शाला-स्तर से राज्य-स्तर तक आयोजित किये जायेंगे कहानी उत्सव
_
स्कूली बच्चों में पढ़ाई में रुचि पैदा करने की अनूठी पहल
_____
3 अगस्त को शाला स्तर पर होगा कहानी उत्सव का शुभारंभ
_______
16 अगस्त को चयनित बच्चे जन शिक्षा केन्द्रो पर सुनायेगें कहानी
______
29 नवंबर को भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में होगा समापन
इंदौर 31 जुलाई
प्रदेश के स्कूलों में बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि जागृत करने के मकसद से कहानी उत्सव का आयोजन किया जायेगा। प्रसिद्ध शिक्षाविद् गिजुभाई वाधेका की शिक्षण विधि में कहानी को शिक्षा में आने वाली अनेक समस्याओं का समाधान माना गया है। अनुशासन, एकाग्रता, भाषा विकास, इतिहासबोध, लोक-संस्कृति से परिचय कराने में भी कथा-कहानी को श्रेष्ठ माध्यम माना गया है।
राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती पर 3 अगस्त को शाला स्तर पर शुभारंभ
शाला-स्तर से राज्य-स्तर तक होने वाला कहानी उत्सव शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में 3 अगस्त को राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती के अवसर पर होगा। कहानी उत्सव दो समूहों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच होगा। प्रत्येक समूह में श्रेष्ठ कहानी-वाचन करने वाले प्रतिभागी विद्यार्थी एवं शिक्षक का चयन किया जाकर उन्हें 16 अगस्त को प्रसिद्ध कवियित्री सुभद्रा कुमारी चौहान की जयंती के अवसर पर कहानी सुनाने का अवसर जनशिक्षा केन्द्र पर दिया जायेगा।
हिन्दी दिवस के अवसर पर विकास खण्ड स्तर पर कहानी उत्सव मनाया जायेगा
कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर 8 अक्टूबर को
जिला स्तरीय कार्यक्रम में कहानी उत्सव मनाया जायेगा
जनशिक्षा केन्द्र पर सर्वश्रेष्ठ कहानी-वाचक को 14 सितम्बर हिन्दी दिवस के मौके पर विकासखण्ड-स्तर पर होने वाले कहानी उत्सव में कहानी सुनाने के लिये चयनित किया जायेगा। विकासखण्ड-स्तर के समूहवार श्रेष्ठ कथा-वाचकों को 8 अक्टूबर को कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद की पुण्य-तिथि के अवसर पर जिला-स्तर पर होने वाले कहानी उत्सव में कहानी सुनाने का अवसर दिया जायेगा। जिला-स्तरीय कहानी उत्सव के विजेता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को 29 नवम्बर को शिक्षाविद् गिजुभाई के जन्म-दिवस के अवसर पर होने वाले राज्य-स्तरीय कहानी उत्सव में कहानी सुनाने का अवसर दिया जायेगा। कहानी उत्सव का राज्य-स्तरीय कार्यक्रम भोपाल में होगा।
/राठौर/गरिमा
No comments:
Post a Comment