी। रोपे गये पौधों की सिंचाई भी उक्त विभाग अपने स्तर पर करेंगे। रोपे जाने के पूर्व चिन्हित जमीन के फोटो लिये जायेंगे । पौधेरोपण के दौरान तथा पौधरोपण के पश्चात भी उनके फोटो रखना होंगे। पौधरोपण का कार्य गूगल मेप पर भी दर्ज होगा।
बताया गया कि नमामि देवि नर्मदे अभियान के अंतर्गत पौधरोपण का कार्य गिनीज बुक वल्र्ड रेकार्ड में भी दर्ज कराया जायेगा। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अभियान के अंतर्गत समूह स्तर पर पौधेरोपण का कार्य करवायें। नागरिकों एवं स्वयंसेवी संगठन, सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाओं आदि की सहभागिता भी इस अभियान में सुनिश्चित करें। अभियान के दौरान उपयोगी पौधों जैसे सागौन, बांस, खमेर, आम, कटहल, सुरजना, जाम, महुआ, इमली, बैर, आंवला, जामुन, कबीट, निंबू, सीताफल, बहडा, नीम, करंज, शीशम, चीरोल, देशीखेर, अर्जून, बरगद, पीपल, गुलर, काला और सफेद सिरस आदि उपयोगी पौधों का रोपण करें।
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महिपाल/कपूर

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