प्रभारी मंत्री ने इंदौर जिले के पेयजल और कृषि जल की उपलब्धता की समीक्षा की
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नगर निगम, नगर पालिका, पंचायत और
ग्रामीण क्षेत्रों में जल की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिये
इंदौर,18 सितम्बर, 2017
प्रभारी मंत्री श्री जयंत मलैया ने कलेक्ट्रेट सभागृह में आज यंहा जिले में वर्षा की स्थिति, वर्तमान में उपलब्ध पेयजल एवं कृषि के लिये पानी की उपलब्धता की समीक्षा की। वर्तमान में जिले में वर्षा की क्या स्थिति है और आने वाले 15 से 20 दिनों में मानसून किस प्रकार का रहेगा और मई-जून 2018 में पानी की क्या उपलब्धता होगी। इसकी भी समीक्षा की गयी। प्रभारी मंत्री ने बैठक में कहा कि जिले में कहीं भी पेयजल की समस्या नहीं हो, इसके लिये विगत वर्षों में पानी की उपलब्धता और वर्तमान समय में वर्षा का आकलन करते हुये समीक्षा की जायें। पेयजल के लिये यदि परिवहन की आवश्यकता पड़ने वाली हो तो उसके लिये कार्य योजना बनाकर शासन को भिजवाई जाये।
प्रभारी मंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि कृषि विभाग, देपालपुर, सांवेर, महू के ग्रामीण क्षेत्रों के भूजल की स्थिति का आंकलन करें और जियोलॉजिकल विभाग से इस संबंध में रिपोर्ट मंगाये कि वर्तमान में भू-जल का क्या स्तर है। और मई-जून में भू-जल की क्या स्थिति रहेगी। कृषि विभाग 20 दिनों के उपरांत वर्षा की स्थिति को देखते हुये किसानों को कम पानी वाली फसलें बोने के लिये जागरूक करें और असिंचित क्षेत्रों में गेहूं और चने की कम पानी वाली उपज के बीज उपलब्ध कराये। कृषि अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष गेहूं का रकबा कम किया गया है और किसानों को चना बोने की सलाह दी गयी है। किसानों को ड्रिप सिस्टम, पाईप, मोटे पंप के लिये ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर उपलब्ध कराये जा रहे हैं।
बैठक में कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने बताया कि जिले में 60 प्रतिशत कृषि देपालपुर और सांवेर के ग्रामीण क्षेत्रों में होती है। इन क्षेत्रों में तालाबों, कुंओं एवं नलकूपों में जल स्तर की निरंतर समीक्षा की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिये अभी से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये गये हैं। जिले में कहीं भी पेयजल की समस्या नहीं आने दी जायेगी। इसके लिये अभी से कार्य प्रारंभ हो गया है। सभी एसडीएम को निरंतर निगाह रखने के निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल की कहीं कोई समस्या नहीं होगी। विगत माह में 180 एमएलडी नर्मदा जल परियोजना का शुभारंभ किया है, जिससे अतिरिक्त जल नगर निगम सीमा क्षेत्र में प्राप्त होने लगा है। इस वर्ष यशवंत सागर तालाब पूरा भर चुका है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में नये जुड़े वार्डों में टेंकर से पानी सप्लाई किया जा रहा है।
प्रभारी मंत्री श्री मलैया ने जिले की नगर पालिका और नगर पंचायतों में भी वाटर मैनेजमेंट के लिये नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिये कि जिले की सभी नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों के अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करें।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता पर प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिये कि ग्राम पंचायतों को जिला पंचायत द्वारा नल जल योजना में तकनीकी मदद प्रदान की जाये। साथ ही पाइप लाइन व बिजली की उपलब्धता की भी समीक्षा निरंतर की जाये। बैठक में जिले के सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राठौर/कपूर
ग्रामीण स्तर पर गीले कचरे से खाद बनाने का संयंत्र लगाया जायेगा
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ग्राम पंचायत स्तर पर गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने की व्यवस्था होगी
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सभी अधिकारियों के लिये स्वच्छता बैज लगाना अनिवार्य
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महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले व्यक्तियों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा
इंदौर 18 सितम्बर, 2017
कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े ने समय अवधि समीक्षा बैठक में निर्देश दिये कि ग्रामीण स्तर पर अब गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करने की व्यवस्थायें की जायेंगी। प्रदेश में पहली बार नगर निगम सीमा से लगे हुये ग्राम पंचायत में गीले कचरे से खाद बनाने के संयंत्र को लगाया जायेगा और इस खाद का उपयोग कृषि कार्यों में किया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बनाये रखने के लिये जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 17 सितम्बर से मुख्यमंत्रीजी द्वारा स्वच्छता रथों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया है। जिले में नौ रथ हर ग्राम पंचायत में जायेंगे और ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं और बच्चों को स्वच्छता के संबंध में जागरूक करेंगे। कलेक्टर ने बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिये हैं कि विभागों में स्वच्छता समिति बनायी जाये, जो निरंतर कार्यालयों में स्वच्छता पर निगरानी रखेगी। इसी के साथ सभी स्कूलों, कॉलेजों, आंगनवाड़ी एवं सभी शासकीय भवनों में इस प्रकार की समिति बनायी जाये और स्वच्छता के लिये देश में जो प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं, उनमें भाग लिया जाये। प्रति सप्ताह टीएल बैठक में कार्यालयों में स्वच्छता की समीक्षा की जायेगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह,अपर कलेक्टर श्री अजय देव शर्मा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में दौरे के दौरान यह सुनिश्चित करें कि स्वच्छता के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें। स्वच्छता के संबंध में ग्रामीणों को बतायें। कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी शासकीय अधिकारी और कर्मचारी स्वच्छता बैज अनिवार्य रूप से लगायेंगे। उनके कक्ष में किसी भी कार्य के लिये आने वाले अधिकारियों को तभी प्रवेश मिलेगा जब वे स्वच्छता बैज लगाकर आयेंगे। बैज के लिये नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह को निर्देश दिये हैं कि वे सभी विभागों को यह वैच नि:शुल्क उपलब्ध करायेंगे। कलेक्टर ने कहा कि बैज लगे होने से स्वच्छता में आपकी सहभागिता परिलक्षित होती है और जिम्मेदारी का एहसास होता है।
कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिये कि महिलाओं के विरूद्ध अपराध करने वाले दोषी व्यक्तियों को शासन की योजनाओं को लाभ प्रदान नहीं किया जायेगा। जीवन उपयोगी योजनाओं के अतिरिक्त अन्य किसी भी योजना का लाभ ऐसे किसी भी व्यक्ति को प्रदान नहीं किया जायेगा जो महिलाओं के विरूद्ध अपराध के लिये दोषी पाया गया है या उसके विरूद्ध एफआईआर दर्ज हुई है। विशेषकर शस्त्र लायसेंस, मुख्यमंत्री आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, ड्रायविंग लायसेंस, ऋण योजना एवं इसी प्रकार की अन्य योजनाओं का लाभ ऐसे व्यक्तियों को नहीं दिया जायेगा। इसके लिये आंकड़े संकल्पित कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्रीजी द्वारा की गयी घोषणाओं को पूरा कराने के लिये संबंधित विभाग भोपाल जाकर बजट प्राप्त करें और जो योजनायें प्रारंभ नहीं हुई हैं उन्हें जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाये। जो घोषणाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, उनकी अद्यतन स्थिति की जानकारी भी विभागवार शासन को उपलब्ध करायी जाये।
राठौर/कपूर
इंदौर जिले में 730.96 मि.मी औसत वर्षा दर्ज
इंदौर 18 सितंबर, 2017
कलेक्ट्रेट स्थित भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में एक जून से अब तक 730.96 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गयी थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर तहसील क्षेत्र में 821.90 मिलीमीटर, महू क्षेत्र में 723.70 मिलीमीटर, सांवेर क्षेत्र में 686.20 मिलीमीटर, देपालपुर क्षेत्र में 715 मिलीमीटर और गौतमपुरा क्षेत्र में 708 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गयी है। गत वर्ष अबतक 893.32 मि.मी औसत वर्षा दर्ज की गई थी।
राठौर/जी
सांसद निधि से नौ निर्माण कार्य स्वीकृत
इंदौर,18 सितम्बर, 2017
सांसद स्थानीय विकास योजनांतर्गत क्षेत्रीय सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन की अनुशंसा पर कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े द्वारा नौ निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं। कलेक्टर श्री वरवड़े ने सामुदायिक भवन निर्माण भवन बलघारा के लिए 5 लाख रूपये, विनोद भमीरचंद के घर से पंचायत भवन तक सीमेंटीकरण ग्राम पंचायत खजुरिया के लिए 5 लाख रूपये, राम मंदिर से रामसिंह के मकान तक सीमेंटीकरण ग्राम मांगलिया के लिए 3 लाख रूपये, नाली निर्माण ग्राम माताबरोणी के लिए 2 लाख रूपये, सीमेंट कंक्रीट रोड ग्राम बघाना के लिए 3 लाख रूपये, कब्रिास्तान में पेवरब्लॉक लगाने हेतु ग्राम बिलोदानायदा के लिए 5 लाख रूपये, सामुदायिक भवन निर्माण ग्राम पुवार्डादाई के लिए 5 लाख रूपये, सीमिंटीकरण कार्य ग्राम सुलाखेड़ी मुख्य मार्ग के लिए 5 लाख रूपये, सीमेंटीकरण कार्य ग्राम टोरी प्रहलाद सिंह के घर से धर्मेंद्र ढोली के घर तक के लिए 4 लाख रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई हैं।
सिंह/जी.
एक आरोपी जिलाबदर
इंदौर,18 सितम्बर, 2017
जिला प्रशासन द्वारा जिले में शांति एवं सुव्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का सिलसिला जारी हैं। अपर जिला दण्डाधिकारी श्री अजयदेव शर्मा ने लंबे समय से अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण आरोपी अनवर पिता मुन्नु खॉ निवासी लोहा गेट थाना चंदन नगर को मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 के तहत जिला बदर कर इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, खण्डवा एवं खरगोन के राज्य सीमा से बाहर चले जाने का आदेश पारित किया हैं।
सिंह/जी.
श्री दुबे द्वारा कार्यभार ग्रहण
इंदौर,18 सितम्बर, 2017
संभागीय सतर्कता समिति कार्यालय इंदौर में श्री विनोद कुमार दुबे ने सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया हैं। श्री दुबे सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं।
सिंह/जी.
विशेष पोषण अभियान अंतर्गत दीनदयाल पोषण पुरस्कार का प्रावधान
इंदौर,18 सितम्बर, 2017
महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा 01 मार्च 2017 से 28 फरवरी 2018 तक विशेष पोषण अभियान का आयोजन किया जा रहा हैं। विशेष वजन अभियान अंतर्गत विभाग के संयुक्त संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षक के द्वारा आगंनवाड़ी केन्द्रों में स्वंय उपस्थिति होकर बच्चों का वजन किया गया था। अधिकारियों द्वारा वजन किये गये बच्चों में से कुपोषित पाये गये बच्चों के पोषण स्तर में सुधार की कार्यवाही हेतु विशेष पोषण अभियान का आयोलन किया जा रहा हैं। अभियान में जिसमें कुपोषित बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभागीय अमले के द्वारा विशेष प्रयास किया गया, जिससे कुपोषण के स्तर में सुधार में सकारात्मक परिवर्तन पाये गये। विभागीय अमले द्वारा किये गये कार्य को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा "दीनदयाल पोषण पुरस्कार' से सम्मानित किया जायेगा।
संभागीय संयुक्त संचालक एकीकृत बाल विकास सेवा श्री राजेश मेहरा ने बताया कि यह पुरस्कार प्रदान किये जाने से विभागीय अमलें में कुपोषण को कम करने के लिए ओर प्रोत्साहन मिलेगा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को प्रदान किये जाने से विभाग के जमीनी स्तर पर कार्य को ओर बेहतर करने के लिए प्रोत्साहन व पुरस्कार मिलेगा। "विशेष अभियान' में किये गये कार्य के मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया जायेंगा।
पुरस्कार विभाग के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रदान किया जायेगा। जिसमें परियोजना स्तर पर 03 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व 03 सहायिका को प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर चयन उनके द्वारा किये गये विशेष प्रयास के आधार पर किया जायेगा। पुरस्कार के चयन हेतु विभिन्न स्तरों पर समितिओं का गठन किया जायेगा। पुरस्कार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्रथम पुरस्कार की राशि 7100 रूपये, द्वितीय की राशि 5100 रूपये व तृतीय की राशि 2100 रूपये हैं। सहायिका को प्रथम पुरस्कार की राशि 5100 रूपये द्वितीय 2100 रूपये व तृतीय 1100 रूपये राशि पुरस्कार के रूप में प्रदान की जायेगी। इसी प्रकार पर्यवेक्षक को प्रथम पुरस्कार की राशि 11000 रूपये द्वितीय 5100 रूपये व तृतीय पुरस्कार की राशि 2100 रूपये हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी की प्रथम पुरस्कार की राशि 21000 रूपये, द्वितीय 11000 रूपये व तृतीय पुरस्कार की राशि 5100 रूपये हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी हेतु पुरस्कार की राशि 51000 रूपये द्वितीय 31000 रूपये व तृतीय पुरस्कार की राशि 21000 रूपये हैं। इन सब प्रोत्साहन पुरस्कार के अतिरिक्त एक और पुरस्कार वितरण किया जायेगा जिसकी प्रोत्साहन राशि 11000 रूपये हैं व यह एक प्रोत्साहन पुरस्कार हैं। इन सभी पुरस्कार के वितरण के लिए विभिन्न स्तर पर समय-समय पर समारोह का आयोजन किया जायेगा।
सिंह/जी.
अमानक कीटनाशक औषधी प्रतिबंधित
इंदौर,18 सितम्बर, 2017
उपसंचालक कृषि श्री विजय कुमार चौरसिया ने जांच के उपरांत अमानक पाये जाने पर कीटनाशक औषधी प्रोफेनोफॉस 40 प्रतिशत अ सायपरमेंथ्रीन 4 प्रतिशत ईसी बैच नंबर ईपीएस- 1605052 विक्रता नीलकंठेश्वर कृषि सेवा केन्द्र, चंद्रावती गंज, सांवेर, निर्माता नागार्जुन एग्रोटेक्ट लिमि., पंजगुंड, हैदराबाद के क्रय-विक्रय भण्डारण और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई हैं। यह कार्यवाही म.प्र. कीटनाशक गुण नियंत्रण अधिनियम 1968 की धारा 18 के तहत की गई हैं।
सिंह/जी.
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