Wednesday, 9 May 2018

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश
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संभाग में सभी पात्र श्रमिकों का पंजीयन और सत्यापन 15 मई तक पूरा करें
- कमिश्नर श्री सिंह
इंदौर 09 मई 2018
    कमिश्नर श्री राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज क्रिस्टल आईटी पार्क सभाकक्ष में कलेक्टर कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें सभी जिला के कलेक्टर्स और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि जिला पंचायतों के अधिकारीगण प्रधानमंत्री आवास योजना में तीन माह के भीतर शत्-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। जो हितग्राही आवास निर्माण में रूचि नहीं ले रहें हैं, उनके आवास निरस्त कर दिये जाये। जो आवास प्रगतिरत है, उन्हे विशेष मुहिम चलाकर शीघ्रातिशीघ्र पूरा किया जाये। जरूरत पड़ने पर सेंटिंग, मटेरियल और मजदूर भी पड़ोसी जिलों से लिये जा सकते हैं। सेंटिंग मटेरियल के लिए बेरोजगारों को बैंकों से ऋण भी दिलाया जा सकता हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में इंदौर संभाग में प्रदेश में नं. 1 बनाना हैं।
    कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि गेंहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि 15 मई 2018 तक गेंहू और चने की खरीदी पूरी कर ली जाये। किसानों को भावांतर भुगतान योजना का लाभ दिया जाये। इसके लिए आवश्यक बजट राज्य शासन से प्राप्त कर लिया जाये। कोई भी पात्र किसान भावांतर भुगतान योजना के लाभ से वंचित न हो। मण्डियों में टोलकाटों की जांच की जाये। इंदौर संभाग में भावांतर भुगतान योजना का प्रभावी क्रियांवयन जरूरी हैं। गेंहू उपार्जन के बाद उनका परिवहन और भण्डारण समय-सीमा में कर लिया जाये।
    असंगठित श्रमिकों के पंजीयन की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इंदौर संभाग में विशेष मुहिम चलाकर 15 मई 2018 से पूर्व असंगठित श्रमिकों को पंजीयन और सत्यापन पूरा कर लिया जाये। उसके बाद उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाये। राज्य शासन द्वारा जून के द्वितीय सप्ताह में प्रदेश के सभी जिलों में श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर आदान सामग्री, चैंक और आर्थिक सहायता आदि का वितरण किया जायेगा। श्रमिक और उनके परिवार को अनुग्रह राशि, इलाज और बीमा आदि का लाभ मिलेगा। बच्चों को छात्रवृत्ति शिक्षा विभाग के माध्यम से दी जायेगी। गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सहायता  स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से दी जायेगी। इस संबंध में पंचायतों और नगरीय निकायों के अधिकारियों को आगामी 11 मई को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में योजना के प्रभावी क्रियांवयन के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह प्रशिक्षण अपर श्रमायुक्त श्री प्रभात दुबे और सहायक श्रमायुक्त श्री बी.पी. सिंह देगें।
    उज्जवला योजना की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इस योजना में अधिकाधिक हिग्राहियों को लाभांवित किया जाये। इस योजना के क्रियांवयन के लिए तेल कंपनियों से चर्चा की जाये। हितग्राहियों के बैंक खातों को केवायसी और मोबाइन नंबर से जोड़ा जाये। संभाग में लगभग 5 लाख हितग्राहियों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये जा चुके हैं और शेष 1 लाख 30 हजार हितग्राहियों को शीघ्रतिशीघ्र गैस कनेक्शन देकर शत्-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाये।
    उन्होने कहा कि संभाग में सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता को पेयजल सुविधा मुहिया करायी जाये। जरूरत पड़ने पर पेयजल परिवहन भी किया जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। बंद हेडपम्प चालू की जाये, नये ट्यूबवेल लगाये जाये, संभाग बंद 131 नलजल योजनाएं शीघ्र शुरू की जाये।
    बैठक में औद्योगिक केन्द्र विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री कुमार पुरूषोत्तम ने बताया कि इंदौर संभाग में उद्योग लगाने की व्यापक संभावनाएं हैं। ट्रेन और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, मजदूरों की उपलब्धता और तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता के कारण अधिकांश उद्योगपति इंदौर में उद्योग लगाना चाहते हैं। इंदौर संभाग के सभी जिलों में नये औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये गये हैं। धार जिला प्रशासन द्वारा धार जिले में 3 हजार हेक्टेयर जमीन उद्योग लगाने के लिए दी गई हैं। पीथमपुर के बाद धामनोद इस क्षेत्र में सबसे बडा उद्योगिक क्षेत्र बनने वाला हैं1 इस क्षेत्र कई उद्योगिक कंपनियां आने वाली हैं। कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की व्यापक संभावनाएं हैं। खरगोन के निमरानी में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाये जा रहे हैं। क्रिस्टल आईटी पार्क में 12 देशी-विदेशी कम्पनियां काम कर रही हैं। माही डैम बन जाने के बाद धार जिले के उद्योगों को पर्याप्त पानी मिलेगा। इंदौर में शीघ्र ही नया डायमंड पार्क विकसित किया जायेगा। निमाड़ क्षेत्र में कपड़ा उद्योग की व्यापक संभावनाएं हैं। मेघनगर (झाबुआ) में रॉक फास्फेट पर आधारित उद्योग सफलतापूवर्क चल रहें हैं।
    बैठक में सभी कलेक्टरर्स, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर आयुक्त श्रीमती वंदना वैद्य, संयुक्त आयुक्त श्रीमती चेतना फौजदार, कृषि लोक स्वास्थ्य, यांत्रिकी, श्रम, उद्योग आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

/सिंह/जी

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